जौनपुर के केराकत क्षेत्र में एक अंग्रेजी शराब ठेके पर ग्राहकों से एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुफ़्तीगंज चौकी क्षेत्र के उदीयासन स्थित इस ठेके पर शराब की प्रति बोतल पर ₹10 से ₹20 तक अतिरिक्त कीमत वसूली जा रही थी। बताया गया है कि जब एक ग्राहक ने इस अधिक वसूली का विरोध किया, तो ठेके पर मौजूद सेल्समैन ने उसके साथ अभद्रता की, मारपीट की और उसे धमकी भी दी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला गरमा गया है। पीड़ित ग्राहक ने केराकत थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से शराब की अधिक कीमत वसूली की शिकायतें मिलती रही हैं, और उनका मानना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्यवाही की गई होती, तो ऐसी घटना सामने नहीं आती। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है, और वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जौनपुर के केराकत क्षेत्र में एक अंग्रेजी शराब ठेके पर ग्राहकों से एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मुफ़्तीगंज चौकी क्षेत्र के उदीयासन स्थित इस ठेके पर शराब की प्रति बोतल पर ₹10 से ₹20 तक अतिरिक्त कीमत वसूली जा रही थी। बताया गया है कि जब एक ग्राहक ने इस अधिक वसूली का विरोध किया, तो ठेके पर मौजूद सेल्समैन ने उसके साथ अभद्रता की, मारपीट की और उसे धमकी भी दी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला गरमा गया है। पीड़ित ग्राहक ने केराकत थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से शराब की अधिक कीमत वसूली की शिकायतें मिलती रही हैं, और उनका मानना है कि यदि समय पर प्रभावी कार्यवाही की गई होती, तो ऐसी घटना सामने नहीं आती। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है, और वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- स्थानीय निवासियों द्वारा एक रास्ते की समस्या पर कई बार गुहार लगाने के बावजूद, इसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बताया गया है कि इस मामले में प्रधान और विधायक समेत सभी संबंधितों से मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया है और कोई समाधान नहीं मिल पाया है।3
- उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में जलेसर तहसील के शकरौली थाना क्षेत्र अंतर्गत हसन अलीपुर बसई ग्राम पंचायत में बस रूट डायवर्जन के कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस बदले हुए मार्ग से सड़क की स्थिति खराब हो गई है, जिससे ग्रामीणों के घरों को खतरा पैदा हो गया है और स्थानीय जनता बेहद परेशान है। लोग इस चिंता में हैं कि वे अपनी समस्या किसे बताएं और कौन इसका समाधान करेगा। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बरसात के समय जलभराव जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाएगी, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी। इसके अलावा, सिरसा नदी पर बनी एक छोटी पुलिया भी जर्जर हालत में है, जिसके ऊपर से बसों का लगातार आना-जाना बना रहता है। यह स्थिति कभी भी किसी अप्रिय दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिसके लिए ग्राम प्रधान और अन्य विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। यह जानकारी सामने आई है कि रास्ते की इस जर्जर हालत से परेशान ग्रामीणों की समस्याओं के बावजूद, उत्तर प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों तक अब तक इस विषय में कोई सूचना नहीं पहुंचाई गई है। प्रशासन द्वारा शीर्ष अधिकारियों को इस गंभीर मुद्दे से अवगत न कराए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।2
- जोधपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' महारैली को संबोधित किया। यह आयोजन NEET पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता पर केंद्रित था, जिसमें हजारों छात्र शामिल हुए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं थी, बल्कि छात्रों की पीड़ा सुनने और उनकी आवाज बनने का एक मंच था, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में क्रांति लाना है। उन्होंने बताया कि देश इस समय गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट का सामना कर रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है। प्रश्नपत्र लीक होने की लगातार घटनाएँ, परीक्षाओं का अचानक रद्द होना, छात्रों को बार-बार परीक्षा देने पर मजबूर