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पहली बार स्टूडियो सेटअप | Black Board, Ring Light और Tripod का टेस्ट #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup आज हमने पहली बार अपने ब्लैक पर्दा, ब्लैक बोर्ड, रिंग लाइट और ट्राइपॉड को सही तरीके से सेट करने की कोशिश की। इस वीडियो में आप देखेंगे कि शुरुआती सेटअप कैसे किया जाता है और पढ़ाने के लिए सही लाइटिंग और कैमरा एंगल क्यों जरूरी है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो यूट्यूब पर पढ़ाने या कंटेंट बनाने की शुरुआत करना चाहते हैं। #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup #BlackBoardClass #TeachingSetup #NewStudio #ContentCreation #YouTubeJourney #EducationChannel #FirstSetup
Shiva Gautam
पहली बार स्टूडियो सेटअप | Black Board, Ring Light और Tripod का टेस्ट #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup आज हमने पहली बार अपने ब्लैक पर्दा, ब्लैक बोर्ड, रिंग लाइट और ट्राइपॉड को सही तरीके से सेट करने की कोशिश की। इस वीडियो में आप देखेंगे कि शुरुआती सेटअप कैसे किया जाता है और पढ़ाने के लिए सही लाइटिंग और कैमरा एंगल क्यों जरूरी है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो यूट्यूब पर पढ़ाने या कंटेंट बनाने की शुरुआत करना चाहते हैं। #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup #BlackBoardClass #TeachingSetup #NewStudio #ContentCreation #YouTubeJourney #EducationChannel #FirstSetup
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- Hosla agar buland ho to aadmi kuchh bhi kar sakta hai | Kaam ke saath piano seekhne wale bande ki inspiring story Hosla aur mehnat se insaan apni zindagi badal sakta hai. Is video mein hum ek aise bande ki kahani dikha rahe hain jo roz apna kaam karta hai aur usi ke saath piano bhi seekh raha hai. Na mehnga course, na bada stage — sirf lagan, discipline aur seekhne ka jazba. Yeh video un sab ke liye hai jo sochte hain ki “time nahi milta”. Agar irada mazboot ho, to raasta khud ban jata hai. Is inspiring story se aapko milega: • Mehnat aur consistency ka real example • Kaam ke saath skill develop karne ki motivation • Music aur dedication ka powerful combination • Life mein kuch naya seekhne ka hausla Agar aap bhi apni zindagi mein kuch naya seekhna chahte ho, to is video ko poora dekhiye aur share kijiye. #Hosla #Motivation #InspiringStory #PianoLearning #HardWork #SuccessStory #LifeMotivation #MusicLover #NeverGiveUp #DailyMotivation1
- लखनऊ/विधानसभा — समाजवादी पार्टी का सदन में जोरदार प्रदर्शन उत्तर प्रदेश विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान बुधवार को समाजवादी पार्टी के विधायक गणों ने कई गंभीर मुद्दों को लेकर सदन के भीतर और बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी विधायकों ने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और जनता के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सपा विधायकों ने आरोप लगाया कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक मणिकर्णिका स्थल को तोड़ा जा रहा है, जो सांस्कृतिक विरासत पर हमला है। साथ ही उन्होंने “SIR” के नाम पर कथित तौर पर लोकतंत्र की हत्या किए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान सपा विधायकों ने किसानों की बदहाली, महिला सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, चरमराती कानून-व्यवस्था और आसमान छूती महंगाई जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने नारेबाजी करते हुए इन समस्याओं के समाधान की मांग की।1
- Post by पंकज सिंह1
