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फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी स्थित खांडवी गली नंबर 26 में कुछ लोगों द्वारा पुलिया के दोनों ओर मलबे से नाली भर दिए जाने का मामला सामने आया है। इस अवरोध के कारण नाली का सारा गंदा पानी अब गली में फैल रहा है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब इस हरकत को रोकने का प्रयास किया गया, तो जिन लोगों ने नाली को भरा था, वे लड़ाई-झगड़े पर उतर आए और गली को और ब्लॉक करने पर उतारू हो गए। प्रार्थी सुरेंद्र रावत ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि नालियों की सुचारू रूप से सफाई कराई जाए और उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने जानबूझकर नालों को बंद करके यह समस्या पैदा की है।
सुरेंद्र रावत
फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी स्थित खांडवी गली नंबर 26 में कुछ लोगों द्वारा पुलिया के दोनों ओर मलबे से नाली भर दिए जाने का मामला सामने आया है। इस अवरोध के कारण नाली का सारा गंदा पानी अब गली में फैल रहा है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब इस हरकत को रोकने का प्रयास किया गया, तो जिन लोगों ने नाली को भरा था, वे लड़ाई-झगड़े पर उतर आए और गली को और ब्लॉक करने पर उतारू हो गए। प्रार्थी सुरेंद्र रावत ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि नालियों की सुचारू रूप से सफाई कराई जाए और उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने जानबूझकर नालों को बंद करके यह समस्या पैदा की है।
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- पुलिस थाने की बीट को ठेके पर दिए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है, जिसके तहत एसएचओ द्वारा प्रतिदिन लाखों रुपये की उगाही की जा रही है। इस अवैध गतिविधि का पर्दाफाश उस समय हुआ जब एक नशा तस्कर को खुफिया कैमरे में कैद किया गया, जिससे एसएचओ की कथित वसूली का खुलासा हुआ है।1
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार इस परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और रक्षा परियोजना के रूप में पेश कर रही है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य एक बड़े कारोबारी को लाभ पहुँचाना है। राहुल गांधी ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जाने के बावजूद देश की विरासत को बर्बाद करने वाला करार दिया। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में, जो उनके अप्रैल में किए गए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर आधारित है, राहुल गांधी ने कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा। इसमें पेड़ों की कटाई और कोरल रीफ को क्षति पहुँचेगी, साथ ही इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को विस्थापित होना पड़ेगा। उनका आरोप है कि सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने असली मकसद को छिपाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस भारतीय नौसेना के आईएनएस बाज़ बेस के विस्तार का पूरी तरह समर्थन करती है, क्योंकि यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है और नौसेना कई सालों से इसकी मांग कर रही है। हालांकि, उनका कहना है कि सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि ऐसी परियोजना में ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बनाने की जरूरत पर जोर दे रही है जब देश में पहले से ही इंटरनेशनल सी-पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के तहत 1.5 करोड़ पेड़ काटे जाएंगे और कई महत्वपूर्ण कोरल रीफ्स को आधिकारिक दस्तावेजों से हटा दिया गया है। निकोबार के उन समुदायों को भी वहाँ से हटाया जाएगा जिन्हें कभी भारत सरकार ने बसाया था, ताकि वहाँ होटल, कैसीनो और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट बनाए जा सकें। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि ग्रेट निकोबार भारत के सबसे संवेदनशील और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है, लेकिन इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति को भारी नुकसान पहुँचेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रेट निकोबार को नष्ट करने के बजाय इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जाए।1
