रिमझिम बारिश और तेज गरज से बढ़ी किसानों की चिंता, फसलों में सड़न व रोग का खतरा। मिल्कीपुर अयोध्या हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र के आसपास रविवार सुबह करीब 6 बजे से हो रही रिमझिम बारिश और तेज गरज-चमक ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार नमी और बदलते मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय किसान राम बिहारी, रामभवन चौरसिया, अरविंद चौरसिया, नन्हे, रामफेयर और बजरंगी ने बताया कि इस समय खेतों में खरबूजा, लौकी, कद्दू, गाजर, मूली, टमाटर और मक्का जैसी फसलें लगी हुई हैं। इनमें से कई फसलें जमीन के भीतर विकसित होती हैं या नमी के प्रति संवेदनशील होती हैं। ऐसे में लगातार बारिश से खेतों में जलभराव और अत्यधिक नमी की स्थिति बन जाती है, जिससे फसलों में सड़न (गलन) की समस्या तेजी से बढ़ने लगती है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके अलावा अधिक नमी के कारण फफूंद और विभिन्न प्रकार के रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित होती हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करना, समय-समय पर दवा का छिड़काव करना और फसल की नियमित निगरानी जरूरी है। किसानों ने प्रशासन से भी मांग की है कि उन्हें समय पर सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
रिमझिम बारिश और तेज गरज से बढ़ी किसानों की चिंता, फसलों में सड़न व रोग का खतरा। मिल्कीपुर अयोध्या हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र के आसपास रविवार सुबह करीब 6 बजे से हो रही रिमझिम बारिश और तेज गरज-चमक ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार नमी और बदलते मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय किसान राम बिहारी, रामभवन चौरसिया, अरविंद चौरसिया, नन्हे, रामफेयर और बजरंगी ने बताया कि इस समय खेतों में खरबूजा, लौकी, कद्दू, गाजर, मूली, टमाटर और मक्का जैसी फसलें लगी हुई हैं। इनमें से कई फसलें जमीन के भीतर विकसित होती हैं या नमी के प्रति संवेदनशील होती हैं। ऐसे में लगातार बारिश से खेतों में जलभराव और अत्यधिक नमी की स्थिति बन जाती है, जिससे फसलों में सड़न (गलन) की समस्या तेजी से बढ़ने लगती है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके अलावा अधिक नमी के कारण फफूंद और विभिन्न प्रकार के रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित होती हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करना, समय-समय पर दवा का छिड़काव करना और फसल की नियमित निगरानी जरूरी है। किसानों ने प्रशासन से भी मांग की है कि उन्हें समय पर सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
- मिल्कीपुर अयोध्या हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र के आसपास रविवार सुबह करीब 6 बजे से हो रही रिमझिम बारिश और तेज गरज-चमक ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार नमी और बदलते मौसम के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय किसान राम बिहारी, रामभवन चौरसिया, अरविंद चौरसिया, नन्हे, रामफेयर और बजरंगी ने बताया कि इस समय खेतों में खरबूजा, लौकी, कद्दू, गाजर, मूली, टमाटर और मक्का जैसी फसलें लगी हुई हैं। इनमें से कई फसलें जमीन के भीतर विकसित होती हैं या नमी के प्रति संवेदनशील होती हैं। ऐसे में लगातार बारिश से खेतों में जलभराव और अत्यधिक नमी की स्थिति बन जाती है, जिससे फसलों में सड़न (गलन) की समस्या तेजी से बढ़ने लगती है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके अलावा अधिक नमी के कारण फफूंद और विभिन्न प्रकार के रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों प्रभावित होती हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थिति में खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करना, समय-समय पर दवा का छिड़काव करना और फसल की नियमित निगरानी जरूरी है। किसानों ने प्रशासन से भी मांग की है कि उन्हें समय पर सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।1
