गाजीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 700 से अधिक फर्जी खातों के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले 3 अंतर्राज्यीय अपराधी गिरफ्तार गाजीपुर। जनपद पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। देशभर में सैकड़ों म्यूल (फर्जी) बैंक खाते खुलवाकर टेलीग्राम पर संचालित Crown Pay नामक नेटवर्क को बेचकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले 03 अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम में आवेदक मनीष कुशवाहा द्वारा दर्ज मु0अ0सं0-11/2026 (धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस व 66C, 66D आईटी एक्ट) में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (नगर/साइबर नोडल) एवं पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के पर्यवेक्षण में सर्विलांस और साक्ष्य संकलन के आधार पर 03 अप्रैल 2026 को लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहा से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में बताया कि उनका गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था— जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से म्यूल (फर्जी) बैंक खाते खुलवाए जाते थे आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लेकर MSME प्रमाण पत्र और GST रजिस्ट्रेशन कराया जाता था इसके बाद करंट अकाउंट खुलवाकर उसकी पूरी डिटेल (नेट बैंकिंग ID, पासवर्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल/ईमेल) टेलीग्राम के जरिए सिंडिकेट को भेज दी जाती थी मोबाइल में CROWN SMS, WPAY DS जैसी APK फाइल इंस्टॉल कराई जाती थी, जिससे OTP और बैंक मैसेज सीधे गिरोह तक पहुंच जाते थे ठगी की रकम को क्रिप्टो प्लेटफॉर्म (जैसे Binance, KU-coin) के जरिए ट्रांसफर किया जाता था कमीशन भी USDT (क्रिप्टो करेंसी) में लिया जाता था जांच में सामने आया कि— आरोपियों के मोबाइल में देशभर में 75 से अधिक शिकायतें दर्ज मिलीं इन शिकायतों में करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया गिरोह के पास 700 से अधिक म्यूल खाते होने की जानकारी मिली आरोपी सचिन सिंह ने लगभग 2.50 करोड़ रुपये और रोहन ने करीब 1.75 करोड़ रुपये साइबर अपराध से कमाने की बात स्वीकार की पुलिस द्वारा सभी मामलों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। इस संबंध में साइबर मुख्यालय लखनऊ और गृह मंत्रालय के I4C को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। अन्य जुड़े अपराधियों की तलाश जारी है। जनता से अपील की गई है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, ATM या दस्तावेज किसी को न दें, अन्यथा आप भी साइबर अपराध में फंस सकते हैं।
गाजीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 700 से अधिक फर्जी खातों के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले 3 अंतर्राज्यीय अपराधी गिरफ्तार गाजीपुर। जनपद पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। देशभर में सैकड़ों म्यूल (फर्जी) बैंक खाते खुलवाकर टेलीग्राम पर संचालित Crown Pay नामक नेटवर्क को बेचकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले 03 अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम में आवेदक मनीष कुशवाहा द्वारा दर्ज मु0अ0सं0-11/2026 (धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस व 66C, 66D आईटी एक्ट) में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (नगर/साइबर नोडल) एवं पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के पर्यवेक्षण में सर्विलांस और साक्ष्य संकलन के आधार पर 03 अप्रैल 2026 को लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहा से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अपराधियों ने पूछताछ में बताया कि उनका गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था— जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से म्यूल (फर्जी) बैंक खाते खुलवाए जाते थे आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लेकर MSME प्रमाण पत्र और GST रजिस्ट्रेशन कराया जाता था इसके बाद करंट अकाउंट खुलवाकर उसकी पूरी डिटेल (नेट बैंकिंग ID, पासवर्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल/ईमेल) टेलीग्राम के जरिए सिंडिकेट को भेज दी जाती थी मोबाइल में CROWN SMS, WPAY DS जैसी APK फाइल इंस्टॉल कराई जाती थी, जिससे OTP और बैंक मैसेज सीधे गिरोह तक पहुंच जाते थे ठगी की रकम को क्रिप्टो प्लेटफॉर्म (जैसे Binance, KU-coin) के जरिए ट्रांसफर किया जाता था कमीशन भी USDT (क्रिप्टो करेंसी) में लिया जाता था जांच में सामने आया कि— आरोपियों के मोबाइल में देशभर में 75 से अधिक शिकायतें दर्ज मिलीं इन शिकायतों में करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया गिरोह के पास 700 से अधिक म्यूल खाते होने की जानकारी मिली आरोपी सचिन सिंह ने लगभग 2.50 करोड़ रुपये और रोहन ने करीब 1.75 करोड़ रुपये साइबर अपराध से कमाने की बात स्वीकार की पुलिस द्वारा सभी मामलों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। इस संबंध में साइबर मुख्यालय लखनऊ और गृह मंत्रालय के I4C को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। अन्य जुड़े अपराधियों की तलाश जारी है। जनता से अपील की गई है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता, ATM या दस्तावेज किसी को न दें, अन्यथा आप भी साइबर अपराध में फंस सकते हैं।
