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वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के धौरहरा-हरिहरपुर में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में समस्त मानवता का भविष्य केवल सनातन धर्म में ही सुरक्षित है। महाराज ने चेतावनी दी कि सनातन धर्म को समाप्त करने का कोई भी प्रयास समाज के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'दुःख की उपासना' को भी घातक बताया।
NEWS 2 INDIA (NTI)
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के धौरहरा-हरिहरपुर में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में समस्त मानवता का भविष्य केवल सनातन धर्म में ही सुरक्षित है। महाराज ने चेतावनी दी कि सनातन धर्म को समाप्त करने का कोई भी प्रयास समाज के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'दुःख की उपासना' को भी घातक बताया।
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- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम की दिव्य भूमि पर आयोजित सद्गुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव का समापन एक भव्य आध्यात्मिक उत्सव के रूप में हुआ। इस आयोजन को केवल एक धार्मिक कार्यक्रम न मानते हुए, इसे आत्मजागृति, मानवीय एकता और विचार-क्रांति का महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत बताया गया। महोत्सव से हजारों श्रद्धालु 'दीये से दीया जलाएं' का पावन संदेश लेकर अपने-अपने घरों को लौटे। समापन दिवस पर, संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने भाव-विभोर होकर मंच से उद्घोष किया कि "चलो दीप वहां जलाएं, जहां अभी अंधेरा है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब तक व्यक्ति अपने भीतर के अंधकार को नहीं समझता, तब तक बाहरी प्रकाश भी अधूरा है, और कबीर साहेब की वाणी हमें बाहर नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने का दृष्टिकोण प्रदान करती है। इसी अवसर पर, सद्गुरु आचार्य श्री स्वतंत्र देव जी महाराज ने विवेक, धैर्य, क्षमा और शांति को मानव के आभूषण के रूप में वर्णित करते हुए इन्हें व्यवहारिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने मानव-मानव के बीच परस्पर प्रेम और सद्भावना को अत्यंत आवश्यक बताया। महोत्सव के दौरान भीषण तपती दोपहरी में भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं देखी गई। प्रबंधन द्वारा शीतल जल की प्याऊ, पर्याप्त छाया व्यवस्था और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की उत्तम व्यवस्था की गई थी, जिसकी सभी श्रद्धालुओं ने खुले दिल से सराहना की। यह भव्य कबीर प्राकट्य महोत्सव हजारों श्रद्धालुओं को गहन प्रेरणा के साथ संपन्न हुआ।1
- वाराणसी में एक पारिवारिक विवाद के चलते एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना को लेकर अधिवक्ता की पत्नी ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का दावा है कि ससुराल पक्ष के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की, छेड़छाड़ की और लूटपाट की भी वारदात को अंजाम दिया।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के धौरहरा-हरिहरपुर में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिवस पर श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में समस्त मानवता का भविष्य केवल सनातन धर्म में ही सुरक्षित है। महाराज ने चेतावनी दी कि सनातन धर्म को समाप्त करने का कोई भी प्रयास समाज के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'दुःख की उपासना' को भी घातक बताया।1
- आज वाराणसी नगर निगम में मीट का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने नगर निगम के आदेश को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह 'हल्लाबोल' निगम द्वारा मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के निर्देश के विरोध में किया गया।1
- सुबह बनारस के अस्सी घाट पर कबीर के जीवन पर आधारित एक नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक का शीर्षक "कबीरा खड़ा बाजार में" है और इसके लेखक भीष्म साहनी हैं। इस प्रस्तुति के बाद, ₹10,000 की इनामी राशि की घोषणा की गई, साथ ही कलाकारों को अन्य स्थानों पर भी इस नाटक के मंचन के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जहाँ 29 जून की शाम अधिवक्ता प्रशांत कुमार चतुर्वेदी पर जानलेवा हमला किया गया। हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी पत्नी रोमी चतुर्वेदी ने ससुराल पक्ष के पाँच लोगों पर मारपीट, छेड़छाड़ तथा जेवर छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता रोमी चतुर्वेदी के अनुसार, उनके पति प्रशांत कुमार चतुर्वेदी के घर पहुँचते ही ससुर शेषनाथ चौबे, सास मनोरमा देवी, ननद प्रज्ञा चतुर्वेदी, अमित पाण्डेय और आनंद पाण्डेय ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया, जिससे अधिवक्ता बेहोश हो गए। रोमी चतुर्वेदी का आरोप है कि पति को बचाने के दौरान उनके साथ भी मारपीट और छेड़छाड़ की गई, साथ ही उनके गले से सोने की चेन और हाथ की अंगूठी भी छीन ली गई। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 और चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ से अधिवक्ता प्रशांत कुमार चतुर्वेदी की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। चौबेपुर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में पाँच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच की जा रही है, जिसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- वाराणसी में एक पारिवारिक विवाद के दौरान हिंसा का मामला सामने आया है, जिसमें एक अधिवक्ता पर हमला किया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1