NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले ने देश भर के लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों को गहरी चोट पहुंचाई है, और इस घटना के बाद मानसिक तनाव के कारण 20 से अधिक छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की रिपोर्ट आई हैं। NTA जैसी संस्था की बार-बार की गड़बड़ियों और जिम्मेदारी तय न होने से पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संसद और बाहर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद सरकार इस पूरे मामले पर जवाब देने से बचती रही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले एक महीने से छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार का कोई प्रतिनिधि छात्रों से बातचीत करने नहीं पहुंचा, बल्कि प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई। लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन और पिटाई के कारण कई छात्र गंभीर रूप से घायल होकर ICU में हैं, वहीं महिलाओं और नाबालिग छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।
NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले ने देश भर के लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों को गहरी चोट पहुंचाई है, और इस घटना के बाद मानसिक तनाव के कारण 20 से अधिक छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की रिपोर्ट आई हैं। NTA जैसी संस्था की बार-बार की गड़बड़ियों और जिम्मेदारी तय न होने से पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संसद और बाहर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद सरकार इस पूरे मामले पर जवाब देने से बचती रही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले एक महीने से छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार का कोई प्रतिनिधि छात्रों से बातचीत करने नहीं पहुंचा, बल्कि प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई। लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन और पिटाई के कारण कई छात्र गंभीर रूप से घायल होकर ICU में हैं, वहीं महिलाओं और नाबालिग छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।
- NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले ने देश भर के लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों को गहरी चोट पहुंचाई है, और इस घटना के बाद मानसिक तनाव के कारण 20 से अधिक छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की रिपोर्ट आई हैं। NTA जैसी संस्था की बार-बार की गड़बड़ियों और जिम्मेदारी तय न होने से पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं। संसद और बाहर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद सरकार इस पूरे मामले पर जवाब देने से बचती रही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पिछले एक महीने से छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार का कोई प्रतिनिधि छात्रों से बातचीत करने नहीं पहुंचा, बल्कि प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी गई। लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन और पिटाई के कारण कई छात्र गंभीर रूप से घायल होकर ICU में हैं, वहीं महिलाओं और नाबालिग छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं।1
- मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले स्थित सरकारी अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है। अस्पताल में भर्ती एक मरीज को ड्रिप चढ़ाने के लिए उचित मेडिकल उपकरणों की जगह साधारण 2 लीटर वाली पानी की प्लास्टिक बोतल का सहारा लिया गया। बोतल को काटकर उसके जरिए ड्रिप लटकाए जाने की इस घटना ने सरकारी दावों की हवा निकाल दी है। अस्पताल में लापरवाही का यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आक्रोशित लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा मंत्री से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही लोगों ने जिम्मेदार दोषी कर्मचारियों और पूरे अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उठाई है।1
- भोपाल के केरवा डैम के पास जंगल में कुछ कुत्तों ने एक हिरण को घेर लिया। वहां मौजूद लोगों ने काफी मुश्किलों के बाद कुत्तों को भगाने की कोशिश की। इसी दौरान वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम ने तुरंत कुत्तों को वहां से भगाया और हिरण को सुरक्षित तरीके से जंगल में जाने दिया।2
- मध्य प्रदेश में लागू हुए नए समान नागरिक संहिता (UCC) नियमों के तहत 23 सितंबर 2008 के बाद हुई सभी शादियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।1
- भोपाल के कोतवाली थाने के सामने इब्राहिमपुरा इलाके में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 80 से 90 साल पुरानी इमारत का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मकान बेहद कमजोर हो गया था। हादसे के समय घर के अंदर तीन से चार महिलाएं और तीन बच्चे मौजूद थे, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मकान की दीवारें और छज्जा गिरने के साथ ही एक युवक भी नीचे सड़क पर आ गिरा, जिसके हाथ में मामूली चोट आई है। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। घटनास्थल के पास गारमेंट्स की दुकानें और रहवासी क्षेत्र होने से देर रात तक भीड़ रहती है, लेकिन बारिश के कारण सड़क पर लोगों और वाहनों की आवाजाही कम थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला, जबकि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों की टीम सूचना के एक घंटे बाद पहुंची। नगर निगम के वार्ड अधिकारी शाहाब उद्दीन ने बताया कि बारिश की वजह से यह हादसा हुआ है और क्षेत्र के जर्जर मकानों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हादसे वाली इमारत के बचे हुए हिस्से को भी गिराया जाएगा ताकि आगे कोई खतरा न रहे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं और आसपास की अन्य जर्जर इमारतों का निरीक्षण कर रहे हैं।2
- भोपाल के पीपुल्स यूनिवर्सिटी में 22 जुलाई 2026 को "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" जागरूकता अभियान के तहत नशा मुक्ति आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोपाल के पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार थे। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त श्री आदर्शकांत शुक्ला, डीन डॉ0 राजेश गौर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री संजीव पाठक, सहायक पुलिस उपायुक्त श्री शशांक जैन, थाना प्रभारी श्री मनोज पटवा और लगभग 650 स्टूडेंट व स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर श्री संजय कुमार ने बताया कि नशा एक ऐसी लत या बीमारी है जो इंसान को शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी अपंग बना देती है। नशे का आदी व्यक्ति अपने रास्ते से भटक जाता है, मानसिक रूप से विकृत होने लगता है और सही-गलत समझने में अक्षम हो जाता है। कई बार नशे की लत पूरी करने के लिए लोग चोरी और लूट जैसे अपराधों का रास्ता चुन लेते हैं, जिससे उन पर निर्भर परिवार का जीवन भी संकट में पड़ जाता है। उन्होंने अपील की कि लोग आज ही संकल्प लें कि न तो खुद नशा करेंगे और न ही अपने परिजनों या रिश्तेदारों को नशा करने देंगे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त ने छात्र-छात्राओं की जिज्ञासाओं और सवालों के जवाब दिए। साथ ही अवैधानिक गतिविधियों की सूचना देने और सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर साझा किए गए। इसके बाद सभी को स्वयं और अपने परिवार को नशे से दूर रखने की शपथ दिलाई गई।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले से भू-माफियाओं के दुस्साहस और धोखाधड़ी की एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ एक पीड़ित आदिवासी बुजुर्ग महिला की 2 एकड़ ज़मीन को महज़ ₹3,500 की मामूली रकम में हड़प लिया गया। इस घटना को लेकर पूरे प्रदेश में जन-आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में आदिवासियों की ज़मीन, सुरक्षा और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। मामले में शासन-प्रशासन से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर पीड़ित महिला को उसकी भूमि वापस दिलाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।1
- भोपाल में थाना कोतवाली के सामने लगभग 80 से 90 साल पुराना एक मकान अचानक भरभराकर गिर गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय मकान के अंदर परिवार मौजूद था, जिसमें तीन से चार महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे। मकान गिरने के दौरान छज्जे के साथ एक युवक भी सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि इस पूरे हादसे में किसी भी तरह की कोई जनहानि नहीं हुई है।3