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पानी के गंभीर संकट को लेकर कांग्रेस ने जल भवन का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शित करते हुए घड़े फोड़े और अपनी नाराजगी व्यक्त की।
घनश्याम मिश्रा
पानी के गंभीर संकट को लेकर कांग्रेस ने जल भवन का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शित करते हुए घड़े फोड़े और अपनी नाराजगी व्यक्त की।
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- बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइन्स पर श्रमिकों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी रहा, जिसकी अगुवाई शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी कर रहे हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत श्रमिकों ने गृह मंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दौरान उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने खून से पत्र लिखकर अपनी गहरी पीड़ा और मांगों को सामने रखा। धरनास्थल पर श्रमिकों ने बताया कि वे लंबे समय से रोजगार, श्रमिक अधिकारों और स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। श्रमिकों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित कंपनी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे उनकी निराशा बढ़ती जा रही है। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्पष्ट किया कि जब तक श्रमिकों की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, श्रमिकों द्वारा खून से लिखा गया यह पत्र अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो उनकी हताशा और संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।1
- पानी संकट के विरोध में कांग्रेस ने जल भवन का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने घड़े फोड़कर अपना विरोध व्यक्त किया।1
- भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान शहीदों, जिनमें सरदार भगतसिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल और असफकुड्डोला शामिल हैं, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इन वीर बलिदानियों ने सभी भारतीयों की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के निर्माण, विकास और रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी भाइयों को भी अमर शहीद मानकर नमन करने का आह्वान किया गया है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे मिलकर इन अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करें, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।1
- राजस्थान सरकार के मंत्रियों का रील बनाने का सिलसिला अभी भी जारी है, जिस पर मौन नहीं साधा जा रहा है। हाल ही में, राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जी को कुछ इस प्रकार रील शूट करवाते हुए देखा गया है। इसके बाद, मंत्री साहब से यह आग्रह किया जा रहा है कि उनकी यह रीलबाज़ी अब बस की जाए।1
- जयपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा किसी कारणवश रास्ता बंद करने को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर कुछ छात्र नेताओं का पुलिस प्रशासन से बहस करना कितना सही है। पुलिस अपनी ड्यूटी का पालन करते हुए आम जनता की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने का काम करती है। जयपुर में कई बार बड़े आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट, शोभायात्राओं, प्रदर्शनों और सुरक्षा कारणों से यातायात को डायवर्ट किया जाता है। ट्रैफिक पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होता है। हाल ही में, जयपुर में कई प्रदर्शनों और आयोजनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और तनाव की स्थितियाँ भी देखने को मिली हैं। जनता से अपील की गई है कि वे पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि सड़क पर व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। इस विषय पर एक खास रिपोर्ट देखने और 'जस्ट जयपुर लाइव' से जुड़े रहने का भी आह्वान किया गया है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने 'नए भारत' के निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के त्याग और उनके प्रभावी नेतृत्व को दिया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के इन्हीं समर्पण और मार्गदर्शन के कारण ही 'नया भारत' संभव हो पाया है।1
- परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक भाषण में घोषणा की थी कि इथेनॉल मिलाने के बाद पेट्रोल की कीमतों में पन्द्रह रुपए तक की कमी आएगी। हालांकि, अब स्थिति यह है कि मंत्री अपने ही कहे वादे को भूल गए हैं और पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे उनके पिछले बयान पर सवाल उठ रहे हैं।1
- आज सुबह 10:30 बजे आवास से जल भवन तक एक पैदल मार्च आयोजित किया जाएगा। इस मार्च का उद्देश्य "गूँगी-बहरी पर्ची सरकार" का "इलाज" करना है, जैसा कि जानकारी में बताया गया है।1
- पूरे भारत में एक आम धारणा है कि भारतीय सेना को जनता सर्वाधिक सम्मानित और वफादार मानती है, जबकि पुलिस को सबसे निकम्मा और भ्रष्टाचार में डूबा हुआ माना जाता है। इस आकलन के अनुसार, सेना में 90% सैनिक ईमानदार, सेवा भावी, कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्ति से पूर्ण होते हैं। हालांकि, सेना में भी 10% निकम्मे और गद्दार भ्रष्टाचारी मिलते हैं, लेकिन वे आमतौर पर सैनिक स्तर पर नहीं, बल्कि उच्च रैंक पर पाए जाते हैं। इसके विपरीत, पुलिस व्यवस्था में केवल 20% पुलिसकर्मी ही जनसेवा करते हैं, जबकि बाकी 80% बिना रिश्वत के कोई भी कार्य नहीं करते हैं, और यह स्थिति पूरे भारत में समान है। इसी कारणवश, राज्य या केंद्र, सभी सरकारें किसी भी कठिनाई में सेना से ही आशा रखती हैं, क्योंकि सेना का आधार ही उसकी देशभक्ति और विश्वसनीयता है। एक प्रस्तुत वीडियो भी डॉक्टर की लापरवाही के साथ-साथ पुलिस कमिश्नर की लापरवाही को उजागर करता है। यह मामला योगीजी तक पहुँच चुका है और उनसे अपेक्षा है कि वे इसका सफल और संतोषप्रद समाधान प्रदान करेंगे। भारतीय सेना के प्रति भारतीयों का गहरा प्यार और सम्मान है, क्योंकि उसकी देशभक्ति पर सबका विश्वास है। यह अकाट्य सत्य है कि भारतीय पुलिस विभाग सबसे ज्यादा निकम्मा और भ्रष्ट है, जबकि भारत की सेना सर्वाधिक विश्वास पात्र और वफादार है।1