बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में चाईबासा में जन्मी तृप्ति कुमारी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘सहायक योजना पदाधिकारी/सहायक निदेशक’ का पद हासिल किया है। तृप्ति कुमारी ने इस परीक्षा में कुल मिलाकर 40वीं रैंक प्राप्त की है। अपनी चयनित श्रेणी में उन्होंने पहला स्थान पाकर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अपनी इस सफलता के लिए तृप्ति ने अपने माता-पिता और मामा के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके निरंतर प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन ने ही इस उपलब्धि का मुख्य आधार बनाया। तृप्ति की माता बिहार में ‘बाल विकास परियोजना पदाधिकारी’ (CDPO) के पद पर कार्यरत हैं, जिनसे उन्हें प्रशासनिक सेवा में आने की प्रेरणा मिली। इस सफलता में उनके मामा, श्री रवि कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जो झारखंड स्थित ‘रेनेशा आई.ए.एस. एकेडमी’ के संचालक हैं। उनके नेतृत्व और सटीक मार्गदर्शन में अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राएं सिविल सेवा में चयनित होकर राष्ट्र सेवा में योगदान दे रहे हैं। चाईबासा की मिट्टी में जन्मी तृप्ति की इस उपलब्धि से स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखते हैं।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में चाईबासा में जन्मी तृप्ति कुमारी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘सहायक योजना पदाधिकारी/सहायक निदेशक’ का पद हासिल किया है। तृप्ति कुमारी ने इस परीक्षा में कुल मिलाकर 40वीं रैंक प्राप्त की है। अपनी चयनित श्रेणी में उन्होंने पहला स्थान पाकर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अपनी इस सफलता के लिए तृप्ति ने अपने माता-पिता और मामा के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके निरंतर प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन ने ही इस उपलब्धि का मुख्य आधार बनाया। तृप्ति की माता बिहार में ‘बाल विकास परियोजना पदाधिकारी’ (CDPO) के पद पर कार्यरत हैं, जिनसे उन्हें प्रशासनिक सेवा में आने की प्रेरणा मिली। इस सफलता में उनके मामा, श्री रवि कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जो झारखंड स्थित ‘रेनेशा आई.ए.एस. एकेडमी’ के संचालक हैं। उनके नेतृत्व और सटीक मार्गदर्शन में अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राएं सिविल सेवा में चयनित होकर राष्ट्र सेवा में योगदान दे रहे हैं। चाईबासा की मिट्टी में जन्मी तृप्ति की इस उपलब्धि से स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखते हैं।
- झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में लगभग 3,500 संविदा आधारित स्वास्थ्य अनुबंधकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले दिन, जिले भर से बड़ी संख्या में अनुबंधकर्मी चाईबासा स्थित सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे और कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इन अनुबंधकर्मियों की प्रमुख मांगों में पिछले छह माह से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मानदेय वृद्धि का भुगतान, और उनकी अन्य लंबित समस्याओं का समाधान शामिल है। इस संबंध में, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने अनुबंधकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगें जायज हैं। उन्होंने जानकारी दी कि लंबित मानदेय भुगतान के लिए स्वास्थ्य सचिव को एक पत्र भेजा गया है, और उम्मीद जताई है कि भुगतान की प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।1
- बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में चाईबासा में जन्मी तृप्ति कुमारी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘सहायक योजना पदाधिकारी/सहायक निदेशक’ का पद हासिल किया है। तृप्ति कुमारी ने इस परीक्षा में कुल मिलाकर 40वीं रैंक प्राप्त की है। अपनी चयनित श्रेणी में उन्होंने पहला स्थान पाकर अपने परिवार और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। अपनी इस सफलता के लिए तृप्ति ने अपने माता-पिता और मामा के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके निरंतर प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन ने ही इस उपलब्धि का मुख्य आधार बनाया। तृप्ति की माता बिहार में ‘बाल विकास परियोजना पदाधिकारी’ (CDPO) के पद पर कार्यरत हैं, जिनसे उन्हें प्रशासनिक सेवा में आने की प्रेरणा मिली। इस सफलता में उनके मामा, श्री रवि कुमार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जो झारखंड स्थित ‘रेनेशा आई.ए.एस. एकेडमी’ के संचालक हैं। उनके नेतृत्व और सटीक मार्गदर्शन में अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राएं सिविल सेवा में चयनित होकर राष्ट्र सेवा में योगदान दे रहे हैं। चाईबासा की मिट्टी में जन्मी तृप्ति की इस उपलब्धि से स्थानीय स्तर पर खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के बल पर अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखते हैं।1
- अस्पताल में आधार कार्ड और आभा कार्ड लाने की मांग की गई है, जिसके चलते मरीजों को घंटों तक बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति से मरीज काफी परेशान हैं। इसी बीच, अस्पताल से जुड़े लोग पिछले छह महीनों से आय (इनकम) न मिलने के कारण एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। आय न मिलने की वजह से वे काम भी नहीं कर रहे हैं।4
- विश्व योग दिवस के अवसर पर, सरायकेला खरसावाँ जिले के चौका स्थित हाईस्कूल मैदान में एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ, जिसे 'मानवता का महायज्ञ' बताया गया। श्री शनिदेव भक्त मंडली ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में कुल 92 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। इस पुनीत कार्य में युवाओं, महिलाओं और समाजसेवियों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया, जिसके माध्यम से उन्होंने मानव सेवा और जनकल्याण का एक प्रेरणादायी संदेश दिया, जो जीवन रक्षा के महत्व पर ज़ोर देता है।1