- पलवल में अचानक आए तेज तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बदले मौसम के कारण दर्जनों स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं पूरे शहर में व्यापक जलभराव की स्थिति देखने को मिली। राष्ट्रीय राजमार्ग भी जलभराव से अछूता नहीं रहा, जहाँ वाहनों की गति पूरी तरह थम गई। शहर की एक बड़ी समस्या पलवल के एलिवेटेड पुल से सामने आई, जहाँ से झरने की तरह पानी की बौछारें नीचे सड़क पर गिर रही थीं, जिससे वाहन चालक परेशान हो गए। इसकी वजह साइड में लगे बरसाती पानी को नीचे लाने वाले पाइपों का क्षतिग्रस्त होना बताया गया है। इस स्थिति को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। एलिवेटेड पुल के नीचे से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक सड़क पर भारी जलभराव और ऊपर से गिरते पानी से बेहद परेशान दिखे और प्रशासन को कोसते नजर आए। पलवल की न्यू कॉलोनी, जिसे पॉश क्षेत्र कहा जाता है, वहाँ भी भीषण जलभराव हुआ, गलियाँ पूरी तरह जलमग्न हो गईं, जगह-जगह पेड़ टूटे नजर आए और सीवर भी बारिश के पानी में उफनते दिखे, जिससे पानी का निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि, कुछ लोगों ने इस बदले मौसम से गर्मी से राहत मिलने और खुशनुमा मौसम का अनुभव होने पर खुशी जताई, इसे पहाड़ों जैसा ठंडा बताया। वहीं, एक बुजुर्ग ने जलभराव को मुसीबत बताते हुए सरकार और प्रशासन से ध्यान देने की अपील की। जलभराव की स्थिति पर डॉ. महावीर मलिक ने बताया कि इसके लिए सिर्फ प्रशासन और सरकार ही नहीं, बल्कि आम आदमी भी जिम्मेदार है, क्योंकि पॉलीथीन का अंधाधुंध प्रयोग नालियों में रुकावट पैदा कर जलभराव का एक बड़ा कारण बनता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह बारिश किसानों, खासकर दलहनी फसलें बोने वालों के लिए लाभदायक रहेगी। इस बीच, नगर परिषद के अधिकारियों पर भी आरोप लगे हैं कि वे 'रोम जल रहा था, नीरो चैन की बंसी बजा रहा था' की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने शिकायत की कि वह सोमवार सुबह 10:30 बजे नाला टूटने की शिकायत लेकर नगर परिषद के ईओ से मिलने गए, तो वे दफ्तर में सोए हुए मिले और उन्हें बाद में आने को कहा गया। हालांकि, इस आरोप की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन अगर यह सच है, तो इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।1
- देशभर में 5G नेटवर्क के तेजी से हो रहे विस्तार के कारण टेलीकॉम और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां नए मोबाइल टावर स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर जगह तलाश रही हैं। ऐसे में, यदि आपके पास कोई खाली छत या इमारत है, तो उसे किराए पर देकर आप हर महीने अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। यह जानना जरूरी है कि ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि जियो या एयरटेल जैसी कंपनियां सीधे टावर लगाती हैं, जबकि असल में यह कार्य इंडस टावर्स और अमेरिकन टावर कॉर्पोरेशन जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों का होता है। मोबाइल टावर लगाने के लिए जगह की आवश्यकता भिन्न होती है: छत के लिए कम से कम 500 वर्ग फुट खाली जगह और एक मजबूत बिल्डिंग की जरूरत होती है, वहीं प्लॉट पर टावर के लिए 2,000 वर्ग फुट खाली जमीन की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है। मोबाइल टावर से होने वाली कमाई पूरी तरह से आपकी लोकेशन पर निर्भर करती है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में हर महीने 50,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक का किराया आसानी से मिल सकता है। इसके विपरीत, छोटे शहरों में यह राशि 20,000 रुपये से 40,000 रुपये तक होती है, और ग्रामीण इलाकों में हर महीने 10,000 रुपये से 20,000 रुपये तक का किराया मिलता है। कुल मिलाकर, खाली छत या जमीन से हर महीने मोटी कमाई की जा सकती है, जिसके लिए मोबाइल टावर लगवाने की पूरी प्रक्रिया को समझना लाभप्रद हो सकता है।1
- ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-5 स्थित 'पूर्वांचल रॉयल सिटी' सोसाइटी से एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ टावर-2 के फ्लैट नंबर 1107 में काम करने वाली एक घरेलू सहायिका (मेड) पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया है। महिला की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिसे लहूलुहान हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चश्मदीदों के मुताबिक, महिला के शरीर पर गहरे जख्म हैं। यह घटना पूर्वांचल रॉयल सिटी सोसाइटी के टावर-2, फ्लैट नंबर 1107 की है। पीड़ित महिला दनकौर स्टेशन थाना क्षेत्र की रहने वाली है और घरों में काम करती थी। आरोप है कि फ्लैट के मालिकों ने पहले महिला के साथ बेहद बुरा बर्ताव किया, उसके साथ मारपीट की और फिर उस पर चाकू या ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया। इस खौफनाक वारदात की खबर फैलते ही सोसाइटी और आसपास काम करने वाले सैकड़ों घरेलू सहायकों (मेड्स) तथा स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क उठा। गुस्साए लोगों की भारी भीड़ पूर्वांचल रॉयल सिटी के मुख्य गेट पर जमा हो गई, जहाँ उन्होंने धरने पर बैठकर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। लोगों में इस बात को लेकर भी भारी आक्रोश है कि आलीशान सोसाइटियों में गरीब तबके के लोगों के साथ आए दिन ऐसी बदसलूकी की खबरें सामने आती हैं और रसूखदार लोग कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस जांच में जुट गई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक पीड़ित महिला को इंसाफ नहीं मिलता और दोषियों को जेल नहीं भेजा जाता, उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- पुलिस ने खान सर के गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि खान सर को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।1
