NEWS24 छोड़ने के बाद पहली बार बोलीं गरिमा सिंह, कहा— "जब सवाल पूछना मुश्किल हो जाए, तो कुर्सी छोड़ देना बेहतर" करीब तीन साल तक सरकार से सवाल पूछने की बात कही, बोलीं— पत्रकारिता का धर्म सत्ता से जवाब मांगना है। नई दिल्ली। वरिष्ठ टीवी पत्रकार और एंकर गरिमा सिंह ने NEWS24 से इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने मौजूदा मीडिया माहौल, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने की जिम्मेदारी पर खुलकर अपनी बात रखी। गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता के सवालों को सत्ता तक पहुंचाना और जवाबदेही तय करना है। उनके अनुसार, यदि पत्रकार सत्ता से असहज सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ सरकार से सवाल पूछने का प्रयास किया। लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब वे पहले की तरह स्वतंत्र होकर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही हैं। इसी कारण उन्होंने NEWS24 से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरें पढ़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को सत्ता तक पहुंचाने का दायित्व भी है। उन्होंने संकेत दिया कि जब पत्रकार अपने पेशे की मूल जिम्मेदारी निभाने में स्वयं को असहज महसूस करने लगे, तो उस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना जरूरी हो जाता है। गरिमा सिंह के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने उनके साहस और विचारों की सराहना करते हुए इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, जबकि कुछ लोगों ने उनके विचारों से असहमति भी जताई और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। फिलहाल, गरिमा सिंह के बयान पर NEWS24 या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
NEWS24 छोड़ने के बाद पहली बार बोलीं गरिमा सिंह, कहा— "जब सवाल पूछना मुश्किल हो जाए, तो कुर्सी छोड़ देना बेहतर" करीब तीन साल तक सरकार से सवाल पूछने की बात कही, बोलीं— पत्रकारिता का धर्म सत्ता से जवाब मांगना है। नई दिल्ली। वरिष्ठ टीवी पत्रकार और एंकर गरिमा सिंह ने NEWS24 से इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने मौजूदा मीडिया माहौल, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने की जिम्मेदारी पर खुलकर अपनी बात रखी। गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता के सवालों को सत्ता तक पहुंचाना और जवाबदेही तय करना है। उनके अनुसार, यदि पत्रकार सत्ता से असहज सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ सरकार से सवाल पूछने का प्रयास किया। लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब वे पहले की तरह स्वतंत्र होकर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही हैं। इसी कारण उन्होंने NEWS24 से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरें पढ़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को सत्ता तक पहुंचाने का दायित्व भी है। उन्होंने संकेत दिया कि जब पत्रकार अपने पेशे की मूल जिम्मेदारी निभाने में स्वयं को असहज महसूस करने लगे, तो उस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना जरूरी हो जाता है। गरिमा सिंह के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने उनके साहस और विचारों की सराहना करते हुए इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, जबकि कुछ लोगों ने उनके विचारों से असहमति भी जताई और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। फिलहाल, गरिमा सिंह के बयान पर NEWS24 या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- NEWS24 छोड़ने के बाद पहली बार बोलीं गरिमा सिंह, कहा— "जब सवाल पूछना मुश्किल हो जाए, तो कुर्सी छोड़ देना बेहतर" करीब तीन साल तक सरकार से सवाल पूछने की बात कही, बोलीं— पत्रकारिता का धर्म सत्ता से जवाब मांगना है। नई दिल्ली। वरिष्ठ टीवी पत्रकार और एंकर गरिमा सिंह ने NEWS24 से इस्तीफा देने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने मौजूदा मीडिया माहौल, पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने की जिम्मेदारी पर खुलकर अपनी बात रखी। गरिमा सिंह ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता के सवालों को सत्ता तक पहुंचाना और जवाबदेही तय करना है। उनके अनुसार, यदि पत्रकार सत्ता से असहज सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग तीन वर्षों तक उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ सरकार से सवाल पूछने का प्रयास किया। लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें महसूस हुआ कि अब वे पहले की तरह स्वतंत्र