करना, भर्ती प्रक्रियाओं में भारी देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का सीधा परिणाम हैं। राहुल गांधी ने NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की विफलताओं पर चिंता व्यक्त की, जिससे छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा का माहौल बन रहा है, और दुखद रूप से छात्र आत्महत्याओं की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह से मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था एक "लूट की मशीन" बन गई है, जहाँ देशभर के परिवार प्रति वर्ष 3.5 लाख करोड़ रुपये सिर्फ पाँच बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE) पर खर्च करते हैं, जो केंद्र सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है। कोचिंग उद्योग फलता-फूलता है, लेकिन छात्रों के सपने टूट रहे हैं; NEET में 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ है, जो बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने का परिणाम है, यह एक "सिस्टमिक नाकाम" है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार इस पर चुप है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोई जवाबदेही नहीं ली जा रही है, जबकि माता-पिता घर बेचकर और कर्ज लेकर अपने बच्चों को कोटा भेजते हैं। राहुल गांधी ने आकांक्षा नामक एक छात्रा के आत्महत्या का मार्मिक उदाहरण दिया, जिसने पेपर लीक और सिस्टम की वजह से अपनी जान दी, और उन्होंने जोर देकर कहा कि सालों की मेहनत कुर्बान करने वाले छात्रों का सपना एक पेपर लीक से खत्म नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी ने वर्तमान व्यवस्था को "रिजेक्शन सिस्टम" करार देते हुए "सिलेक्शन सिस्टम" की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छात्रों को केवल 'रिजेक्शन' और 'फ्रस्ट्रेशन' दे रही है, जहाँ 3000 में से केवल 1 IAS या 30 IIT जैसे बहुत कम सफलता दर हैं, और युवाओं के पास रोजगार व करियर के सिर्फ 5-6 ही विकल्प हैं। कोटा में छात्रों पर अत्यधिक दबाव, महंगे कोचिंग और लोन के कारण होने वाली आत्महत्याओं को सिस्टम की नाकामी बताया गया, न कि छात्रों की। सरकार को एक ऐसी व्यवस्था देनी चाहिए जो शिक्षा, करियर सपोर्ट और रोजगार के माध्यम से छात्रों को सक्षम बनाए। इसी उद्देश्य के साथ, 'छात्रों की गूंज' अभियान कोटा से पूरे देश में छात्र आंदोलन की शुरुआत कर रहा है, जिसके तहत छात्र ऑनलाइन पिटिशन के जरिए अपनी कहानियाँ और सुझाव साझा कर सकते हैं, ताकि लाखों छात्रों की आवाज को एक "गूंज" बनाया जा सके जिसे अनसुना न किया जा सके। इसे शिक्षा को निष्पक्ष, सस्ता और सुगम बनाने की क्रांति बताया गया है। इस अभियान के माध्यम से सरकार से सीधी माँगें रखी गई हैं, जिनमें पेपर लीक रैकेट पर सख्त कार्रवाई, NTA में सुधार, शिक्षा मंत्री की जवाबदेही, परीक्षाओं में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और युवाओं के लिए निष्पक्ष अवसर शामिल हैं, क्योंकि युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार की है। राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल का भी जिक्र किया, जिन्होंने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 'एकल खिड़की' के तहत एक बार रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे बंद कर दिया, जिसे बेरोजगार युवाओं के साथ "कुठाराघात" बताया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अशोक गहलोत ने पेपर लीक करने वालों की संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास का प्रावधान वाला एक कानून बनाया था, जिसे वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया। रैली में प्रधानमंत्री द्वारा प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे को भी याद दिलाया गया, यह कहते हुए कि यदि वह क्रियान्वित हो जाता तो देश की दशा व दिशा दोनों ही बदल जाती।1
- डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी, उत्तरदायी और संवेदनशील शासन के माध्यम से जन-आकांक्षाओं की पूर्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने आज @GorakhnathMndr परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं के शीघ्र निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1
