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भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान शहीदों, जिनमें सरदार भगतसिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल और असफकुड्डोला शामिल हैं, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इन वीर बलिदानियों ने सभी भारतीयों की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के निर्माण, विकास और रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी भाइयों को भी अमर शहीद मानकर नमन करने का आह्वान किया गया है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे मिलकर इन अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करें, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
दौलत राम शर्मा शास्त्री
भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान शहीदों, जिनमें सरदार भगतसिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल और असफकुड्डोला शामिल हैं, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इन वीर बलिदानियों ने सभी भारतीयों की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के निर्माण, विकास और रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी भाइयों को भी अमर शहीद मानकर नमन करने का आह्वान किया गया है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे मिलकर इन अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करें, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
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- जयपुर के मुहाना थाना इलाके में बीती रात मुहाना मोड़ पर एक चलती पेट्रोल कार में अचानक धुआं उठने के बाद भीषण आग लग गई, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के साथ ही कार के गेट लॉक हो गए, जिसके कारण उसमें सवार दो दोस्त अंदर फंस गए। अजमेर से जयपुर आ रही यह कार मुहाना मोड़ पर अचानक बंद हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सांगानेर भाजपा मंडल अध्यक्ष ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत कार के विंडो ग्लास तोड़कर दोनों दोस्तों को बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बच सकी। कार में बैठा एक युवक अपने जयपुर में पढ़ने वाले दोस्त को मालवीय नगर छोड़ने जा रहा था। घटना की सूचना पर मुहाना थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत ट्रैफिक रुकवाकर, फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी की सहायता से करीब 10 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया। हालांकि, आग के कारण कार पूरी तरह जलकर कबाड़ में बदल गई।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर से अनु मीणा आत्महत्या मामले में दिल दहला देने वाला खुलासा सामने आया है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पति की प्रताड़ना से तंग आकर अनु मीणा ने खुदकुशी कर ली थी, और अब इस केस में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पति की क्रूरता के ऐसे राज खोले हैं जो रोंगटे खड़े कर देते हैं। फुटेज में दिख रहा है कि पति अनु मीणा की खुदकुशी से कुछ ही दिन पहले बच्चों के सामने ही उसे जूते से बेरहमी से पीट रहा था और उसके मुंह पर थूक रहा था। अनु के परिवार वालों ने करीब 40 दिन बाद आरोपी पति गौतम मीणा, जो पब्लिक वेलफेयर डिपार्टमेंट में इंजीनियर है, सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। अनु के बच्चों ने भी अब अपने पिता की दरिंदगी की कहानी बताते हुए रोना शुरू कर दिया है। जयपुर के गोपालपुरा बाईपास के रहने वाले रिटायर्ड हेड कांस्टेबल रोहिताश मीणा ने अपनी बेटी अनु मीणा की शादी लगभग 11 साल पहले 25 जुलाई 2015 को गौतम मीणा से की थी, जिसमें उन्होंने करीब 60 लाख रुपये खर्च किए थे और दहेज में होंडा सिटी कार व पांच लाख रुपये नकद भी दिए थे। आरोप है कि गौतम मीणा शादी के कुछ ही दिन बाद से दहेज की मांग को लेकर अनु को प्रताड़ित करने लगा था और अक्सर शराब के नशे में उससे मारपीट करता था। उनके दो बच्चे हैं, बेटा माहिर (जन्म 08 जुलाई 2016) और बेटी समाइरा (जन्म 21 जनवरी 2018)। केस दर्ज होने के बाद से आरोपी पति और अन्य लोग फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1
- एक छात्र की आत्महत्या के मामले को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस प्रकरण में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और कलेक्टर के बीच हुई बातचीत के दौरान कई गंभीर मुद्दे सामने आए हैं। मृतक छात्र के परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव डालने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि न्याय मांगने पर संबंधित अफसर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने इस पूरे मामले में एक निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, और विपक्ष लगातार सरकार व प्रशासन को घेरने में जुटा हुआ है। परिजन लगातार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।1
- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का अजमेर से कोटा तक रोडवेज बस में सफर इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि बस में बैठकर फोटो खिंचवाने के बाद जब मंत्री जी अपनी सीट से उठने लगे, तो उन्हें पीछे से आवाज आई — “साहब, बस में ही बिराजिए… कैमरामैन अभी आ रहा है!” इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि मंत्री का यह सफर आम जनता की समस्याएं समझने के लिए था या केवल कैमरे और प्रचार के लिए। विपक्षी नेताओं और कई यूजर्स ने इसे “फोटोशूट राजनीति” बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, मंत्री के समर्थकों का कहना है कि रोडवेज बस में उनका सफर आम लोगों से जुड़ने की एक कोशिश है, लेकिन वायरल हुई “कैमरामैन अभी आ रहा है…” वाली टिप्पणी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक राजनीतिक बहस में बदल दिया है।1
- जयपुर के हरमाड़ा थाना इलाके में लोहा मंडी के पास रविवार दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में पति-पत्नी उछलकर करीब 20 फीट दूर जा गिरे, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक सवारों की पहचान तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर के रूप में हुई है। टक्कर के बाद दोनों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।1
- एवरेस्ट फतह करने के बाद लौटे मंत्री जी का राजस्थान रोडवेज की बस से जयपुर बस स्टैंड पर भव्य स्वागत किया गया। मंत्री जी को बस में बैठा देखकर अन्य यात्रियों ने उनके पास बैठने की हिम्मत तक नहीं की। जब कंडक्टर ने उनसे पूछा कि उन्हें कहाँ जाना है, तो मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि उन्हें कहीं जाना नहीं है, बल्कि वे केवल रील बनवाने के लिए बस में बैठे थे।1
- भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान शहीदों, जिनमें सरदार भगतसिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल और असफकुड्डोला शामिल हैं, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इन वीर बलिदानियों ने सभी भारतीयों की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के निर्माण, विकास और रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी भाइयों को भी अमर शहीद मानकर नमन करने का आह्वान किया गया है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे मिलकर इन अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करें, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।1
- बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइन्स पर श्रमिकों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी रहा, जिसकी अगुवाई शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी कर रहे हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत श्रमिकों ने गृह मंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दौरान उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने खून से पत्र लिखकर अपनी गहरी पीड़ा और मांगों को सामने रखा। धरनास्थल पर श्रमिकों ने बताया कि वे लंबे समय से रोजगार, श्रमिक अधिकारों और स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। श्रमिकों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित कंपनी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे उनकी निराशा बढ़ती जा रही है। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्पष्ट किया कि जब तक श्रमिकों की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, श्रमिकों द्वारा खून से लिखा गया यह पत्र अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो उनकी हताशा और संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।1