सोहना में पर्यटन विभाग की करीब साढ़े 9 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रशासन का अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पीर कॉलोनी को लगभग पूरी तरह से कब्जा मुक्त कराने के बाद, शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पहाड़ कॉलोनी में बने कई अवैध पक्के निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। वार्ड नंबर-13 स्थित इन दोनों कॉलोनियों में वर्षों से लोगों ने मकान बनाकर निवास करना शुरू कर दिया था। प्रशासन के अनुसार, यह भूमि पर्यटन विभाग की थी जिस पर अवैध रूप से निर्माण किए गए थे। पीर कॉलोनी में लगभग 250 मकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, जबकि पहाड़ कॉलोनी में करीब 100 मकानों पर कार्रवाई जारी है। कार्रवाई से पहले प्रशासन ने मुनादी करवाकर लोगों को मकान खाली करने और अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने घरों से सामान निकालकर अन्य स्थानों पर शिफ्ट कर लिया। पूरे अभियान के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस कार्रवाई ने सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जिस भूमि को अब अवैध कब्जा बताया जा रहा है, वहां वर्षों से बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। जिला नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ ने बताया कि पर्यटन विभाग की पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर विभाग को सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीर कॉलोनी में कार्रवाई पूरी हो चुकी है और पहाड़ कॉलोनी में भी यह अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का लक्ष्य पर्यटन विभाग की पूरी भूमि को कब्जा मुक्त कराना है।
सोहना में पर्यटन विभाग की करीब साढ़े 9 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रशासन का अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पीर कॉलोनी को लगभग पूरी तरह से कब्जा मुक्त कराने के बाद, शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पहाड़ कॉलोनी में बने कई अवैध पक्के निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। वार्ड नंबर-13 स्थित इन दोनों कॉलोनियों में वर्षों से लोगों ने मकान बनाकर निवास करना शुरू कर दिया था। प्रशासन के अनुसार, यह भूमि पर्यटन विभाग की थी जिस पर अवैध रूप से निर्माण किए गए थे। पीर कॉलोनी में लगभग 250 मकानों को हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है, जबकि पहाड़ कॉलोनी में करीब 100 मकानों पर कार्रवाई जारी है। कार्रवाई से पहले प्रशासन ने मुनादी करवाकर लोगों को मकान खाली करने और अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने घरों से सामान निकालकर अन्य स्थानों पर शिफ्ट कर लिया। पूरे अभियान के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस कार्रवाई ने सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जिस भूमि को अब अवैध कब्जा बताया जा रहा है, वहां वर्षों से बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। जिला नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ ने बताया कि पर्यटन विभाग की पूरी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर विभाग को सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पीर कॉलोनी में कार्रवाई पूरी हो चुकी है और पहाड़ कॉलोनी में भी यह अभियान लगातार जारी है। प्रशासन का लक्ष्य पर्यटन विभाग की पूरी भूमि को कब्जा मुक्त कराना है।
- हरियाणा ने वैश्विक निवेशकों के लिए पहली पसंद के रूप में अपनी स्थिति स्थापित कर ली है।1
- पलवल में, उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने गुरुवार को लघु सचिवालय हथीन में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मेवात डेवलपमेंट एजेंसी (एमडीए) के तहत किए जाने वाले विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर भेजने का निर्देश दिया, ताकि एस्पिरेशनल ब्लॉक हथीन के समग्र विकास को गति दी जा सके। उपायुक्त ने हथीन क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों में लाइब्रेरी, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके और शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने खेल, पार्क, सोलर लाइट और पेयजल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा विभाग को क्षेत्र का दौरा कर प्रमुख खेलों का अध्ययन करने और खेल नर्सरी या खेल अकादमी स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया। बैठक के दौरान, उपायुक्त ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संबंध में नगर पालिका, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित करने और पेयजल की उपलब्धता एवं आवश्यकताओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया। बैठक समाप्त होने के बाद, उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने लघु सचिवालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हथीन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं और वस्तुस्थिति का जायजा लिया, साथ ही अधिकारियों को जनसेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- बदरपुर मोहन को-ऑपरेटिव के ए ब्लॉक में एक कंपनी में आग लगने की घटना सामने आई है। सूचना मिलते ही बदरपुर थाना पुलिस और फायर बिग्रेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की और सफलतापूर्वक उस पर नियंत्रण पा लिया।1
- भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने 'बीमा सखी' नामक एक विशेष योजना शुरू की है, जो 10वीं पास महिलाओं के लिए कमाई का एक शानदार अवसर प्रदान करती है। यह योजना उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है जो घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर होना चाहती हैं। इसमें महिलाओं को न केवल बीमा क्षेत्र में काम करने का मौका मिलता है, बल्कि उन्हें शुरुआती प्रशिक्षण के साथ मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाता है। इस योजना से जुड़ने के लिए ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट होना अनिवार्य नहीं है, जिससे यह विशेष रूप से 10वीं पास महिलाओं के लिए सुलभ हो जाती है। 'बीमा सखी' बनने के लिए आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए, और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो अपने स्थानीय क्षेत्र में रहकर ही काम करना चाहती हैं। चयनित महिलाओं को बीमा से संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचाने, विभिन्न बीमा योजनाओं के बारे में बताने और नई पॉलिसियां करवाने में मदद करने का कार्य सौंपा जाता है। इस कार्य के लिए उन्हें पहले पूरी ट्रेनिंग दी जाती है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें शुरुआती तीन साल तक हर महीने स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है, जिसकी राशि 7000 रुपये तक हो सकती है।1
