प्रयागराज के हंडिया स्थित ऐतिहासिक लाक्षागृह गंगा घाट पर करोड़ों के विकास के दावों की पोल खुल गई है, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 15वें वित्त आयोग (वर्ष 2024-25) के तहत पुराने अंत्येष्टि स्थल के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण बड़े जोर-शोर से किया गया था, जिसका बोर्ड जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह के नाम से लगा है। ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, करोड़ों की लागत से बने टॉयलेट और बाथरूम सुविधाओं पर दबंगई से ताला लटका दिया गया है। भीषण गर्मी के बावजूद, अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी और छायादार पेड़ या शेड की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें चिलचिलाती धूप में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। लाक्षागृह गंगा तट पर सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि दुर्गापुर सहित कई दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं, और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान केवल अपने नाम का बोर्ड लगाने और कागजों पर वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं। सुविधाओं पर ताला बंद होने और देखरेख न होने से इस पवित्र परिसर में शराब और गांजे जैसे अवैध नशों का सेवन धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे लाक्षागृह गंगाजल स्थान की पवित्रता और सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थानीय जनता का कहना है कि उनके टैक्स के पैसे से हुए निर्माण पर ताला मारकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। 'भारत नेशन/आवाज़ 24 न्यूज़' ने प्रशासन और ग्राम प्रधान से तुरंत सभी सुविधाएं चालू करने की मांग की है।
प्रयागराज के हंडिया स्थित ऐतिहासिक लाक्षागृह गंगा घाट पर करोड़ों के विकास के दावों की पोल खुल गई है, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 15वें वित्त आयोग (वर्ष 2024-25) के तहत पुराने अंत्येष्टि स्थल के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण बड़े जोर-शोर से किया गया था, जिसका बोर्ड जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह के
नाम से लगा है। ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, करोड़ों की लागत से बने टॉयलेट और बाथरूम सुविधाओं पर दबंगई से ताला लटका दिया गया है। भीषण गर्मी के बावजूद, अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी और छायादार पेड़ या शेड की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें चिलचिलाती धूप में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। लाक्षागृह गंगा तट
पर सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि दुर्गापुर सहित कई दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं, और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान केवल अपने नाम का बोर्ड लगाने और कागजों पर वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं। सुविधाओं पर ताला बंद होने और देखरेख न होने से इस पवित्र परिसर में
शराब और गांजे जैसे अवैध नशों का सेवन धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे लाक्षागृह गंगाजल स्थान की पवित्रता और सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थानीय जनता का कहना है कि उनके टैक्स के पैसे से हुए निर्माण पर ताला मारकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। 'भारत नेशन/आवाज़ 24 न्यूज़' ने प्रशासन और ग्राम प्रधान से तुरंत सभी सुविधाएं चालू करने की मांग की है।
- प्रयागराज के हंडिया में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लेखपाल संघ के अध्यक्ष अजय तिवारी पर एक गर्भवती महिला और एक किसान पर ईंट से जानलेवा हमला करने का आरोप लगा है। यह पूरी घटना थुलमां गाँव की बताई जा रही है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- Post by Raju Yadav1
- भदोही जिले के ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल में भीषण गर्मी और तेज धूप के मद्देनजर जरूरतमंदों की सहायता के उद्देश्य से बिस्किट और शुद्ध पेयजल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व विनय शुक्ल और धीरज दुबे ने किया। वितरण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और अन्य जरूरतमंद लोगों को पानी तथा बिस्किट उपलब्ध कराए गए। आयोजकों ने इस अवसर पर कहा कि ऐसी भीषण गर्मी में मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और वे भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्य जारी रखेंगे। कार्यक्रम में छात्र नेता धीरज दुबे, राजा मिश्रा, मोहित उपाध्याय, हर्षित तिवारी, संजय बिंद सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। सभी उपस्थित लोगों ने पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचाव करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। उपस्थित लोगों ने इस जनसेवा के कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। समाजसेवी विनय कुमार शुक्ला द्वारा भीषण गर्मी में ज्ञानपुर महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल में गरीबों को ठंडा पानी और बिस्किट वितरित कर बड़ी राहत पहुँचाई गई। बताया गया कि वे ऐसे कार्य नियमित रूप से करते रहते हैं।4
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुर कटवा गांव में हुए तीन हत्याओं के मामले में तनाव बढ़ गया है, जहाँ मंगलवार रात पोस्टमार्टम के बाद घर पहुँचे तीनों शवों का बुधवार शाम 4 बजे तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। मृतकों के परिजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डटे हुए हैं और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं। परिजनों की प्रमुख मांगों में आरोपी का "हाफ नहीं, फुल एनकाउंटर" किए जाने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, वे परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सरकारी आवास, एक विक्षिप्त महिला के लिए राशन कार्ड और घर तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने आरोपी के घर पर ही शव दफनाने की बात भी कही है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।3
- कौंधियारा क्षेत्र सेहरा1
- प्रयागराज के मेजा में हुए ट्रिपल मर्डर केस के पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि आरोपी का एनकाउंटर किया जाए और उसके घर पर बुलडोजर चलाया जाए। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी ये मांगें पूरी नहीं होतीं और परिवार को आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तब तक वे शवों का दाह संस्कार नहीं करेंगे।1
- प्रयागराज के हंडिया स्थित ऐतिहासिक लाक्षागृह गंगा घाट पर करोड़ों के विकास के दावों की पोल खुल गई है, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 15वें वित्त आयोग (वर्ष 2024-25) के तहत पुराने अंत्येष्टि स्थल के नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण बड़े जोर-शोर से किया गया था, जिसका बोर्ड जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह के नाम से लगा है। ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, करोड़ों की लागत से बने टॉयलेट और बाथरूम सुविधाओं पर दबंगई से ताला लटका दिया गया है। भीषण गर्मी के बावजूद, अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी और छायादार पेड़ या शेड की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें चिलचिलाती धूप में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। लाक्षागृह गंगा तट पर सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि दुर्गापुर सहित कई दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं, और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान केवल अपने नाम का बोर्ड लगाने और कागजों पर वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं। सुविधाओं पर ताला बंद होने और देखरेख न होने से इस पवित्र परिसर में शराब और गांजे जैसे अवैध नशों का सेवन धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे लाक्षागृह गंगाजल स्थान की पवित्रता और सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थानीय जनता का कहना है कि उनके टैक्स के पैसे से हुए निर्माण पर ताला मारकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। 'भारत नेशन/आवाज़ 24 न्यूज़' ने प्रशासन और ग्राम प्रधान से तुरंत सभी सुविधाएं चालू करने की मांग की है।4