गीडा के सेक्टर-13 में बड़ी संख्या में पौधे खुले में पड़े, समय पर रोपण और देखभाल नहीं होने से सूखने का खतरा गोरखपुर। औद्योगिक क्षेत्र गीडा में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे पौधारोपण अभियान की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गीडा के सेक्टर-13 स्थित उद्योग भवन परिसर में बड़ी संख्या में पौधे खुले में पड़े दिखाई दे रहे हैं। समय से इनका रोपण नहीं होने और नियमित देखभाल की व्यवस्था न होने के कारण कई पौधों के खराब होने की आशंका बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इन पौधों को औद्योगिक इकाइयों के आसपास, सड़कों के किनारे और निर्धारित हरित पट्टियों में रोपने के लिए मंगाया गया था। पौधों को उनके निर्धारित स्थानों तक पहुंचाकर रोपण कराने के बजाय उन्हें उद्योग भवन परिसर में ही रख दिया गया है। खुले स्थान पर पड़े पौधों को तेज धूप, गर्मी और पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि जल्द ही इनका रोपण नहीं कराया गया तो बड़ी संख्या में पौधे सूख सकते हैं। पौधों के पड़े रहने से उठे सवाल उद्योग भवन परिसर में पौधों के इस तरह खुले में पड़े होने से पौधारोपण अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पौधारोपण के लिए केवल पौधे उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें समय पर सही स्थान पर लगाना, नियमित सिंचाई करना और पौधों को पशुओं व अन्य नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था करना भी जरूरी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि इन पौधों को किन-किन औद्योगिक इकाइयों अथवा हरित पट्टियों में लगाया जाना है और इनके आवंटन तथा रोपण की जिम्मेदारी किस विभाग या अधिकारी की है। यदि पौधे कई दिनों तक इसी तरह खुले में पड़े रहे तो अभियान के उद्देश्य को नुकसान पहुंच सकता है। संख्या नहीं, पौधों का जीवित रहना महत्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जाने वाले पौधारोपण अभियान की सफलता केवल इस बात से नहीं मापी जा सकती कि कितने पौधे खरीदे या वितरित किए गए। वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने पौधे निर्धारित स्थानों पर रोपे गए और उनमें से कितने पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो पाए। यदि समय पर रोपण और देखभाल नहीं हुई और पौधे सूख गए तो खरीद, परिवहन और रखरखाव पर खर्च होने वाली धनराशि का अपेक्षित उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। इससे सरकारी स्तर पर चलाए जा रहे हरियाली बढ़ाने के प्रयासों पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। जल्द रोपण और सिंचाई की जरूरत औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण कम करने और वातावरण को बेहतर बनाने के लिए हरियाली बढ़ाना बेहद जरूरी है। ऐसे में उद्योग भवन परिसर में रखे पौधों को जल्द से जल्द चिन्हित स्थानों पर लगाने के साथ उनकी नियमित सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। साथ ही पौधों के आवंटन, रोपण और बाद में उनके संरक्षण की जिम्मेदारी तय कर नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए, ताकि अभियान का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित न रह जाए और औद्योगिक क्षेत्र वास्तव में हराभरा हो सके।
गीडा के सेक्टर-13 में बड़ी संख्या में पौधे खुले में पड़े, समय पर रोपण और देखभाल नहीं होने से सूखने का खतरा गोरखपुर। औद्योगिक क्षेत्र गीडा में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे पौधारोपण अभियान की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। गीडा के सेक्टर-13 स्थित उद्योग भवन परिसर में बड़ी संख्या में पौधे खुले में पड़े दिखाई दे रहे हैं। समय से इनका रोपण नहीं होने और नियमित देखभाल की व्यवस्था न होने के कारण कई पौधों के खराब होने की आशंका बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इन पौधों को औद्योगिक इकाइयों के आसपास, सड़कों के किनारे और निर्धारित हरित पट्टियों में रोपने के लिए मंगाया गया था। पौधों को उनके निर्धारित स्थानों तक पहुंचाकर रोपण कराने के बजाय उन्हें उद्योग भवन परिसर में ही रख दिया गया है। खुले स्थान पर पड़े पौधों को तेज धूप, गर्मी और पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि जल्द ही इनका रोपण नहीं कराया गया तो बड़ी संख्या में पौधे सूख सकते हैं। पौधों के पड़े रहने से उठे सवाल उद्योग भवन परिसर में पौधों के इस तरह खुले में पड़े होने से पौधारोपण अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि पौधारोपण के लिए केवल पौधे उपलब्ध करा देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें समय पर सही स्थान पर लगाना, नियमित सिंचाई करना और पौधों को पशुओं व अन्य नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था करना भी जरूरी है। सवाल यह
भी उठ रहा है कि इन पौधों को किन-किन औद्योगिक इकाइयों अथवा हरित पट्टियों में लगाया जाना है और इनके आवंटन तथा रोपण की जिम्मेदारी किस विभाग या अधिकारी की है। यदि पौधे कई दिनों तक इसी तरह खुले में पड़े रहे तो अभियान के उद्देश्य को नुकसान पहुंच सकता है। संख्या नहीं, पौधों का जीवित रहना महत्वपूर्ण पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जाने वाले पौधारोपण अभियान की सफलता केवल इस बात से नहीं मापी जा सकती कि कितने पौधे खरीदे या वितरित किए गए। वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने पौधे निर्धारित स्थानों पर रोपे गए और उनमें से कितने पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो पाए। यदि समय पर रोपण और देखभाल नहीं हुई और पौधे सूख गए तो खरीद, परिवहन और रखरखाव पर खर्च होने वाली धनराशि का अपेक्षित उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। इससे सरकारी स्तर पर चलाए जा रहे हरियाली बढ़ाने के प्रयासों पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। जल्द रोपण और सिंचाई की जरूरत औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण कम करने और वातावरण को बेहतर बनाने के लिए हरियाली बढ़ाना बेहद जरूरी है। ऐसे में उद्योग भवन परिसर में रखे पौधों को जल्द से जल्द चिन्हित स्थानों पर लगाने के साथ उनकी नियमित सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। साथ ही पौधों के आवंटन, रोपण और बाद में उनके संरक्षण की जिम्मेदारी तय कर नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की जानी चाहिए, ताकि अभियान का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित न रह जाए और औद्योगिक क्षेत्र वास्तव में हराभरा हो सके।
