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नायली के गुग्गा जाहरवीर मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के समापन समारोह उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के  गुग्गा जाहरवीर मंदिर नायली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चल रही कथा के दौरान वृंदावन जैसे माहौल में विधिवत भागवत आरती, हवन-पूजन, सुदामा चरित्र वर्णन, और  भंडारे के साथ समापन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समापन के दौरान राधे-राधे के जयघोष और भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया, साथ ही भक्तों ने प्रेम और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया।  अंतिम दिवस के कार्यक्रम: समापन दिवस की शुरुआत विशेष हवन-यज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।सुदामा चरित्र का वर्णन: कथा व्यास प्रमोद पुंज द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।भावपूर्ण विदाई: कथा के अंतिम चरण में भव्य शोभायात्रा और फूलों की वर्षा के साथ श्रीमद् भागवत को विदाई दी इन आयोजनों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर मंदिर पुजारी राजेश शर्मा अमन शर्मा फतेहचंद बलराज शर्मा सतीश कुमार सुनील कुमार राजकुमार रामलोक जयकर्ण किशोरी लाल बाबूराम बलदेव राकेश शर्मा बीरबल जुगल किशोर बिल्लू विवेक महिलाओं में रानी शर्मा अभिलाषा कृष्णा मनु कुमारी पूजा ममता मंजू सुषमा सुदर्शन समेत अनेक लोग शामिल रहे।

12 hrs ago
user_Abhishek Kumar Bhatia
Abhishek Kumar Bhatia
Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
12 hrs ago

नायली के गुग्गा जाहरवीर मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के समापन समारोह उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के  गुग्गा जाहरवीर मंदिर नायली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चल रही कथा के दौरान वृंदावन जैसे माहौल में विधिवत भागवत आरती, हवन-पूजन, सुदामा चरित्र वर्णन, और  भंडारे के साथ समापन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समापन के दौरान राधे-राधे के जयघोष और भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया, साथ ही भक्तों ने प्रेम और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया।  अंतिम दिवस के कार्यक्रम: समापन दिवस की शुरुआत विशेष हवन-यज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।सुदामा चरित्र का वर्णन: कथा व्यास प्रमोद पुंज द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।भावपूर्ण विदाई: कथा के अंतिम चरण में भव्य शोभायात्रा और फूलों की वर्षा के साथ श्रीमद् भागवत को विदाई दी इन आयोजनों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर मंदिर पुजारी राजेश शर्मा अमन शर्मा फतेहचंद बलराज शर्मा सतीश कुमार सुनील कुमार राजकुमार रामलोक जयकर्ण किशोरी लाल बाबूराम बलदेव राकेश शर्मा बीरबल जुगल किशोर बिल्लू विवेक महिलाओं में रानी शर्मा अभिलाषा कृष्णा मनु कुमारी पूजा ममता मंजू सुषमा सुदर्शन समेत अनेक लोग शामिल रहे।

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  • बंगाणा, उपमंडल बंगाणा  के अंतर्गत वोट (अंदरौली) गांव में चल रही पावन कथा के तीसरे दिन का विषय “सिद्धि की प्राप्ति” रहा। कथा में बताया गया कि मनुष्य जन्म लेना ही स्वयं में एक महान सिद्धि है। यह जन्म हमें प्रभु कृपा से प्राप्त हुआ है, इसलिए इसे व्यर्थ न गंवाकर आत्मकल्याण में लगाना चाहिए। कथावाचक ने समझाया कि जैसे राजा दशरथ ने संयम और श्रद्धा के साथ गुरु की आज्ञा मानी, वैसे ही जीवन में गुरु वचन का पालन करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “अब के जन्म सुधारो मेरे राम” – इस भाव के साथ यदि हम “सीता राम, सीता राम” का स्मरण करें, तो जीवन सफल हो सकता है। कथा स्थल पर राम-नाम के मधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।कथा में यह भी संदेश दिया गया कि गुरु केवल शरीर नहीं, बल्कि ज्ञान का स्वरूप हैं। सच्चा गुरु हमारे भीतर सोई हुई चेतना को जगाने का कार्य करता है। “तेरे राम तुझमें ही हैं, जग सके तो जग” – इस वाक्य के माध्यम से आत्मजागरण का आह्वान किया गया।नचिकेता की अग्नि का उदाहरण देते हुए कहा गया कि जैसे दृढ़ संकल्प और जिज्ञासा से ज्ञान प्राप्त होता है, वैसे ही हमें अपने भीतर की जिज्ञासा और तप को संभालकर रखना चाहिए। दशरथ के तीन रानियों – कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा – का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जब शक्तियां एकजुट होती हैं, तब ही राम का प्राकट्य होता है। इसका तात्पर्य है कि जब हमारे भीतर की सद्गुण शक्तियां संगठित होती हैं, तब प्रभु का प्रकाश हमारे जीवन में प्रकट होता है।कथा के अंत में भक्तों ने राम-नाम संकीर्तन के साथ अपने जीवन को धर्म, संयम और भक्ति के मार्ग पर चलाने का संकल्प लिया।“सनातन परंपरा में वैदिक तिलक का विशेष महत्व है।
