पत्रकार के सवाल पर ‘घंटा’ कहने से मचा बवाल, नेताओं की भाषा पर फिर उठे सवाल — क्या चौथे स्तंभ का सम्मान कम हो रहा है? मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के सवाल पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मीडिया बातचीत के दौरान जब पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने तिरस्कारपूर्ण लहजे में “घंटा” कहकर प्रतिक्रिया दी। यह घटना सामने आते ही पत्रकार जगत में नाराज़गी और बहस तेज हो गई है — क्या सत्ता के प्रतिनिधियों में मीडिया के प्रति सम्मान कम होता जा रहा है? पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि यह लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादाओं पर भी सवाल खड़ा करता है। उनका सवाल है कि जो पत्रकार सच्चाई, जनहित और जवाबदेही की बात करते हैं, क्या उनकी आवाज़ सिर्फ इसलिए दबाई जा सकती है क्योंकि वह सत्ताधारी से असहज करने वाले सवाल पूछ लेते हैं? मीडिया संगठनों का तर्क है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। अगर सत्ता प्रतिष्ठान सवालों से ही असहज हो जाए और जवाब देने के बजाय अपमान का रास्ता चुने, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता। वहीं यह भी चर्चा है कि आज के दौर में तीखे और तथ्यपरक सवाल पूछने वाले पत्रकारों की जगह चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों को ज्यादा तरजीह दी जा रही है, जिससे पत्रकारिता की मूल आत्मा प्रभावित हो रही है।
पत्रकार के सवाल पर ‘घंटा’ कहने से मचा बवाल, नेताओं की भाषा पर फिर उठे सवाल — क्या चौथे स्तंभ का सम्मान कम हो रहा है? मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के सवाल पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मीडिया बातचीत के दौरान जब पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने तिरस्कारपूर्ण लहजे में “घंटा” कहकर प्रतिक्रिया दी। यह घटना सामने आते ही पत्रकार जगत में नाराज़गी और बहस तेज हो गई है — क्या सत्ता के प्रतिनिधियों में मीडिया के प्रति सम्मान कम होता जा रहा है? पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि यह लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादाओं पर भी सवाल खड़ा करता है। उनका सवाल है कि जो पत्रकार सच्चाई, जनहित और जवाबदेही की बात करते हैं, क्या उनकी आवाज़ सिर्फ इसलिए दबाई जा सकती है क्योंकि वह सत्ताधारी से असहज करने वाले सवाल पूछ लेते हैं? मीडिया संगठनों का तर्क है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। अगर सत्ता प्रतिष्ठान सवालों से ही असहज हो जाए और जवाब देने के बजाय अपमान का रास्ता चुने, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता। वहीं यह भी चर्चा है कि आज के दौर में तीखे और तथ्यपरक सवाल पूछने वाले पत्रकारों की जगह चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों को ज्यादा तरजीह दी जा रही है, जिससे पत्रकारिता की मूल आत्मा प्रभावित हो रही है।
- पत्रकार के सवाल पर ‘घंटा’ कहने से मचा बवाल, नेताओं की भाषा पर फिर उठे सवाल — क्या चौथे स्तंभ का सम्मान कम हो रहा है? मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के सवाल पर अभद्र टिप्पणी करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मीडिया बातचीत के दौरान जब पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने तिरस्कारपूर्ण लहजे में “घंटा” कहकर प्रतिक्रिया दी। यह घटना सामने आते ही पत्रकार जगत में नाराज़गी और बहस तेज हो गई है — क्या सत्ता के प्रतिनिधियों में मीडिया के प्रति सम्मान कम होता जा रहा है? पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि यह लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादाओं पर भी सवाल खड़ा करता है। उनका सवाल है कि जो पत्रकार सच्चाई, जनहित और जवाबदेही की बात करते हैं, क्या उनकी आवाज़ सिर्फ इसलिए दबाई जा सकती है क्योंकि वह सत्ताधारी से असहज करने वाले सवाल पूछ लेते हैं? मीडिया संगठनों का तर्क है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। अगर सत्ता प्रतिष्ठान सवालों से ही असहज हो जाए और जवाब देने के बजाय अपमान का रास्ता चुने, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता। वहीं यह भी चर्चा है कि आज के दौर में तीखे और तथ्यपरक सवाल पूछने वाले पत्रकारों की जगह चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों को ज्यादा तरजीह दी जा रही है, जिससे पत्रकारिता की मूल आत्मा प्रभावित हो रही है।1
- घटिया नहर–नाली, ठेकेदार को भारत रत्न मिलना चाहिए! 👉 इतना घटिया काम — सीधा भारत रत्न #भारत_रत्न_ठेकेदार #घटिया_निर्माण #नहरनाली_घोटाला #भ्रष्टाचार_की_हद #जनता_का_पैसा #कार्रवाई_करो1
- खबर का असर न्यूज़ नेशन 81 का खबर का हुआ असर लगातार 6 महीने से इस खबर को कर रहा था आज जाकर कामयाबी मिली खमतराई से लेकर उरला तक सांकेतिक बोर्ड पर भाजपा का प्रचार प्रसार बोर्ड लगा हुआ था पिछले दिनों नगर प्रशासन मंत्री अरुण sao प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैंने यह सवाल उनसे किया था उन्होंने या आश्वासन दिया की कार्रवाई होगी और आज पूरे नव सांकेतिक बोर्ड कार्रवाई हो रही है बहुत-बहुत धन्यवाद नगर प्रशासन विभाग साथी उपमुख्यमंत्री अरुण sao1
- Madhya Pradesh Tamilnadu mein hue lafade be Rahane se pita ja raha hai1
- साल का शानदार स्वागत1
- रसोईया संघ हरताल पर1
- जर्मन इंजीनियरों ने एक अनोखी बस विकसित की है जो कुछ ही सेकंड में सड़क से पानी में चलने लगती है। यह उभयचर बस बिना रुके नदी में उतर सकती है और यात्रियों को उतारने की जरूरत नहीं होती। खास सील्ड ढांचा और जल-प्रोपल्शन प्रणाली इसे नाव की तरह संचालित करती है। बाढ़ प्रभावित शहरों और आपातकालीन हालात में यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।#technology #innovation #engineering #futuretech #transportation #smartmobility #amphibious #viralnews #trending1
- हैप्पी बर्थडे जीजु जी1