उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद शर्मनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ विकास खंड अछल्दा के सलेमपुर (अछल्दा-रामगढ़ रोड) स्थित गौशाला में लगभग 53 गौ-वंश की दर्दनाक मृत्यु की पुष्टि हुई है। इस घटना को प्रशासन की घोर लापरवाही और क्रूरता का जीता-जागता सबूत बताया जा रहा है। गौ रक्षा दल के अनुसार, जिस गौशाला को गौ-सेवा का केंद्र होना चाहिए था, वहां 53 बेजुबान गौ-वंश मृत अवस्था में पाए गए हैं, जिससे मौत का भयावह मंजर पसरा हुआ है। जब गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर सच्चाई जानने की कोशिश की, तो गौशाला संचालक द्वारा उन्हें डरा-धमकाकर भगाने का प्रयास किया गया। इस घटना से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी कौन सी साजिश है जिसे छिपाने के लिए गुंडागर्दी का सहारा लिया जा रहा है। गौ रक्षा दल ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं, पूछा है कि इन 53 मासूम जीवों की मौत का असली जिम्मेदार कौन है और गौ-सेवा के नाम पर आ रहे करोड़ों के सरकारी बजट तथा अनुदान का बंदरबांट कौन कर रहा है। संगठन ने यह भी सवाल किया है कि गौशाला संचालकों पर अभी तक कोई ठोस और कठोर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं का गला घोंटा जाना बताया गया है। गौ रक्षा दल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों को ऐसी सजा देने की अपील की है जो भविष्य के लिए मिसाल बने। उन्होंने जनता से इस खबर को अधिक से अधिक साझा करने का विनम्र निवेदन किया है, ताकि यह आवाज शासन-प्रशासन तक पहुँच सके और इन बेजुबानों को न्याय मिल सके। गौ रक्षा दल - भारत ने जनपद औरैया के जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद शर्मनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ विकास खंड अछल्दा के सलेमपुर (अछल्दा-रामगढ़ रोड) स्थित गौशाला में लगभग 53 गौ-वंश की दर्दनाक मृत्यु की पुष्टि हुई है। इस घटना को प्रशासन की घोर लापरवाही और क्रूरता का जीता-जागता सबूत बताया जा रहा है। गौ रक्षा दल के अनुसार, जिस गौशाला को गौ-सेवा का केंद्र होना चाहिए था, वहां 53 बेजुबान गौ-वंश मृत अवस्था में पाए गए हैं, जिससे मौत का भयावह मंजर पसरा हुआ है। जब गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर सच्चाई जानने की कोशिश की, तो गौशाला संचालक द्वारा उन्हें डरा-धमकाकर भगाने का प्रयास किया गया। इस घटना से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी कौन सी साजिश है जिसे छिपाने के लिए गुंडागर्दी का सहारा लिया जा रहा है। गौ रक्षा दल ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं,
पूछा है कि इन 53 मासूम जीवों की मौत का असली जिम्मेदार कौन है और गौ-सेवा के नाम पर आ रहे करोड़ों के सरकारी बजट तथा अनुदान का बंदरबांट कौन कर रहा है। संगठन ने यह भी सवाल किया है कि गौशाला संचालकों पर अभी तक कोई ठोस और कठोर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं का गला घोंटा जाना बताया गया है। गौ रक्षा दल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों को ऐसी सजा देने की अपील की है जो भविष्य के लिए मिसाल बने। उन्होंने जनता से इस खबर को अधिक से अधिक साझा करने का विनम्र निवेदन किया है, ताकि यह आवाज शासन-प्रशासन तक पहुँच सके और इन बेजुबानों को न्याय मिल सके। गौ रक्षा दल - भारत ने जनपद औरैया के जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
- औरैया के सदर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम भरसेन में समाजसेवी संगठन ‘एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि.’ ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटी लक्ष्मी के विवाह में सहयोग कर मानवता की मिसाल पेश की है। भरसेन निवासी रामनरेश राठौर (तेली) की पुत्री लक्ष्मी का विवाह 7 जुलाई को कानपुर देहात के रमपुरा डेरापुर निवासी विपिन के साथ होना तय है। समिति के सदस्यों ने जरूरतमंद परिवार के घर पहुंचकर गृहस्थी का सामान, खाद्यान्न और आर्थिक सहयोग भेंट किया। आर्थिक तंगी के चलते लक्ष्मी की मां रीता देवी ने समिति से मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद संस्था के पदाधिकारी और सदस्य उनके घर पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान समिति के “सखी ग्रुप” की महिलाओं ने लक्ष्मी का रोली-चावल से तिलक कर, माल्यार्पण एवं पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन किया। समिति और जनसहयोग से गेहूं का आटा, चावल, दाल, गुड़, साड़ियां, ज्वेलरी सेट, स्टील के बर्तन, बेडशीट, बाल्टी, परात, कुकर, ट्रॉली बैग, मिक्सी, क्रॉकरी सेट, नाश्ता किट, टेबल फैन, टिफिन सेट, इलेक्ट्रिक प्रेस, चूड़ी, श्रृंगार सामग्री सहित विभिन्न गृह उपयोगी सामान भेंट किए गए, साथ ही आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया। यह मदद पाकर लक्ष्मी के परिवार के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, और ग्रामीणों सहित मौजूद लोगों ने समिति की इस अनोखी पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल ‘रानू’ ने बताया कि संस्था द्वारा अब तक जनसहयोग से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की 73 जरूरतमंद बेटियों के विवाह में सहयोग किया जा चुका है, और लक्ष्मी संस्था की 74वीं बेटी है, जिसकी शादी में मदद की जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बेटियों की सहायता कर समिति के सदस्यों और दानदाताओं को आत्मिक सुख की अनुभूति होती है। वहीं संस्था के संस्थापक “औरैया रत्न” आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने विश्वास दिलाया कि सर्व समाज की वास्तविक जरूरतमंद बेटियों के लिए यह सेवा कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस अवसर पर समाजसेविका मंजू गुप्ता, राखी गुप्ता, सीता पोरवाल, पुष्पा गुप्ता, अनुपम पोरवाल, आदर्श गुप्ता (शुभम), रामआसरे गुप्ता, चिकित्सक एवं समाजसेवी एल.एन. गुप्ता, अनिल कुमार सोनी, प्रशांत पोरवाल (मोनू), विनोद कुमार पोरवाल, हिमांशु दुबे, रामचंद्र सोनी, सतीश सहित समिति के अनेक सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद शर्मनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ विकास खंड अछल्दा के सलेमपुर (अछल्दा-रामगढ़ रोड) स्थित गौशाला में लगभग 53 गौ-वंश की दर्दनाक मृत्यु की पुष्टि हुई है। इस घटना को प्रशासन की घोर लापरवाही और क्रूरता का जीता-जागता सबूत बताया जा रहा है। गौ रक्षा दल के अनुसार, जिस गौशाला को गौ-सेवा का केंद्र होना चाहिए था, वहां 53 बेजुबान गौ-वंश मृत अवस्था में पाए गए हैं, जिससे मौत का भयावह मंजर पसरा हुआ है। जब गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर सच्चाई जानने की कोशिश की, तो गौशाला संचालक द्वारा उन्हें डरा-धमकाकर भगाने का प्रयास किया गया। इस घटना से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी कौन सी साजिश है जिसे छिपाने के लिए गुंडागर्दी का सहारा लिया जा रहा है। गौ रक्षा दल ने प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए हैं, पूछा है कि इन 53 मासूम जीवों की मौत का असली जिम्मेदार कौन है और गौ-सेवा के नाम पर आ रहे करोड़ों के सरकारी बजट तथा अनुदान का बंदरबांट कौन कर रहा है। संगठन ने यह भी सवाल किया है कि गौशाला संचालकों पर अभी तक कोई ठोस और कठोर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसे केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं का गला घोंटा जाना बताया गया है। गौ रक्षा दल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों को ऐसी सजा देने की अपील की है जो भविष्य के लिए मिसाल बने। उन्होंने जनता से इस खबर को अधिक से अधिक साझा करने का विनम्र निवेदन किया है, ताकि यह आवाज शासन-प्रशासन तक पहुँच सके और इन बेजुबानों को न्याय मिल सके। गौ रक्षा दल - भारत ने जनपद औरैया के जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।2
- आगरा पुलिस कमिश्नर श्री दीपक कुमार के निर्देश पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अभियान में थाना मलपुरा पुलिस ने साइबर, सर्विलांस और काउंटर इंटेलिजेंस टीम के साथ मिलकर दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 492 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त, तस्करी में इस्तेमाल किया गया एक ट्रक भी जब्त किया गया है। इस पूरे मामले की जानकारी प्रभारी पुलिस उपायुक्त पश्चिमी श्री आदित्य ने दी।1
