10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन का राष्ट्रीय आव्हान, कोटा में हजारों मजदूर, किसान, महिलाएं व छात्र देंगे गिरफ्तारी -बकाया भुगतान की मांग को लेकर 532 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। कोटा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर बकाया वेतन की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं का संघर्ष सोमवार को 532 वें दिन भी जारी रहा, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक समाधान की कोई पहल नहीं की गई है। सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन के राष्ट्रीय आह्वान पर कोटा जिले में हजारों मजदूर, किसान, महिलाएं, छात्र, नौजवान और कर्मचारी अपनी गिरफ्तारी देकर आंदोलन को सफल बनाएंगे। उन्होंने बताया कि करीब 29 साल पहले कोटा में संचालित जेके सिंथेटिक फैक्ट्री अचानक बंद हो गई थी। फैक्ट्री मालिक ने प्लांट बंद कर 4200 मजदूरों को बेरोजगार कर दिया। इन मजदूरों का लगभग 260 करोड़ रुपये से अधिक बकाया वेतन, ग्रेच्युटी और अन्य देय लाभ अभी तक नहीं मिला। सीटू से जुड़ी तीनों मजदूर यूनियनों ने प्लांट दोबारा चालू कराने और बकाया भुगतान के लिए संघर्ष शुरू किया। सरकार के हस्तक्षेप से त्रिपक्षीय समझौता हुआ और फैक्ट्री अराफात पेट्रोकेमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दी गई। शर्त थी कि एक साल के अंदर प्लांट चालू कर मजदूरों को रोजगार और बकाया वेतन दिया जाएगा। अराफात ग्रुप ने न तो प्लांट चालू किया और न ही भुगतान किया। मजदूरों के पक्ष में आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला सीटू के महामंत्री कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह और कामरेड हबीब खान ने कानूनी व जमीनी स्तर पर आंदोलन जारी रखा। वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि समझौते की शर्तें पूरी नहीं हुईं, इसलिए लीज रद्द मानी जाती है। 20 अप्रैल 2023 को राजस्थान सरकार को आदेश दिया गया कि अराफात कंपनी की जमीन कब्जे में लेकर अधिग्रहण करे और मजदूरों का बकाया वेतन चुकाए। दो साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने आदेश लागू नहीं किया। दबाव में प्रशासन ने जमीन का किया अधिग्रहण उन्होंने बताया कि मजबूर होकर मजदूरों ने 18 फरवरी 2025 को जिला न्यायाधीश के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। दबाव में 24 जून 2025 को प्रशासन ने लीज डीड रद्द कर जमीन अधिग्रहित की, लेकिन बकाया वेतन चुकाए बिना कोटा विकास प्राधिकरण को सौंप दी। धरने के दौरान लगभग 20-25 मजदूरों की मौत हो चुकी है। मीडिया प्रभारी ने कहा कि इन मौतों की जिम्मेदार राज्य सरकार है। आमजन में बढ़ रहा आक्रोश 532 दिन बीतने के बावजूद किसी भी जिम्मेदार नेता या अधिकारी ने धरना संचालक कमेटी से वार्ता नहीं की। इससे मजदूरों, महिलाओं और आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा और कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर 10 अगस्त को कोटा जिले भर और जिला कलेक्ट्रेट पर जेल भरो आंदोलन होगा। आंदोलन में शामिल होने की अपील धरना संचालक कमेटी के नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी, कामरेड अशोक सिंह और कामरेड लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कोटा शहर व जिले के मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों, नौजवानों, सुविधा कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगिनियों, राजीविका संविदा कर्मचारियों और यूनियन सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। सोमवार को 532 वें दिन धरने और प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन का राष्ट्रीय आव्हान, कोटा में हजारों मजदूर, किसान, महिलाएं व छात्र देंगे गिरफ्तारी -बकाया भुगतान की मांग को लेकर 532 वें दिन भी जारी रहा जेके मजदूरों का धरना कोटा। कोटा जिला कलेक्ट्रेट गेट पर बकाया वेतन की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं का संघर्ष सोमवार को 532 वें दिन भी जारी रहा, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक समाधान की कोई पहल नहीं की गई है। सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन के राष्ट्रीय आह्वान पर कोटा जिले में हजारों मजदूर, किसान, महिलाएं, छात्र, नौजवान और कर्मचारी अपनी गिरफ्तारी देकर आंदोलन को सफल बनाएंगे। उन्होंने बताया कि करीब 29 साल पहले कोटा में संचालित जेके सिंथेटिक फैक्ट्री अचानक बंद हो गई थी।
फैक्ट्री मालिक ने प्लांट बंद कर 4200 मजदूरों को बेरोजगार कर दिया। इन मजदूरों का लगभग 260 करोड़ रुपये से अधिक बकाया वेतन, ग्रेच्युटी और अन्य देय लाभ अभी तक नहीं मिला। सीटू से जुड़ी तीनों मजदूर यूनियनों ने प्लांट दोबारा चालू कराने और बकाया भुगतान के लिए संघर्ष शुरू किया। सरकार के हस्तक्षेप से त्रिपक्षीय समझौता हुआ और फैक्ट्री अराफात पेट्रोकेमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दी गई। शर्त थी कि एक साल के अंदर प्लांट चालू कर मजदूरों को रोजगार और बकाया वेतन दिया जाएगा। अराफात ग्रुप ने न तो प्लांट चालू किया और न ही भुगतान किया। मजदूरों के पक्ष में आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला सीटू के महामंत्री कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह और कामरेड हबीब खान ने कानूनी व जमीनी स्तर पर आंदोलन जारी रखा। वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों के पक्ष में फैसला
