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जमीन से सिर्फ 3 मीटर ऊपर... तभी हवा में भिड़े दो हेलीकॉप्टर! एवरेस्ट पर पहली ऐसी टक्कर, एक भारतीय की दर्दनाक मौत।" एवरेस्ट की वादियों में पहली बार दो हेलीकॉप्टरों की सीधी टक्कर लैंडिंग के वक्त बिगड़ा पायलटों का तालमेल, रोटर ब्लेड केबिन से टकराए; चेन्नई के यात्री की मौत, तीन घायल काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। नेपाल के सोलुखुम्बू जिले में स्थित फेरिचे हेलीपैड पर उतरते समय दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में चेन्नई निवासी भारतीय यात्री वसंत कुमार की मौत हो गई, जबकि दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलट और एक अन्य यात्री शैलेश कुमार पटेल घायल हो गए। नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हुई इस घटना को पहली मिड-एयर हेलीकॉप्टर टक्कर बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों हेलीकॉप्टर विपरीत दिशाओं से लैंडिंग के लिए आगे बढ़ रहे थे। जमीन से महज दो से तीन मीटर की ऊंचाई पर एक हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड दूसरे हेलीकॉप्टर के केबिन से टकरा गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि एक यात्री की जान चली गई। एटीसी कवरेज से बाहर है हेलीपैड हादसे का घटनास्थल फेरिचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह इलाका एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की नियमित कवरेज से बाहर है। ऐसे में यहां हेलीकॉप्टरों की आवाजाही के दौरान पायलटों को आपसी समन्वय और संचार के आधार पर लैंडिंग करनी पड़ती है। मंगलवार को दोनों हेलीकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से उतर रहे थे। इसी दौरान पायलटों के बीच तालमेल बिगड़ गया और लैंडिंग से ठीक पहले दोनों विमान एक-दूसरे से टकरा गए। शुरुआती जांच में पायलटों के समन्वय में चूक नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारी मुकेश डंगोल के मुताबिक, शुरुआती जांच में पायलटों के बीच समन्वय की कमी हादसे की प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। एवरेस्ट क्षेत्र में हेलीकॉप्टर पर्यटन, पर्वतारोहियों के बचाव और यात्रियों के परिवहन के लिए अहम साधन हैं। ऐसे में इस हादसे ने ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में हवाई सुरक्षा, संचार व्यवस्था और लैंडिंग के दौरान समन्वय को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

9 hrs ago
user_Sunil kumar
Sunil kumar
Citizen Reporter जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
9 hrs ago

जमीन से सिर्फ 3 मीटर ऊपर... तभी हवा में भिड़े दो हेलीकॉप्टर! एवरेस्ट पर पहली ऐसी टक्कर, एक भारतीय की दर्दनाक मौत।" एवरेस्ट की वादियों में पहली बार दो हेलीकॉप्टरों की सीधी टक्कर लैंडिंग के वक्त बिगड़ा पायलटों का तालमेल, रोटर ब्लेड केबिन से टकराए; चेन्नई के यात्री की मौत, तीन घायल काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। नेपाल के सोलुखुम्बू जिले में स्थित फेरिचे हेलीपैड पर उतरते समय दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में चेन्नई निवासी भारतीय यात्री वसंत कुमार की मौत हो गई, जबकि दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलट और एक अन्य यात्री शैलेश कुमार पटेल घायल हो गए। नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हुई इस घटना को पहली मिड-एयर हेलीकॉप्टर टक्कर बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों हेलीकॉप्टर विपरीत दिशाओं से लैंडिंग के लिए आगे बढ़ रहे थे। जमीन से महज दो से तीन मीटर की ऊंचाई पर एक हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड दूसरे हेलीकॉप्टर के केबिन से टकरा गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि एक यात्री की जान चली गई। एटीसी कवरेज से बाहर है हेलीपैड हादसे का घटनास्थल फेरिचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह इलाका एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की नियमित कवरेज से बाहर है। ऐसे में यहां हेलीकॉप्टरों की आवाजाही के