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    बंगाणा, उपमंडल बंगाणा  के अंतर्गत वोट (अंदरौली) गांव में चल रही पावन कथा के तीसरे दिन का विषय “सिद्धि की प्राप्ति” रहा। कथा में बताया गया कि मनुष्य जन्म लेना ही स्वयं में एक महान सिद्धि है। यह जन्म हमें प्रभु कृपा से प्राप्त हुआ है, इसलिए इसे व्यर्थ न गंवाकर आत्मकल्याण में लगाना चाहिए।
कथावाचक ने समझाया कि जैसे राजा दशरथ ने संयम और श्रद्धा के साथ गुरु की आज्ञा मानी, वैसे ही जीवन में गुरु वचन का पालन करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “अब के जन्म सुधारो मेरे राम” – इस भाव के साथ यदि हम “सीता राम, सीता राम” का स्मरण करें, तो जीवन सफल हो सकता है। कथा स्थल पर राम-नाम के मधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।कथा में यह भी संदेश दिया गया कि गुरु केवल शरीर नहीं, बल्कि ज्ञान का स्वरूप हैं। सच्चा गुरु हमारे भीतर सोई हुई चेतना को जगाने का कार्य करता है। “तेरे राम तुझमें ही हैं, जग सके तो जग” – इस वाक्य के माध्यम से आत्मजागरण का आह्वान किया गया।नचिकेता की अग्नि का उदाहरण देते हुए कहा गया कि जैसे दृढ़ संकल्प और जिज्ञासा से ज्ञान प्राप्त होता है, वैसे ही हमें अपने भीतर की जिज्ञासा और तप को संभालकर रखना चाहिए।
दशरथ के तीन रानियों – कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा – का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जब शक्तियां एकजुट होती हैं, तब ही राम का प्राकट्य होता है। इसका तात्पर्य है कि जब हमारे भीतर की सद्गुण शक्तियां संगठित होती हैं, तब प्रभु का प्रकाश हमारे जीवन में प्रकट होता है।कथा के अंत में भक्तों ने राम-नाम संकीर्तन के साथ अपने जीवन को धर्म, संयम और भक्ति के मार्ग पर चलाने का संकल्प लिया।“सनातन परंपरा में वैदिक तिलक का विशेष महत्व है।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by ATV News Channel®
    1
    Post by ATV News Channel®
    user_ATV News Channel®
    ATV News Channel®
    Television Channel बिरहू कलां, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by KESHAV PANDIT®
    1
    Post by KESHAV PANDIT®
    user_KESHAV PANDIT®
    KESHAV PANDIT®
    TV News Anchor बिरहू कलां, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by Dinesh Kumar
    1
    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सुजानपुर सुजानपुर विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने होली मेला में आयोजित कब्बडी, बास्केटबॉल व वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का शुभारम्भ किया हैं. उन्होंने सभी खिलाडियों से मिल कर उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हे खेलने के लिए प्रेरित किया
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    सुजानपुर
सुजानपुर विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने  होली मेला में आयोजित कब्बडी, बास्केटबॉल व वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का शुभारम्भ किया हैं. उन्होंने सभी खिलाडियों से मिल कर उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हे खेलने के लिए प्रेरित किया
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 🔥 धर्मपुर की धरती से हुंकार! 🔥 अब बहुत हो चुका! अब सहनशक्ति जवाब दे चुकी है! धर्मपुर की जनता अब चुप नहीं बैठेगी — अब जवाब भी देगी और हिसाब भी लेगी! सालों से सत्ता की कुर्सी पर बैठकर भारतीय जनता पार्टी और Indian National Congress ने धर्मपुर को सिर्फ आश्वासनों में उलझाए रखा। ❓ नौजवान बाहर क्यों भटक रहा है? ❓ अस्पतालों में सुविधाएँ अधूरी क्यों हैं? ❓ गांवों की सड़कें आज भी टूटी क्यों हैं? जनता सब देख रही है। जनता सब समझ रही है। और अब जनता चुप नहीं रहेगी! दारता गद्दीधार टिहरा की सभा ने बता दिया — जब जनसैलाब उठता है तो राजनीति की दिशा बदलती है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमीत सिंह ठाकुर का स्वागत सिर्फ सम्मान नहीं था — वह चेतावनी थी उन लोगों के लिए जो धर्मपुर को अपनी जागीर समझ बैठे हैं। 📢 30/03/2026 — संधोल गवाह बनेगा कि धर्मपुर अब किसी के पीछे चलने वाला नहीं, अपना रास्ता खुद बनाने वाला है! 🚩 यह संघर्ष सत्ता के खिलाफ नहीं — व्यवस्था की जड़ता के खिलाफ है। 🚩 यह आवाज विरोध की नहीं — स्वाभिमान की है। अब फैसला साफ है — या तो पुरानी राजनीति चलेगी, या धर्मपुर की नई ताकत उठेगी! झुकेंगे नहीं। डरेंगे नहीं। रुकेंगे नहीं। जय देवभूमि! 🚩🔥
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    🔥 धर्मपुर की धरती से हुंकार! 🔥
अब बहुत हो चुका!
