असम के जोरहाट में कल भारतीय वायु सेना का एक विमान क्रैश हो गया, जिसमें वायु सेना के पांच जवान शहीद हो गए। इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है। जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर हुए इस क्रैश में विमान लैंडिंग के दौरान आग लगने के बाद दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के शिकार हुए पांच जवानों में दो अग्निवायु वीर भी शामिल थे। हालांकि, विमान क्रैश होने की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। यह एक AN-32 मालवाहक विमान था, जिसे सेना में बेहतर ट्रांसपोर्ट के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में ऐसे लगभग 100 विमान शामिल हैं, जो गर्म मौसम और ऊंचे इलाकों में ऑपरेशन के दौरान सेना को मजबूती देते हैं। यह विमान एक बार में 6 से 7 टन सामान या 40 से 50 जवानों को ले जाने में सक्षम है और इसे मुश्किल हालातों में बेहतरीन काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन, आखिर हादसों को कौन रोक सकता है!
असम के जोरहाट में कल भारतीय वायु सेना का एक विमान क्रैश हो गया, जिसमें वायु सेना के पांच जवान शहीद हो गए। इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है। जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर हुए इस क्रैश में विमान लैंडिंग के दौरान आग लगने के बाद दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के शिकार हुए पांच जवानों में दो अग्निवायु वीर भी शामिल थे। हालांकि, विमान क्रैश होने की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। यह एक AN-32 मालवाहक विमान था, जिसे सेना में बेहतर ट्रांसपोर्ट के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में ऐसे लगभग 100 विमान शामिल हैं, जो गर्म मौसम और ऊंचे इलाकों में ऑपरेशन के दौरान सेना को मजबूती देते हैं। यह विमान एक बार में 6 से 7 टन सामान या 40 से 50 जवानों को ले जाने में सक्षम है और इसे मुश्किल हालातों में बेहतरीन काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन, आखिर हादसों को कौन रोक सकता है!
- Atulरामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश😡3 hrs ago
- असम के जोरहाट में कल भारतीय वायु सेना का एक विमान क्रैश हो गया, जिसमें वायु सेना के पांच जवान शहीद हो गए। इस दर्दनाक हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है। जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर हुए इस क्रैश में विमान लैंडिंग के दौरान आग लगने के बाद दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के शिकार हुए पांच जवानों में दो अग्निवायु वीर भी शामिल थे। हालांकि, विमान क्रैश होने की वजह अभी पता नहीं चल पाई है। यह एक AN-32 मालवाहक विमान था, जिसे सेना में बेहतर ट्रांसपोर्ट के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में ऐसे लगभग 100 विमान शामिल हैं, जो गर्म मौसम और ऊंचे इलाकों में ऑपरेशन के दौरान सेना को मजबूती देते हैं। यह विमान एक बार में 6 से 7 टन सामान या 40 से 50 जवानों को ले जाने में सक्षम है और इसे मुश्किल हालातों में बेहतरीन काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन, आखिर हादसों को कौन रोक सकता है!1
- रायबरेली के हरचंदपुर में, पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने 'कीचड़ मुक्त अभियान' के तहत बाला ग्राम पंचायत के विभिन्न गाँवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं को समझा। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने गलियारों और संपर्क मार्गों का भी जायजा लिया। सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीणों ने उनकी इस सक्रियता की सराहना की है।1
- प्रतापगढ़ स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कार्यकर्ताओं से संगठन को सक्रिय रूप से मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने आगामी शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनावों के मद्देनजर जनसंपर्क अभियान को और तेज करने पर विशेष जोर दिया। राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने बैठक में नए पदाधिकारियों का स्वागत किया और संगठनात्मक मजबूती के महत्व पर बल दिया। जिला अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने मंडल प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे बैठकों में स्वयं उपस्थित रहें और गतिविधियों की सही रिपोर्टिंग करें। इस बैठक में जिला एवं मंडल स्तर के विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- कौशांबी के कादिरपुर नेवादा में बुद्धसेन समेत अन्य के खेतों में सेमरी बालू घाट से लाई गई बालू का बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि इस भंडारण के लिए न तो आवश्यक लाइसेंस लिया गया है और न ही कोई प्रशासनिक अनुमति, जिससे यह पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन है। इस खुलेआम कथित अवैध भंडारण पर राजस्व और खनन विभाग की चुप्पी पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर यह स्टॉक जमा किया जा रहा है, और यदि यह वैध है तो अनुमति दस्तावेज और भंडारण का बोर्ड क्यों नहीं है, तथा यदि अवैध है तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के दावों के बावजूद नेवादा में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और संभावित मिलीभगत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, भंडारित बालू की पैमाइश करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर कोई कार्रवाई करता है या यह मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।1
- सतना रेलवे स्टेशन पर कथित रूप से अवैध वेंडरों का “खेल” खुलेआम जारी है, जहाँ वे पैक्ड सामग्री को निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। ये वेंडर बिना किसी यूनिफॉर्म या पहचान-पत्र (नेम स्लिप) के स्टेशन परिसर में घूम रहे हैं। यात्रियों से मनमाने दाम वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर बिना ड्रेस और पहचान-पत्र के ये वेंडर स्टेशन पर कैसे घूम रहे हैं, और क्या रेलवे प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है, या फिर जानबूझकर इसकी अनदेखी की जा रही है।1
- रायबरेली जिले के लालगंज स्थित बिसुन खेड़ा गांव में पिछले दस सालों से साफ-सफाई का काम नहीं हुआ है, जिसके कारण गांव में गंदे पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही है। इस गंभीर समस्या के चलते पूरे गांव में लगातार बदबू फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के तहत, जनपद के प्रभारी मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने विकासखंड लक्ष्मणपुर की ग्राम पंचायत ओमराउड़ा में एक रात्रि चौपाल में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान, प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन सभी का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए। इस चौपाल में मंत्री ने जनसमस्याएं सुनने के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की।1
- समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने विश्वास जताया है कि उनकी पार्टी और कांग्रेस मिलकर इस बार भारतीय जनता पार्टी को हरा देंगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस और सपा दोनों ही 403-403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रहे हैं, जिसका अर्थ है कि उनकी कुल "डबल तैयारी" 806 सीटों के लिए चल रही है। अखिलेश यादव के अनुसार, इसी समन्वित तैयारी के कारण समाजवादी पार्टी और कांग्रेस मिलकर भाजपा को पराजित करने में सफल होंगी।1