- सभी पदाधिकारियों से अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तानाशाही के चलते हुए हमारे बनारस शिविर की परमीशन रद्द करके शिविर को नहीं लगने दिया पुलिस प्रशासन ने टेंट उखाड़ दिए धारा 163लगा दी गई जो जत्थे पहुंच गए हैं उनको एकत्रित नहीं होने दिया जा रहा है यह सरकार और प्रशासन की तानाशाही को लेकर सभी पदाधिकारी अपनी अपनी शोसल मीडिया पर विडियो बनाकर डालें मेरी विडियो को अपलोड करें। हर रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं को रोका जा रहा है। सभी पदाधिकारी शोसल मीडिया पर डालें। मास्टर श्यौराज1
- डीआईजी ने सहजनवा, गीडा थानों का औचक निरीक्षण किया, आम जनता से लिए फीडबैक गोरखपुर रेंज के डीआईजी यश चन्नाप्पा ने शनिवार को सहजनवा और गीडा थाना क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों की समस्याओं को समझा और दोनों थानों की पुलिसिंग व प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। डीआईजी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि पुलिस का मुख्य मकसद फरियादियों को न्याय दिलाना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। सहजनवा थाने में हुए 'थाना समाधान दिवस' की अध्यक्षता खुद डीआईजी यश चन्नाप्पा ने की। समाधान दिवस में पहुंचे कई फरियादियों से उन्होंने बात की और उनकी शिकायतें ध्यान से सुनीं। भूमि विवाद, आपसी झगड़े और दूसरे मामलों पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी। साथ ही, मामलों को तुरंत और सही तरीके से निपटाने के निर्देश दिए। इस दौरान सहजनवा थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर बलराम पांडेय, सुरेश यादव, विशाल सिंह समेत थाने की पूरी पुलिस टीम मौजूद थी।1
- Post by फ़िरोज़ अहमद1
- गोरखपुर में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन | छात्राओं ने दिखाया हुनर और वैज्ञानिक सोच | Science Exhibition1
- प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सपा के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर साधा निशान संतकबीरनगर सपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की की अपील , मतदाताओं ने संपर्क बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प , इस दौरान कार्यकर्ताओं में आगामी चुनाव को लेकर दिखा खासा उत्साह उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना सदा उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के बाद किसी भी प्रकार का कोई मुद्दा नहीं है अब सिर्फ एक दूसरे से लड़कर ही चुनाव में सत्ता हासिल करने का प्रयास कर रही है भाजपा1
- नौसड़ में डंपर का तांडव! कार को घसीटता रहा चालक, पुलिस ने बचाई दो जान...... #गोरखपुर #नौसड़ #डंपरचालक #सड़कहादसा #शराबकेनशेमेंड्राइविंग #ट्रैफिकसुरक्षा #सड़कसुरक्षा #कठोरकार्रवाई #पुलिसकार्रवाई #डंपर #कारहादसा #GorakhpurNews #BreakingNews #ABC_Hindustan #ABCHindustan #UPNews1
- मां के सामने स्कूल बस के पहिए के नीचे आया बेटा, परिजनों में मचा कोहराम गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के नइयापार में शनिवार सुबह स्कूल बस में चढ़ने के लिए खड़े पांच वर्षीय हिमांशु को बस में चढ़ने से पहले ही चालक ने बस चलाकर कुचल दिया। बस के पहिए के नीचे आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक को पकड़कर पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली। हिमांशु उसी बस से एसडी पब्लिक स्कूल आराजी चिलबिलवा पढ़ने जाता था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। सुबह करीब सवा आठ बजे बस पांच साल के हिमांशु के घर के दरवाजे पर पहुंची थी। सूचना पर पहुंची पिपराइच पुलिस ने चालक को कब्जे में लिया और लोगों को शांत कराया। नइयापार निवासी हरिकेश का पुत्र हिमांशु परिवार में इकलौता बेटा था। उसकी नौ माह की छोटी बहन है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- संतकबीरनगर युवाओ के सम्मान को लेकर सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने निकाली जन जागरूकता रैली। संत कबीर नगर जिले के सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने युवाओं को सम्मान को लेकर एक रैली निकाली रैली के दौरान युवाओं ने सदर विधायक को फूल मालाओं से लदकर बुलेट से ले जाकर एक शानदार रैली निकाली इस दौरान विधायक ने युवाओं के दिए गए सम्मान का सम्मान करते हुए कहा कि युवाओं के लिए हर विषम परिस्थितियों में उनके साथ खड़े हैं युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए जो भी आगे का कार्यक्रम होगा और जो कुछ योजनाएं सरकार की तरफ से आएंगे उसे हर हाल में युवाओं को दिलाने का प्रयास करेंगे युवा ही देश के आने वाले भविष्य हैं1
- यूपी के गोंडा में विनोद सहानी ह*याका*ड की पूरी कहानी ,अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर मंत्री संजय निषाद,हंगामा यूपी के गोंडा में विनोद सहानी ह*याका*ड की पूरी कहानी ,अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर मंत्री संजय निषाद,हंगामा1