दौरान पायलटों को आपसी समन्वय और संचार के आधार पर लैंडिंग करनी पड़ती है। मंगलवार को दोनों हेलीकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से उतर रहे थे। इसी दौरान पायलटों के बीच तालमेल बिगड़ गया और लैंडिंग से ठीक पहले दोनों विमान एक-दूसरे से टकरा गए। शुरुआती जांच में पायलटों के समन्वय में चूक नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारी मुकेश डंगोल के मुताबिक, शुरुआती जांच में पायलटों के बीच समन्वय की कमी हादसे की प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। एवरेस्ट क्षेत्र में हेलीकॉप्टर पर्यटन, पर्वतारोहियों के बचाव और यात्रियों के परिवहन के लिए अहम साधन हैं। ऐसे में इस हादसे ने ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में हवाई सुरक्षा, संचार व्यवस्था और लैंडिंग के दौरान समन्वय को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • नई शिक्षा नीति से बदलेगा आयुर्वेद विश्वविद्यालय का BNYS पाठ्यक्रम राजस्थान रिपोर्टर: दीपक सिंह निर्वाण जोधपुर, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में बीएनवाईएस (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज) प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अनुरूप संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में गठित विषयवार समितियों की बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।बैठक में कुलगुरु प्रो. शुक्ल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास, उद्यमिता, अनुसंधान एवं नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी तथा मूल्यपरक शिक्षा पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने पाठ्यक्रम को व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी और वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया।बैठक में विषयवार समितियों के सदस्यों ने अपने सुझाव एवं अकादमिक विचार प्रस्तुत किए। साथ ही संशोधित पाठ्यक्रम का प्रारंभिक प्रारूप कुलगुरु के समक्ष रखा गया। कुलगुरु प्रो. शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए NEP-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अंतिम प्रारूप शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि इसे आगामी अकादमिक काउंसिल की बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किया जा सके।बैठक में समिति के संयोजक एवं चारों विषयवार समितियों के अध्यक्ष प्रो. डॉ. गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. दिनेश चंद्र शर्मा, डॉ. चंद्रभान शर्मा तथा ऑनलाइन माध्यम से प्रो. सरोज कौशल उपस्थित रहे।समिति के सदस्य सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. दीक्षा जैन ने भी सहभागिता की। डॉ. सतीश ठाकुर, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. निकिता सीरवी एवं डॉ. दीपमाला ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। विश्वविद्यालय की NEP समन्वयक प्रो. मनीषा गोयल भी उपस्थित रहीं।विश्वविद्यालय का यह प्रयास बीएनवाईएस शिक्षा को नई शिक्षा नीति के अनुरूप अधिक गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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    नई शिक्षा नीति से बदलेगा आयुर्वेद विश्वविद्यालय का BNYS पाठ्यक्रम
राजस्थान
रिपोर्टर: दीपक सिंह निर्वाण
जोधपुर, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में बीएनवाईएस (बैचलर ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज) प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अनुरूप संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में गठित विषयवार समितियों की बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।बैठक में कुलगुरु प्रो. शुक्ल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल विकास, उद्यमिता, अनुसंधान एवं नवाचार, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी तथा मूल्यपरक शिक्षा पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने पाठ्यक्रम को व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी और वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया।