कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा स्थित आश्रम से भागकर भोगनीपुर थाने पहुंची औरैया जनपद के फफूंद क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। महिला ने चर्चित 'बोतल बाबा' उर्फ हरिओम यादव और उसके एक शिष्य पर दुष्कर्म का प्रयास करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। अपनी तहरीर में, महिला ने आरोप लगाया कि आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। साथ ही उसने अपने दो देवरों और बाबा के कुछ शिष्यों पर मारपीट करने तथा गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। देवराहट थाना प्रभारी सौरभ राणा ने जानकारी दी कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने जल्लापुर मोड़ के पास से चैन का पुरवा निवासी हरिओम यादव उर्फ 'बोतल बाबा' और उसके शिष्य दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपते हुए भाग रहे थे। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि औरैया जनपद की महिला की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और बाद में पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा स्थित आश्रम से भागकर भोगनीपुर थाने पहुंची औरैया जनपद के फफूंद क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। महिला ने चर्चित 'बोतल बाबा' उर्फ हरिओम यादव और उसके एक शिष्य पर दुष्कर्म का प्रयास करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। अपनी तहरीर में, महिला ने आरोप लगाया कि आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। साथ ही उसने अपने दो देवरों और बाबा के कुछ शिष्यों पर मारपीट करने तथा गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। देवराहट थाना प्रभारी सौरभ राणा ने जानकारी दी कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने जल्लापुर मोड़ के पास से चैन का पुरवा निवासी हरिओम यादव उर्फ 'बोतल बाबा' और उसके शिष्य दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपते हुए भाग रहे थे। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि औरैया जनपद की महिला की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और बाद में पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
- कानपुर देहात के देवराहट थाना क्षेत्र के चैन का पुरवा स्थित आश्रम से भागकर भोगनीपुर थाने पहुंची औरैया जनपद के फफूंद क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है। महिला ने चर्चित 'बोतल बाबा' उर्फ हरिओम यादव और उसके एक शिष्य पर दुष्कर्म का प्रयास करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। अपनी तहरीर में, महिला ने आरोप लगाया कि आश्रम में उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। साथ ही उसने अपने दो देवरों और बाबा के कुछ शिष्यों पर मारपीट करने तथा गला दबाकर जान से मारने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। देवराहट थाना प्रभारी सौरभ राणा ने जानकारी दी कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने जल्लापुर मोड़ के पास से चैन का पुरवा निवासी हरिओम यादव उर्फ 'बोतल बाबा' और उसके शिष्य दीपक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपते हुए भाग रहे थे। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि औरैया जनपद की महिला की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और बाद में पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।1
- कानपुर देहात के डेरापुर स्थित तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण अपेक्षाकृत फीका रहा। सामान्य दिनों के विपरीत, इस बार न्यायिक कार्य से अधिवक्ताओं के विरत रहने के चलते फरियादियों की संख्या कम रही और उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। तहसील में आने वाले अधिकांश लोग अपनी शिकायतों और समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र अधिवक्ताओं या उनके मुंशियों की सहायता से तैयार कराते हैं, लेकिन हड़ताल के चलते प्रार्थना पत्र लिखने वाले अधिकांश लोग अनुपस्थित रहे। इस स्थिति के कारण दूर-दराज से आए ग्रामीणों को काफी दिक्कत हुई, और कई फरियादी तहसील परिसर में प्रार्थना पत्र लिखवाने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कुछ लोगों ने अपने परिचितों और अन्य व्यक्तियों की मदद से किसी तरह अपनी शिकायतें लिखवाकर अधिकारियों को सौंपीं। हड़ताल का असर तहसील परिसर की गतिविधियों पर स्पष्ट रूप से दिखा, जहां चहल-पहल कम रही और कई फरियादी बिना शिकायत दर्ज कराए ही वापस लौट गए। फरियादियों ने वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर अपनी परेशानी जाहिर की। हालांकि, संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन नियत समय पर हुआ और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। इसके बावजूद, अधिवक्ताओं की हड़ताल ने पूरे आयोजन की अपेक्षित रौनक को कम कर दिया।1
- शासन के निर्देशों के अनुपालन में, कानपुर देहात के रूरा क्षेत्र स्थित डेरापुर तहसील में शनिवार को जिला स्तरीय तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। एडीएम दुष्यंत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनकी कुल संख्या 113 थी। हालांकि, इनमें से मौके पर केवल तीन शिकायतों का ही निस्तारण किया जा सका। इस समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य जन शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना और जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाना था। एडीएम ने सभी शिकायतों को बारी-बारी से सुना और अधिकारियों को उनके त्वरित, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। विशेष रूप से, राजस्व एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों में उन्होंने प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम को तत्काल मौके पर जाकर वस्तुस्थिति देखने और समाधान करने का निर्देश दिया। यह भी कहा गया कि यदि समाधान संभव न हो तो स्पष्ट रिपोर्ट अंकित कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाए, ताकि प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। एडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्ता व पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आईजीआरएस, तहसील दिवस, माननीय जनप्रतिनिधियों के संदर्भ तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि प्राप्त की जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करने, शिकायतकर्ताओं से मधुर व्यवहार रखने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने का भी निर्देश दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम, सीओ डेरापुर, बीडीओ संजू सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।2
