इंदौर में मुस्लिम पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को गौरव सम्मान के साथ उपहार भेंट किए गए। यह कार्यक्रम खजराना के रस्मा गार्डन में आयोजित हुआ, जिसमें देश और प्रदेश के पिंडरा समाज के गणमान्य नागरिक और पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस्लाम धर्म के ग्रंथों को पढ़कर उनका अनुवाद करते हुए बताया कि इस्लाम में भी शिक्षा प्राप्त करना पहला फर्ज है। परिसर के चारों ओर इस्लाम धर्म के अंतिम पैगंबर मोहम्मद साहब के बताए गए उद्देश्यों, जैसे शिक्षा, मानवता और महिला सम्मान, के स्लोगन लिखी तख्तियां लगाई गई थीं। पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट हाजी यूनूस खान ने बताया कि संस्था द्वारा यह कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और आकर्षित करने के मुख्य उद्देश्य से रखा गया है। इस वर्ष जिन 85 बच्चों ने अच्छे अंक प्राप्त किए, उन्हें प्रमाणपत्र, शील्ड, मेडल, टेबलेट, लैपटॉप और स्कूटी जैसे उपहार दिए गए। इसमें 70 से 85 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल और टेबलेट, वहीं 90 प्रतिशत वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल, शील्ड और लैपटॉप प्रदान किए गए। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले बच्चे को प्रमाणपत्र, मेडल, शील्ड और स्कूटी भेंट की गई। इस कदम का उद्देश्य शिक्षा में बच्चों की रुचि को और बढ़ावा देना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन कई बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाता है, जिसमें फीस से लेकर सभी खर्च फाउंडेशन द्वारा वहन किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रेसिडेंट हाजी यूनूस खान निजी तौर पर भी शिक्षा और सामाजिक कार्यों में डोनेशन देते हैं। इस आयोजन का मुख्य संदेश 'एक कदम शिक्षा की ओर, मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, समाज का अभिमान' रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ उनके माता-पिता और समाज के लोग उपस्थित रहे, और अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया।
इंदौर में मुस्लिम पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को गौरव सम्मान के साथ उपहार भेंट किए गए। यह कार्यक्रम खजराना के रस्मा गार्डन में आयोजित हुआ, जिसमें देश और प्रदेश के पिंडरा समाज के गणमान्य नागरिक और पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस्लाम धर्म के ग्रंथों को पढ़कर उनका अनुवाद करते हुए बताया कि इस्लाम में भी शिक्षा प्राप्त करना पहला फर्ज है। परिसर के चारों ओर इस्लाम धर्म के अंतिम पैगंबर मोहम्मद साहब के बताए गए उद्देश्यों, जैसे शिक्षा, मानवता और महिला सम्मान, के स्लोगन लिखी तख्तियां लगाई गई थीं। पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट हाजी यूनूस खान ने बताया कि संस्था द्वारा यह कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और आकर्षित करने के मुख्य उद्देश्य से रखा गया है। इस वर्ष जिन 85 बच्चों ने अच्छे अंक प्राप्त किए, उन्हें प्रमाणपत्र, शील्ड, मेडल, टेबलेट, लैपटॉप और स्कूटी जैसे उपहार दिए गए। इसमें 70 से 85 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल और टेबलेट, वहीं 90 प्रतिशत वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल, शील्ड और लैपटॉप प्रदान किए गए। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले बच्चे को प्रमाणपत्र, मेडल, शील्ड और स्कूटी भेंट की गई। इस कदम का उद्देश्य शिक्षा में बच्चों की रुचि को और बढ़ावा देना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन कई बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाता है, जिसमें फीस से लेकर सभी खर्च फाउंडेशन द्वारा वहन किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रेसिडेंट हाजी यूनूस खान निजी तौर पर भी शिक्षा और सामाजिक कार्यों में डोनेशन देते हैं। इस आयोजन का मुख्य संदेश 'एक कदम शिक्षा की ओर, मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, समाज का अभिमान' रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ उनके माता-पिता और समाज के लोग उपस्थित रहे, और अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया।
