सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” कलेक्टर कार्यालय का घेराव, केंद्र के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन लोकेशन=सुकमा सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” कलेक्टर कार्यालय का घेराव, केंद्र के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीश लखमा के नेतृत्व में कलेक्टर घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनरेगा को मजबूत बनाए रखने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मनरेगा के समर्थन में आवाज बुलंद की। नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है और इसे कमजोर करने या इसके स्वरूप में बदलाव की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा,हरीश लखमा ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा ने गांवों में रोजगार का बड़ा आधार तैयार किया है। यह योजना न केवल आजीविका का साधन है, बल्कि ग्रामीणों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार भी देती है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा और मांग की कि मनरेगा के नाम या स्वरूप में किसी भी प्रकार का बदलाव वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान “मनरेगा बचाओ” के नारों से माहौल गूंजता रहा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें जारी रहीं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सुकमा में आज का प्रदर्शन इसी बड़े संघर्ष की शुरुआत माना जा रहा है।
सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” कलेक्टर कार्यालय का घेराव, केंद्र के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन लोकेशन=सुकमा सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” कलेक्टर कार्यालय का घेराव, केंद्र के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीश लखमा के नेतृत्व में कलेक्टर घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ
जमकर नारेबाजी की और मनरेगा को मजबूत बनाए रखने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मनरेगा के समर्थन में आवाज बुलंद की। नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है और इसे कमजोर करने या इसके स्वरूप में बदलाव की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया
जाएगा,हरीश लखमा ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा ने गांवों में रोजगार का बड़ा आधार तैयार किया है। यह योजना न केवल आजीविका का साधन है, बल्कि ग्रामीणों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार भी देती है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा और मांग की कि मनरेगा के नाम या स्वरूप में किसी
भी प्रकार का बदलाव वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान “मनरेगा बचाओ” के नारों से माहौल गूंजता रहा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें जारी रहीं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सुकमा में आज का प्रदर्शन इसी बड़े संघर्ष की शुरुआत माना जा रहा है।
- कलेक्टर अमित कुमार ने किया निरीक्षण, समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश सुकमा- विकासखंड सुकमा अंतर्गत ग्राम पंचायत नीलावरम में वर्षों पुरानी जल समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल तेज हो गई है। नीलावरम हाइड्रो पावर बेस्ड पंपिंग योजना का निरीक्षण कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर योजना की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक मरम्मत कार्य बरसात से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पेनस्टॉक और अन्य तकनीकी संरचनाओं का अवलोकन करते हुए जल आपूर्ति प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सुधार और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। स्पष्ट किया गया कि योजना पूर्ण रूप से संचालित होने पर नीलावरम के ग्रामीणों को वर्षभर नियमित पानी उपलब्ध हो सकेगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। जनसहभागिता को योजना की सफलता का प्रमुख आधार बताते हुए सहयोग से बेहतर संचालन का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान साइंटिस्ट डॉ. पुनीत ने हाइड्रो पावर आधारित पंपिंग प्रणाली की कार्यप्रणाली और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली जल स्रोत की ऊर्जा का उपयोग कर पानी को ऊंचाई तक पहुंचाती है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी जल आपूर्ति संभव होती है। निरीक्षण में कार्यपालन अभियंता शांतनु विश्वास, जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, पीपीआई फेलो अर्कजा कुठियाला, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।4
- जगदलपुर शहर के जैन मंदिर रोड स्थित एक दुकान में एक मां ने अपनी बेटी को चोरी के लिये प्रेरित किया ,घटना cctv में कैद1