बैठक में विषयवार समितियों के सदस्यों ने अपने सुझाव एवं अकादमिक विचार प्रस्तुत किए। साथ ही संशोधित पाठ्यक्रम का प्रारंभिक प्रारूप कुलगुरु के समक्ष रखा गया। कुलगुरु प्रो. शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए NEP-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अंतिम प्रारूप शीघ्र तैयार किया जाए, ताकि इसे आगामी अकादमिक काउंसिल की बैठक में विचारार्थ प्रस्तुत किया जा सके।बैठक में समिति के संयोजक एवं चारों विषयवार समितियों के अध्यक्ष प्रो. डॉ. गोविंद प्रसाद गुप्ता, प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. दिनेश चंद्र शर्मा, डॉ. चंद्रभान शर्मा तथा ऑनलाइन माध्यम से प्रो. सरोज कौशल उपस्थित रहे।समिति के सदस्य सचिव डॉ. राकेश गुप्ता के साथ डॉ. संजीव कुमार एवं डॉ. दीक्षा जैन ने भी सहभागिता की। डॉ. सतीश ठाकुर, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. निकिता सीरवी एवं डॉ. दीपमाला ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। विश्वविद्यालय की NEP समन्वयक प्रो. मनीषा गोयल भी उपस्थित रहीं।विश्वविद्यालय का यह प्रयास बीएनवाईएस शिक्षा को नई शिक्षा नीति के अनुरूप अधिक गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
    user_Deepak Singh Nirvan Nirvan
    Deepak Singh Nirvan Nirvan
    Media house जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • श्रीमती शीला देवी ने अपने पति श्री राजेंद्र लोल और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति मे पदभार ग्रहण किया। रिपोर्टर सुरेश कुमार शर्वा जोधपुर राजस्थान जोधपुर जिले की सीमा में बसा लांबा गांव अपनी कई खासियतों के लिए जाना जाता है। एक तरफ जहाँ यह गांव ट्रांसपोर्ट और ट्रक बिजनेस के मामले में पूरे क्षेत्र में अपनी धाक और दबंग पहचान रखता है, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण के प्रति यहाँ के लोगों का समर्पण इसे औरों से बिल्कुल अलग बनाता है। हाल ही में हुए चुनावों में ग्रामवासियों ने भारी उत्साह दिखाते हुए श्रीमती शीला देवी को अपनी नई सरपंच के रूप में चुना है। आज एक गरिमामयी समारोह के दौरान श्रीमती शीला देवी ने अपने पति श्री राजेंद्र लोल और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने गांव के विकास को गति देने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता पर रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्यारेलाल लाँबा जियाराम जी सारण और धाकड़ सारण सहित ग्राम के गणमान्य लोग मोजूद रहे।
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    श्रीमती शीला देवी ने अपने पति श्री राजेंद्र लोल और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति मे पदभार ग्रहण किया। 
रिपोर्टर
सुरेश कुमार शर्वा
जोधपुर राजस्थान
जोधपुर जिले की सीमा में बसा लांबा गांव अपनी कई खासियतों के लिए जाना जाता है। एक तरफ जहाँ यह गांव ट्रांसपोर्ट और ट्रक बिजनेस के मामले में पूरे क्षेत्र में अपनी धाक और दबंग पहचान रखता है, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण के प्रति यहाँ के लोगों का समर्पण इसे औरों से बिल्कुल अलग बनाता है। हाल ही में हुए चुनावों में ग्रामवासियों ने भारी उत्साह दिखाते हुए श्रीमती शीला देवी को अपनी नई सरपंच के रूप में चुना है। आज एक गरिमामयी समारोह के दौरान श्रीमती शीला देवी ने अपने पति श्री राजेंद्र लोल और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने गांव के विकास को गति देने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता पर रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्यारेलाल लाँबा जियाराम जी सारण और धाकड़ सारण सहित ग्राम के गणमान्य लोग मोजूद रहे।
    user_Suresh Kumar Sharwa
    Suresh Kumar Sharwa
    जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • जिला कलेक्टर डॉ रविन्द्र गौसवामी महोदयजी,पाली (राजस्थान) सरपंच चुनाव के वोटो की पुनः गिनती करवाने बाबत दिया लिखित में ज्ञापन। जिला कलेक्टर डॉ रविन्द्र गौसवामी महोदयजी,पाली (राजस्थान) सरपंच चुनाव के वोटो की पुनः गिनती करवाने बाबत दिया लिखित में ज्ञापन। पाली 4/11/2026,पाली जिला,बिसलपुर सरपंच उम्मीदवार हमारे यहां वोटो की गिनती में हेरा फेरी की गयी हैं वोटो की गिनती के बाद हम लोगो ने इलेक्शन टीम से कहां कि वोटो की गिनती हमारे सामने रख कर किजीये परन्तु उक्त टिम ने हमारी बातो को नजर अंदाज किया । यह हैं कि उक्त टिम के लोगो ने कहां हमारे तरिके से हीं गणना करेगें उसे हीं आप लोगो को मानना पडेगा एवं वोटो की गिनती हमारे से बहुत दुरी पर की गयी। तथा अंतिम परिणाम एक कागज पर लिखकर सब सरपंच एवं वार्ड पंच प्रत्याक्षीयो को सुनाया गया था एव हम लोगो से जबरन एवं दबाव देकर हस्ताक्षर करवाये गये थे । यह हैं कि इसलिए हम सरपंच प्रत्याक्षी की आपसे न्याय दिलाने की गुहार करते हैं । उक्त जीतने वाले प्रत्याक्षी ने लोकतंत्र की भी हत्या की व रूपये, शराब बांटकर लोगो को गुमराह कियागया है जिसका विडियो हमारे परा मौजुद हैं इस हेतु मेरे द्वारा पुलिस को फोन किया गया था लेकिन पुलिस नहीं आई थी। जीतने वाले प्रत्याक्षी ने कहां कि 10 लाख रू में बुथ खरीदने की बात सामने आई हैं अतः में भी एक लाख इक्कीस हजार रू टीम को बख्शीश दिया गया हैं इसलिए हमारा पुरा गांव आकोशित हैं हमारी कार्यवाहीनहीं हुई तो पुरा गांव आंदोलन करेगें इसलिए उक्त वोटो की गिनती वापिस करवाई जावे । अतः आप श्रीमान्जी को प्रार्थना पत्र पेश कर निवेदन हैं कि उक्त वोटो की गिनती वापिस करवाये जाने के आदेश प्रदान करावे ताकि वास्तिविक स्थिति का पता चल सके । इति दिनांक 04.11.2026 घरमाराम ह० प्रार्थी धर्माराम पुत्र चैनारामजी देवासी नि.बिसलपुर तह. बाली जिला पाली । मो.नं. 8696700441
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    जिला कलेक्टर डॉ रविन्द्र गौसवामी महोदयजी,पाली (राजस्थान)
सरपंच चुनाव के वोटो की पुनः गिनती करवाने बाबत दिया लिखित में ज्ञापन।
जिला कलेक्टर डॉ रविन्द्र गौसवामी महोदयजी,पाली (राजस्थान)
सरपंच चुनाव के वोटो की पुनः गिनती करवाने बाबत दिया लिखित में ज्ञापन।
पाली 4/11/2026,पाली जिला,बिसलपुर सरपंच उम्मीदवार हमारे यहां वोटो की गिनती में हेरा फेरी की गयी हैं वोटो की गिनती के बाद हम लोगो ने इलेक्शन टीम से कहां कि वोटो की गिनती हमारे सामने रख कर किजीये परन्तु उक्त टिम ने हमारी बातो को नजर अंदाज किया ।
यह हैं कि उक्त टिम के लोगो ने कहां हमारे तरिके से हीं गणना करेगें उसे हीं आप लोगो को मानना पडेगा एवं वोटो की गिनती हमारे से बहुत दुरी पर की गयी। तथा अंतिम परिणाम एक कागज पर लिखकर सब सरपंच एवं वार्ड पंच प्रत्याक्षीयो को सुनाया गया था एव हम लोगो से जबरन एवं दबाव देकर हस्ताक्षर करवाये गये थे ।
यह हैं कि इसलिए हम सरपंच प्रत्याक्षी की आपसे न्याय दिलाने की गुहार करते हैं । उक्त जीतने वाले प्रत्याक्षी ने लोकतंत्र की भी हत्या की व रूपये, शराब बांटकर लोगो को गुमराह कियागया है जिसका विडियो हमारे परा मौजुद हैं इस हेतु मेरे द्वारा पुलिस को फोन किया गया था लेकिन पुलिस नहीं आई थी। जीतने वाले प्रत्याक्षी ने कहां कि 10 लाख रू में बुथ खरीदने की बात सामने आई हैं अतः में भी एक लाख इक्कीस हजार रू टीम को बख्शीश दिया गया हैं इसलिए हमारा पुरा गांव आकोशित हैं हमारी कार्यवाहीनहीं हुई तो पुरा गांव आंदोलन करेगें इसलिए उक्त वोटो की गिनती वापिस करवाई जावे ।
अतः आप श्रीमान्जी को प्रार्थना पत्र पेश कर निवेदन हैं कि उक्त वोटो की गिनती वापिस करवाये जाने के आदेश प्रदान करावे ताकि वास्तिविक स्थिति का पता चल सके ।
इति दिनांक 04.11.2026
घरमाराम ह० प्रार्थी
धर्माराम पुत्र चैनारामजी देवासी
नि.बिसलपुर तह. बाली जिला पाली ।
मो.नं. 8696700441
    user_CHHAGANLAL BHARDWAJ
    CHHAGANLAL BHARDWAJ
    पाली, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • ज्ञानेश कुमार ने टेके घुटने अपने दानो साथी के बिना ही .. मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने मन मर्जी से जो फोरम 6 के अंदर बदला था के आपके दादा दादी नाना नानी माँ बाप ने 2003,2002 के अंदर वोट डाला हो तो बतायें जबकी ज्ञानेश कुमार ने यह कहा था के सुप्रीम कोर्ट के बाद ये काम करा गया सुप्रीम का झूठा नाम लिया गया था फिर सुप्रीम कोर्ट ने साफ-सुथरा कहा, हमने कोई ऐसा नहीं कहा, आज के तारीख में मैंने घुटन टेक दिया इस्तेफा का डर फिर जेल जेन का खौफ दिखा ज्ञानेश कुमार को जो काम पहले करना था वह इज्जत खोने के बाद करा
