क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई महाशिवरात्रि, भसियागढ़ में लगा 05 दिवसीय मेला क्षेत्र भर में 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया गया। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों के सभी प्राचीन और ऐतिहासिक शिवालयों में जलाभिषेक के लिए सुबह 4 बजे से ही शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। पूजा-अर्चना का सिलसिला देर शाम 08 बजे तक जारी रहा। मंदिरों में भजन संध्या के भी आयोजन किए गए। क्षेत्र के सिद्ध धार्मिक स्थल भसियागढ़ महादेव खोली में इस वर्ष भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां पांच दिवसीय मेले की आज से शुरूआत भी हो गई। पहले दिन महादेव खोली में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुचें। भसियागढ़ में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस जगह-जगह तैनात थी। नगर के तमाम मंदिरों में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने भगवान को जल और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नगर में शाम को भगवान शिव की जीवंत झांकी के साथ शिव बारात निकाली गई। जिसने पूरे शहर का भम्रण किया। नगर के फारेस्ट कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में श्ज्ञाम को महाप्रसादी का आयोजन हुआ।
क्षेत्र में धूमधाम से मनाई गई महाशिवरात्रि, भसियागढ़ में लगा 05 दिवसीय मेला क्षेत्र भर में 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया गया। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों के सभी प्राचीन और ऐतिहासिक शिवालयों में जलाभिषेक के लिए सुबह 4 बजे से ही शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। पूजा-अर्चना का सिलसिला देर शाम 08 बजे तक जारी रहा। मंदिरों में भजन संध्या के भी आयोजन किए गए। क्षेत्र के सिद्ध धार्मिक स्थल भसियागढ़ महादेव खोली में इस वर्ष भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां पांच दिवसीय मेले की आज से शुरूआत भी हो गई। पहले दिन महादेव खोली में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुचें। भसियागढ़ में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस जगह-जगह तैनात थी। नगर के तमाम मंदिरों में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने भगवान को जल और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नगर में शाम को भगवान शिव की जीवंत झांकी के साथ शिव बारात निकाली गई। जिसने पूरे शहर का भम्रण किया। नगर के फारेस्ट कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में श्ज्ञाम को महाप्रसादी का आयोजन हुआ।
- क्षेत्र भर में 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया गया। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों के सभी प्राचीन और ऐतिहासिक शिवालयों में जलाभिषेक के लिए सुबह 4 बजे से ही शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। पूजा-अर्चना का सिलसिला देर शाम 08 बजे तक जारी रहा। मंदिरों में भजन संध्या के भी आयोजन किए गए। क्षेत्र के सिद्ध धार्मिक स्थल भसियागढ़ महादेव खोली में इस वर्ष भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां पांच दिवसीय मेले की आज से शुरूआत भी हो गई। पहले दिन महादेव खोली में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुचें। भसियागढ़ में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस जगह-जगह तैनात थी। नगर के तमाम मंदिरों में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने भगवान को जल और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नगर में शाम को भगवान शिव की जीवंत झांकी के साथ शिव बारात निकाली गई। जिसने पूरे शहर का भम्रण किया। नगर के फारेस्ट कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में श्ज्ञाम को महाप्रसादी का आयोजन हुआ।1
- ग्राम झरिया में महाशिवरात्रि पर्व पर भव्य मेला का और कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य प्रशांत मेश्राम एवं खैरलांजी तहसील कार्यालय तहसीलदार मैडम छवि पंथ जी जनपद पंचायत खैरलांजी के अध्यक्ष आशु गुनाराम बघेले प्रतिनिधि भी शामिल हुए और उन्होंने इस कार्यक्रम में आस्था का परिचय देते हुए समस्त ग्राम वासियों बाहर से आए हुए श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई दी और उन्होंने कहा किया पर वह हिंदू सनातन धर्म को जगाने का कारण एवं इससे बहुत बड़ी प्रेरणा हमें मिलती है और हिंदुत्व को बढ़ाने का एक श्रद्धा का एकमात्र स्थान बताया और हिंदुत्व को भाईचारा एकता में ऐसे पर्व को मनाने का महत्वबताया1