- कांकेर: डीवीसीएम मासे ने पुलिस के आगे डाले हथियार कांकेर के छिंदपदर गांव से माओवादी डीवीसीएम मासे बारसा ने एके 47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। साल 2003 से दण्डकारणय, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर में माओवाद संगठन में रहकर सक्रिय भूमिका निभा रही मासे बारसा जंगल से निकलकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। जंगल के रास्ते हाथों में AK -47 लेकर कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल रखेचा के पास समर्पण किया। नारायणपुर के पत्रकार रौशन ठाकुर ने मासे के सरेंडर में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मासे को एके 47 के साथ जंगल से कांकेर एसपी तक पहुंचाया। पत्रकार रौशन ठाकुर, जोहार बस्तर: मावा नाटे मावा समाचार के साथ जुड़े हैं। बस्तर आईजी पुलिस सुंदर राज पी और आईपीएस निखिल राखेचा ने अन्य माओवादियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर सभी माओवादियों से मुख्यधारा में जुड़ने का आह्वान किया है।1
- Post by सतभक्ति संदेश1
- ग्राम भनसुली में 20 लीटर महुआ शराब के साथ एक गिरफ्तार,भेजा जिला जेल1
- बीएसएफ में चयनित लुभांषी का विधायक मंडावी ने किया सम्मान विधायक सावित्री मंडावी लुभांषी का मुंह मीठा कर सम्मान करती हुई महेश जैन की सुपुत्री लुभांषी जैन का चयन सीमा सुरक्षा बल में होने पर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी ने उनके निवास पहुंचकर बधाई दी। विधायक ने लुभांषी का मुंह मीठा कराया और शाल-श्रीफल भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान लुभांषी ने अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रतिदिन तड़के चार बजे उठकर कड़ा अभ्यास किया। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया। विधायक मंडावी ने लुभांषी की मेहनत की सराहना की।1
- *एक और बजट आया मगर कोरर को कॉलेज मिला ना तहसील युवाओं के सपनों पर फिर पानी फिरा=अकरम कुरैशी* *जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव और कोरर जोन कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अकरम कुरैशी ने इस बजट में कोरर को कुछ नहीं मिलने पर दुख व्यक्त किया है उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का बजट पेश हुआ जिसमें एक बार फिर कोरर वासियों के उम्मीद पर पानी फिर गया ना कालेज ना तहसील की घोषणा हुआ ना बजट में शामिल हुआ युवा पीढ़ी कब तक कॉलेज के पढ़ाई के लिए कांकेर भानु का चक्कर काटेंगे गरीब छात्र कब तक पैसे के अभाव में 12 के बाद पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होते रहेंगे कब तक तहसील के लिए भानुप्रतापपुर पर हि आश्रित रहेंगे* *कोरर से कांकेर भानु की दूरी 25=30 किलोमीटर है और कोरर छेत्र के पहाड़ी अंचल धनेली कठोली तरानदुल से तहसील कॉलेज की दूरी 50=60 किलोमीटर है गरीब जनता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिला पाने में असमर्थ है* *कुरैशी ने आगे कहा कि भले हि भानुप्रतापपुर विधानसभा में विपक्ष की विधायक है मगर सांसद तो सत्ता पक्ष के हैं मगर उन्होंने भी ध्यान नहीं दिए भानुप्रतापपुर ब्लॉक का सबसे बड़ा ग्राम कोरर जिस पर 25=30 गांव आश्रित है मगर ना कालेज ना तहसील और तो और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी बुरा हाल ना एम. बी.बी. एस.डॉक्टर ना दवाई अब युवा पीढ़ी को आगे आकर आंदोलन ही करना पड़ेगा जिस तरह आंदोलन से हायर सेकेंडरी स्कूल का निर्माण हुआ था सभी राजनैतिक दलों के नेता व्यापारी और युवा वर्ग को आगे आने की जरूरत है पूर्व मुख्यमंत्री स्व.अजीत जोगी ने उपतहसील का सौगात दिए थे उसके बाद पूर्व विधायक मंत्री स्व.मनोज मंडावी जो के प्रयास से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरर को पूर्ण तहसील का घोषणा चारामा में किए थे मगर कुछ गांव के विरोध के चलते वो भी रुक गया* *पता नहीं कोरर वा क्षेत्रवासियों का यह सपना कॉलेज तहसील और स्वास्थ्य सुविधा मिलेगा या फिर आंदोलन के लिए एक होना पड़ेगा*2
- लोकेशन=सुकमा सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” कलेक्टर कार्यालय का घेराव, केंद्र के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन सुकमा में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरीश लखमा के नेतृत्व में कलेक्टर घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनरेगा को मजबूत बनाए रखने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मनरेगा के समर्थन में आवाज बुलंद की। नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है और इसे कमजोर करने या इसके स्वरूप में बदलाव की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा,हरीश लखमा ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा ने गांवों में रोजगार का बड़ा आधार तैयार किया है। यह योजना न केवल आजीविका का साधन है, बल्कि ग्रामीणों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार भी देती है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा और मांग की कि मनरेगा के नाम या स्वरूप में किसी भी प्रकार का बदलाव वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान “मनरेगा बचाओ” के नारों से माहौल गूंजता रहा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें जारी रहीं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सुकमा में आज का प्रदर्शन इसी बड़े संघर्ष की शुरुआत माना जा रहा है।4