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    ज्ञानेश कुमार ने टेके घुटने अपने दानो साथी के बिना ही ..
मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने मन मर्जी से जो फोरम 6 के अंदर बदला था के आपके दादा दादी नाना नानी माँ बाप ने 2003,2002 के अंदर वोट डाला हो तो बतायें जबकी ज्ञानेश कुमार ने यह कहा था के सुप्रीम कोर्ट के बाद ये काम करा गया सुप्रीम का झूठा नाम लिया गया था फिर सुप्रीम कोर्ट ने साफ-सुथरा कहा, हमने कोई ऐसा नहीं कहा, आज के तारीख में मैंने घुटन टेक दिया इस्तेफा का डर  फिर जेल जेन का खौफ दिखा ज्ञानेश कुमार को जो काम पहले करना था वह इज्जत खोने के बाद करा
    user_Moh. Sajid
    Moh. Sajid
    Voice of people पाली, पाली, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by District.reporter.babulaljogaw
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    Post by District.reporter.babulaljogaw
    user_District.reporter.babulaljogaw
    District.reporter.babulaljogaw
    Farmer पाली, पाली, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • 28 वर्षों की सैन्य सेवा के बाद सिरियारी पहुंचे सैनिक फारूक मोहम्मद, ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा के साथ किया भव्य स्वागत पुष्प वर्षा कर निकाला जुलूस, माला और साफा पहनाकर किया सम्मानित मारवाड़ जंक्शन (पाली)। भारतीय सेना के इंटेलिजेंस कॉर्प्स में 28 वर्षों तक गौरवशाली, समर्पित एवं अनुकरणीय सेवाएं देने के बाद सिरियारी निवासी सैनिक फारूक मोहम्मद सेवानिवृत्त होकर अपने गांव पहुंचे। उनके गांव आगमन पर ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर तथा पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। सिरियारी गांव के बस स्टैंड पर ग्रामीणों ने फारूक मोहम्मद का माला और साफा पहनाकर सम्मान किया। इसके बाद पूरे गांव में जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया और देश की 28 वर्षों तक सेवा करने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि फारूक मोहम्मद ने भारतीय सेना में 28 वर्षों तक सेवाएं देकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी समर्पित देश सेवा और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ी के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। ग्रामीणों ने उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर सरपंच प्रवीण शर्मा, पूर्व उपसरपंच अल्लाह बक्ष पठान, स्माइल पठान, चेलादास वैष्णव, उदय सिंह, होनाराम माली, भगत सिंह, नरेंद्र कुमार, असलम पठान, रिखबचंद जैन, मुकेश सेन, अरविंद वेद, भंवर सिंह सोनीगरा, श्रवण कुमार, धर्मेंद्र सिंह,सूरज शर्मा, मुराद हुसैन, अनार खां, सुरेश सरगरा, पिंटू, जगदीश प्रसाद वेद, रामसिंह, माणकचंद, लक्ष्मण सिसोदिया, सोहन सिसोदिया, यूसुफ, नारायण सिंह, सुरेश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    28 वर्षों की सैन्य सेवा के बाद सिरियारी पहुंचे सैनिक फारूक मोहम्मद, ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा के साथ किया भव्य स्वागत
पुष्प वर्षा कर निकाला जुलूस, माला और साफा पहनाकर किया सम्मानित
मारवाड़ जंक्शन (पाली)।
भारतीय सेना के इंटेलिजेंस कॉर्प्स में 28 वर्षों तक गौरवशाली, समर्पित एवं अनुकरणीय सेवाएं देने के बाद सिरियारी निवासी सैनिक फारूक मोहम्मद सेवानिवृत्त होकर अपने गांव पहुंचे। उनके गांव आगमन पर ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर तथा पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