- भारत में WhatsApp पर लगेगा ताला? सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला—अब क्या करेंगे लोग?"1
- लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज (9 फरवरी, 2026) हंगामे के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और सदन में "राज्यपाल वापस जाओ" (Governor Go Back) के पोस्टर लहराए। प्रमुख बिंदु: नारेबाजी और विरोध: सपा विधायकों ने विकास के नाम पर विनाश, अस्पतालों में दवा की कमी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। राज्यपाल का संबोधन: हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि यूपी में लगभग 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। पल्लवी पटेल का अलग रुख: विरोध प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प बात यह रही कि सपा विधायक पल्लवी पटेल अपनी सीट पर बैठी रहीं और उन्होंने अपने साथियों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया। मुख्य मुद्दे: विपक्ष ने वाराणसी में मंदिरों के कथित ध्वस्तीकरण और महंगाई के मुद्दों पर भी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। मुख्यमंत्री का बयान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पहली बार है जब सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को इतने व्यापक रूप से पेश कर रही है। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की। आपकी क्या राय है? क्या विपक्ष का यह विरोध जायज है? कमेंट्स में हमें बताएं! #UPAssembly #BudgetSession2026 #SamajwadiParty #YogiAdityanath #AnandibenPatel #LucknowNews1
- सड़क पर खड़े मौत के पोल, फिर भी एफआईआर में विधिविरुद्ध खेल! शाहाबाद (हरदोई) शाहाबाद कस्बे के अंदर सार्वजनिक डामर सड़क के प्रभावी हिस्से में नाले के पास कई फिट बाहर खड़े 11000 वोल्ट के विद्युत पोल ने एक बार फिर बिजली विभाग की तानाशाही एवं प्रशासनिक लापरवाही और पुलिसिया कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उक्त पोल से वाहन टकराने की घटना के बाद जहां आम तौर पर सड़क सुरक्षा और विभागीय जिम्मेदारी की जांच होनी चाहिए थी, वहीं इस मामले में उल्टा कदम उठाते हुए दुर्घटना को आपराधिक रंग देने वाली एफआईआर दर्ज कर दी गई। जबकि 11000 वोल्ट का पोल सड़क के बीच, दुर्घटना के बाद ‘इरादतन अपराध’ की धाराएँ—जांच की बजाय ढाल बनी एफआईआर पर अधिकारीगण एक राय होकर इतराते बताए जा रहे हैं। दुर्घटना या अपराध? एफआईआर की इबारत पर ही सवाल शाहाबाद (हरदोई) संख्या 0058/2026, थाना शाहाबाद की इबारत में घटना को दुर्घटनात्मक टक्कर बताया गया है। हालांकि उसमें न तो किसी चालक का नाम है, न कोई प्रत्यक्षदर्शी, और न ही किसी के द्वारा जानबूझकर किए गए कृत्य का उल्लेख है।इसके बावजूद एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की ऐसी धाराएँ जोड़ दी गईं, जिनमें आपराधिक मंशा आवश्यक होती है। कानून के जानकारों के मुताबिक यह एफआईआर और धाराओं के बीच सीधा विरोधाभास है। घटनास्थल के निरीक्षण ने ने खोल दी दुर्भावना शाहाबाद (हरदोई) घटना स्थल की तस्वीर साफ दिखाती है कि: विद्युत पोल सड़क के प्रभावी हिस्से में स्थित है, पोल खुले और लोगों द्वारा मनमाने तरीके से लगाए गए जाल आदि से पाटे गए नाले से भी 4 फिट बाहर है, वहाँ पर न कोई बैरिकेड, न रिफ्लेक्टर, न चेतावनी संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति स्वयं में जानलेवा खतरा है और सड़क सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है। क्या कहता है माननीय सुप्रीम कोर्ट? शाहाबाद (हरदोई) माननीय सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद ऐनुद्दीन बनाम आंध्र प्रदेश राज्य के मामले में कहा कि केवल दुर्घटना होना, लापरवाही या अपराध सिद्ध नहीं करता और पेप्सी फुड्स लिमिटेड बनाम विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के अनुसार आपराधिक कानून को यांत्रिक ढंग से लागू नहीं किया जा सकता। भजनलाल केस में भी कहा कि