उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।
- सिकंदरा कस्बे के गांधी नगर निवासी मोहम्मद रियाज ने शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एक सार्वजनिक मार्ग पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में उक्त मार्ग पर खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने उसी सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि मार्ग पर दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहम्मद रियाज नामक व्यक्ति ने जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि कस्बे के गांधी नगर स्थित यह मार्ग नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क के रूप में निर्मित कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने इस सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने मार्ग पर एक दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।3
- मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र की मीरा कॉलोनी में 20 जून 2026 को हुए एक जमीनी विवाद में सेनापति कुंतल नामक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने कोयला अलीपुर कट के पास दबिश दी। इस दौरान, आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपी योगेंद्र पहलवान दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया। उसका साथी समय सिंह को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार, लोहे की सरिया, दो अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। घायल आरोपी योगेंद्र पहलवान को पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1
- कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा स्थित आश्रम से भागकर भोगनीपुर थाने पहुंची औरैया जनपद के फफूंद क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। महिला ने चर्चित 'बोतल बाबा' उर्फ हरिओम यादव और उसके एक शिष्य पर दुष्कर्म का प्रयास करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। अपनी तहरीर में, महिला ने आरोप लगाया कि आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। साथ ही उसने अपने दो देवरों और बाबा के कुछ शिष्यों पर मारपीट करने तथा गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। देवराहट थाना प्रभारी सौरभ राणा ने जानकारी दी कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने जल्लापुर मोड़ के पास से चैन का पुरवा निवासी हरिओम यादव उर्फ 'बोतल बाबा' और उसके शिष्य दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपते हुए भाग रहे थे। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि औरैया जनपद की महिला की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और बाद में पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।1
- औरैया में व्यापारियों, गल्ला मंडी और सब्जी मंडी के आढ़तियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) की औरैया जिला इकाई के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान, व्यापारियों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति औरैया के सचिव के माध्यम से मंडी निदेशक, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लाइसेंस नवीकरण की जटिल प्रक्रिया, ऑनलाइन पोर्टल में मौजूद खामियां, नई एप व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतें, मंडी परिसर की खराब सफाई व्यवस्था और दुकानों के किराए में अचानक की गई वृद्धि सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। इस मौके पर, जिला अध्यक्ष बबलू बाजपेयी ने जोर देकर कहा कि पहले संगठन के व्यापारियों के साथ बातचीत करके ही निर्णय लिए जाते थे, लेकिन इस बार बिना किसी पूर्व चर्चा या विश्वास में लिए निर्णय व्यापारियों पर थोपे गए हैं, जिसका संगठन पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान अमर विश्नोई, रविशंकर शुक्ला, भानू राजपूत, आरती नंदन तिवारी, दीपक सोनी, शिवाकांत पाठक, विजय मिश्रा, मयंक शुक्ला, विवेक तिवारी और रितेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।2
- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्फ फैक्ट्री में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस रिसने के कारण आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस घटना की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए गैस रिसाव पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू कर दिए, वहीं पुलिस ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसपास के क्षेत्र को खाली कराया। पुलिस और दमकल टीम द्वारा समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई से स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा हादसा टल गया।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। पड़ोस की महिला गायत्री और उसके देवर नवनीत ने मिलकर किशोरी को कोल्ड ड्रिंक में शराब पिलाकर उसके साथ गलत हरकत की। यह घटना बीते गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे हुई थी। किशोरी अपनी नानी के घर आई हुई थी, तभी आरोपी गायत्री उसे बहाने से अपने घर बुला ले गई। वहां दोनों आरोपियों ने किशोरी को शराब पिलाई और नवनीत ने उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। किशोरी के चिल्लाने पर उसकी मामी मौके पर पहुंची और उसे बचाकर अपने साथ ले गई। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उनके बीच अवैध संबंध थे। गायत्री के गर्भवती होने के कारण उनके सामान्य संबंध नहीं बन पा रहे थे, जिसके चलते नवनीत की हवस मिटाने के लिए गायत्री ने नाबालिग किशोरी को निशाना बनाने की साजिश रची। किशोरी की नानी की तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक ने शनिवार शाम 4 बजे बताया कि दोनों आरोपियों को महोई टेंपो स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।1