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- आंधी-तूफान का तांडव: बीकापुर में जनजीवन अस्त-व्यस्त, उड़ गए आशियाने अयोध्या (बीकापुर)। बुधवार की शाम क्षेत्र में आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं के चलते बीकापुर क्षेत्र में सामान्य जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया। तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई गरीब परिवारों के सिर से छत छिन गई और बिजली से लेकर यातायात व्यवस्था तक पूरी तरह चरमरा गई है। आशियाने हुए जमींदोज तूफान ने सबसे ज्यादा कहर ग्रामीण इलाकों के कच्चे मकानों पर बरपाया। दर्जनों घरों के ऊपर रखे टीन शेड और घास-फूस के छप्पर ताश के पत्तों की तरह हवा में उड़ गए। बेघर हुए परिवारों के सामने अब सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। अंधेरे में डूबा क्षेत्र तेज आंधी के कारण जगह-जगह विद्युत पोल धराशाई हो गए और बिजली की लाइनें टूट गईं। इससे पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। बिजली विभाग के अनुसार, नुकसान का आकलन किया जा रहा है और बहाली में समय लग सकता है। यातायात बाधित सड़कों पर विशालकाय पेड़ों के गिरने से आवाजाही पूरी तरह रुक गई। मुख्य मार्ग से लेकर संपर्क मार्गों तक पर पेड़ों का मलबा पड़ा होने के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा गिरे हुए पेड़ों को हटवाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। (रिपोर्ट: दुर्गा सिंह)1
- Post by अर्जुन भट्ट (जनहित जागरण)1
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- जब नन्हे बालक ने किया नमस्कार, तो 'बजरंगबली' के रूप में बंदर ने थपथपाया सिर।1
- अम्बेडकरनगर: मीरानपुर मुहल्ले में कल चार बच्चों की हुई हत्या के बाद अभी तक जहां मां के ऊपर हत्या की सुई घूम रही थी वहीं आज उसका भी शव मिलने के बाद इस पूरे मामले में एक नया मोड़ आ गया है। घटनास्थल से थोड़ी ही दूर पर नाले में मिली महिला की लाश ने घटना का पहलू ही बदल दिया। अभी तक जहां मां को हत्यारिन समझा जा रहा था वही अब पूरा मामला ही और जटिल हो गया है। पांच हत्याओं ने पुलिस की मुश्किल बढ़ा दिया है। 2 मई को घर के अंदर चार बच्चों जिसमें 14 वर्ष 10 वर्ष 8 वर्ष और एक 6 वर्षीय बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई थी और घटनास्थल से मां फरार हो गई थी जिसे देखकर यही लग रहा था की इन बच्चों की हत्या मां ने ही किया था पुलिस भी उसी एंगल पर काम कर रही थी और मां के ऊपर मुकदमा भी दर्ज हो गया था। आज इस मामले में नया मोड़ तब आ गया जब पुलिस को हत्या आरोपित मां का शव घर से चंद कदम दूरी पर नाले में मिला हालांकि पुलिस कल से ही इसके पीछे लगी हुई थी और घटना के खुलासा के लिए पुलिस की चार गठित भी की गई है इन सब के बावजूद आज एक और लाश मिलने से इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है अभी तक जहां मां के ऊपर हत्या का आरोप लग रहा था वहीं अब पूरा मामला ही उलट गया है आखिर इतनी बेरहमी से पूरे परिवार की हत्या करने के पीछे क्या कारण हो सकता है। परिवार का मुखिया मोहम्मद नियाज जो की महरूआ थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में सऊदी अरब में रहकर नौकरी कर रहा है हालांकि उसके ऊपर भी आरोप है कि उसने किसी अन्य महिला से वहीं पर निकाह कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की मुश्किल बढ़ा दिया है पूरे मामले की दिशा ही बदल गई है बाहर चार बच्चों के बाद आज उनकी मां का शव मिलना हत्या की ओर इशारा कर रहा है।1
- मिल्कीपुर अयोध्या हैरिग्टनगंज (अयोध्या)। हैरिग्टनगंज चौकी प्रभारी आशीष सिंह का तबादला अलीगढ़ अयोध्या चौकी में हो गया है। उनके स्थानांतरण की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भावुक माहौल बन गया। रविवार शाम 5:30 बजे आयोजित विदाई समारोह में क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके कार्यकाल की सराहना की। आशीष सिंह अगस्त 2025 में हैरिग्टनगंज चौकी पर तैनात हुए थे। करीब नौ माह के अपने कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराधों पर नियंत्रण करने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में अहम भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली, निष्पक्षता और सक्रियता के चलते क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा। स्थानीय लोगों ने कहा कि आशीष सिंह का व्यवहार बेहद सरल और मिलनसार रहा। वे हर वर्ग के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और त्वरित कार्रवाई के लिए जाने जाते थे। यही कारण रहा कि वे जनता और पुलिस विभाग दोनों में लोकप्रिय बने रहे। विदाई समारोह में प्रधान संघ अध्यक्ष अशोक तिवारी, पलिया प्रधान अभिषेक भद्र सिंह, बृजेश पांडे, रजनीश पांडे, रविंद्र सिंह, पंकज सिंह, हरीश जायसवाल, वेद प्रकाश तिवारी, कृष्ण दत्त सिंह, राहुल सिंह, मदन, एसआई वीरेंद्र सिंह, अवनीश उपाध्याय, राजेश कुमार, सुनील गोस्वामी, बृजभान सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। समारोह के अंत में सभी ने आशीष सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।4