होकर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही हैं। इसी कारण उन्होंने NEWS24 से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल खबरें पढ़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की आवाज को सत्ता तक पहुंचाने का दायित्व भी है। उन्होंने संकेत दिया कि जब पत्रकार अपने पेशे की मूल जिम्मेदारी निभाने में स्वयं को असहज महसूस करने लगे, तो उस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना जरूरी हो जाता है। गरिमा सिंह के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने उनके साहस और विचारों की सराहना करते हुए इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, जबकि कुछ लोगों ने उनके विचारों से असहमति भी जताई और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। फिलहाल, गरिमा सिंह के बयान पर NEWS24 या अन्य संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- गुना ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मारकी महू के अन्तर्गत पंचायत भवन धानवाडी लगा इंटिग्रेटेड हेल्थ शिविर गुना इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप का आयोजन ब्लाक गुना ग्रामीण के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मारकीमहू के अंतर्गत पंचायत भवन धानवाडी जिला गुना में किया गया हैं। कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर नीलेश द्वारा 93 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर टीबी स्क्रीनिंग के साथ 70 हितग्राहियो के टीबी स्पुटम जॉच एवं 85 हित ग्राहियो के Xray कराये गये हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग, सिफलिस स्क्रीनिंग HIV की स्क्रीनिंग के साथ मलेरिया एवं कुष्ठ की स्क्रीनिंग की गईं। राजेश भार्गव वरिष्ठ चिकिसा पर्यवेक्षक ,द्वारा टीवी बीमारीकी लक्षण जांच उपचार की समस्त जानकारी प्रदाय की मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय बताएं आदिल खान XRay टैक्नीशियन ने 85 लोगों के एक्स रे किए गए लाल सिंह धाकड़ के द्वारा सभी मरीजों को हैपेटाइटिस संक्रमण के कारण बचाव के उपाय बताये मुकेश शर्मा ने कुष्ठ की जानकारी दी2
- अशोकनगर कलेक्टर श्री साकेत मालवीय ने आज भ्रमण के दौरान शासकीय मॉडल स्कूल मुंगावली का भ्रमण किया। इस दौरान स्कूली बच्चों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाकर बच्चों को गणित विषय से संबंधित प्रश्नों को हल करके बताया1
- अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति के खिलाफ मार्च का ऐलान1
- समस्याओं की सुनवाई नही होने पर टंकी पर जा चढा युवक हरनावदाशाहजी का है मामला - हरनावदाशाहजी.कस्बे में सोमवार को पुलिस प्रशासन एवं बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए एक युवक टंकी पर चढ़ गया। जिसे बाद में थानाधिकारी, बिजली अधिकारी एवं नायब तहसीलदार ने समझाइश कर नीचे उतारा। प्राप्त जानकारी अनुसार सोमवार दोपहर को उमरिया निवासी राहुल उपतहसील कार्यालय के समीप स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। और बिजली विभाग व पुलिस विभाग पर सुनवाई नही करने का आरोप लगाते हुए उचित कार्रवाई की मांग करने लगा। सूचना पर पुलिस थानाधिकारी बीएस जाखड, नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी,बिजली सहायक अभियंता ने मौके पर पहुंचकर समझाइश कर युवक को नीचे उतारा। तथा उसकी समस्या समाधान करने का भरोसा दिलाया। युवक की शिकायत थी कि एक विद्युत पोल को हटवाने की शिकायत उसने बिजली विभाग को तथा पडौसी की शिकायत पुलिस को दी थी जिसमें कोई सुनवाई नही की और कांस्टेबल ने भी उसे ऐसे ही लौटा दिया था। थानाधिकारी ने बताया कि युवक को समझाइश कर टंकी से उतार लिया तथा समस्या सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।2
- दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का फतेहगढ़ में जश्न, आतिशबाजी कर बांटी मिठाई दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद गुना जिले के फतेहगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ जीत का जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। जश्न के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जीत को जनता का विश्वास बताते हुए कहा कि यह परिणाम प्रदेश की जनता की भावनाओं का प्रतिबिंब है। कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने का संकल्प दोहराया। फतेहगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक और स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा और कार्यकर्ताओं ने जीत के समर्थन में नारे भी लगाए।1
- गुना जिले के उत्तर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगल में तेंदुए की निर्मम हत्या करके उसके अंग काटने बालों पर1