अब सहनशक्ति जवाब दे चुकी है!
धर्मपुर की जनता अब चुप नहीं बैठेगी —
अब जवाब भी देगी और हिसाब भी लेगी!
सालों से सत्ता की कुर्सी पर बैठकर
भारतीय जनता पार्टी और Indian National Congress
ने धर्मपुर को सिर्फ आश्वासनों में उलझाए रखा।
❓ नौजवान बाहर क्यों भटक रहा है?
❓ अस्पतालों में सुविधाएँ अधूरी क्यों हैं?
❓ गांवों की सड़कें आज भी टूटी क्यों हैं?
जनता सब देख रही है।
जनता सब समझ रही है।
और अब जनता चुप नहीं रहेगी!
दारता गद्दीधार टिहरा की सभा ने बता दिया —
जब जनसैलाब उठता है तो राजनीति की दिशा बदलती है।
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
रूमीत सिंह ठाकुर का स्वागत सिर्फ सम्मान नहीं था —
वह चेतावनी थी उन लोगों के लिए
जो धर्मपुर को अपनी जागीर समझ बैठे हैं।
📢 30/03/2026 — संधोल गवाह बनेगा
कि धर्मपुर अब किसी के पीछे चलने वाला नहीं,
अपना रास्ता खुद बनाने वाला है!
🚩 यह संघर्ष सत्ता के खिलाफ नहीं —
व्यवस्था की जड़ता के खिलाफ है।
🚩 यह आवाज विरोध की नहीं —
स्वाभिमान की है।
अब फैसला साफ है —
या तो पुरानी राजनीति चलेगी,
या धर्मपुर की नई ताकत उठेगी!
झुकेंगे नहीं।
डरेंगे नहीं।
रुकेंगे नहीं।
जय देवभूमि! 🚩🔥
    user_Rajput Bias Thakur
    Rajput Bias Thakur
    Local Politician धर्मपुर, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बेरी रेललाईन का कार्य जारी है। 2027 तक इस रेललाईन के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य के तहत प्रशासन की ओर से भी संबधित कंपनियों को कार्य करने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भानुपल्ली-बेरी रेललाईन कार्य के तहत सोमवार को इस रेललाईन के तहत निर्माणाधीन आपाताकालीन टनल का ईटी-7 व ईटी-8 एस्केप टनल ब्रेकथ्रू हो गई। करीब साढ़े किलोमीटर लंबी टनल का 750 मीटर हिस्सा एक छोर से दूसरे छोर पर मिल गया। भानुपल्ली-बेरी रेललाईन के निर्माण कार्य में इस बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार रेल विकास निगम लिमिटेड के पैकेज नंबर-3 में एस्केप टनल ईटी-7 को ईटी-8 से सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। यह कार्य निर्माण कंपनी मैक्सा इंफ्रा इंडिया लिमिटेड द्वारा पूरा किया गया। इस एस्केप टनल का कार्य गत अगस्त 2025 में शुरू हुआ था। करीब आठ माह बाद यह कार्य पूरा किया गया है। हालांकि अभी तक साढ़े छह किलोमीटर लंबी टनल का महज साढ़े सात सौ मीटर हिस्सा ही आपस में जुड़ा है। मेन टनल ब्रेकथ्रू होने के लिए अभी समय लगेगा। बताया जा रहा है कि यह एस्केप टनल करीब छह माह पहले भी तैयार हो सकती थी, लेकिन टनल पर आबादी होने के चलते सुरक्षा की दृष्टि से कार्य किया गया। ब्लास्टिंग को लेकर भी प्रतिबंध रहा। अन्य कारण भी इसमें सामने आए। लेकिन फिर भी कंपनी की ओर से प्रयास किए गए कि जल्द ही इन कार्य को पूरा किया जाए। कंपनी अधिकारियों की मानें तो यह साढ़े छह किलोमीटर लंबी टनल आपात परिस्थितियों के लिए बनाई जा रही है। मेन टनल के कार्य को लेकर अभी लंबा समय लग सकता है। लेकिन प्रारंभिक चरण में एस्केप टनल को आपस में जोड़ा गया है। इस निर्माण कार्य के तहत आगामी दो माह में अन्य टनल भी ब्रेकथ्रू करने का लक्ष्य कंपनी की ओर से निर्धारित किया गया है। उधर, एस्केप टनल ब्रेकथ्रू के उपलक्ष्य में परियोजना स्थल पर विधिवत पूजा अर्चना की गई। जिसका नेतृत्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर हितेश जायसवाल ने किया। इस मौके पर कंपनी के सीईओ विक्रम सिंह चौहान, जनरल मैनेजर मुरलीधर राव, प्रोजेक्ट सेफ्टी मैनेजर आलोक रौशन सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कामगारों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा। इस ब्रेकथ्रू से परियोजना के निर्माण कार्य में गति आने के साथ-साथ क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है। बॉक्स: भानुपल्ली-बेरी