सिरियारी गांव के बस स्टैंड पर ग्रामीणों ने फारूक मोहम्मद का माला और साफा पहनाकर सम्मान किया। इसके बाद पूरे गांव में जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया और देश की 28 वर्षों तक सेवा करने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि फारूक मोहम्मद ने भारतीय सेना में 28 वर्षों तक सेवाएं देकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी समर्पित देश सेवा और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ी के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। ग्रामीणों ने उनके सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर सरपंच प्रवीण शर्मा, पूर्व उपसरपंच अल्लाह बक्ष पठान, स्माइल पठान, चेलादास वैष्णव, उदय सिंह, होनाराम माली, भगत सिंह, नरेंद्र कुमार, असलम पठान, रिखबचंद जैन, मुकेश सेन, अरविंद वेद, भंवर सिंह सोनीगरा, श्रवण कुमार, धर्मेंद्र सिंह,सूरज शर्मा, मुराद हुसैन, अनार खां, सुरेश सरगरा, पिंटू, जगदीश प्रसाद वेद, रामसिंह, माणकचंद, लक्ष्मण सिसोदिया, सोहन सिसोदिया, यूसुफ, नारायण सिंह, सुरेश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_Dilip singh
    Dilip singh
    मारवाड़ जंक्शन, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • बयानबाजी बनाम जनहित! मुख्यमंत्री पर मनीषा का बड़ा हमला! गहलोत से इतनी परेशानी क्यों? मुख्यमंत्री अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं, बयान से झलकता है राजनीतिक दिवालियापन : मनीषा पंवार पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना, बोलीं- गहलोत पर टिप्पणी करने के बजाय जनता के सवालों का दें जवाब जोधपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जोधपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासत गरमा गई है। जोधपुर शहर की पूर्व विधायक मनीषा पंवार ने मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तीखा पलटवार किया है। पंवार ने कहा कि रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा पाने की संगठनात्मक विफलता की खीझ मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निकाल रहे हैं। मुख्यमंत्री का बयान उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और उनके बयान से राजनीतिक मानसिक दिवालियापन झलकता है। अपनी सरकार और संगठन की विफलताओं से हताश मुख्यमंत्री को अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अनर्गल टिप्पणियां करने के अलावा कुछ सूझ नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में जनता के हित में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके कार्यों से प्रेरणा लेते। पूर्व मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने के बजाय मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब देना चाहिए। पंवार ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभ और सुविधाओं में कटौती क्यों की गई, सरकार इसका जवाब दे। योजना के तहत मिलने वाली जांच सुविधाओं में कमी को लेकर भी सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय योजनाओं के लाभ सीमित करना सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने किसानों की समस्याओं पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को फसल बीमा का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा है। किसान अपनी फसल और मेहनत को लेकर चिंतित हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कदम उठाने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा की स्थिति पर चिंता जताते हुए पंवार ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। खेती-किसानी के अतिरिक्त समय में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली यह योजना गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों के चलते इसे कमजोर किया जा रहा है। इसका सीधा असर ग्रामीण मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ रहा है। पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री को विपक्षी नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के बजाय किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। जनता सरकार के कामकाज और नीतियों का आकलन कर रही है। आने वाले पंचायत चुनावों में ग्रामीण जनता भाजपा सरकार को उसकी नीतियों और कार्यशैली का जवाब देगी।
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    बयानबाजी बनाम जनहित!
