कोरबा:-बीएमएस समर्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं ने किया प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने आईटीआई चौक में धरना प्रदर्शन किया। 6 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रही कार्यकर्ताओं की प्रतिनिधियों ने बताया कि अपनी आवाज बुलंद कर सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ एकजुट होने की बात कही। उन्होंने बताया कि केन्द्र हो या राज्य सरकार कोई भी विशेष अवसर आने पर कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की सेवा ली जाती है, जबकि उन्हें लंबी सेवा अवधि के बाद भी शासकीय सेवक का दर्जा नहीं मिल पाया है।60 साल के बाद अगर कोई कार्यकर्ता सेवानिवृत्त होती है तो उसे 50 हजार रुपए देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी समाप्त कर लेती है। लंबे समय के बाद उनकी मानदेय में वृद्धि नहीं होना, जिस तरह से उनसे काम लिया जाता है उसके अनुरूप उन्हें वेतन का नहीं मिलना आदि शिकायतें सरकार से उनकी है। उन्होंने कहा कि आगे भी अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है तो वे वृहद आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। हालांकि इस आंदोलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं का एक बड़ा वर्ग शामिल नहीं था।
कोरबा:-बीएमएस समर्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं ने किया प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने आईटीआई चौक में धरना प्रदर्शन किया। 6 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रही कार्यकर्ताओं की प्रतिनिधियों ने बताया कि अपनी आवाज बुलंद कर सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ एकजुट होने की बात कही। उन्होंने बताया कि केन्द्र हो या राज्य सरकार कोई भी विशेष अवसर आने पर कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की सेवा ली जाती है, जबकि उन्हें लंबी सेवा अवधि के बाद भी शासकीय सेवक का दर्जा नहीं मिल पाया है।60 साल के बाद अगर कोई कार्यकर्ता सेवानिवृत्त होती है तो उसे 50 हजार रुपए देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी समाप्त कर लेती है। लंबे समय के बाद उनकी मानदेय में वृद्धि नहीं होना, जिस तरह से उनसे काम लिया जाता है उसके अनुरूप उन्हें वेतन का नहीं मिलना आदि शिकायतें सरकार से उनकी है। उन्होंने कहा कि आगे भी अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है तो वे वृहद आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। हालांकि इस आंदोलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं का एक बड़ा वर्ग शामिल नहीं था।
- नगर निगम कोरबा क्षेत्र को स्वच्छता के क्षेत्र में नए सोपान देने की तैयारी चल रही है। महापौर संजू देवी राजपूत और कमिश्नर आशुतोष पांडे सदल बल प्रतिदिन सुबह किसी ने किसी क्षेत्र में निकलते हैं और वहां आम लोगों से रूबरू होकर स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील करते हैं। साथ ही लोगों से गुजारिश करते हैं कि वह स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें. उनका मानना है की स्वच्छता की आदत अपनाने से शरीर निरोगी रहता है और आसपास का वतावरण भी साफ सुथरा रहता है.1
- खेल एवं शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने, स्वच्छ और सुंदर शहर की दिशा में फोकस इंदिरा स्टेडियम, पोखरी, तालाब और सार्वजनिक स्थलों के समग्र विकास के दिए निर्देश पीजी कॉलेज में बनेगा एथलेटिक रनिंग ट्रैक, लघु इनडोर स्टेडियम तथा इनडोर कबड्डी कोर्ट सर्वमंगला उद्यान को विकसित करने के दिए निर्देश1
- जांजगीर चांपा; यादव समाज यादव जी की, लव स्टोरी फिल्म के विरोध में, पहुंचा कलेक्टर कार्यालय, प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,,,1
- Post by Gautam karsh1
- कापू–धरमजयगढ़ मुख्य मार्ग के मडवाताल घाट में बुधवार शाम एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया, जिसने एक खुशहाल सफर को मातम में बदल दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्घटना में 4 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कापू पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। तीन की हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए धरमजयगढ़ रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि सभी लोग गोसाईपोड़ी में आयोजित सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। शुरुआती जांच में वाहन का ब्रेक फेल होना दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया। पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।1
- उपलब्धि गिनाने में नही बल्कि करके दिखाने में है आयुष शर्मा1
- भद्रा में होलिका दहन राष्ट्र व ग्राम के लिए अहितकारी : पं. मिश्र1
- भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं ने आईटीआई चौक में धरना प्रदर्शन किया। 6 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रही कार्यकर्ताओं की प्रतिनिधियों ने बताया कि अपनी आवाज बुलंद कर सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ एकजुट होने की बात कही। उन्होंने बताया कि केन्द्र हो या राज्य सरकार कोई भी विशेष अवसर आने पर कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की सेवा ली जाती है, जबकि उन्हें लंबी सेवा अवधि के बाद भी शासकीय सेवक का दर्जा नहीं मिल पाया है।60 साल के बाद अगर कोई कार्यकर्ता सेवानिवृत्त होती है तो उसे 50 हजार रुपए देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी समाप्त कर लेती है। लंबे समय के बाद उनकी मानदेय में वृद्धि नहीं होना, जिस तरह से उनसे काम लिया जाता है उसके अनुरूप उन्हें वेतन का नहीं मिलना आदि शिकायतें सरकार से उनकी है। उन्होंने कहा कि आगे भी अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है तो वे वृहद आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। हालांकि इस आंदोलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं का एक बड़ा वर्ग शामिल नहीं था।1