*सफलता की कहानी* *खेत से खाते तक भरोसाः खड़गवां के किसान सुखलाल की कहानी* *एमसीबी/15 दिसंबर 2025/* खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए केवल एक खरीदी सत्र नहीं, बल्कि भरोसे और सम्मान की नई शुरुआत बनकर आया है। वर्षों की मेहनत के बाद जब किसान को उसकी उपज का सही मूल्य, समय पर भुगतान और सम्मानजनक व्यवस्था मिलती है, तो वही क्षण एक सफलता की कहानी का रूप ले लेता है। खड़गवां निवासी किसान सुखलाल की कहानी भी इसी बदले हुए दौर की सजीव मिसाल है। सुखलाल एक साधारण किसान हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने पूरे मनोयोग से अपने खेतों में धान की फसल तैयार की। मौसम की अनिश्चितता और लागत बढ़ने की चिंता उनके मन में थी, लेकिन इस बार सरकार की किसान-हितैषी नीति ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य की घोषणा ने उन्हें आश्वस्त कर दिया कि उनकी मेहनत का पूरा मूल्य उन्हें मिलेगा। निर्धारित तिथि पर टोकन मिलने के बाद सुखलाल अपना धान लेकर खड़गवां उपार्जन केंद्र पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्हें सुव्यवस्थित व्यवस्था का अनुभव हुआ। बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल सुविधा और कर्मचारियों का सहयोगात्मक व्यवहार देखकर उनका मन प्रसन्न हो गया। डिजिटल तौल कांटे से सटीक माप-तौल हुई और फोटो अपलोड के माध्यम से सत्यापन कर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूर्ण की गई। सुखलाल ने कुल 62 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्हें न तो लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा और न ही किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ा। सबसे संतोषजनक बात यह रही कि धान विक्रय की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा होने की प्रक्रिया स्पष्ट और भरोसेमंद थी। इससे उन्हें भविष्य की योजनाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का एहसास हुआ। सुखलाल बताते हैं कि पहले धान बेचने में कई परेशानियां होती थी। कभी तौल को लेकर संदेह, तो कभी भुगतान में देरी। लेकिन इस बार पूरी व्यवस्था ने उनका नजरिया बदल दिया। उन्हें लगा कि सरकार सचमुच किसानों के साथ खड़ी है। समय पर भुगतान से वे अब अपने बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतों और रबी फसल की तैयारी बिना किसी चिंता के कर पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई इस व्यवस्था के प्रति सुखलाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी पारदर्शी और किसान-हितैषी नीति से किसान का मनोबल बढ़ता है और खेती को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। आज सुखलाल की कहानी अकेले एक किसान की नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के हजारों किसानों की आवाज है, जो बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब नीति सही हो, नीयत साफ हो और व्यवस्था मजबूत हो, तो किसान न केवल आत्मनिर्भर बनता है, बल्कि सम्मान के साथ आगे बढ़ता है।
*सफलता की कहानी* *खेत से खाते तक भरोसाः खड़गवां के किसान सुखलाल की कहानी* *एमसीबी/15 दिसंबर 2025/* खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए केवल एक खरीदी सत्र नहीं, बल्कि भरोसे और सम्मान की नई शुरुआत बनकर आया है। वर्षों की मेहनत के बाद जब किसान को उसकी उपज का सही मूल्य, समय पर भुगतान और सम्मानजनक व्यवस्था मिलती है, तो वही क्षण एक सफलता की कहानी का रूप ले लेता है। खड़गवां निवासी किसान सुखलाल की कहानी भी इसी बदले हुए दौर की सजीव मिसाल है। सुखलाल एक साधारण किसान हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है। हर साल की तरह इस बार भी उन्होंने पूरे मनोयोग से अपने खेतों में धान की फसल तैयार की। मौसम की अनिश्चितता और लागत बढ़ने की चिंता उनके मन में थी, लेकिन इस बार सरकार की किसान-हितैषी नीति ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल
के समर्थन मूल्य की घोषणा ने उन्हें आश्वस्त कर दिया कि उनकी मेहनत का पूरा मूल्य उन्हें मिलेगा। निर्धारित तिथि पर टोकन मिलने के बाद सुखलाल अपना धान लेकर खड़गवां उपार्जन केंद्र पहुंचे। वहां पहुंचते ही उन्हें सुव्यवस्थित व्यवस्था का अनुभव हुआ। बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल सुविधा और कर्मचारियों का सहयोगात्मक व्यवहार देखकर उनका मन प्रसन्न हो गया। डिजिटल तौल कांटे से सटीक माप-तौल हुई और फोटो अपलोड के माध्यम से सत्यापन कर पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से पूर्ण की गई। सुखलाल ने कुल 62 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्हें न तो लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा और न ही किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ा। सबसे संतोषजनक बात यह रही कि धान विक्रय की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा होने की प्रक्रिया स्पष्ट और भरोसेमंद थी। इससे उन्हें भविष्य की योजनाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का एहसास हुआ। सुखलाल बताते हैं कि पहले धान बेचने में कई परेशानियां होती थी। कभी