यदि एफआईआर किसी छिपे उद्देश्य से दर्ज हो, तो वह कानून का दुरुपयोग है। उपहार अग्निकांड मामले में कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर खतरनाक संरचना के लिए प्रशासन जिम्मेदार है। हालांकि पुलिस सूत्रों और विजली विभाग के अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और पत्रकारों को बताया कि एसडीएम शाहाबाद के कहने पर उन्होंने थाने में तहरीर दी तो इस सम्बन्ध में जब एसडीएम शाहाबाद अंकित तिवारी से बात हुई तो उन्होंने बताया कि एफआईआर लिखना पुलिस का काम है, वो क्यों कहेंगे, उन्होंने नहीं कहा। इसलिए अब सवाल यह उठते हैं कि जब एसडीएम ने नहीं कहा तो एसडीएम का नाम क्यों बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया, इस सम्बन्ध में जब वादी मुकदमा अवर अभियंता दीपक कुमार से दूरभाष पर बात हुई तो उन्होंने भी दो टूक कहा कि उनकी बात एसडीएम साहब से नहीं हुई, उन्होंने अपने उपखण्ड अधिकारी महोदय के कहने से एफआईआर दर्ज कराई है क्योंकि उनका पोल टूटा है। तभी उपखण्ड अधिकारी शाहाबाद का सीयुजी नम्बर कई बार लगाया लेकिन वह लगातार यही बोलता रहा कि आपके द्वारा मिलाया गया नम्बर नेटवर्क कवरेज क्षेत्र से बाहर है, हालांकि जब नम्बर नहीं लगा तो सीधे उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो मौके पर बताया गया कि एसडीओ साहब यहाँ रहते नहीं है कभी-कभी आते हैं। अब सवाल उठता है कि एसडीओ से यह सवाल कौन पूंछेगा कि शाहाबाद में क्यों कभी रात में नहीं रुकते? और क्या बिजली विभाग सहित स्थानीय प्रशासन और एसडीएम शाहाबाद से यह सवाल पूछे जाने चाहिए? कि पोल सड़क के बीच किसके आदेश से लगाया गया? क्या कोई सुरक्षा ऑडिट या साइट निरीक्षण हुआ था? दुर्घटना के बाद पोल हटाने के बजाय एफआईआर क्यों कराई गई? इसी क्रम में पुलिस से सवाल कि एफआईआर में दुर्घटना लिखने के बावजूद इरादतन अपराध की धाराएं क्यों जोड़ी गईं? बिना प्रत्यक्षदर्शी और चालक की पहचान के धाराएँ कैसे तय हुईं? क्या एफआईआर दर्ज करने से पहले स्थल का निरीक्षण किया गया? प्रशासनिक अधिकारियों से फिर सवाल कि क्या एफआईआर दर्ज कराने से पूर्व क्या स्थल की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा उनके द्वारा की गई थी? क्या प्रशासनिक लापरवाही की जांच के आदेश दिए गए? इसी क्रम में पुलिस प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह का वर्जन यह कि “प्राप्त तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद विधिक कार्यवाही की जाएगी।” धाराओं के बारे में वह कोई सटीक जबाब देने की बजाय बताए कि देखकर बताएंगे4
- City News 24 Live की हर एक खबर को सबसे पहले देखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें ✅11 फ़रवरी को दिल्ली में SC/ST/OBC की हकमारी के विरोध 'महा-आंदोलन' पर सांसद भाई चंद्र शेखर आजाद जी का विशेष संदेश; सुनिए और साझा कीजिए! ✅दिनांक - 11 फरवरी 2026 समय - सुबह 11:00 बजे स्थान - जंतर मंतर, नई दिल्ली ✅सभी साथी अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर आंदोलन को मजबूती दें। #UPMaangeChandraShekharAzad #रितेश_पासी_नाम_नहीं_आंदोलन #जागो_बहुजन_जागो #ASP_K_Mission2027 #we_support_ugc_bill1
- पहली बार स्टूडियो सेटअप | Black Board, Ring Light और Tripod का टेस्ट #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup आज हमने पहली बार अपने ब्लैक पर्दा, ब्लैक बोर्ड, रिंग लाइट और ट्राइपॉड को सही तरीके से सेट करने की कोशिश की। इस वीडियो में आप देखेंगे कि शुरुआती सेटअप कैसे किया जाता है और पढ़ाने के लिए सही लाइटिंग और कैमरा एंगल क्यों जरूरी है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो यूट्यूब पर पढ़ाने या कंटेंट बनाने की शुरुआत करना चाहते हैं। #YouTubeSetup #RingLightSetup #TripodSetup #BlackBoardClass #TeachingSetup #NewStudio #ContentCreation #YouTubeJourney #EducationChannel #FirstSetup1