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झूठे sc st के मुकदमे बनाकर लोगो को ब्लैक मेल करने वाले गिरोह के दो सदस्य आज दिनांक 30 अप्रैल 2026 को लगभग 01:30 बजे सतेन्द्र कुमार की ADR में सुनवाई थी उसी दौरान बिना किसी कार्य के आकर विक्रम सिंह ने सतेन्द्र कुमार पर बनाया दबाव मुकदमा वापस लेने के नाम पर मांगे थे लाखो रूपये शोर मचाने पर भाग खड़े हुए।
Satendra Kumar
झूठे sc st के मुकदमे बनाकर लोगो को ब्लैक मेल करने वाले गिरोह के दो सदस्य आज दिनांक 30 अप्रैल 2026 को लगभग 01:30 बजे सतेन्द्र कुमार की ADR में सुनवाई थी उसी दौरान बिना किसी कार्य के आकर विक्रम सिंह ने सतेन्द्र कुमार पर बनाया दबाव मुकदमा वापस लेने के नाम पर मांगे थे लाखो रूपये शोर मचाने पर भाग खड़े हुए।
- Satendra Kumarसहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश👍9 hrs ago
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- सहारनपुर। जानकारी के मुताबिक देहात कोतवाली क्षेत्र के अमानतगढ़ सर्विस रोड़ पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली भूसा लेकर जा रही थी, जिसमे एक डम्पर ने ओवरटेक करते हुए साइड मार दी, जिससे रसूलपुर निवासी 45 वर्षीय ट्रैक्टर चालक इरशाद उर्फ भूरा सड़क पर गिरकर डम्पर की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। डम्पर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और अन्य कार्रवाई में जुट गई है। वहीं मृतक के घर पर संवेदना व्यक्त करने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है।1
- आज दिनांक 30 अप्रैल 2026 को लगभग 01:30 बजे सतेन्द्र कुमार की ADR में सुनवाई थी उसी दौरान बिना किसी कार्य के आकर विक्रम सिंह ने सतेन्द्र कुमार पर बनाया दबाव मुकदमा वापस लेने के नाम पर मांगे थे लाखो रूपये शोर मचाने पर भाग खड़े हुए।1
- Post by Kundan1
- कानपुर में न्यायालय परिसर के अंदर दो वकीलों के बीच नोंक झोंक झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है बताया जा रहा है शर्ट उतारने वाले वकील के क्लाइंट को दूसरे वकील ने अपनी तरफ खींच लिया, अब उसका केस वह देखेगा। इसलिए दोनों के बीच तनातनी हो गयी।1
- कंवरपाल गुर्जर ने यह भी बताया कि यह इलाका हरियाणा हिमाचल सीमा के नजदीक है ,प्राकृतिक रूप से जहां काफी कुछ है, यह अच्छे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित होगा। इस पर तेजी से काम जारी है । कंवरपाल गुर्जर पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया और बताया कि अन्य जगह बीजेपी को भारी लाभ मिलना नजर आ रहा है। वही पंचकूला निगम चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि यहां श्यामलाल बंसल भारी मतों के अंतर से विजई होंगे और उनका जीत का अंतर 30000 से अधिक का होगा।3
- बच्चेदानी के मुंह का कैंसर से बचाने के लिए, (HPV) वैक्सीन एक महत्वपूर्ण इंजेक्शन है। जो ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाता है। भारत सरकार द्वारा 14 से 15 वर्ष के बीच की उम्र की लड़कियों को, यह वैक्सीन मुफ्त में उपलब्ध कराने की योजना है। यमुनानगर मे DC मैडम प्रीति जी ने जिले की सभी समाजसेवी संस्थाओ को, मदद के लिए बुलाया। ताकि वैक्सीन के लिए सभी को जागरूक किया जा सके। लोगो को इस वैक्सीन के बारे मे बताने की अपील भी की है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लड़किया इसका फायदा उठा सके।1
- हरियाणा जिला करनाल इंद्री गांव बदरपुर से सही सैयद छपरा प्राण के पास उसके लाभ सड़क पर पेड़ टूट के हवा के कारण टूट गया है उसमें आने वाली कोई भी बंदे उधर से ना आए वह कल दोपहर यस कल थोड़ी उठेगा1
- यमुनानगर जिला उपायुक्त कार्यालय पर उस समय माहौल गरमा गया जब भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों से खिलवाड़ किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए जा रहे या प्रस्तावित व्यापारिक समझौते देश के कृषि ढांचे को कमजोर करने की साजिश हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) के जिला अध्यक्ष संजू गुंदयाना ने कहा कि देश का किसान पहले ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम न मिलने, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। ऐसे हालात में विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में खुली छूट देना किसानों के लिए विनाशकारी साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “भारत में खेती आजीविका का साधन है, जबकि विदेशों में यह महज एक व्यापार है। ऐसे में सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय किसानों की मेहनत की कीमत को मिट्टी में मिला देंगे।” उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि इन ट्रेड डील के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण तेजी से बढ़ेगा। इससे न केवल किसानों की स्वतंत्रता पर खतरा मंडराएगा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा भी दांव पर लग जाएगी। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति रही तो किसानों की आत्महत्याओं में वृद्धि होगी और बड़ी संख्या में किसान मजदूर बनने को मजबूर होंगे, जिससे बेरोजगारी का संकट और गहरा जाएगा।2