तौल को लेकर संदेह, तो कभी भुगतान में देरी। लेकिन इस बार पूरी व्यवस्था ने उनका नजरिया बदल दिया। उन्हें लगा कि सरकार सचमुच किसानों के साथ खड़ी है। समय पर भुगतान से वे अब अपने बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतों और रबी फसल की तैयारी बिना किसी चिंता के कर पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई इस व्यवस्था के प्रति सुखलाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी पारदर्शी और किसान-हितैषी नीति से किसान का मनोबल बढ़ता है और खेती को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। आज सुखलाल की कहानी अकेले एक किसान की नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के हजारों किसानों की आवाज है, जो बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सफलता की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब नीति सही हो, नीयत साफ हो और व्यवस्था मजबूत हो, तो किसान न केवल आत्मनिर्भर बनता है, बल्कि सम्मान के साथ आगे बढ़ता है।
- Mehtab Khanकोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश👏on 7 January
- जिले के अनूपपुर और जैतहरी क्षेत्र के जंगलों में तीन हाथियों का दल पिछले 79 दिनों से डेरा डाले हुए है, जिससे आसपास के गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हाथी दिन में जंगल में रहते हैं और देर रात खेतों में पहुंचकर गेहूं सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।1
- अब हर घर होगा रोशन, बिजली बिल की छुट्टी! ☀️ 📢 खुशखबरी! खुशखबरी! खुशखबरी! 📢 आपके अपने श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार के ठीक बगल में खुल गया है, "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" का सरगुजा संभाग का मेन ऑफिस! मुफ्त बिजली की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़! क्या आप भी बढ़ते बिजली बिल से परेशान हैं? क्या आप भी चाहते हैं अपने घर में दिन-रात मुफ्त बिजली का आनंद? तो अब इंतज़ार किस बात का! **आपके नगर पंचायत पटना, मेन रोड, जिला कोरिया में, "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" का मुख्य कार्यालय अब आपकी सेवा में हाज़िर है!** अपने घर की छत पर लगवाएं सोलर पैनल और बनें आत्मनिर्भर! ✅ जीरो बिजली बिल: हमेशा के लिए बिजली के भारी-भरकम बिलों से पाएं छुटकारा। ✅ पर्यावरण के दोस्त: स्वच्छ और हरित ऊर्जा अपनाकर प्रकृति की करें सेवा। ✅ सरकारी सब्सिडी: योजना के तहत पाएं शानदार सरकारी सहायता। ✅ विश्वसनीय ऊर्जा: बिना किसी रुकावट के 24x7 बिजली का लाभ उठाएं। आज ही आएं और पाएं पूरी जानकारी! हमारे विशेषज्ञ आपको पूरी प्रक्रिया समझाएंगे और बताएंगे कि कैसे आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। पता: श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार के ठीक बगल में, मेन रोड, पटना, जिला कोरिया। अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: 7828559006 "सबका साथ, सबका विकास" के सपने को करें साकार, "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" के साथ अपने जीवन में भरें नई बहार!1
- क्या झूट क्या सच? 🤔💭😮👀💥😯 अब लिखना जरूरी नही है? समझिये और बताइये? 😂🤣👏💭😊👍2
- अपर कलेक्टर ने ली गैस एजेंसी संचालकों की बैठक; अब ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन बाद ही होगी अगली गैस बुकिंग अम्बिकापुर जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से आज अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की सभी 17 गैस एजेंसियों के संचालकों को उपभोक्ताओं को समय पर और व्यवस्थित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बुकिंग के लिए निर्धारित की गई समय-सीमा बैठक के दौरान गैस एजेंसी संचालकों ने जानकारी दी कि नई सॉफ्टवेयर व्यवस्था के अनुसार अब उपभोक्ता एक निश्चित अंतराल के बाद ही अगली रिफिल बुक कर सकेंगे। