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मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर संगठित तरीके से चल रहे पेपर लीक रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य रसूखदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह मांग बाबूलाल कटारा द्वारा खोले गए राज के बाद की गई है। इस संदर्भ में, एक व्यक्ति ने बताया कि वे बाबूलाल कटारा से जेल में मिले थे और कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Jitesh kumar
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर संगठित तरीके से चल रहे पेपर लीक रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य रसूखदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह मांग बाबूलाल कटारा द्वारा खोले गए राज के बाद की गई है। इस संदर्भ में, एक व्यक्ति ने बताया कि वे बाबूलाल कटारा से जेल में मिले थे और कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- बिहार मध निषेध भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर ट्रेन रोककर भारी उपद्रव किया। भारी भीड़ और देरी से नाराज़ अभ्यर्थियों ने पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव भी किया। स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप रेलवे ट्रैक भी जाम हो गया।1
- जिस व्यक्ति को ममता बानो अपना 'बड़ा भाई' बताती थीं, आज बंगाल की जनता उसी का 'बहुत प्यार से सेवा पूजा' करते हुए 'स्वागत और सत्कार' कर रही है।1
- किशनगढ़ रेनवाल कस्बे में एक तेज रफ्तार और बेकाबू पिकअप वाहन ने रेनवाल के पचार-खाटूश्यामजी चौराहे पर एक मोटरसाइकिल सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर लगते ही बाइक चालक करीब 5 फीट हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। यह पूरी घटना पास के एक होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। दुर्घटना के बाद चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेनवाल पुलिस और एंबुलेंस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि फरार पिकअप चालक की पहचान कर उसकी तलाश की जा सके। रेनवाल पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। इस हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में रोष है और वे तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं।1
- बीकानेर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की कथित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री की एक प्रतीकात्मक "जुबान" को तेजाब से साफ करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मंत्री द्वारा गर्भवती महिलाओं के प्रति की गई टिप्पणी अपमानजनक और असंवेदनशील थी। इस प्रतीकात्मक विरोध के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उस प्रतिरूप को आग के हवाले भी कर दिया। कांग्रेस ने मांग की कि मंत्री खींवसर माफी मांगें और महिलाओं के सम्मान के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं। पूरे प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई।1
- बीकानेर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की कथित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा प्रदर्शन किया। यह विरोध मंत्री द्वारा गर्भवती महिलाओं को लेकर की गई कथित अपमानजनक और असंवेदनशील टिप्पणी के खिलाफ था, जिसे कांग्रेस नेताओं ने महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मंत्री की एक प्रतीकात्मक "जुबान" बनाई और उसे तेजाब से साफ करने का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री के प्रतीकात्मक प्रतिरूप को आग के हवाले कर जमकर नारेबाजी भी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे असंवेदनशील बयान किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देते। प्रदर्शनकारी कांग्रेस ने मंत्री से इस मामले में सार्वजनिक माफी की मांग की है और महिलाओं के सम्मान तथा संवेदनशीलता के प्रति जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के चलते क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गरमा गया है, और कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मंत्री माफी नहीं मांगते हैं, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।1
- जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने 'हाई अलर्ट' जारी किया है। सभी नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। पुलिस ने जनता से आह्वान किया है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके साथ ही, रात के समय घरों के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। नागरिकों को अजनबियों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करने और अपने पड़ोसियों व स्थानीय लोगों को भी इस बारे में जागरूक करने को कहा गया है। इस महत्वपूर्ण सूचना को अधिक से अधिक लोगों और समूहों तक पहुंचाने की भी अपील की गई है। पुलिस ने साफ किया है कि 'आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है' और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। यह जनहित में जारी सूचना राजस्थान पुलिस और जयपुर पुलिस द्वारा प्रसारित की गई है, जिसमें के. जी. सैनी सांभरिया का भी उल्लेख है।1
- मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर संगठित तरीके से चल रहे पेपर लीक रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य रसूखदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह मांग बाबूलाल कटारा द्वारा खोले गए राज के बाद की गई है। इस संदर्भ में, एक व्यक्ति ने बताया कि वे बाबूलाल कटारा से जेल में मिले थे और कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- राजधानी जयपुर में संविदा सेवा से हटाए गए एक नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल की कथित आत्महत्या के बाद नर्सिंगकर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया है। बताया जा रहा है कि दीपक खारवाल ने एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद कथित रूप से जहर खा लिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर इकट्ठा हो गए और सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में जारी रहा। नर्सिंगकर्मियों ने "स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो" और "दीपक खारवाल अमर रहे" जैसे नारे लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संविदाकर्मियों के साथ किए जा रहे व्यवहार और सेवा से हटाए जाने की प्रक्रिया के कारण कई कर्मचारियों को गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी गरमाहट ला सकता है।1