- इंदौर के विशेष जुपिटर हॉस्पिटल पर मरीजों को दवा खरीदने के तरीके को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। धामनोद निवासी दिनेश (गुड्डू) भार्गव ने बताया कि अपनी पत्नी के इलाज के लिए जब वे रात करीब 1 बजे अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर ने मात्र तीन दिन की दवा लिखी थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के मेडिकल स्टोर पर उन्हें आवश्यक गोलियों की कम संख्या होने के बावजूद दवा का पूरा पत्ता खरीदने के लिए मजबूर किया गया। परिजनों के अनुसार, मेडिकल स्टोर द्वारा पूरा पत्ता लेने का यह दबाव गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ बन जाता है। मरीज पक्ष ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी अपील है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ही दवाएं उपलब्ध हों और ऐसी किसी भी अनियमितता पर तुरंत रोक लगाई जा सके, ताकि मरीजों के हितों की रक्षा हो सके।4
- नव चेतना पार्टी स्वयं को मजदूरों और गरीबों के हक के लिए हमेशा तत्पर और कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली बताती है। पार्टी का दावा है कि वह हर मुद्दे पर आगे रहती है और हर समस्या का समाधान प्रस्तुत करती है। पार्टी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और वेस्ट बंगाल में अपनी उपस्थिति रखती है। नव चेतना पार्टी ने इच्छुक व्यक्तियों को राजनीति से जुड़ने का न्योता दिया है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी जैसे पद शामिल हैं। पार्टी की ओर से यह सुनिश्चित किया गया है कि जो भी व्यक्ति जुड़ेगा, उसे राजनीति में अपना नाम, अपनी पोजीशन और एक मजबूत प्लेटफार्म प्रदान किया जाएगा। इस अवसर का लाभ उठाने और अधिक जानकारी के लिए 9039562855 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1
- इंदौर में मुस्लिम पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को गौरव सम्मान के साथ उपहार भेंट किए गए। यह कार्यक्रम खजराना के रस्मा गार्डन में आयोजित हुआ, जिसमें देश और प्रदेश के पिंडरा समाज के गणमान्य नागरिक और पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस्लाम धर्म के ग्रंथों को पढ़कर उनका अनुवाद करते हुए बताया कि इस्लाम में भी शिक्षा प्राप्त करना पहला फर्ज है। परिसर के चारों ओर इस्लाम धर्म के अंतिम पैगंबर मोहम्मद साहब के बताए गए उद्देश्यों, जैसे शिक्षा, मानवता और महिला सम्मान, के स्लोगन लिखी तख्तियां लगाई गई थीं। पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन के प्रेसिडेंट हाजी यूनूस खान ने बताया कि संस्था द्वारा यह कार्यक्रम बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और आकर्षित करने के मुख्य उद्देश्य से रखा गया है। इस वर्ष जिन 85 बच्चों ने अच्छे अंक प्राप्त किए, उन्हें प्रमाणपत्र, शील्ड, मेडल, टेबलेट, लैपटॉप और स्कूटी जैसे उपहार दिए गए। इसमें 70 से 85 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल और टेबलेट, वहीं 90 प्रतिशत वाले बच्चों को प्रमाणपत्र, मेडल, शील्ड और लैपटॉप प्रदान किए गए। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले बच्चे को प्रमाणपत्र, मेडल, शील्ड और स्कूटी भेंट की गई। इस कदम का उद्देश्य शिक्षा में बच्चों की रुचि को और बढ़ावा देना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंडरा वेलफेयर फाउंडेशन कई बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाता है, जिसमें फीस से लेकर सभी खर्च फाउंडेशन द्वारा वहन किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रेसिडेंट हाजी यूनूस खान निजी तौर पर भी शिक्षा और सामाजिक कार्यों में डोनेशन देते हैं। इस आयोजन का मुख्य संदेश 'एक कदम शिक्षा की ओर, मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, समाज का अभिमान' रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ उनके माता-पिता और समाज के लोग उपस्थित रहे, और अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया।1