मुख्यमंत्री पर मनीषा का बड़ा हमला!
गहलोत से इतनी परेशानी क्यों?
मुख्यमंत्री अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं, बयान से झलकता है राजनीतिक दिवालियापन : मनीषा पंवार
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना, बोलीं- गहलोत पर टिप्पणी करने के बजाय जनता के सवालों का दें जवाब
जोधपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जोधपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासत गरमा गई है। जोधपुर शहर की पूर्व विधायक मनीषा पंवार ने मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तीखा पलटवार किया है।
पंवार ने कहा कि रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटा पाने की संगठनात्मक विफलता की खीझ मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निकाल रहे हैं। मुख्यमंत्री का बयान उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और उनके बयान से राजनीतिक मानसिक दिवालियापन झलकता है। अपनी सरकार और संगठन की विफलताओं से हताश मुख्यमंत्री को अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अनर्गल टिप्पणियां करने के अलावा कुछ सूझ नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में जनता के हित में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके कार्यों से प्रेरणा लेते। पूर्व मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने के बजाय मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब देना चाहिए।
पंवार ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभ और सुविधाओं में कटौती क्यों की गई, सरकार इसका जवाब दे। योजना के तहत मिलने वाली जांच सुविधाओं में कमी को लेकर भी सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय योजनाओं के लाभ सीमित करना सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने किसानों की समस्याओं पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को फसल बीमा का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा है। किसान अपनी फसल और मेहनत को लेकर चिंतित हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कदम उठाने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा की स्थिति पर चिंता जताते हुए पंवार ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। खेती-किसानी के अतिरिक्त समय में ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली यह योजना गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है, लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों के चलते इसे कमजोर किया जा रहा है। इसका सीधा असर ग्रामीण मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ रहा है।
पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री को विपक्षी नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के बजाय किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। जनता सरकार के कामकाज और नीतियों का आकलन कर रही है। आने वाले पंचायत चुनावों में ग्रामीण जनता भाजपा सरकार को उसकी नीतियों और कार्यशैली का जवाब देगी।
    user_Sunil kumar
    Sunil kumar
    Citizen Reporter जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • जमीन से सिर्फ 3 मीटर ऊपर... तभी हवा में भिड़े दो हेलीकॉप्टर! एवरेस्ट पर पहली ऐसी टक्कर, एक भारतीय की दर्दनाक मौत।" एवरेस्ट की वादियों में पहली बार दो हेलीकॉप्टरों की सीधी टक्कर लैंडिंग के वक्त बिगड़ा पायलटों का तालमेल, रोटर ब्लेड केबिन से टकराए; चेन्नई के यात्री की मौत, तीन घायल काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। नेपाल के सोलुखुम्बू जिले में स्थित फेरिचे हेलीपैड पर उतरते समय दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में चेन्नई निवासी भारतीय यात्री वसंत कुमार की मौत हो गई, जबकि दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलट और एक अन्य यात्री शैलेश कुमार पटेल घायल हो गए। नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हुई इस घटना को पहली मिड-एयर हेलीकॉप्टर टक्कर बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों हेलीकॉप्टर विपरीत दिशाओं से लैंडिंग के लिए आगे बढ़ रहे थे। जमीन से महज दो से तीन मीटर की ऊंचाई पर एक हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड दूसरे हेलीकॉप्टर के केबिन से टकरा गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि एक यात्री की जान चली गई। एटीसी कवरेज से बाहर है हेलीपैड हादसे का घटनास्थल फेरिचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह इलाका एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की नियमित कवरेज से बाहर है। ऐसे में यहां हेलीकॉप्टरों की आवाजाही के दौरान पायलटों को आपसी समन्वय और संचार के आधार पर लैंडिंग करनी पड़ती है। मंगलवार को दोनों हेलीकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से उतर रहे थे। इसी दौरान पायलटों के बीच तालमेल बिगड़ गया और लैंडिंग से ठीक पहले दोनों विमान एक-दूसरे से टकरा गए। शुरुआती जांच में पायलटों के समन्वय में चूक नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारी मुकेश डंगोल के मुताबिक, शुरुआती जांच में पायलटों के बीच समन्वय की कमी हादसे की प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। एवरेस्ट क्षेत्र में हेलीकॉप्टर पर्यटन, पर्वतारोहियों के बचाव और यात्रियों के परिवहन के लिए अहम साधन हैं। ऐसे में इस हादसे ने ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में हवाई सुरक्षा, संचार व्यवस्था और लैंडिंग के दौरान समन्वय को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    जमीन से सिर्फ 3 मीटर ऊपर... तभी हवा में भिड़े दो हेलीकॉप्टर! एवरेस्ट पर पहली ऐसी टक्कर, एक भारतीय की दर्दनाक मौत।"
एवरेस्ट की वादियों में पहली बार दो हेलीकॉप्टरों की सीधी टक्कर
लैंडिंग के वक्त बिगड़ा पायलटों का तालमेल, रोटर ब्लेड केबिन से टकराए; चेन्नई के यात्री की मौत, तीन घायल
काठमांडू। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। नेपाल के सोलुखुम्बू जिले में स्थित फेरिचे हेलीपैड पर उतरते समय दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में चेन्नई निवासी भारतीय यात्री वसंत कुमार की मौत हो गई, जबकि दोनों हेलीकॉप्टरों के पायलट और एक अन्य यात्री शैलेश कुमार पटेल घायल हो गए।
नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में हुई इस घटना को पहली मिड-एयर हेलीकॉप्टर टक्कर बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों हेलीकॉप्टर विपरीत दिशाओं से लैंडिंग के लिए आगे बढ़ रहे थे। जमीन से महज दो से तीन मीटर की ऊंचाई पर एक हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड दूसरे हेलीकॉप्टर के केबिन से टकरा गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि एक यात्री की जान चली गई।
एटीसी कवरेज से बाहर है हेलीपैड
हादसे का घटनास्थल फेरिचे हेलीपैड समुद्र तल से करीब 4,371 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह इलाका एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) की नियमित कवरेज से बाहर है। ऐसे में यहां हेलीकॉप्टरों की आवाजाही के दौरान पायलटों को आपसी समन्वय और संचार के आधार पर लैंडिंग करनी पड़ती है।
मंगलवार को दोनों हेलीकॉप्टर अलग-अलग दिशाओं से उतर रहे थे। इसी दौरान पायलटों के बीच तालमेल बिगड़ गया और लैंडिंग से ठीक पहले दोनों विमान एक-दूसरे से टकरा गए।
शुरुआती जांच में पायलटों के समन्वय में चूक
नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारी मुकेश डंगोल के मुताबिक, शुरुआती जांच में पायलटों के बीच समन्वय की कमी हादसे की प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
एवरेस्ट क्षेत्र में हेलीकॉप्टर पर्यटन, पर्वतारोहियों के बचाव और यात्रियों के परिवहन के लिए अहम साधन हैं। ऐसे में इस हादसे ने ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में हवाई सुरक्षा, संचार व्यवस्था और लैंडिंग के दौरान समन्वय को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Sunil kumar
    Sunil kumar
    Citizen Reporter जोधपुर, जोधपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
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