रेललाईन कार्य के तहत सोमवार को निर्माणाधीन आपाताकालीन टनल का ईटी-7 व ईटी-8 एस्केप टनल ब्रेकथ्रू हो गई। करीब साढ़े किलोमीटर लंबी टनल का 750 मीटर हिस्सा एक छोर से दूसरे छोर पर मिल गया। जल्द ही इस टनल के कार्य को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस एस्केप टनल को ब्रेकथ्रू करने में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रयास सफल रहे हैं। हितेश जायसवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर बॉक्स: बता दें कि भानुपल्ली-बेरी निर्माणाधीन रेलवे परियोजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने को लेकर कार्य जारी है। सुरंग, पुल, ट्रैक और अन्य निर्माण कार्य जारी हैं। 2027 के अंत तक इस कार्य को पूरा करने लक्ष्य रखा गया है। नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के कोट तुन्नु से लेकर बिलासपुर सदर के भराड़ी तक रेलवे परियोजना निर्माणाधीन है।
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    सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भानुपल्ली-बेरी रेललाईन का कार्य जारी है। 2027 तक इस रेललाईन के कार्य को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य के तहत प्रशासन की ओर से भी संबधित कंपनियों को कार्य करने को लेकर निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भानुपल्ली-बेरी रेललाईन कार्य के तहत सोमवार को इस रेललाईन के तहत निर्माणाधीन आपाताकालीन टनल का ईटी-7 व ईटी-8 एस्केप टनल ब्रेकथ्रू हो गई। करीब साढ़े किलोमीटर लंबी टनल का 750 मीटर हिस्सा एक छोर से दूसरे छोर पर मिल गया। भानुपल्ली-बेरी रेललाईन के निर्माण कार्य में इस बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 
जानकारी के अनुसार रेल विकास निगम लिमिटेड के पैकेज नंबर-3 में एस्केप टनल ईटी-7 को ईटी-8 से सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया। यह कार्य निर्माण कंपनी मैक्सा इंफ्रा इंडिया लिमिटेड द्वारा पूरा किया गया। इस एस्केप टनल का कार्य गत अगस्त 2025 में शुरू हुआ था। करीब आठ माह बाद यह कार्य पूरा किया गया है। हालांकि अभी तक साढ़े छह किलोमीटर लंबी टनल का महज साढ़े सात सौ मीटर हिस्सा ही आपस में जुड़ा है। मेन टनल ब्रेकथ्रू होने के लिए अभी समय लगेगा। बताया जा रहा है कि यह एस्केप टनल करीब छह माह पहले भी तैयार हो सकती थी, लेकिन टनल पर आबादी होने के चलते सुरक्षा की दृष्टि से कार्य किया गया। ब्लास्टिंग को लेकर भी प्रतिबंध रहा। अन्य कारण भी इसमें सामने आए। लेकिन फिर भी कंपनी की ओर से प्रयास किए गए कि जल्द ही इन कार्य को पूरा किया जाए। कंपनी अधिकारियों की मानें तो यह साढ़े छह किलोमीटर लंबी टनल आपात परिस्थितियों के लिए बनाई जा रही है। मेन टनल के कार्य को लेकर अभी लंबा समय लग सकता है। लेकिन प्रारंभिक चरण में एस्केप टनल को आपस में जोड़ा गया है। इस निर्माण कार्य के तहत आगामी दो माह में अन्य टनल भी ब्रेकथ्रू करने का लक्ष्य कंपनी की ओर से निर्धारित किया गया है।  
उधर, एस्केप टनल ब्रेकथ्रू के उपलक्ष्य में परियोजना स्थल पर विधिवत पूजा अर्चना की गई। जिसका नेतृत्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर हितेश जायसवाल ने किया। इस मौके पर कंपनी के सीईओ विक्रम सिंह चौहान, जनरल मैनेजर मुरलीधर राव, प्रोजेक्ट सेफ्टी मैनेजर आलोक रौशन सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कामगारों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा। इस ब्रेकथ्रू से परियोजना के निर्माण कार्य में गति आने के साथ-साथ क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।