- सिल्ली के सिल्ली स्टेडियम परिसर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पतंजलि योग परिवार एवं मेडिटेशन एंड योगा ग्रुप सिल्ली के तत्वावधान में रविवार को एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में बुजुर्गों, युवाओं और स्कूली बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ॐ के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ, जिसके बाद ग्रीवा चालन, ताड़ासन, वृक्षासन और पद्मासन जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास किया गया। कार्यक्रम का समापन कपालभाति, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम और ध्यान के साथ शांति पाठ से हुआ। इस आयोजन में भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि योग समिति झारखंड के सह राज्य प्रभारी अमित कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ पतंजलि रांची जिला युवा समिति संरक्षक सुशोभन लाहा, जिप उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, सिल्ली प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक, भाजपा रांची जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज, डीएवी स्कूल की प्राचार्या बी शरण, अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी कोच प्रकाश राम, शिशिर महतो, एशियन गेम्स सिल्वर मेडलिस्ट तीरंदाज मधुमिता कुमारी, रांची जिला पतंजलि किसान सेवा समिति के कृष्ण कुमार महतो, डॉ विवेक कुमार और डॉ प्रकाश महतो समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में बुजुर्गों ने ढलती उम्र में भी योग के प्रति अपनी गहरी रुचि प्रदर्शित की, वहीं स्कूल के बच्चों और आर्चरी के प्रशिक्षुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। पतंजलि योग समिति झारखंड के सह राज्य प्रभारी अमित कुमार ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है, जिससे नियमित अभ्यास द्वारा तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने युवाओं से नशामुक्ति और एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में हिण्डाल्को सीएसआर विभाग की ओर से सभी प्रतिभागियों के बीच नाश्ते के पैकेट वितरित किए गए।1
- खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत कच्चाबारी पंचायत के पतराटोली गांव में रविवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक हुए वज्रपात की घटना में एक युवक की जान चली गई, जबकि दर्जनों अन्य घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया गया कि यह हादसा पतराटोली मैदान में पतराटोली और लोधमा गांव के युवकों के बीच चल रहे क्रिकेट मैच के दौरान हुआ, जब कुछ युवक मैदान किनारे पेड़ के नीचे बैठकर मैच देख रहे थे। अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज गर्जना के साथ बादल कड़कने लगे, तभी जोरदार वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में कई युवक आ गए। वज्रपात से पतराटोली निवासी प्रेम बाखला (22 वर्ष), पिता भवुआ बाखला, गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए, जिन्हें बाद में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, जवाकिम मिंज (24 वर्ष), पिता स्वर्गीय अगुस्टिन मिंज; अंकित बाखला (20 वर्ष), पिता अजित बाखला; और अंकित बाखला (18 वर्ष), पिता विनोद बाखला, भी गंभीर रूप से घायल हुए। इनके अलावा प्रदीप लिंडा, अर्पण गाड़ी, त्योफिल मिंज, आकाश बाखला, सुमित बाखला, शशी बाखला सहित कई अन्य युवकों को हल्का झटका लगा। घटना के बाद ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल युवकों को पारंपरिक तरीके से गोबर के गड्ढे में रखकर प्राथमिक सहायता देने का प्रयास किया, जिसके बाद सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कर्रा पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल जवाकिम मिंज और दोनों अंकित बाखला को बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का सीएचसी कर्रा में उपचार कर उन्हें परिजनों के साथ घर भेज दिया गया। मृतक प्रेम बाखला के शव को कर्रा थाना पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाना में रखा है, जिसे सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस राहत कार्य में सीएचसी कर्रा के स्वास्थ्यकर्मियों और कर्रा थाना के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।1
- टाटा कॉलेज सभागार में जन वितरण प्रणाली समूहों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहाँ मंत्री दीपक बिरूवा ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मंत्री, सांसद और विधायकों ने जनवितरण प्रणाली, मलेरिया उन्मूलन और नशा मुक्ति अभियान के चार जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी के साथ, टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। अपने संबोधन में मंत्री दीपक बिरूवा ने इस बात पर जोर दिया कि देश की आजादी के बाद से लेकर आज तक सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने में जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य दिनों से लेकर आपात स्थितियों तक, राशन डीलरों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि उनके पास अपने क्षेत्र के सभी लोगों का विस्तृत आंकड़ा डेटा उपलब्ध होता है। मंत्री ने झारखंड में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि चाईबासा विधानसभा क्षेत्र में करीब 52,000 लोगों के नाम मतदाता सूची से कटने की स्थिति में हैं, और मझगाँव विधानसभा क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति है। इसके परिणामस्वरूप, पूरे जिले में बड़ी संख्या में लोगों के नाम काटे जा सकते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए, मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि इस कार्य में राशन डीलरों की भी मदद ली जाए, ताकि किसी भी सही व्यक्ति का नाम गलती से कटने न पाए।2
- सरायकेला के राजनगर थाना क्षेत्र में कुनाबेड़ा पुलिया के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा तब हुआ जब माँ रोहनी बस और एक मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल चालक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गया। हादसे के तुरंत बाद, गांव वालों ने घायल युवक के लिए एम्बुलेंस को सूचित किया, लेकिन एम्बुलेंस मौके पर बहुत देरी से पहुँचा। एम्बुलेंस की इस देरी के कारण ग्राम वासियों में काफी आक्रोश देखा गया। बाद में, स्थानीय लोगों की मदद से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाया जा सका। घटना की सूचना मिलते ही राजनगर पुलिस भी मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और आगे की कार्रवाई शुरू करते हुए इस घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच में जुट गई है।2