- Post by Jitendra Maurya1
- गाजीपुर के मोहम्मदाबाद क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। भांवरकोल क्षेत्र के गोडउर से वाराणसी जा रही रोडवेज बस (नंबर UP 65 ET 9882) को हाटा गांव स्थित अम्बा हॉस्पिटल के पास सरिता मेडिकल स्टोर के सामने एक तेज रफ्तार डंफर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि बस में सवार सभी यात्री बाल-बाल बच गए। हादसे में बस चालक को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद डंफर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार डंफर और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है।1
- आजमगढ़: जनपद की पुलिस ने नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के संकल्प को दोहराते हुए एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कुशल निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने सर्विलांस और CEIR पोर्टल की मदद से कुल 256 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 61.50 लाख रुपये है। आज रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों के सुपुर्द किया गया। अपना खोया हुआ कीमती फोन वापस पाकर नागरिकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने आजमगढ़ पुलिस का आभार व्यक्त किया। 📊 आंकड़ों में पुलिस की उपलब्धि आजमगढ़ पुलिस द्वारा पिछले कुछ समय से मोबाइल बरामदगी को लेकर चलाए जा रहे अभियान के आंकड़े बेहद प्रभावशाली हैं: आज की बरामदगी: 256 मोबाइल फोन (मूल्य ₹61.50 लाख)। वर्ष 2026 की कुल उपलब्धि: अब तक कुल 607 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। पिछले 26 महीनों का रिकॉर्ड: पुलिस ने कुल 3,820 मोबाइल फोन (लगभग 9.40 करोड़ रुपये मूल्य) बरामद कर नागरिकों को वापस लौटाए हैं। 🏆 उत्कृष्ट कार्य करने वाले थानों को सम्मान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले थाना क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शीर्ष प्रदर्शन करने वाले थाने इस प्रकार हैं: मुबारकपुर: 337 मोबाइल निजामाबाद: 310 मोबाइल जीयनपुर: 291 मोबाइल अहरौला: 255 मोबाइल रौनापार: 246 मोबाइल 👮♂️ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का संदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने बताया कि यह अभियान नागरिकों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करने के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने टीम की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संसाधनों जैसे CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी उपयोग इस सफलता का मुख्य कारण है। 📣 नागरिकों के लिए जरूरी सलाह यदि आपका मोबाइल फोन कहीं खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो आजमगढ़ पुलिस ने निम्नलिखित कदम उठाने की सलाह दी है: तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें। भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें ताकि मोबाइल को ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके। अपरिचित व्यक्तियों से पुराने मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतें।2
- फिरोजाबाद -दिन दहाडे पुलिस और पशु चोर गैंग के 7 बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ पुलिस मुठभेड़ में शातिर गैंग के 7 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार पुलिस में मुठभेड़ में गिरफ्तार हुए बदमाश 1, कल्लू उर्फ फिरोज, 2 सलीम, 3 जुम्मन शाह, 4 शहजाद 5 अशरफ 6 फैजल 7 राहुल शिव कुमार पशु चोरी कर ले जा रहे थे साथी शातिर बदमाश मुखविर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी तो बदमाशों ने पुलिस पर कर दिया फायर पुलिस की जवाबी कार्यवाही में कल्लू उर्फ करुआ उर्फ़ फ़िरोज़ शेखनपुर थाना फरिहा निवासी गैंग के 6 साथी भी हुए घायल पुलिस अभिरक्षा में चल रहा इलाज, थाना एका पुलिस की बड़ी कार्यवाही शातिर बदमाशों के पास से अवैध तमंचा, कारतूस चोरी किए हुए पशु 01 पिकप मैक्स भी पुलिस ने की बरामद।2
- गाजीपुर गंगा नदी में वीर अब्दुल हमीद सेतु से गिरा हुआ ट्रेलर ड्राइवर 24 वर्षीय राजन यादव का श व 30 घंटे बाद बड़ी मशक्कत करके बरामद किया गया1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- Post by RISHI RAI1
- आयोजित महान सम्राट अशोक की 2370 वीं जयंती समारोह 20261