- औरैया जिले के भरसेन गांव निवासी रामनरेश, जो राठौर (तेली) समाज से आते हैं और मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, उनकी बेटी लक्ष्मी के विवाह में आर्थिक समस्या सामने आ रही थी। लक्ष्मी की माता रीता देवी ने अपनी बेटी के शुभ विवाह में मदद के लिए समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया' से गुहार लगाई थी। लक्ष्मी का विवाह 7 जुलाई, 2026 को कानपुर देहात के रमपुरा डेरापुर निवासी विपिन के साथ भरसेन गांव से संपन्न होगा। आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं और जरूरतमंदों की मदद करने वाली इस संस्था के सदस्यों ने 5 जुलाई रविवार को सुबह 10 बजे लक्ष्मी के घर पहुंचकर मदद की। समिति की विशेष सहयोगी 'सखी ग्रुप' की सदस्यों ने लक्ष्मी का रोली-चावल से तिलक किया, माल्यार्पण कर पुष्प वर्षा की और उसका हृदय से अभिनंदन किया। इसके उपरांत, समिति और जन-सहयोग से लक्ष्मी के परिवार को गेहूं का आटा, चावल, अरहर-चना दाल, गुड़, साड़ियां, ज्वेलरी सेट, स्टील के बर्तन, बेडशीट, स्टील की बाल्टी, परात, केसरोल, 3 लीटर का कुकर, ट्रॉली बैग, महाराजा मिक्सी, क्रोकरी बाउल सेट, नाश्ता किट, टेबल पंखा, गर्म खाना टिफिन सेट, कटोरी सेट, इलेक्ट्रिक प्रेस, चूड़ी, पुडिंग सेट, श्रृंगार सामग्री किट सहित तमाम गृह उपयोगी सामग्री और आर्थिक मदद भेंट की गई। सहयोग पाकर परिवारीजनों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी, और मौजूद लोगों ने संगठन की इस अनोखी पहल की सराहना की। इस मदद कार्यक्रम के अंतर्गत, संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने बताया कि अब तक समिति और जन-सहयोग से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की 73 बेसहारा व जरूरतमंद लड़कियों के विवाह में यथासंभव मदद की जा चुकी है, और जरूरतमंद लक्ष्मी की यह 74वीं शादी है जिसमें भरपूर मदद की जा रही है। समिति के संस्थापक 'औरैया रत्न' आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि सर्व समाज की वास्तविक जरूरतमंद बेटियों हेतु दान-दहेज के रूप में यह सेवा आगे भी जारी रहेगी। इस मदद कार्यक्रम में समिति की विशेष सहयोगी 'सखी ग्रुप' की सदस्य मंजू गुप्ता, राखी गुप्ता, सीता पोरवाल, पुष्पा गुप्ता, अनुपम पोरवाल, आदर्श गुप्ता (शुभम), रामआसरे गुप्ता, चिकित्सक व समाजसेवी एल.एन.गुप्ता, अनिल कुमार सोनी, प्रशांत पोरवाल (मोनू), विनोद कुमार पोरवाल, हिमांशु दुबे, रामचंद्र सोनी, सतीश, समिति के अध्यक्ष रानू पोरवाल, संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट सहित लगभग पचास मोहल्ले के लोग मौजूद रहे।4
- औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र में जेसीज चौराहे पर शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से सेवानिवृत फौजी सुरेश सिंह सेंगर की मौत हो गई थी। रविवार को पूर्व सैनिक संगठन ने मृतक फौजी सुरेश सिंह सेंगर को सैनिक रीति-रिवाज से अंतिम विदाई दी। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और यमुना घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ उनके पुत्र शैलेश सिंह सेंगर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान औरैया के सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष सेवानिवृत कैप्टन निर्भय सिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष सेवानिवृत कैप्टन ब्रह्म दत्त यादव, सेवानिवृत कैप्टन नरेंद्र सिंह सेंगर, सेवानिवृत सूबेदार मेजर आरपी त्रिपाठी, सेवानिवृत सूबेदार मेजर गिरेंदर सिंह परिहार, शैलेंद्र सिंह जादौन, आनंद सिंह भदौरिया, सेवानिवृत सूबेदार अनिल गुप्ता, सेवानिवृत कैप्टन बृजमोहन निषाद और भारतीय जनता पार्टी के सैनिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनिल चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित थे। सभी ने मृतक सुरेश सिंह सेंगर को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुरेश सिंह सेंगर ने हवलदार पद से सेवानिवृत होने से पहले 24 साल तक सेवा की थी और उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं।2