- आम निवेशकों के लिए राजेश एक्सपोर्ट्स की अनियमितताएँ चौंकाने वाली हैं, जहाँ ₹3,000 करोड़ की मार्केट कैप वाली कंपनी पर ₹15 लाख करोड़ के हेरफेर का आरोप है। बाजार नियामक SEBI ने जून 2026 में कंपनी और उसके CMD राजेश मेहता के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसमें इस बड़े accounting fraud का खुलासा हुआ है। यह ₹15 लाख करोड़ की राशि भारत के कुल सालाना एक्सपोर्ट के लगभग 20 फीसदी के बराबर है। यह मामला बैंकों से पैसा लेकर भागने का नहीं, बल्कि लेखांकन में हेराफेरी का है। सेबी की गहन जांच में सामने आया है कि राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड, जो मुख्य रूप से सोने की रिफाइनिंग और ज्वेलरी के व्यवसाय में है और जिसके शेयरों में गुरुवार को 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा, ने वर्षों तक एक सुनियोजित खेल खेला। कंपनी कागजों पर हर साल ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कारोबार दिखा रही थी, जबकि असल में सोने के बिजनेस में मार्जिन बहुत कम 0.5% से 1% तक ही होता है। सेबी ने पाया कि वित्त वर्ष 2021 से वित्त वर्ष 2025 तक, यानी पाँच साल की अवधि में, कंपनी ने अपनी वित्तीय रिपोर्टों में भारी गड़बड़ी की है। ₹15 लाख करोड़ की यह राशि कोई अचानक गायब हुई नकदी नहीं है, बल्कि पिछले पाँच वर्षों में दिखाए गए कुल अर्जित राजस्व का लगभग 99.8% है, जिसे सेबी ने अपनी जांच के बाद फर्जी और भ्रामक घोषित किया है। जांच में पाया गया कि ये आंकड़े केवल कागजों पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए थे, और वास्तविक बिक्री नहीं हुई थी। सेबी और फोरेंसिक ऑडिटर BDO India की जांच के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स ने इन भ्रामक आंकड़ों को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से तीन तरीके अपनाए, जो इस पूरे खेल में कंपनी के 'बेहद शातिर दिमाग' का संकेत देते हैं।1
- पलवल में, उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने गुरुवार को लघु सचिवालय हथीन में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मेवात डेवलपमेंट एजेंसी (एमडीए) के तहत किए जाने वाले विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर भेजने का निर्देश दिया, ताकि एस्पिरेशनल ब्लॉक हथीन के समग्र विकास को गति दी जा सके। उपायुक्त ने हथीन क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों में लाइब्रेरी, विद्युत व्यवस्था, फर्नीचर और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके और शिक्षा का स्तर ऊँचा उठाया जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने खेल, पार्क, सोलर लाइट और पेयजल सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा विभाग को क्षेत्र का दौरा कर प्रमुख खेलों का अध्ययन करने और खेल नर्सरी या खेल अकादमी स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा गया। बैठक के दौरान, उपायुक्त ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संबंध में नगर पालिका, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित करने और पेयजल की उपलब्धता एवं आवश्यकताओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया। बैठक समाप्त होने के बाद, उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने लघु सचिवालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हथीन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं और वस्तुस्थिति का जायजा लिया, साथ ही अधिकारियों को जनसेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- राजधानी दिल्ली से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार सुबह मालवीय नगर के पॉश इलाके हौज रानी में स्थित एक होटल-रेस्टोरेंट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। इस हादसे के बाद पूरा इलाका चीख-पुकार में बदल गया। इस अग्निकांड में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। घटना से संबंधित विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट उपलब्ध है।1