- इंदौर के विद्यासागर कॉलेज में रविवार, 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। बिचोली मर्दाना बायपास स्थित महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम "Yoga for Vasudhaiva Kutumbakam" थी, जिसके अनुरूप विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलन और विश्व बंधुत्व का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद, योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर सभी को नियमित योग के लाभों और स्वस्थ जीवनशैली में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस गरिमामय अवसर पर महाविद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा कु. अदिति यति का विशेष सम्मान किया गया। अदिति यति दो बार की राष्ट्रीय पदक विजेता, एसएफआई गोल्ड मेडलिस्ट हैं, और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए भी चयनित किया गया है। महाविद्यालय परिवार ने उनकी इन उत्कृष्ट उपलब्धियों को अपने लिए गौरव का विषय बताया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के अध्यक्ष माननीय श्री सत्यनारायण पटेल जी, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुरेन्द्र कुमार तिवारी, सोसायटी एडमिन श्री प्रवेश राजू, समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अपने संबोधन में, वक्ताओं ने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताते हुए सभी से इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। मुश्ताक शेख ने इसकी रिपोर्ट दी।1
- #NEET पेपर लीक के गंभीर परिणाम सामने आए हैं, जहाँ अब तक कुल 17 बच्चों की जान जा चुकी है। इन मृतकों में राजस्थान से प्रदीप मेघवाल और उमेश माली, दिल्ली से अंशिका पांडे, उत्तर प्रदेश से ऋतिक मिश्रा, शिवानी यादव और जतिन कुमार, गोवा से सिद्धार्थ हेगड़े, कर्नाटक से भाग्यश्री, मध्य प्रदेश से आकांक्षा चतुर्वेदी और अवंतिका मौर्य, उत्तराखंड से रिया कुमारी थापा, तमिलनाडु से अनुकीर्तना और गोपिका, गुजरात से कहान पटेल, असम से रीमा बेगम, तथा महाराष्ट्र से मैथली अशोक सोनवाने शामिल हैं। इसी बीच, #NEET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले एक और छात्र ने चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली, जिसने इस त्रासदी को और गहरा कर दिया है।1
- इंदौर शहर में नीट (NEET) की परीक्षा के दौरान एक छात्रा श्रेया सिंह गलती से अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र के बजाय दूसरे केंद्र पर पहुँच गई। जूनी इंदौर के एसीपी श्री विजय चौधरी, जो पुलिस आयुक्त इंदौर के निर्देश पर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे, उन्होंने तत्काल इस स्थिति पर ध्यान दिया। एसीपी चौधरी ने बिना देर किए छात्रा श्रेया सिंह और उनकी माताजी को अपने वाहन में बिठाया और उन्हें उनके सही परीक्षा केंद्र, नवीन विधि महाविद्यालय, तक पहुँचाया। पुलिस की इस तत्परता के कारण छात्रा समय पर अपने निर्धारित केंद्र पर पहुँच पाई। इस सहायता के लिए छात्रा और उनकी माताजी ने इंदौर पुलिस का हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह घटना शहर में नीट परीक्षाओं के लिए पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार किए जा रहे भ्रमण और व्यवस्थाओं की निगरानी के बीच सामने आई है।1
- इंदौर के गौरीनगर इलाके में एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया है। यह घटना पुरानी रंजिश के चलते हुई बताई जा रही है, जिसके संबंध में पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।1
- धामनोद निवासी दिनेश (गुड्डू) भार्गव अपनी पत्नी के इलाज के लिए रात लगभग 1 बजे इंदौर के विशेष जुपिटर हॉस्पिटल पहुंचे, जहाँ उन्हें दवा खरीदने को लेकर कथित तौर पर अनियमितताओं का सामना करना पड़ा है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर द्वारा केवल तीन दिन की दवा लिखी गई थी, लेकिन जब वे मेडिकल स्टोर से दवा लेने पहुंचे, तो उन्हें पूरी स्ट्रिप (पत्ता) खरीदने के लिए दबाव डाला गया। मरीज पक्ष का कहना है कि आवश्यक गोलियों की संख्या कम होने के बावजूद मेडिकल स्टोर द्वारा पूरा पत्ता लेने पर जोर दिया गया। उनके अनुसार, इस प्रकार का व्यवहार गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला है, और यह चिंता का विषय है कि यदि सामान्य मरीजों के साथ ऐसा हो रहा है, तो गरीब परिवारों की स्थिति क्या होगी। मरीज पक्ष ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं को रोका जाना चाहिए ताकि मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ही दवाएं मिल सकें और उनके हितों की रक्षा हो सके।3