अमेठी जिले के संग्रामपुर क्षेत्र में कैथोला भैरोपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मारपीट और तोड़फोड़ होती दिख रही है। दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो में महिलाएं, युवतियां और पुरुष एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते साफ दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कुछ लोग फावड़े से खुदाई करते हुए एक निर्माणाधीन दीवार की ईंटें उखाड़ते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। हालांकि, इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। एक पक्ष से राजकुमारी कोरी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि पड़ोसी उनके घर के सामने रास्ते की खुदाई कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके साथ मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं उनकी बहन रुचि और मां राजकली को भी पीटा गया, जिससे तीनों घायल हो गईं। वहीं, दूसरे पक्ष की कंचन वर्मा ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि रास्ते में नींव की खुदाई को लेकर विवाद हुआ, जिसमें उनके साथ भी मारपीट की गई। थाना प्रभारी संजय सिंह ने जानकारी दी कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस झड़प में एक पक्ष के लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
अमेठी जिले के संग्रामपुर क्षेत्र में कैथोला भैरोपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मारपीट और तोड़फोड़ होती दिख रही है। दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। वायरल वीडियो में महिलाएं, युवतियां और पुरुष एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते साफ दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कुछ लोग फावड़े से खुदाई करते हुए एक निर्माणाधीन दीवार की ईंटें उखाड़ते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। हालांकि, इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। एक पक्ष से राजकुमारी कोरी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया
है कि पड़ोसी उनके घर के सामने रास्ते की खुदाई कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके साथ मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं उनकी बहन रुचि और मां राजकली को भी पीटा गया, जिससे तीनों घायल हो गईं। वहीं, दूसरे पक्ष की कंचन वर्मा ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि रास्ते में नींव की खुदाई को लेकर विवाद हुआ, जिसमें उनके साथ भी मारपीट की गई। थाना प्रभारी संजय सिंह ने जानकारी दी कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस झड़प में एक पक्ष के लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
- अमेठी नगर के अंबेडकर चौराहा स्थित बस स्टेशन के सामने शुक्रवार दोपहर कई घंटों तक भीषण जाम लगा रहा। यह जाम टीईटी की परीक्षा देकर निकल रहे परीक्षार्थियों की भारी भीड़ के बीच उस समय शुरू हुआ जब रामलीला मैदान को जाने वाली सड़क की पटरी पर एक ई-रिक्शा फंस गया। करीब 12 बजे हुए इस जाम के कारण पूरा यातायात ठप हो गया, जिससे अंबेडकर चौराहा से गौरीगंज रोड और रायबरेली रोड तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम इतना भयानक था कि इसमें एसडीएम पंकज कुमार मिश्रा की एंबुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही। रोडवेज बसें, निजी वाहन, बाइक सवार और पैदल यात्री घंटों परेशान हुए, वहीं धूप में हलकान हुए सैकड़ों टीईटी परीक्षार्थियों की कई जरूरी बसें भी छूट गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर 12 बजे के आसपास परीक्षा केंद्रों से बस स्टेशन की ओर आ रहे परीक्षार्थियों के हुजूम के बीच एक ई-रिक्शा का पहिया रामलीला मैदान रोड की पटरी पर बने गड्ढे में धंस गया, जिससे उसे निकालने के प्रयास में पीछे से यातायात अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद ई-रिक्शा को पटरी से हटाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे जाम खुल सका और करीब डेढ़ घंटे बाद यातायात सामान्य हो पाया। स्थानीय दुकानदारों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बस स्टेशन के सामने अवैध पार्किंग और सड़क पर मौजूद गड्ढों के कारण आए दिन जाम लगता है। उन्होंने विशेष रूप से रामलीला मैदान रोड की टूटी पटरी का जिक्र करते हुए प्रशासन से स्थायी समाधान करने की मांग की, ताकि खासकर परीक्षा और त्योहारों के दिनों में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त न हो।1
- लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के मद्देनजर, रायबरेली जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत लालगंज स्थित एक्सेस कंप्यूटर कोचिंग संस्थान की फायर विभाग ने जाँच की। इस जाँच में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियाँ सामने आईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यहाँ बच्चों की जान पर शिक्षा का कारोबार चल रहा था। संस्थान बिना अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के ही संचालित हो रहा था, और आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए न तो कोई दूसरा रास्ता उपलब्ध था और न ही पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इस कोचिंग में एक साथ करीब 50 छात्र-छात्राएँ पढ़ाई कर रहे थे, जबकि आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने इस स्थिति को विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ घोर लापरवाही मानते हुए संस्थान संचालक को तत्काल सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन न होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फायर विभाग की इस कार्रवाई के बाद नगर में बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे अन्य शिक्षण संस्थानों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते अभिभावकों ने प्रशासन से ऐसे सभी संस्थानों की व्यापक जाँच कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।2