- वारासिवनी । वारासिवनी क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव शंकर के भक्तों के लिए दुखदाई साबित हुआ। ग्राम कटंगझरी, रमरमा, नरोड़ी और कौलीवाड़ा मार्ग पर अलग-अलग हुए चार सडक़ हादसों में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। जानकारी अनुसार लालबर्रा क्षेत्र के ग्राम गणेशपुर निवासी राधेलाल कावरे 58 वर्ष बाईक से भगवान महादेव के दर्शन करने के लिए ग्राम रमरमा गये हुए थे । भगवान महादेव के दर्शनों के बाद वह अपनी बाईक से वापस लौट रहे थे, तभी ग्राम कटंगझरी के पेट्रोल पंप के पास वह सडक़ हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना के बाद घायल राधेलाल कावरे को 108 एम्बुलेंस की मदद से शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी लाया गया। जहॉ चिकित्सकों ने उसका परीक्षण करने उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरा हादसा ग्राम रमरमा में ही हुआ। जहॉ महादेव पहाड़ी पर महादेव के दर्शन करने के लिए गई 45 वर्षीय महिला गीता बारसागड़े को एक वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे महिला के पैर में गंभीर चोट आ गई। जिसे 108 एम्बुलेंस से शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी में लाया गया। जहॉ पर प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला चिकित्सालय बालाघाट भेज दिया गया। वहीं तीसरा हादसा ग्राम कौलीवाड़ा में हुआ। जहॉ दो बाईकों की आपस में टक्कर हो गयी, जिससे अभय चौरे 22 वर्ष एवं हीरालाल नेवारे 40 वर्ष घायल हो गए। घायल अभय को हाथ व सर तथा हीरालाल को पैर में चोट आने पर दोनों को शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी लाया गया। जहॉ डॉक्टर विक्रम शरणागत द्वारा दोनों का प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें उचित उपचार के लिए जिला चिकित्सालय बालाघाट भेज दिया गया। तीनों ही घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी अस्पताल लाया गया था। चौथा हादसा ग्राम डोरली के समीप हुआ। जहॉ पर अशोक सैययाम नामक युवक की बाईक अनियंत्रित होकर एक बुजुर्ग की सायकल से जा टकराई। घायल अशोक को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी वारासिवनी अध्यक्ष सुनील राणा, सरंडी निवासी उज्जवल, प्रज्जवल व कुलदीप गौतम ने अपने निजी वाहन से शासकीय चिकित्सालय वारासिवनी में लाकर भर्ती कराया। जहॉ पर परीक्षण के दौरान सिर पर गंभीर चोटे होने की वजह से घायल को जिला चिकित्सालय बालाघाट उचित उपचार के लिए भेज दिया गया है।1
- *बादलपार के शिव मंदिर में शिव महापुराण कथा एवं मेला कार्यक्रम का समापन* कुरई विकासखंड की ग्राम बादलपार में विगत 8 फरवरी से चल रही शिव महापुराण कथा एवं मेला कथा का समापन किया गया आज सुबह से ही पूजन अर्चन करने का मंदिर पर भक्तों का ताता लगा रहा एवं और पूजन अर्चन कर पूर्ण आहुति के साथ समापन किया गया एवं आज दोपहर 2:00 बजे से ग्राम के ही दुर्गा समिति एवं गणेश चौक गुड्डी मोहल्ला से विशाल गजा का शोभा यात्रा के साथ में हर हर महादेव की गूंज के साथ डीजे बज के साथ भारी विशाल संख्या में शिव मंदिर स्थल पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को त्रिशूल गजा भेट किया मंदिर प्रांगण में विशाल भंडारा का भी आयोजन किया गया।1
- Post by INDRAJEET SINGH DASHMER1
- देवाधिदेव महादेव के दिव्य पर्व महाशिवरात्रि पर रविवार को पूरा जिला शिवभक्ति में डूब गया। श्रद्धालुओं ने जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा व पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। वैनगंगा तट स्थित शंकरघाट मंदिर दिनभर आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। यहाँ अलसुबह से भक्तो की लंबी लम्बी कतारें लगी रहीं और भक्तों ने विधिविधान से पूजा अर्चना की,1
- 1️⃣ कान्हीवाड़ा PHC में इलाज के नाम पर लापरवाही? वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था की पोल 2️⃣ मरीज तड़पता रहा, स्टाफ बेपरवाह! सिवनी स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल 3️⃣ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना अव्यवस्था का अड्डा? वीडियो से मचा हड़कंप 4️⃣ कान्हीवाड़ा अस्पताल में कथित लापरवाही, जिम्मेदारों पर कब गिरेगी गाज? 5️⃣ इलाज में देरी या बड़ी चूक? वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य तंत्र को कटघरे में खड़ा किया 6️⃣ सरकारी अस्पताल की संवेदनहीनता उजागर! मरीज के परिजन लगाते रहे गुहार1
- शहर से सटी ग्राम पंचायत सेलवा के डोंगरू टोला में अज्ञात शरारती तत्व के द्वारा एक किसान के खेत में रखे पशु चारे को आग के हवाले करने की घटना प्रकाश में आई है। शरारती तत्व के द्वारा शनिवार की देर रात करीब साढ़े 11 बजे आगजनी की इस घटना को अंजाम दिया गया। जिससे किसान को लगभग 10 हजार रुपए आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने खेत की तरफ आग की लपटे उठती देखी जिसके बाद खेत की तरफ दौड़ लगा दी लेकिन संसाधनों के अभाव में आग बूझाने का कोई प्रयास नहीं किया जा सका और किसान के आंखों के सामने 15 मिनट के भीतर पूरा पशुचारा जलकर राख बन गया। रविवार की सुबह 10 बजे पीड़ित किसान ने थाने पहुंचकर आगजनी की लिखित में शिकायत दर्ज करवाई है। प्राप्त जानकारी अनुसार सेलवा निवासी भानु किशोर पिता झनकलाल देशमुख के खेत में रखे पशुचारा में शनिवार की रात्रि करीब साढ़े 11 बजे के आस-पास किसी अज्ञात शरारती तत्व ने आग लगा दी थी। स्थानीय ग्रामीणों ने दूर से ही आग की लपटे उठती देखी और सरपंच देवेन्द्र देशमुख और किसान को सूचना दी। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण खेत पहुंच गए। किसान ने रात्रि में ही डॉयल 112 के जरिए पुलिस को सूचना दी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची वहीं किसान को रविवार की सुबह थाना पहुंचकर लिखित शिकायत करने कहा। किसान ने रविवार को थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है। ग्रामीणों के मुताबिक कोई एक युवक इस घटना के बाद भागते हुए दिखाई दिया लेकिन अंधेरा होने की वजह से उसकी पहचान नहीं की जा सकी।1