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सरायकेला जिले के चांडिल-कांड्रा मुख्य सड़क की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि ज्ञापन सौंपने, धरना प्रदर्शन करने और जन-जागरण अभियान चलाने के बावजूद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
Suryoday Samvaad
सरायकेला जिले के चांडिल-कांड्रा मुख्य सड़क की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि ज्ञापन सौंपने, धरना प्रदर्शन करने और जन-जागरण अभियान चलाने के बावजूद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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- झारखंड के सरायकेला जिले में एनएच-33 पुनर्निर्माण परियोजना का शुभारंभ हो गया है। इस परियोजना के लिए 214.79 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसका लक्ष्य एनएच-33 के चांडिल-चौका खंड का पुनर्निर्माण करना है। इस बीच, चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए चांडिल-कांड्रा और चौका-कांड्रा की अधूरी सड़क तथा पुल निर्माण योजनाओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई है। जनता ने इन लंबित परियोजनाओं पर सवाल खड़े किए हैं और अधिकारियों से इन्हें शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है।1
- सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड स्थित ऐतिहासिक एवं शहीद ग्राम मातकमबेड़ा (डिबाडीह) में आयोजित विशाल मेले में बुधवार को सिंहभूम सांसद जोबा माझी ने भाग लिया। उनके साथ झामुमो नेता कालीपद (केपी) सोरेन भी मौजूद रहे। सांसद जोबा माझी ने मेले को संबोधित करते हुए इसकी धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला और लोगों से अपनी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार शहीदों के सम्मान और राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। सांसद ने उल्लेख किया कि मातकमबेड़ा (डिबाडीह) अमर शहीद डिबा किशुन की जन्मभूमि होने के साथ-साथ अपने प्राचीन शिव मंदिर के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को रजो संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और बताया कि उनकी पहल पर गांव का खराब ट्रांसफार्मर दो दिनों के भीतर बदल दिया गया, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। वहीं, झामुमो नेता कालीपद (केपी) सोरेन ने झारखंड के ऐतिहासिक, धार्मिक और शहीद स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से इन स्थलों के विकास और इतिहास में इन्हें उचित स्थान देने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान सांसद जोबा माझी ने अमर शहीद डिबा किशुन की स्मृति में निर्माणाधीन प्रतिमा स्थल और माझी थान विकास परियोजना का निरीक्षण भी किया। इस कार्यक्रम का आयोजन वीर डिबा किशुन मेमोरियल सोसायटी द्वारा किया गया था। गौरतलब है कि रजो संक्रांति के अवसर पर हर साल डिबाडीह में विशाल मेला लगता है, जहां स्थित प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और पूजा के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दराज से आते हैं।1
- सरायकेला खरसावां जिले में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री नीतीश कुमार सिंह के मार्गदर्शन और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग से एक व्यापक नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में जागरूकता रैलियां और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों और नशा मुक्त जीवन के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक और जागरूकता वाहन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में स्वयं सहायता समूह की दीदियों, ग्राम संगठन की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों, जेंडर सीआरपी, पंचायत समिति सदस्यों, वार्ड सदस्यों और अन्य सामुदायिक कैडरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। जागरूकता रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के परिवार और समाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों, स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभाव और नशा मुक्त जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों का प्रभावी प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि जागरूकता वाहन के माध्यम से नशा मुक्ति संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को अभियान से जोड़ा जा रहा है। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा अपने गांव एवं समुदाय को नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, लोगों से नशे के विरुद्ध जन जागरूकता फैलाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और अवैध मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों को देने की अपील भी की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाकर नशे की समस्या के उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में जन भागीदारी सुनिश्चित करना है। लोगों से अपील की गई है कि वे नशे के विरुद्ध जन आंदोलन को सशक्त बनाएं, स्वयं नशा मुक्त रहें और अपने परिवार, गांव एवं समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लें। किसी भी प्रकार की अवैध मादक पदार्थों की गतिविधि की जानकारी संबंधित विभाग अथवा प्रशासन को देकर स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया है।1