- आगरा में नुनिहाई-प्रकाश नगर के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों ने कड़ा विरोध जताया है। खंडेलवाल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में हुई एक बैठक के दौरान उद्यमियों ने एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंताएं रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से 200 से अधिक फैक्टरियों का संचालन बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की ढुलाई में भारी कठिनाइयां आएंगी। उद्यमियों ने आगाह किया कि इसका सीधा असर करीब 10 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा, जिस पर संकट खड़ा हो सकता है। फैक्टरी ओनर्स एसोसिएशन ने विधायक से प्रमुख मांग की है कि फ्लाईओवर का प्रस्तावित मार्ग इंडस्ट्रियल एरिया से हटाकर किसी वैकल्पिक रास्ते से निकाला जाए। इस पर, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि वे उनकी इन चिंताओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी के भी साथ अन्याय न हो। बैठक में मुख्य रूप से किशोर खन्ना, डॉ. बब्बू साहनी, राजीव खंडेलवाल, रजनीश खंडेलवाल, यशपाल चाहर, आदर्श चौहान सहित इंडस्ट्रियल एरिया के कई उद्यमी और फैक्टरी संचालक उपस्थित रहे।1
- फिरोजाबाद के सिरसागंज (नगला खंगर) के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी। यह दर्दनाक घटना गुरुवार/शुक्रवार की रात 26 जून, 2026 को करीब 2:00 बजे एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 63 पर हुई। यह क्षेत्र नगला खंगर थानांतर्गत सिरसागंज सर्किल में आता है। गोरखपुर से चंडीगढ़/लुधियाना जा रही डबल डेकर प्राइवेट स्लीपर बस की शुरुआती जाँच के अनुसार, चालक को रात के समय अचानक नींद की झपकी आ गई। इसके परिणामस्वरूप, अनियंत्रित बस आगे चल रहे भारी वाहन ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। मृतकों में बस का चालक, गुरी (निवासी पंजाब), और केबिन में बैठा एक अन्य व्यक्ति, दलजीत (निवासी रोपड़), शामिल हैं। हादसे में घायल अन्य यात्रियों को जिला अस्पताल शिकोहाबाद में भर्ती कराया गया है। AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 27 जून, 2026 को इस खबर को अपडेट किया गया है।1
- एटा जिले के जलेसर तहसील क्षेत्र के गांव पिलखतरा में श्री 1008 मोनी बाबा की 62 दिनों से चल रही अग्नि तपस्या बृहस्पतिवार को सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई। इस तपस्या के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को एक विशाल देशी घी के भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र और दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरे दिन धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा। भंडारे में विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने भी सहभागिता की, मोनी बाबा का आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मुकेश यादव, जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र धनगर, आराम सिंह यादव, सत्य प्रकाश सिंह, आकाश यादव, शनी यादव, पवन ठाकुर, क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेश ठाकुर, ग्राम प्रधान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भरत कुमार शर्मा ने किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण, पेयजल एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित कीं। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने अत्यंत अनुशासित ढंग से भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि मोनी बाबा की 62 दिनों की यह कठिन अग्नि तपस्या जनकल्याण, सुख-समृद्धि और विश्व शांति की भावना को समर्पित थी। तपस्या पूर्ण होने पर आयोजित इस भंडारे में पूरे क्षेत्र की आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिला, और यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तथा धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।1
- बांदा के बिजली खेड़ा स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाए गए, लेकिन 'वर्तमान जिला अध्यक्ष' के रूप में संदर्भित मधुसूदन कुशवाहा की बांदा-चित्रकूट सांसद कृष्णा देवी पटेल और उनके पति शिव शंकर सिंह पटेल के साथ तीखी मौखिक झड़प हो गई। बताया गया कि यह पूरा घटनाक्रम मधुसूदन कुशवाहा ने अपने गुरु विशंभर निषाद के इशारे पर किया। बहस में बबेरू से विधायक और पूर्व मंत्री विशंभर सिंह यादव भी शामिल हो गए, और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मामला मारपीट तक पहुँचने की नौबत आ गई।3