*कानपुर : छह साल से फरार 25 हजार का इनामी बदमाश शिवम शर्मा गिरफ्तार, फर्जी जमानत गिरोह से था जुड़ा* कानपुर। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की पूर्वी जोन पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वर्ष 2020 से फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामी शातिर अपराधी शिवम शर्मा को पुलिस ने छह साल बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर कोर्ट के बाबू की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज था और वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। एडीसीपी शिवा शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी फर्जी जमानत के दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने वाले गिरोह से जुड़ा था। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2010 में कानपुर जीआरपी थाने में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद कानपुर समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में उसके खिलाफ करीब तीन दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, फर्जी जमानत प्रकरण में अब तक लगभग 80 लोगों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि 22 अन्य संदिग्ध अभी भी पुलिस की रडार पर हैं। उनकी तलाश और जांच लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी जमानत के नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं। *बाइट :* "आरोपी फर्जी जमानत गिरोह का सक्रिय सदस्य था। पूछताछ जारी है, जल्द ही अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।" *— शिवा सिंह, एडीसीपी पूर्वी, कानपुर*
*कानपुर : छह साल से फरार 25 हजार का इनामी बदमाश शिवम शर्मा गिरफ्तार, फर्जी जमानत गिरोह से था जुड़ा* कानपुर। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की पूर्वी जोन पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वर्ष 2020 से फरार चल रहे ₹25 हजार के इनामी शातिर अपराधी शिवम शर्मा को पुलिस ने छह साल बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर कोर्ट के बाबू की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज था और वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। एडीसीपी शिवा शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी फर्जी जमानत के दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने वाले गिरोह से जुड़ा था। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2010 में कानपुर जीआरपी थाने में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद कानपुर समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में उसके खिलाफ करीब तीन दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, फर्जी जमानत प्रकरण में अब तक लगभग 80 लोगों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि 22 अन्य संदिग्ध अभी भी पुलिस की रडार पर हैं। उनकी तलाश और जांच लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी जमानत के नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं। *बाइट :* "आरोपी फर्जी जमानत गिरोह का सक्रिय सदस्य था। पूछताछ जारी है, जल्द ही अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।" *— शिवा सिंह, एडीसीपी पूर्वी, कानपुर*
- वन विभाग व एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 171 संरक्षित कछुए बरामद, तस्कर गिरफ्तार* कानपुर नगर में 18 जुलाई, 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग, कानपुर नगर तथा एसटीएफ मुख्यालय, लखनऊ की संयुक्त टीम द्वारा हरवंश मोहाल क्रॉसिंग के पास विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में काले रंग का बैग लिए दिखाई दिया। तलाशी लेने पर उसके बैग से 171 इंडियन रूफ्ड टर्टल (Pangshura tecta) प्रजाति के कछुए बरामद किए गए। इंडियन रूफ्ड टर्टल (Pangshura tecta) भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 (Schedule-I) में संरक्षित वन्यजीव है। ऐसे वन्यजीवों का शिकार करना, उन्हें अवैध रूप से अपने कब्जे में रखना अथवा उनका व्यापार करना अधिनियम की धारा 9, 39, 40, 48(ए), 51 एवं 57 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम जाहिद अली पुत्र मोहम्मद अली, निवासी भटपुरा, थाना कमालगंज, जनपद फर्रुखाबाद बताया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत विभागीय एच-2 प्रकरण दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। बरामद किए गए सभी 171 कछुओं को माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानपुर के आदेश के अनुपालन में वन विभाग कानपुर नगर एवं फर्रुखाबाद की संयुक्त टीम की निगरानी में उनके प्राकृतिक आवास पंचालघाट, जनपद फर्रुखाबाद स्थित गंगा नदी में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।3
- कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना बर्रा पुलिस, क्राइम ब्रांच कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना बर्रा पुलिस, क्राइम ब्रांच, साइबर थाना और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड गैंग के मास्टरमाइंड ओमकार यादव उर्फ राजवीर सिंह तथा उसके साथी शिवम सिन्हा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड और प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। ठगी की रकम को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर ठिकाने लगाया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 05 मोबाइल फोन, विभिन्न नामों के आधार कार्ड की प्रतियां और एक आई-20 कार बरामद हुई है। जांच में 42 बैंक खातों का संचालन 7 मोबाइल नंबरों से किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गैंग से जुड़े खातों में मौजूद लगभग ₹35–40 लाख की धनराशि फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि करीब ₹4.12 करोड़ पहले ही फ्रीज कराए जा चुके हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- कानपुर रूस यूक्रेन युद्ध में मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर कानपुर निवासी सागर गुप्ता की मौत हो गई। सागर गुप्ता की मौत के बाद उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों को अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। पीड़ित परिवार लगातार सरकार और कंपनी से सागर के पार्थिव शरीर को वापस लाने की गुहार लगा रहा है। घटना के बाद से अब तक परिजनों को शिपिंग कंपनी या किसी सरकारी विभाग की तरफ से कोई लिखित या पुख्ता आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।30 वर्षीय सागर गुप्ता 'एवन नेविगेटर' कंपनी के जरिए मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे। 18 तारीख को उनका जहाज रशिया (रूस) की ओर जा रहा था, तभी अचानक उस पर ड्रोन से हमला हो गया। सागर जैसे ही ऊपर शिप के डेक पर पहुंचे, वह इस हमले की चपेट में आ गए। घटना की जानकारी परिवार को 21 तारीख को मिली। सागर गुप्ता अपने पीछे मां रमा गुप्ता, पत्नी शालू गुप्ता, 5 साल की बेटी गौरी और महज 7 महीने के मासूम बेटे कृष्ण को छोड़ गए हैं। पिता (स्व. रूप नारायण गुप्ता) के पहले ही न रहने के बाद, अब सागर की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बड़े भाई मनीष और 4 बहनें सरकार से जल्द से जल्द सागर के शव को वतन वापस लाने की मांग कर रहे हैं।3
- *वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई: 171 संरक्षित कछुए बरामद, तस्कर गिरफ्तार* कानपुर नगर, 28 जुलाई, 2026। वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई में 171 संरक्षित कछुओं को तस्करी से बचाया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 18 जुलाई को हरवंश मोहाल क्रॉसिंग के पास की गई। प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, कानपुर नगर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग कानपुर नगर और एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ की संयुक्त टीम ने संदिग्ध व्यक्ति को काले रंग के बैग के साथ रोका। तलाशी में बैग से 171 इंडियन रूफ्ड टर्टल (Pangshura tecta) प्रजाति के कछुए मिले। यह प्रजाति भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में संरक्षित है। अधिनियम की धारा 9, 39, 40, 48(ए), 51 एवं 57 के तहत इनके शिकार, कब्जे या व्यापार पर दंड का प्रावधान है। आरोपी ने अपनी पहचान जाहिद अली पुत्र मोहम्मद अली, निवासी भटपुरा, थाना कमालगंज, जनपद फर्रुखाबाद बताई। उसके खिलाफ विभागीय एच-2 प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानपुर के आदेश पर सभी 171 कछुओं को वन विभाग की टीम की निगरानी में पंचालघाट, फर्रुखाबाद स्थित गंगा नदी में उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।3
- ब्रेकिंग न्यूज चकेरी में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, शातिर अपराधी गिरफ्तार चकेरी में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, शातिर अपराधी गिरफ्तार जिला रिपोर्टर अनूप कुमार निषाद चकेरी थाना क्षेत्र में पुलिस और शातिर अपराधी के बीच मुठभेड़। पुलिस के मुताबिक रोकने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर की फायरिंग। जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में लगी गोली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अस्पताल में कराया भर्ती, हालत स्थिर। आरोपी के खिलाफ 2016 से करीब एक दर्जन गंभीर मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। कब्जे से स्कूटी, .315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा कारतूस बरामद। पुलिस आरोपी के आपराधिक नेटवर्क की भी जांच में जुटी। बाइट—सत्यजीत गुप्ता, DCP ईस्ट कानपुर #BreakingNews #Kanpur #KanpurNews #Chakeri #ChakeriPolice #KanpurPolice #PoliceEncounter #Encounter #CrimeNews #News #UttarPradesh #Crime #PoliceAction #GangsterAct #Live #LiveNews #BreakingKanpur #nonfollowers1