- रांची जिले के सिल्ली थाना क्षेत्र के देवाडू गांव में एक लाह व्यवसायी से हुई छिनतई की घटना का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने नकद राशि, मोबाइल फोन, बैंक कार्ड, चेक बुक और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। यह घटना 14 जून 2026 की शाम करीब पांच बजे देवाडू और बदलू के बीच हुई थी, जब अज्ञात अपराधियों ने लाह व्यवसायी शिवशंकर दत्ता से छिनतई की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर ग्रामीण एसपी एवं डीएसपी सिल्ली के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया था। अगले ही दिन, 15 जून को पीड़ित के लिखित आवेदन पर सिल्ली थाना कांड संख्या 41/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने देवाडू निवासी निमाई चंद दत्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए खुलासा किया कि उसने राहे थाना क्षेत्र के गोमदा निवासी प्रवीण महतो के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने निमाई चंद दत्ता की निशानदेही पर छीना गया बैग बरामद किया, जिसमें पीड़ित का मोबाइल फोन, एचडीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, चेक बुक और डायरी जैसे दस्तावेज मौजूद थे। इसके साथ ही, पुलिस ने प्रवीण महतो के घर से छिनतई के 16,500 रुपये नकद भी बरामद किए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी निमाई चंद दत्ता की पीड़ित व्यवसायी से पुरानी व्यावसायिक रंजिश थी और इसी दुश्मनी की वजह से उसने इस घटना की साजिश रची थी। इससे पहले भी आरोपियों ने व्यवसायी से रुपये छीनने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे नाकाम रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 20 वर्षीय प्रवीण महतो (ग्राम गोमदा, थाना राहे) और 50 वर्षीय निमाई चंद दत्ता (ग्राम देवाडू, थाना सिल्ली) शामिल हैं। सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार के नेतृत्व में गठित छापामारी दल ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया और दोनों को जेल भेजकर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।1
- झींकपानी प्रखंड के आसुरा गांव के सुरजाबासा में एक सरकारी तालाब में डूबने से साढ़े पांच वर्षीय आनंद बिडुउली की मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे तब हुई जब बच्चे की मां अंकिता बिरूली तालाब में नहा रही थी और आनंद भी पास में ही नहा रहा था। अचानक मां ने देखा कि बच्चा दिखाई नहीं दे रहा है, जिसके बाद काफी प्रयास के बाद उसे बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। बच्चे की बेसुध अवस्था देखकर पिता सुखलाल बिरूली ने आनन-फानन में किराए की छोटा हाथी गाड़ी की व्यवस्था कर उसे सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने के लिए काफी देर तक प्रयास किए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार न होने पर अंततः उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक बच्चे की मां अंकिता बिरूली ने बताया कि इस तालाब का जीर्णोद्धार कार्य पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिसे टाटा स्टील द्वारा कराया जा रहा है। तालाब में सीढ़ी और घाट का निर्माण नहीं किया गया है, जिसके कारण आए दिन मवेशी की मौत हो रही है और अन्य लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस ने बच्चे के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।1
- चाईबासा के पोड़ाहाट चक्रधरपुर के एसडीपीओ की पहल पर सोनुआ थाना परिसर में एक जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सोनुआ, गोईलकेरा, सेरेंगदा और गुदड़ी समेत चार थाना क्षेत्रों के लोग शामिल हुए और उन्होंने अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। कार्यक्रम में पोड़ाहाट चक्रधरपुर के एएसपी सह एसडीपीओ डॉ० सैयद मुस्तफा हाशमी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि चरणबद्ध तरीके से क्षेत्र की सभी समस्याओं का निश्चित रूप से समाधान किया जाएगा। एसडीपीओ ने डायन और ओझा-गुणी प्रथा, अंधविश्वास तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों से बचने का आग्रह किया, और ऐसे मामलों में पीड़ित लोगों से पुलिस की मदद लेने की अपील भी की। उपस्थित ग्रामीणों ने पुलिस को अपने करीब पाकर खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। एसडीपीओ सहित कार्यक्रम में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने सभी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द पहल करने का आश्वासन दिया।1
- सरायकेला जिले के चांडिल-कांड्रा मुख्य सड़क की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि ज्ञापन सौंपने, धरना प्रदर्शन करने और जन-जागरण अभियान चलाने के बावजूद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- सरायकेला-खरसावाँ जिले में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री नितिश कुमार सिंह के मार्गदर्शन और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों में जागरूकता रैलियां और शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों और नशामुक्त जीवन के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक और जागरूकता वाहन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की दीदियों, ग्राम संगठन (वीओ) की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों, जेंडर सीआरपी, पंचायत समिति सदस्यों, वार्ड सदस्यों और अन्य सामुदायिक कैडरों ने सक्रिय भागीदारी की। जागरूकता रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव, परिवार और समाज पर इसके प्रतिकूल प्रभाव, और स्वस्थ व नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों का प्रभावी प्रदर्शन किया जा रहा है, जबकि जागरूकता वाहन नशामुक्ति संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को अभियान से जोड़ रहा है। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा अपने गांव और समुदाय को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, लोगों से नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और अवैध मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना संबंधित विभागों को देने की अपील भी की गई। इस अभियान का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाकर नशे की समस्या के उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना और स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।4