फतेहाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार को एक बंदर महिला के हाथ से आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात रखी प्लास्टिक की पन्नी छीनकर भाग गया। ग्राम चमरपुरा निवासी नितलेश पत्नी नितेश प्रसाद किसी कार्य से सीएचसी पहुंची थीं, तभी अचानक बंदर उनके हाथ में मौजूद पन्नी झपटकर अस्पताल परिसर में भाग निकला। घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर मौजूद लोगों ने बंदर के पीछे दौड़ लगाई। काफी देर की मशक्कत के बाद लोगों ने बंदर से पन्नी वापस हासिल कर ली, जिससे आधार कार्ड सहित सभी दस्तावेज सुरक्षित मिल गए। सीएचसी फतेहाबाद में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदर अक्सर मरीजों और तीमारदारों के हाथ से खाने-पीने का सामान, बैग और जरूरी कागजात छीन लेते हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है। इस परेशानी को देखते हुए स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फतेहाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार को एक बंदर महिला के हाथ से आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात रखी प्लास्टिक की पन्नी छीनकर भाग गया। ग्राम चमरपुरा निवासी नितलेश पत्नी नितेश प्रसाद किसी कार्य से सीएचसी पहुंची थीं, तभी अचानक बंदर उनके हाथ में मौजूद पन्नी झपटकर अस्पताल परिसर में भाग निकला। घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर मौजूद लोगों ने बंदर के पीछे दौड़ लगाई। काफी देर की मशक्कत के बाद लोगों ने बंदर से पन्नी वापस हासिल कर ली, जिससे आधार कार्ड सहित सभी दस्तावेज सुरक्षित मिल गए। सीएचसी फतेहाबाद में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदर अक्सर मरीजों और तीमारदारों के हाथ से खाने-पीने का सामान, बैग और जरूरी कागजात छीन लेते हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है। इस परेशानी को देखते हुए स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
- ताज नगरी आगरा स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर पार्टी की पूर्व सांसद फूलन देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस श्रद्धांजलि सभा में समाजवादी पार्टी की पूर्व सांसद फूलन देवी को याद करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- फतेहाबाद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार को एक बंदर महिला के हाथ से आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात रखी प्लास्टिक की पन्नी छीनकर भाग गया। ग्राम चमरपुरा निवासी नितलेश पत्नी नितेश प्रसाद किसी कार्य से सीएचसी पहुंची थीं, तभी अचानक बंदर उनके हाथ में मौजूद पन्नी झपटकर अस्पताल परिसर में भाग निकला। घटना से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर मौजूद लोगों ने बंदर के पीछे दौड़ लगाई। काफी देर की मशक्कत के बाद लोगों ने बंदर से पन्नी वापस हासिल कर ली, जिससे आधार कार्ड सहित सभी दस्तावेज सुरक्षित मिल गए। सीएचसी फतेहाबाद में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है। बंदर अक्सर मरीजों और तीमारदारों के हाथ से खाने-पीने का सामान, बैग और जरूरी कागजात छीन लेते हैं, जिससे लोगों में भय बना रहता है। इस परेशानी को देखते हुए स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1
- फतेहाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शनिवार को बंदर के आतंक के कारण एक महिला को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्राम चमरपुरा निवासी नितलेश, पत्नी नितेश प्रसाद अस्पताल में आई थीं, तभी एक बंदर ने अचानक उनके हाथ से आधार कार्ड रखी हुई प्लास्टिक की पन्नी छीन ली। घटना के बाद महिला घबरा गई और अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बंदर पन्नी लेकर अस्पताल परिसर में इधर-उधर दौड़ता रहा, जिसके बाद लोगों ने काफी प्रयासों के बाद बंदर से पन्नी वापस ली। राहत की बात यह रही कि आधार कार्ड सुरक्षित मिल गया और कोई नुकसान नहीं हुआ। सीएचसी परिसर में बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है। मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार बंदर अक्सर खाने-पीने का सामान, बैग और जरूरी दस्तावेज छीन लेते हैं। पीड़ित लोगों ने अस्पताल प्रशासन से बंदरों के इस आतंक पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की माँग की है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बेलगाम SOG और एसपी की खराब भाषाशैली को लेकर पत्रकारों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है। बीते कल शाम चिनौर रोड पर बाइक से जा रहे टीवी चैनल के पत्रकारों, प्रभाकर मिश्रा और विशेक मिश्रा को SOG की टीम पकड़कर अपने साथ ले गई थी। कई घंटों तक पुलिस अधिकारियों ने मामले की कोई जानकारी मीडिया से साझा नहीं की। बाद में बमुश्किल जानकारी मिली कि पत्रकारों को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले में काले झंडे दिखाने का वीडियो वायरल करने के आरोप में उठाया गया था। जब पत्रकारों ने नाराजगी जताते हुए रिजर्व पुलिस लाइन स्थित SOG के इंटरोगेशन रूम में डेरा डाला, तो भारी विरोध और कोई भी साक्ष्य न होने के चलते SOG ने दोनों पत्रकारों को छोड़ दिया। इस पूरी कार्रवाई और पत्रकारों के पकड़े जाने पर जब एसपी से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने खराब भाषा शैली का प्रयोग किया। इसके विरोध में आज तमाम पत्रकार संगठनों ने प्रेस क्लब पर बैठक की और कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालते हुए उग्र नारेबाजी की। पत्रकारों ने विकास भवन के मीटिंग हॉल में जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जहां मंत्री की बैठक होनी थी। पत्रकारों ने दो टूक मांग रखी कि जब तक एसपी खुद आकर बात नहीं करेंगे, तब तक किसी को भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। पत्रकारों के लगातार बढ़ते आक्रोश को देखकर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और एसपी सौरभ दीक्षित विकास भवन के मीटिंग हॉल पहुंचे। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित मीटिंग हॉल में एसपी और पत्रकारों के बीच कई घंटों तक वार्ता चली। बैकफुट पर आए एसपी सौरभ दीक्षित ने बयान दिया कि पत्रकारों के साथ जो भी घटना घटी, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि आगे से ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने दी जाएगी। वहीं, SOG प्रभारी और उनकी पूरी टीम को तत्काल सस्पेंड करने की मांग पर एसपी ने ज्ञापन की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।3
- जंतर-मंतर पर आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा यह पोस्ट वहां की वास्तविक स्थिति और जमीनी सच्चाई को सामने लाता है।1
- कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन एक्शन में आ गया है। तैयारियों का जायजा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने खुद ज़मीन पर उतरकर पूरे रूट का निरीक्षण किया है। यात्रा को देखते हुए प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है।1
- दिल्ली की गूंज के बीच उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में सरकार के खिलाफ जोरदार हल्ला बोल दिया गया है। दिल्ली में उठे विरोध का असर अब फिरोजाबाद में भी सीधे तौर पर दिखाई दे रहा है, जहाँ सरकार के खिलाफ आवाज़ बुलंद की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में थाना नारखी पुलिस और सर्विलांस टीम ने बकरी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुठभेड़ के बाद दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बैंदी की पुलिया के पास दबिश दी, जहाँ आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में सौरभ (पुत्र जगदीश) के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में दबोच लिया गया, जबकि भागने की कोशिश कर रहे उसके साथी सोमवीर उर्फ बंटी (पुत्र जगदीश) को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। इस कार्रवाई से 7 जून और 4 जुलाई को हुई बकरी चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो चोरी की गई बकरियां, एक अवैध .315 बोर तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस, चोरी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (DL 2C AN 7682) तथा बकरियां बेचकर प्राप्त ₹15 हजार बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी चोरी, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों में जेल जा चुके हैं। घायल सौरभ को पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1