- औरेया में समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि.' ने ग्राम भरसेन निवासी आर्थिक रूप से कमजोर रामनरेश की बेटी लक्ष्मी के शुभ विवाह में भरपूर सहयोग प्रदान किया है। लक्ष्मी का विवाह 7 जुलाई 2026 को कानपुर देहात के रमपुरा डेरापुर निवासी विपिन के साथ होना है। आर्थिक संकट के चलते लक्ष्मी की मां रीता देवी ने समिति से मदद की गुहार लगाई थी। समिति के सदस्यों और विशेष सहयोगी 'सखी ग्रुप' की महिला सदस्यों ने 5 जुलाई रविवार को प्रातः 10 बजे लक्ष्मी के घर पहुंचकर उसके माथे पर रोली-चावल से तिलक किया, माल्यार्पण किया और पुष्प वर्षा करते हुए उसका अभिनंदन किया। इस अवसर पर समिति और जन-सहयोग से लक्ष्मी को गृह उपयोगी सामग्री और आर्थिक मदद भेंट की गई। भेंट की गई सामग्री में गेहूं का आटा, चावल, अरहर-चना दाल, गुड़, साड़ियां, ज्वेलरी सेट, स्टील के बर्तन, बेडशीट, स्टील की बाल्टी, परात, केसरोल, 3 लीटर का कुकर, ट्रॉली बैग, महाराजा मिक्सी, क्रॉकरी बाउल सेट, नाश्ता किट, टेबल पंखा, गर्म खाने का टिफिन सेट, कटोरी सेट, इलेक्ट्रिक प्रेस, चूड़ी, पुडिंग सेट और श्रृंगार सामग्री किट शामिल थे। यह मदद पाकर परिवारीजनों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। मदद कार्यक्रम के दौरान संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने बताया कि समिति और जन-सहयोग से अब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की कुल 73 बेसहारा व जरूरतमंद लड़कियों के विवाह में यथासंभव मदद की जा चुकी है, और जरूरतमंद लक्ष्मी का यह 74वां विवाह है जिसमें भरपूर सहयोग किया गया है। समिति के संस्थापक 'औरैया रत्न' आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने इस अवसर पर बताया कि सर्व समाज की वास्तविक जरूरतमंद बेटियों के लिए दान-दहेज के रूप में यह सेवा आगे भी जारी रहेगी। इस मदद कार्यक्रम में समिति की विशेष सहयोगी 'सखी ग्रुप' की सदस्य मंजू गुप्ता, राखी गुप्ता, सीता पोरवाल, पुष्पा गुप्ता, अनुपम पोरवाल सहित आदर्श गुप्ता (शुभम), रामआसरे गुप्ता, चिकित्सक व समाजसेवी एल.एन. गुप्ता, अनिल कुमार सोनी, प्रशांत पोरवाल (मोनू), विनोद कुमार पोरवाल, हिमांशु दुबे, रामचंद्र सोनी, सतीश, समिति के अध्यक्ष रानू पोरवाल, और संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट समेत लगभग आधा सैकड़ा मोहल्ले के लोग उपस्थित रहे।4
- फ़िरोज़ाबाद के थाना टूण्डला क्षेत्र में 24/25 जून 2026 की रात हुई ब्रह्मऋषि उर्फ नरेंद्र पाल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस हत्याकांड के संबंध में पुलिस ने वांछित आरोपी विपिन और मृतक की नातिन को गिरफ्तार किया है। सीओ टूण्डला ने इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी साझा की है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।1
- औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार सुबह जेसीज चौराहे पर एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से सेवानिवृत फौजी सुरेश सिंह सेंगर की मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद, रविवार को पूर्व सैनिक संगठन ने मृतक फौजी को तिरंगे में लपेटकर सैनिक रीति-रिवाज से अंतिम विदाई दी। यमुना घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ उनके पुत्र शैलेश सिंह सेंगर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस अवसर पर औरैया के सैनिक संगठन के जिलाध्यक्ष सेवानिवृत कैप्टन निर्भय सिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष सेवानिवृत कैप्टन ब्रह्म दत्त यादव, सेवानिवृत कैप्टन नरेंद्र सिंह सेंगर, सेवानिवृत सूबेदार मेजर आरपी त्रिपाठी, सेवानिवृत सूबेदार मेजर गिरेंदर सिंह परिहार, शैलेंद्र सिंह जादौन, आनंद सिंह भदौरिया, सेवानिवृत सूबेदार अनिल गुप्ता, सेवानिवृत कैप्टन बृजमोहन निषाद और भारतीय जनता पार्टी के सैनिक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अनिल चतुर्वेदी सहित काफी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद थे। सभी ने मृतक सुरेश सिंह सेंगर को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुरेश सिंह सेंगर ने 24 साल तक नौकरी करने के बाद हवलदार के पद से सेवानिवृत हुए थे। उनके एक पुत्री और दो पुत्रियां हैं।1