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार इस परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और रक्षा परियोजना के रूप में पेश कर रही है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य एक बड़े कारोबारी को लाभ पहुँचाना है। राहुल गांधी ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जाने के बावजूद देश की विरासत को बर्बाद करने वाला करार दिया। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में, जो उनके अप्रैल में किए गए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर आधारित है, राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। इसमें पेड़ों की कटाई और कोरल रीफ को क्षति पहुँचेगी, साथ ही इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को विस्थापित होना पड़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने असली मकसद को छिपाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का पूरी तरह समर्थन करती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है और नौसेना कई सालों से इसकी मांग कर रही है। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि ऐसी परियोजना में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की जरूरत पर जोर दे रही है जब देश में पहले से ही इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत 1.5 करोड़ पेड़ काटे जाएंगे और कई महत्वपूर्ण कोरल रीफ्स को आधिकारिक दस्तावेजों से हटा दिया गया है। निकोबार के उन समुदायों को भी वहाँ से हटाया जाएगा जिन्हें कभी भारत सरकार ने बसाया था, ताकि वहाँ होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाए जा सकें। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है, लेकिन इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति को भारी नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रेट निकोबार को नष्ट करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जाए।1
- फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी स्थित खांडवी गली नंबर 26 में कुछ लोगों द्वारा पुलिया के दोनों ओर मलबे से नाली भर दिए जाने का मामला सामने आया है। इस अवरोध के कारण नाली का सारा गंदा पानी अब गली में फैल रहा है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब इस हरकत को रोकने का प्रयास किया गया, तो जिन लोगों ने नाली को भरा था, वे लड़ाई-झगड़े पर उतर आए और गली को और ब्लॉक करने पर उतारू हो गए। प्रार्थी सुरेंद्र रावत ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि नालियों की सुचारू रूप से सफाई कराई जाए और उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने जानबूझकर नालों को बंद करके यह समस्या पैदा की है।1
- तेज प्रताप यादव ने शिक्षाविद खान सर पर तीखी नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि खान सर राजनीति करना चाहते हैं और विभिन्न मुद्दों पर अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह मामला केवल शिक्षा से जुड़ा है, या यह बिहार की राजनीति में एक नई शुरुआत का संकेत है।1
- आम निवेशकों के लिए राजेश एक्सपोर्ट्स की अनियमितताएँ चौंकाने वाली हैं, जहाँ ₹3,000 करोड़ की मार्केट कैप वाली कंपनी पर ₹15 लाख करोड़ के हेरफेर का आरोप है। बाजार नियामक SEBI ने जून 2026 में कंपनी और उसके CMD राजेश मेहता के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसमें इस बड़े accounting fraud का खुलासा हुआ है। यह ₹15 लाख करोड़ की राशि भारत के कुल सालाना एक्सपोर्ट के लगभग 20 फीसदी के बराबर है। यह मामला बैंकों से पैसा लेकर भागने का नहीं, बल्कि लेखांकन में हेराफेरी का है। सेबी की गहन जांच में सामने आया है कि राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, जो मुख्य रूप से सोने की रिफाइनिंग और ज्वेलरी के व्यवसाय में है और जिसके शेयरों में गुरुवार को 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा, ने वर्षों तक एक सुनियोजित खेल खेला। कंपनी कागजों पर हर साल ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कारोबार दिखा रही थी, जबकि असल में सोने के बिजनेस में मार्जिन बहुत कम 0.5% से 1% तक ही होता है। सेबी ने पाया कि वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 तक, यानी पाँच साल की अवधि में, कंपनी ने अपनी वित्तीय रिपोर्टों में भारी गड़बड़ी की है। ₹15 लाख करोड़ की यह राशि कोई अचानक गायब हुई नकदी नहीं है, बल्कि पिछले पाँच वर्षों में दिखाए गए कुल अर्जित राजस्व का लगभग 99.8% है, जिसे सेबी ने अपनी जांच के बाद फर्जी और भ्रामक घोषित किया है। जांच में पाया गया कि ये आंकड़े केवल कागजों पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए थे, और वास्तविक बिक्री नहीं हुई थी। सेबी और फोरेंसिक ऑडिटर BDO India की जांच के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स ने इन भ्रामक आंकड़ों को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से तीन तरीके अपनाए, जो इस पूरे खेल में कंपनी के 'बेहद शातिर दिमाग' का संकेत देते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक सोसाइटी की 12वीं मंजिल पर आग लगने की घटना सामने आई है। इस आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुँची फायर ब्रिगेड के पास पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे, जिसमें सबसे प्रमुख कमी 12वीं मंजिल तक पहुँचने और आग बुझाने के लिए आवश्यक सीढ़ी का न होना था। इस घटना के बाद बीजेपी सरकार पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर जान बचाने वाली फायर ब्रिगेड जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को मज़बूत क्यों नहीं किया जा रहा है और लोगों की जान बचाने के समय भी व्यवस्था इतनी लाचार क्यों नज़र आती है।1