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाने में 19 जून को एक बालिका की नानी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें एक किशोरी को शराब पिलाकर छेड़छाड़ का प्रयास करने के आरोप में देवर और भाभी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया है। दर्ज शिकायत के अनुसार, गांव निवासी गायत्री ने बालिका को अपने घर बुलाया था। आरोप है कि गायत्री ने किशोरी को कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पिलाई, जिसके बाद गायत्री के देवर नवनीत ने उसके साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया। बालिका के शोर मचाने पर उसकी मामी मौके पर पहुंच गईं, जिससे आरोपी अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। पुलिस ने इस मामले में छेड़छाड़ व पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। शनिवार को पुलिस टीम ने आरोपी नवनीत संखवार को झींझक रेलवे स्टेशन के पास से और आरोपी गायत्री को महोई स्टैंड मंगलपुर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, दोनों आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है।1
- सिकंदरा कस्बे के गांधी नगर निवासी मोहम्मद रियाज ने शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर एक सार्वजनिक मार्ग पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में उक्त मार्ग पर खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने उसी सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि मार्ग पर दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया गया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन कार्यों के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ता परिषद ने शनिवार दोपहर डेढ़ बजे एक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजीकरण के इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। उन्होंने इस निर्णय को आम जनता और अधिवक्ता समुदाय दोनों के हितों के खिलाफ बताया। अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को निजीकरण के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहेगी, और साथ ही भ्रष्टाचार एवं आम लोगों की परेशानियों में भी इजाफा होने की संभावना है। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की भी मांग उठाई। उन्होंने सरकार से निजीकरण संबंधी शासनादेश को वापस लेने और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में परिषद से जुड़े कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा में मोहम्मद रियाज नामक व्यक्ति ने जिला स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि कस्बे के गांधी नगर स्थित यह मार्ग नगर पंचायत द्वारा वर्ष 2003 में खड़ंजा और वर्ष 2014 में इंटरलॉकिंग सड़क के रूप में निर्मित कराया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नफीस कुरैशी और तौफीक कुरैशी ने इस सार्वजनिक मार्ग पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने मार्ग पर एक दीवार खड़ी कर दरवाजा लगा दिया है, जिससे आम लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोहम्मद रियाज ने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने जिलाधिकारी से सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर पूरी तरह खुलवाने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शिकायत की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।3
- उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की डेरापुर उपशाखा ने लेखपालों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 अप्रैल, 2026 को हुई एक बैठक में लेखपालों ने कार्यभार और संसाधनों से संबंधित कई मुद्दे उठाए थे, जिसके संबंध में 22 अप्रैल को भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो पाया है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि डेरापुर तहसील में 52 लेखपाल क्षेत्रों के मुकाबले मात्र 23 लेखपाल ही कार्यरत हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक लेखपाल को दो-दो सर्किलों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है। इस अत्यधिक कार्यभार के साथ-साथ, लेखपालों पर आईजीआरएस, तहसील दिवस, फार्मर रजिस्ट्री, एग्रीस्टेक, फैमिली आईडी, वरासत, तथा आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक राजस्व कार्यों का अतिरिक्त दबाव भी बना हुआ है। संघ ने चिंता व्यक्त की है कि लेखपालों की इस कमी के कारण समयबद्ध कार्यों का निस्तारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और कर्मचारियों पर अत्यधिक मानसिक एवं शारीरिक दबाव पड़ रहा है। संघ ने प्रशासन से मांग की है कि रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएं, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और लेखपालों का कार्यभार कम किया जाए। यह ज्ञापन तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें प्रशासन से इन सभी समस्याओं का त्वरित समाधान करने का आग्रह किया गया है।1