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के लालगंज में स्थित पौराणिक नगरी बाबा घुइसरनाथ धाम में पुरानी चुंगी के पास से लेकर मंदिर मार्ग तक बनी नाली कचरे से पूरी तरह अटी पड़ी है, जिससे पानी निकासी में गंभीर समस्या आ रही है। इस अवरुद्ध नाली से लगातार तेज़ बदबू आ रही है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों के लिए बीमारी का बड़ा खतरा बना हुआ है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, सफाई कर्मचारी इसकी सफाई करने के लिए तैयार नहीं हैं और उच्च अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से इस मामले को संज्ञान में लेकर नाली की तत्काल और पूर्ण सफाई कराने की मांग की है।1
- अमेठी के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के केशवपुर गांव में गुरुवार को प्रस्तावित निजी 11 केवी पीटीडब्ल्यू विद्युत लाइन को लेकर विवाद सामने आया। करणी सेना भारत के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक सहदेव सिंह ने प्रेस वार्ता कर विद्युत विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की। राजेश सिंह ने बताया कि जिस भूमि से यह निजी 11 केवी लाइन ले जाने की तैयारी है, उसका एक हिस्सा न्यायालय में हकबरारी वाद के तहत विचाराधीन है, जबकि दूसरा हिस्सा उनकी निर्विवाद निजी भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी स्पष्ट असहमति के बावजूद विभाग उनकी भूमि से लाइन और विद्युत पोल स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। राजेश सिंह ने यह भी दावा किया कि 12 जून 2026 को एसडीओ कमलेश श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जेई उदयभान यादव और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में यह लिखित सहमति बनी थी कि न्यायालय में लंबित भूमि विवाद का निर्णय आने के बाद ही पोल लगाए जाएंगे। इस सहमति के बावजूद अब पोल स्थापना की कार्रवाई शुरू होने पर उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लाइन के लिए वैकल्पिक और विवाद-मुक्त मार्ग उपलब्ध है, फिर भी उनकी भूमि से ही लाइन ले जाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि इस कार्य के लिए कोई वैधानिक आदेश, तकनीकी स्वीकृति या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति जारी की गई है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, उन्होंने चक मार्ग पर पोल लगने से किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों के आवागमन में संभावित बाधा का मुद्दा उठाया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि प्रस्तावित लाइन उनकी निजी भूमि पर बनी गौशाला और बाग के ऊपर या निकट से गुजरेगी, जहां बड़े और घने पेड़ हैं, और ऐसे में विद्युत सुरक्षा मानकों के पालन व संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने की मांग की। राजेश सिंह और सहदेव सिंह ने प्रशासन से न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विवादित भूमि पर सभी प्रकार की विद्युत लाइन और पोल स्थापना की कार्रवाई रोकने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि वे कानून और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी भी नागरिक की निजी भूमि का उपयोग उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए, खासकर तब जब वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो। वहीं, इस मामले में एसडीओ कमलेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित मार्ग चकमार्ग और चारागाह भूमि पर स्थित है, जिसका राजस्व विभाग द्वारा मौके पर पहुंचकर चिन्हांकन किया जा चुका है। उन्होंने बिजली विभाग पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को निराधार बताया। एसडीओ के अनुसार, संबंधित विद्युत कनेक्शन वर्ष 2024 में स्वीकृत हुआ था। मामले में मिली शिकायतों के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर एक संयुक्त टीम गठित की गई थी, जिसमें राजस्व एवं विद्युत विभाग के अधिकारी शामिल थे। इस टीम ने नायब तहसीलदार की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और राजस्व अभिलेखों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की।3
- अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भैरोपुर कैथोला गांव में एक जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। निर्माण कार्य के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक महिला और उसकी दो बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। मिली जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान महिला और उसकी बेटियों के साथ मारपीट की गई। इस पूरी घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। घायल महिला ने संग्रामपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है।1