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भानुपल्ली-बेरी रेललाईन कार्य के तहत सोमवार को निर्माणाधीन आपाताकालीन टनल का ईटी-7 व ईटी-8 एस्केप टनल ब्रेकथ्रू हो गई। करीब साढ़े किलोमीटर लंबी टनल का 750 मीटर हिस्सा एक छोर से दूसरे छोर पर मिल गया। जल्द ही इस टनल के कार्य को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस एस्केप टनल को ब्रेकथ्रू करने में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रयास सफल रहे हैं।  
हितेश जायसवाल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर  
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बता दें कि भानुपल्ली-बेरी निर्माणाधीन रेलवे परियोजना के तहत निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने को लेकर कार्य जारी है। सुरंग, पुल, ट्रैक और अन्य निर्माण कार्य जारी हैं। 2027 के अंत तक इस कार्य को पूरा करने लक्ष्य रखा गया है। नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के कोट तुन्नु से लेकर बिलासपुर सदर के भराड़ी तक रेलवे परियोजना निर्माणाधीन है।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के  गुग्गा जाहरवीर मंदिर नायली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चल रही कथा के दौरान वृंदावन जैसे माहौल में विधिवत भागवत आरती, हवन-पूजन, सुदामा चरित्र वर्णन, और  भंडारे के साथ समापन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समापन के दौरान राधे-राधे के जयघोष और भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया, साथ ही भक्तों ने प्रेम और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया।  अंतिम दिवस के कार्यक्रम: समापन दिवस की शुरुआत विशेष हवन-यज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।सुदामा चरित्र का वर्णन: कथा व्यास प्रमोद पुंज द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।भावपूर्ण विदाई: कथा के अंतिम चरण में भव्य शोभायात्रा और फूलों की वर्षा के साथ श्रीमद् भागवत को विदाई दी इन आयोजनों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर मंदिर पुजारी राजेश शर्मा अमन शर्मा फतेहचंद बलराज शर्मा सतीश कुमार सुनील कुमार राजकुमार रामलोक जयकर्ण किशोरी लाल बाबूराम बलदेव राकेश शर्मा बीरबल जुगल किशोर बिल्लू विवेक महिलाओं में रानी शर्मा अभिलाषा कृष्णा मनु कुमारी पूजा ममता मंजू सुषमा सुदर्शन समेत अनेक लोग शामिल रहे।
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    उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के  गुग्गा जाहरवीर मंदिर नायली चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा चल रही कथा के दौरान वृंदावन जैसे माहौल में विधिवत भागवत आरती, हवन-पूजन, सुदामा चरित्र वर्णन, और  भंडारे के साथ समापन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समापन के दौरान राधे-राधे के जयघोष और भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया, साथ ही भक्तों ने प्रेम और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया। 
अंतिम दिवस के कार्यक्रम: समापन दिवस की शुरुआत विशेष हवन-यज्ञ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।सुदामा चरित्र का वर्णन: कथा व्यास प्रमोद पुंज द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का मार्मिक वर्णन किया गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए।भावपूर्ण विदाई: कथा के अंतिम चरण में भव्य शोभायात्रा और फूलों की वर्षा के साथ श्रीमद् भागवत को विदाई दी
इन आयोजनों में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया इस मौके पर मंदिर पुजारी राजेश शर्मा अमन शर्मा फतेहचंद बलराज शर्मा सतीश कुमार सुनील कुमार राजकुमार रामलोक जयकर्ण किशोरी लाल बाबूराम बलदेव राकेश शर्मा बीरबल जुगल किशोर बिल्लू विवेक महिलाओं में रानी शर्मा अभिलाषा कृष्णा मनु कुमारी पूजा ममता मंजू सुषमा सुदर्शन समेत अनेक लोग शामिल रहे।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
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