पत्रकार पर हमले के विरोध में लातेहार प्रेस क्लब का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन पत्रकार पर हमले के विरोध में लातेहार प्रेस क्लब का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन लातेहार। हजारीबाग में पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को लातेहार प्रेस क्लब के सदस्यों ने काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा हैं। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन द्वारा त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और उन पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पत्रकार पर हमले के विरोध में लातेहार प्रेस क्लब का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन पत्रकार पर हमले के विरोध में लातेहार प्रेस क्लब का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन लातेहार। हजारीबाग में पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को लातेहार प्रेस क्लब के सदस्यों ने काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा हैं। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन द्वारा त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और उन पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
- पत्रकार पर हमले के विरोध में लातेहार प्रेस क्लब का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन लातेहार। हजारीबाग में पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में गुरुवार को लातेहार प्रेस क्लब के सदस्यों ने काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने एकजुटता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई। पत्रकारों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर आघात हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा हैं। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन द्वारा त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज होते हैं और उन पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।1
- मदरसा चौक पर बदला मौसम का मिजाज: काले बादलों ने डेरा डाला, झमाझम बारिश के आसार मदरसा चौक (स्थानीय रिपोर्टर): आज दोपहर बाद मदरसा चौक और इसके आसपास के इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद आसमान में उमड़ते काले बादलों को देखकर स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिल1
- महुआडांड़ (संवाददाता):नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जारी सियासी घमासान अब महुआडांड़ की सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ तीखा आक्रोश जताया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खुलकर आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इतने अहम कानून पर कांग्रेस का रुख नकारात्मक रहा है, जिससे आम जनता में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सीधे-सीधे महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। *मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल का तीखा बयान:* मौके पर मौजूद मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल ने दो टूक कहा,नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने का मजबूत प्रयास है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने से पीछे हट रहे हैं। अब देश की जनता सब समझ रही है और ऐसे नेताओं को जवाब जरूर देगी।”उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है और इसे हर हाल में जमीन पर उतारना जरूरी है। *प्रदर्शन में ये रहे प्रमुख चेहरे:* प्रशांत सिंह (मंडल अध्यक्ष), अमित जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, सुनील जायसवाल, दिलीप प्रसाद, संजय राय, विश्वनाथ राम, रोहित सिंह, विनोद कुमार सिंह, राजेंद्र सोनी, कृष्णा लोहारा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई और सरकार से मांग उठी कि अधिनियम को जल्द और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सके1
- लोहरदगा dto जया शंखी मुर्मू जी का एक अनोखी पहल जो बिना हेलमेट पहने हुए लोगों को चलान काटने के बजाय हेलमेट देकर ऑर फूल माला से स्वागत किया4
- लातेहार। हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना पर लातेहार प्रेस क्लब के पत्रकारों ने काला बिला लगाकर विरोध किया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। गुरुवार को पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।1
- Post by AAM JANATA1
- 1 से 15 मई तक पानी कनेक्शन निःशुल्क देने का निर्णय लातेहार। भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट को देखते हुए नगर क्षेत्र के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह की अध्यक्षता में वार्ड पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 1 मई से 15 मई तक नगर पंचायत क्षेत्र के इच्छुक परिवारों को पानी का नया कनेक्शन निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य उन घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, जहां अब तक पानी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। बैठक के दौरान अध्यक्ष महेश सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई वार्डों से पेयजल संकट की शिकायतें मिल रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए यह जनहितकारी निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में जो भी परिवार पानी का कनेक्शन लेना चाहेंगे, उनसे किसी प्रकार का कनेक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। केवल आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन करना होगा। मौके पर नगर उपाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार एवं सभी वार्ड के वार्ड सदस्य मौजूद रहे। वार्ड पार्षदों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है, ऐसे में यह निर्णय आम जनता के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि संबंधित वार्डों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से प्रचारित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। नगर पंचायत प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं। साथ ही यह भी कहा गया कि पेयजल का उपयोग आवश्यकतानुसार और जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि सभी को पर्याप्त पानी मिल सके। इस निर्णय से नगर क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।3
- महुआडांड़ प्रखंड में बिजली व्यवस्था एक बार फिर मजाक बनकर रह गई है। हल्की आंधी-तूफान ने ही पूरे सिस्टम की पोल खोल दी—जैसे ही हवा चली, वैसे ही ‘बिजली रानी’ ने हाथ खड़े कर दिए और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। जरा सी हवा या बूंदाबांदी होते ही बिजली सप्लाई ठप पड़ जाती है, जिससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय मेंटेनेंस सिर्फ कागजों तक सीमित है। सवाल उठ रहा है कि जब हल्की आंधी में ही हालात ऐसे हैं, तो तेज तूफान या बारिश में क्या होगा?बिजली गुल होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया, वहीं गर्मी और उमस के बीच लोग रातभर बेहाल रहे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो लाइन दुरुस्त की जाती है और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हर बार ‘जल्द सुधार’ का भरोसा देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।1