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MD ANISH KURAISHI
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जालौन जिले की कालपी तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 145 शिकायतें दर्ज की गईं। इस अवसर पर, जिलाधिकारी (डीएम) राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में, मौके पर ही 28 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, शेष कई शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए।1
- जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों, मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न हूटर और फाल्टी नंबर प्लेट का उपयोग करने वालों, तथा विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके लिए यातायात पुलिस और थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इसी क्रम में यातायात पुलिस, थाना पुलिस बल और परिवहन विभाग ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से चालकों की गहन जांच की। इस विशेष अभियान के परिणामस्वरूप, कुल 164 वाहनों का चालान किया गया और उनसे तेरह लाख पचानवें हजार रुपए का सम्मन शुल्क वसूला गया। अभियान के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पाए गए चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई। यह सख्त कार्यवाही यातायात और थाना पुलिस द्वारा संयुक्त टीम बनाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा थी।1
- कानपुर देहात के डेरापुर स्थित तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण अपेक्षाकृत फीका रहा। सामान्य दिनों के विपरीत, इस बार न्यायिक कार्य से अधिवक्ताओं के विरत रहने के चलते फरियादियों की संख्या कम रही और उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। तहसील में आने वाले अधिकांश लोग अपनी शिकायतों और समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र अधिवक्ताओं या उनके मुंशियों की सहायता से तैयार कराते हैं, लेकिन हड़ताल के चलते प्रार्थना पत्र लिखने वाले अधिकांश लोग अनुपस्थित रहे। इस स्थिति के कारण दूर-दराज से आए ग्रामीणों को काफी दिक्कत हुई, और कई फरियादी तहसील परिसर में प्रार्थना पत्र लिखवाने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कुछ लोगों ने अपने परिचितों और अन्य व्यक्तियों की मदद से किसी तरह अपनी शिकायतें लिखवाकर अधिकारियों को सौंपीं। हड़ताल का असर तहसील परिसर की गतिविधियों पर स्पष्ट रूप से दिखा, जहां चहल-पहल कम रही और कई फरियादी बिना शिकायत दर्ज कराए ही वापस लौट गए। फरियादियों ने वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर अपनी परेशानी जाहिर की। हालांकि, संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन नियत समय पर हुआ और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। इसके बावजूद, अधिवक्ताओं की हड़ताल ने पूरे आयोजन की अपेक्षित रौनक को कम कर दिया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- शासन के निर्देशों के अनुपालन में, कानपुर देहात के रूरा क्षेत्र स्थित डेरापुर तहसील में शनिवार को जिला स्तरीय तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। एडीएम दुष्यंत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनकी कुल संख्या 113 थी। हालांकि, इनमें से मौके पर केवल तीन शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका। इस समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य जन शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना और जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना था। एडीएम ने सभी शिकायतों को बारी-बारी से सुना और अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। विशेष रूप से, राजस्व एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों में उन्होंने प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम को तत्काल मौके पर जाकर वस्तुस्थिति देखने और समाधान करने का निर्देश दिया। यह भी कहा गया कि यदि समाधान संभव न हो तो स्पष्ट रिपोर्ट अंकित कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाए, ताकि प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। एडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्ता व पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आईजीआरएस, तहसील दिवस, माननीय जनप्रतिनिधियों के संदर्भ तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि प्राप्त की जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करने, शिकायतकर्ताओं से मधुर व्यवहार रखने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने का भी निर्देश दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम, सीओ डेरापुर, बीडीओ संजू सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव और राजस्व व जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पत्रावलियाँ श्रेणीबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संरक्षित की जाएँ ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हों। उन्होंने नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की भी समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जाँच की और निर्देश दिए कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह दोहराते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- पुलिस अधीक्षक (एसपी) के निर्देश पर जालौन शहर में कोतवाली पुलिस ने एक सघन पैदल गश्त अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, कोतवाली पुलिस ने बाजारों, धार्मिक स्थलों और रेलवे स्टेशन का जायजा लिया। पुलिस ने शहर में हुड़दंग मचाने वाले और अराजक तत्वों को सीधे तौर पर अल्टीमेटम जारी किया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को माती पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में एक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की उपस्थिति विशेष रही। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing (योगा फॉर हेल्दी एजिंग)” निर्धारित की गई थी, जिसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि योग के ज़रिए स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवनशैली अपनाई जाए तथा बढ़ती आयु में भी शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जाए। योगाभ्यास के दौरान यह बताया गया कि योग से शरीर, मन एवं आत्मा को संतुलित किया जा सकता है, जो न केवल शारीरिक लचीलेपन और आत्मबल में वृद्धि करता है, बल्कि मानसिक अनुशासन और शांति भी प्रदान करता है।1
- उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की डेरापुर उपशाखा ने लेखपालों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 अप्रैल, 2026 को हुई एक बैठक में लेखपालों ने कार्यभार और संसाधनों से संबंधित कई मुद्दे उठाए थे, जिसके संबंध में 22 अप्रैल को भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पाया है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि डेरापुर तहसील में 52 लेखपाल क्षेत्रों के मुकाबले मात्र 23 लेखपाल ही कार्यरत हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक लेखपाल को दो-दो सर्किलों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है। इस अत्यधिक कार्यभार के साथ-साथ, लेखपालों पर आईजीआरएस, तहसील दिवस, फार्मर रजिस्ट्री, एग्रीस्टेक, फैमिली आईडी, वरासत, तथा आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक राजस्व कार्यों का अतिरिक्त दबाव भी बना हुआ है। संघ ने चिंता व्यक्त की है कि लेखपालों की इस कमी के कारण समयबद्ध कार्यों का निस्तारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों पर अत्यधिक मानसिक एवं शारीरिक दबाव पड़ रहा है। संघ ने प्रशासन से मांग की है कि रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएं, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और लेखपालों का कार्यभार कम किया जाए। यह ज्ञापन तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें प्रशासन से इन सभी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आग्रह किया गया है।1