सुनाया। कोर्ट ने माना कि समझौते की शर्तें पूरी नहीं हुईं, इसलिए लीज रद्द मानी जाती है। 20 अप्रैल 2023 को राजस्थान सरकार को आदेश दिया गया कि अराफात कंपनी की जमीन कब्जे में लेकर अधिग्रहण करे और मजदूरों का बकाया वेतन चुकाए। दो साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने आदेश लागू नहीं किया। दबाव में प्रशासन ने जमीन का किया अधिग्रहण उन्होंने बताया कि मजबूर होकर मजदूरों ने 18 फरवरी 2025 को जिला न्यायाधीश के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। दबाव में 24 जून 2025 को प्रशासन ने लीज डीड रद्द कर जमीन अधिग्रहित की, लेकिन बकाया वेतन चुकाए बिना कोटा विकास प्राधिकरण को सौंप दी। धरने के दौरान लगभग 20-25 मजदूरों की मौत हो चुकी है। मीडिया प्रभारी ने कहा कि इन मौतों की जिम्मेदार राज्य सरकार है। आमजन में बढ़ रहा आक्रोश 532 दिन बीतने के बावजूद
किसी भी जिम्मेदार नेता या अधिकारी ने धरना संचालक कमेटी से वार्ता नहीं की। इससे मजदूरों, महिलाओं और आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा और कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर 10 अगस्त को कोटा जिले भर और जिला कलेक्ट्रेट पर जेल भरो आंदोलन होगा। आंदोलन में शामिल होने की अपील धरना संचालक कमेटी के नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी, कामरेड अशोक सिंह और कामरेड लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कोटा शहर व जिले के मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों, नौजवानों, सुविधा कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगिनियों, राजीविका संविदा कर्मचारियों और यूनियन सदस्यों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। सोमवार को 532 वें दिन धरने और प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- एक व्यक्ति ने 10 बोतल पानी की खरीदीं उसे 14₹ की जगह 20₹ की मिलीं, उसने शिकायत की RPF से एक सज्जन आए? अब सुनिए... यात्री - 14₹ की जगह 20₹ की बोतल लीं क्या रेलवे मुझे पानी पिलाएगा 60₹ कौन देगा? RPF - तो आप यात्रा मत करो? है न गज़ब का तर्क! मतलब आप शिकायत कर रहे हो तो आपको ही रास्ता बता दिया जाएगा? एक व्यक्ति ने 10 बोतल पानी की खरीदीं उसे 14₹ की जगह 20₹ की मिलीं, उसने शिकायत की RPF से एक सज्जन आए? अब सुनिए... यात्री - 14₹ की जगह 20₹ की बोतल लीं क्या रेलवे मुझे पानी पिलाएगा 60₹ कौन देगा? RPF - तो आप यात्रा मत करो? है न गज़ब का तर्क! मतलब आप शिकायत कर रहे हो तो आपको ही रास्ता बता दिया जाएगा?1
- बेटे-बहू करते हैं माता-पिता से मारपीट, पीड़ित पहुंचे आईजी ऑफिस कोटा के नांता क्षेत्र के वृद्ध दम्पत्ति अपनी फरियाद लेकर ओम बिरला की जन सुनवाई में। बाद में आईजी ऑफिस में अपने मझले पुत्र और बहु के खिलाफ शिकायत दी।1
- भारत को आगे बढ़ता देख आज दुनिया के बड़े-बड़े देश घबरा रहे हैं। भारत को आगे बढ़ता देख आज दुनिया के बड़े-बड़े देश घबरा रहे हैं। भारत को जितना खतरा बाहरी ताकतों से है उतना ही खतरा अंदर बैठे कुछ लोगों से भी है। : अजित डोवाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार।।1
- राजस्थान में 'नशा मुक्त भारत अभियान' का नोडल विश्वविद्यालय बना करियर पॉइंट यूनिवर्सिटी, करोड़ों विद्यार्थियों ने ली शपथ कोटा/करियर पॉइंट विश्वविद्यालय (CPU), अलनिया कैंपस, कोटा को राजस्थान में "नशा मुक्त भारत अभियान" के लिए नोडल विश्वविद्यालय के रूप में चयनित किया गया है। यह अभियान देशभर में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ, सशक्त भारत के निर्माण के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। अभियान का शुभारंभ भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया गया। इस अवसर पर देशभर के करोड़ों विद्यार्थियों ने नशा मुक्त भारत का संकल्प लेते हुए समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीराल नागर मुख्य अतिथि तथा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला एनएसएस समन्वयक श्रीमती रीमा सहित शिक्षाविद, विद्यार्थी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर "100 रविवार – 100 कदम" अभियान, 21 सितंबर को आयोजित होने वाले युवा शिखर सम्मेलन, करियर पॉइंट विश्वविद्यालय के डांस एंड ड्रामा क्लब द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक, योग एवं पुनर्वास गतिविधियों, MY BHARAT कार्यक्रम तथा आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता पर विशेष चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान युवाओं से आह्वान किया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और समाज में भी जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। वक्ताओं ने कहा कि "युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। आइए उन्हें विकसित भारत के विजन से जोड़ें और नशे से मुक्त रखें।" करियर पॉइंट विश्वविद्यालय को नोडल विश्वविद्यालय बनाए जाने को प्रदेश में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- बारां जिले के अन्ता उपखंड के बैंगना-बैंगनी गांव में विद्यालय के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पांच ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के सामने भरे पानी से छात्रों और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश में जुटी है। बारां जिले के अन्ता उपखंड के बैंगना-बैंगनी गांव में विद्यालय के सामने लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर पांच ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के सामने भरे पानी से छात्रों और आम लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ। मौके पर प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंचकर ग्रामीणों से समझाइश में जुटी है।1