रजनीश मिश्र बोले— हर स्कूली वाहन चालक बच्चों के लिए अभिभावक समान पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। बच्चों की मुस्कान और उनका सुरक्षित भविष्य ही सड़क सुरक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। यह बात शुक्रवार को अटल ऑडिटोरियम में आयोजित स्कूली वाहन चालकों की वृहद कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र ने कही। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद भर से आए लगभग 300 स्कूली वाहन चालक व परिचालक शामिल हुए। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद में यह कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र रहे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन विद्यालय जाने वाले बच्चे जब वाहन में बैठते हैं तो उस समय चालक ही उनके अभिभावक होते हैं। बच्चों की छोटी-सी लापरवाही भी उनके जीवन पर भारी पड़ सकती है, इसलिए नियमों का पालन केवल कानून का पालन नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य की रक्षा है। कार्यशाला में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सर्वेश कुमार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। वे प्रतिदिन 1 से 1.30 घंटे तक वाहन में यात्रा करते हैं और इस दौरान चालक के व्यवहार, अनुशासन और जिम्मेदारी से बहुत कुछ सीखते हैं। ऐसे में यदि चालक स्वयं नियमों का पालन करेगा तो बच्चे भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनेंगे। विशिष्ट अतिथि क्षेत्राधिकारी (यातायात) संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेन्द्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिबंश कुमार, व्यापार मंडल से सचिन बाधम सहित अन्य अधिकारियों ने भी सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। मोटरयान निरीक्षक विकास यादव ने उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वाहन में सीएनजी सिलेंडर के ऊपर सीट नहीं होनी चाहिए, एफडीएसएस सिस्टम, सभी सीटों पर सीट बेल्ट, बैग रखने के लिए रैक, 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा यंत्र, लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस तथा सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए। कार्यक्रम में यातायात उप निरीक्षक विनय कुमार पाण्डेय, यात्री/माल कर अधिकारी आर.पी. गौतम सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यशाला के अंत में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र द्वारा उपस्थित सभी वाहन चालकों और परिचालकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि एक सुरक्षित सफर हजारों सपनों की हिफाजत करता है और सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
रजनीश मिश्र बोले— हर स्कूली वाहन चालक बच्चों के लिए अभिभावक समान पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। बच्चों की मुस्कान और उनका सुरक्षित भविष्य ही सड़क सुरक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। यह बात शुक्रवार को अटल ऑडिटोरियम में आयोजित स्कूली वाहन चालकों की वृहद कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र ने कही। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद भर से आए लगभग 300 स्कूली वाहन चालक व परिचालक शामिल हुए। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद में यह कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र रहे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन विद्यालय जाने वाले बच्चे जब वाहन में बैठते हैं तो उस समय चालक ही उनके अभिभावक होते हैं। बच्चों की छोटी-सी लापरवाही भी उनके जीवन पर भारी पड़ सकती है, इसलिए नियमों का पालन केवल कानून का पालन नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य की रक्षा है। कार्यशाला में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सर्वेश कुमार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। वे प्रतिदिन 1 से 1.30 घंटे तक वाहन में यात्रा करते हैं और इस दौरान चालक के व्यवहार, अनुशासन और जिम्मेदारी से बहुत कुछ सीखते हैं। ऐसे में यदि चालक स्वयं नियमों का पालन करेगा तो बच्चे भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनेंगे। विशिष्ट अतिथि क्षेत्राधिकारी (यातायात) संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेन्द्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिबंश कुमार, व्यापार मंडल से सचिन बाधम सहित अन्य अधिकारियों ने भी सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। मोटरयान निरीक्षक विकास यादव ने उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वाहन में सीएनजी सिलेंडर के ऊपर सीट नहीं होनी चाहिए, एफडीएसएस सिस्टम, सभी सीटों पर सीट बेल्ट, बैग रखने के लिए रैक, 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा यंत्र, लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस तथा सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए। कार्यक्रम में यातायात उप निरीक्षक विनय कुमार पाण्डेय, यात्री/माल कर अधिकारी आर.पी. गौतम सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यशाला के अंत में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र द्वारा उपस्थित सभी वाहन चालकों और परिचालकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि एक सुरक्षित सफर हजारों सपनों की हिफाजत करता है और सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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- रजनीश मिश्र बोले— हर स्कूली वाहन चालक बच्चों के लिए अभिभावक समान पब्लिक की लहर शाहजहांपुर। बच्चों की मुस्कान और उनका सुरक्षित भविष्य ही सड़क सुरक्षा का वास्तविक उद्देश्य है। यह बात शुक्रवार को अटल ऑडिटोरियम में आयोजित स्कूली वाहन चालकों की वृहद कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र ने कही। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद भर से आए लगभग 300 स्कूली वाहन चालक व परिचालक शामिल हुए। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेशभर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद में यह कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें बच्चों की सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र रहे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन विद्यालय जाने वाले बच्चे जब वाहन में बैठते हैं तो उस समय चालक ही उनके अभिभावक होते हैं। बच्चों की छोटी-सी लापरवाही भी उनके जीवन पर भारी पड़ सकती है, इसलिए नियमों का पालन केवल कानून का पालन नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य की रक्षा है। कार्यशाला में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सर्वेश कुमार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। वे प्रतिदिन 1 से 1.30 घंटे तक वाहन में यात्रा करते हैं और इस दौरान चालक के व्यवहार, अनुशासन और जिम्मेदारी से बहुत कुछ सीखते हैं। ऐसे में यदि चालक स्वयं नियमों का पालन करेगा तो बच्चे भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनेंगे। विशिष्ट अतिथि क्षेत्राधिकारी (यातायात) संजय कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रवेन्द्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिबंश कुमार, व्यापार मंडल से सचिन बाधम सहित अन्य अधिकारियों ने भी सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। मोटरयान निरीक्षक विकास यादव ने उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वाहन में सीएनजी सिलेंडर के ऊपर सीट नहीं होनी चाहिए, एफडीएसएस सिस्टम, सभी सीटों पर सीट बेल्ट, बैग रखने के लिए रैक, 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा यंत्र, लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस तथा सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए। कार्यक्रम में यातायात उप निरीक्षक विनय कुमार पाण्डेय, यात्री/माल कर अधिकारी आर.पी. गौतम सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यशाला के अंत में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्र द्वारा उपस्थित सभी वाहन चालकों और परिचालकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि एक सुरक्षित सफर हजारों सपनों की हिफाजत करता है और सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।1
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