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता अपनी पिछली रिफिल प्राप्ति के 45 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर पाएंगे, जबकि शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह समय-सीमा 25 दिन निर्धारित की गई है। अपर कलेक्टर श्री नायक ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि से पहले की गई कोई भी बुकिंग सॉफ्टवेयर द्वारा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे इस समय-सीमा का पालन करते हुए ही अपनी अगली रिफिल की ऑनलाइन या ऑफलाइन बुकिंग कराएं, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके। अवैध उपयोग पर रहेगी कड़ी नजर अपर कलेक्टर श्री नायक ने घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर संबंधित अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए कि इस प्रकार की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए। यदि कहीं भी घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पारदर्शिता और स्टॉक प्रबंधन के निर्देश बैठक में पारदर्शिता और बेहतर स्टॉक प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सभी गैस वितरक एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने कार्यालय परिसर के बाहर गैस सिलेंडर के उपलब्ध स्टॉक तथा वर्तमान रिफिल दर का स्पष्ट रूप से प्रदर्शन करें, ताकि उपभोक्ताओं को सही और अद्यतन जानकारी प्राप्त हो सके। इसके साथ ही एजेंसी संचालकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि ऑयल कंपनियों से गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक राशि समय पर प्रेषित की जाए, जिससे किसी भी स्थिति में स्टॉक की कमी या आपूर्ति में बाधा उत्पन्न न हो। अपर कलेक्टर ने उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी के माध्यम से तथा वितरण केंद्रों पर गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में जिला खाद्य विभाग के अधिकारी तथा जिले की सभी 17 गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- जिला शहडोल ग्राम पंचायत धनौरा गांव छिरहनी जिला प्रशासन को यह ध्यान देना चाहिए की सड़क का निर्माण कहां हुआ है कहां बाकी है2
- न्यूज स्क्रिप्ट: अंबिकापुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 5 गोधनपुर में बिजली विभाग की लापरवाही से वार्डवासी लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती की मार झेल रहे हैं। कभी ट्रांसफार्मर खराब होने का बहाना बनाया जाता है तो कभी केबल खराब होने की बात कहकर बिजली आपूर्ति घंटों बंद कर दी जाती है। लगातार हो रही इस समस्या से आम लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में बार-बार बिजली गुल होने से वार्डवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। फिलहाल बिजली विभाग के कर्मचारी खराब केबल को बदलने का काम कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी समस्या को पहले क्यों नहीं सुधारा गया। बिजली विभाग की लापरवाही और लेटलतीफी का खामियाजा आखिर कब तक आम जनता भुगतती रहेगी? अब देखना होगा कि केबल बदलने के बाद वार्ड क्रमांक 5 गोधनपुर की बिजली व्यवस्था में कितना सुधार होता है या फिर वार्डवासियों को इसी तरह अघोषित कटौती से जूझना पड़ेगा। — हिमांशु राज वाइस ब्यूरो चीफ, एमडी न्यूज़ अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)78058380761
- सरगुजा-सहकारी बैंक में कैश की किल्लत से किसान हो रहे परेशान नाराज किसानों ने किया चक्का जाम1
- पर्यटन स्थल की सुविधाओं को लेकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने उठाया विधानसभा बजट सत्र में सवाल,, आज विधानसभा बजट सत्र के दौरान सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने छत्तीसगढ़ के पर्यटन मंत्री जी से जानकारी मांगी है जिसमें उन्होंने सीतापुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर था , विधायक जी ने पर्यटन मंत्री जी से विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक वार और पंचायत वार कितने पर्यटन स्थल है उसकी जानकारी मांगी है उसके अलावा पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं एवं सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं के विषय में जानकारी चाही है, जिसमें बैठक व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था ,पार्किंग व्यवस्था ,पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था, घेराव,साफ सफाई की व्यवस्था , इन सभी विषयों पर स्थल वार एवं बिंदु वार जानकारी चाही है,, इन सभी प्रश्नों का मूल उद्देश है कि यहां जो सैलानी आते हैं उनको सुविधाएं मिल रही है कि नहीं, और यदि उनको यह सभी सुविधा उपलब्ध नहीं है तो कब तक इसकी व्यवस्था होगी,, ताकि क्षेत्र में सैलानियों की संख्या बढ़े और क्षेत्र में आए के स्रोत बढ़े,, और रोजगार सृजित हो सके,,1
- मऊगंज क्षेत्र के ख़ाहामा निवासी मनोज सिंह कल रतहर तालाब में डूब गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आज सुबह से पुलिस और ग्रामीणों की टीम तालाब में खोजबीन कर रही है। परिजनों और गांव में चिंता का माहौल बना हुआ है, वहीं प्रशासन की टीम लगातार तलाश में जुटी है।1