बुलंदशहर पचौता मेला: 11वीं की नाबालिग छात्रा का अपहरण, कार में गैंगरेप; 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार* *बुलंदशहर पचौता मेला: 11वीं की नाबालिग छात्रा का अपहरण, कार में गैंगरेप; 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार* बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र में पचौता मेला (धार्मिक मेला) देखने गई लगभग 16 वर्षीय 11वीं की नाबालिग छात्रा का अपहरण कर चार आरोपियों ने कथित तौर पर गैंगरेप किया। पीड़िता को परिजनों के साथ बुधवार शाम (4 मार्च 2026) पड़ोसी गांव के मेले में ले जाया गया था, जहां एक युवक ने उसका मुंह दबाकर कार में डाला और जंगल ले गए। चारों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया, जबकि दो अन्य ने प्रयास किया; आरोपी एक चाचा का नाम लेकर पीड़िता को भरोसा दिलाने की कोशिश की। घटना के बाद बेहोशी की हालत में पीड़िता को मेले में छोड़ फरार हो गए; परिजनों ने खोजकर उसे पाया और आपबीती सुनने पर पुलिस को सूचना दी। देर रात खेत में अचेत अवस्था में मिली पीड़िता को जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर चोला थाने में गैंगरेप और POCSO एक्ट की धाराओं में चार नामजद (दीपांशु यादव सराय दूल्हा सिकंदराबाद, प्रिंस यादव बम्हेटा वेव सिटी गाजियाबाद, सुनील यादव पचौता) समेत एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथा फरार बताया जा रहा
बुलंदशहर पचौता मेला: 11वीं की नाबालिग छात्रा का अपहरण, कार में गैंगरेप; 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार* *बुलंदशहर पचौता मेला: 11वीं की नाबालिग छात्रा का अपहरण, कार में गैंगरेप; 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 फरार* बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र में पचौता मेला (धार्मिक मेला) देखने गई लगभग 16 वर्षीय 11वीं की नाबालिग छात्रा का अपहरण कर चार आरोपियों ने कथित तौर पर गैंगरेप किया। पीड़िता को परिजनों के साथ बुधवार शाम (4 मार्च 2026) पड़ोसी गांव के मेले में ले जाया गया था, जहां एक युवक ने उसका मुंह दबाकर कार में डाला और जंगल ले गए। चारों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया, जबकि दो अन्य ने प्रयास किया; आरोपी एक चाचा का नाम लेकर पीड़िता को भरोसा दिलाने की कोशिश की। घटना के बाद बेहोशी की हालत में पीड़िता को मेले में छोड़ फरार हो गए; परिजनों ने खोजकर उसे पाया और आपबीती सुनने पर पुलिस को सूचना दी। देर रात खेत में अचेत अवस्था में मिली पीड़िता को जिला महिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर चोला थाने में गैंगरेप और POCSO एक्ट की धाराओं में चार नामजद (दीपांशु यादव सराय दूल्हा सिकंदराबाद, प्रिंस यादव बम्हेटा वेव सिटी गाजियाबाद, सुनील यादव पचौता) समेत एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथा फरार बताया जा रहा
- Post by न्यूज़ आइकॉन 241
- नई दिल्ली: कहते हैं कि जब घर पर आंच आती है, तो दीवारें भी बोलने लगती हैं। कुछ ऐसा ही मंजर दिल्ली के ऐतिहासिक शालीमार गांव में पिछले एक महीने से देखने को मिल रहा है। यहाँ की गलियों में अब सन्नाटा नहीं, बल्कि अपने हकों के लिए लड़ते लोगों की आवाज़ें गूंज रही हैं। 7 फरवरी 2026 से शुरू हुआ यह 'घर बचाओ आंदोलन' आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। संघर्ष का आगाज़ और सामूहिक शक्ति यह आंदोलन केवल विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह उस जज़्बे की कहानी है जहाँ पूरा गांव एक परिवार बन गया है। इस आंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति यहाँ की महिलाएं हैं। वीडियो और ज़मीनी रिपोर्टों से साफ़ झलकता है कि कैसे गांव की माताएं और बहनें अपने घरों के काम छोड़कर सड़कों और चौपालों पर डटी हुई हैं। सांझी रसोई: एकता का प्रतीक आंदोलन के दौरान एक बहुत ही भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया है—सामूहिक रसोई। यहाँ कोई अमीर या गरीब नहीं है। गांव की महिलाएं अपने घरों से खुद आटा, सब्जियां और अन्य राशन लेकर आ रही हैं। निस्वार्थ सेवा: पुरुष और महिलाएं मिलकर पूड़ियाँ बेल रहे हैं, सब्ज़ियां बना रहे हैं और आंदोलनकारियों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं। अनुदान: आलू से लेकर अनाज तक, सब कुछ गांव के लोगों द्वारा स्वेच्छा से दान किया गया है, जो यह दर्शाता है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समूचे अस्तित्व की है। आमरण अनशन और प्रशासन की चुप्पी आंदोलन स्थल पर लगे बैनरों पर साफ़ लिखा है—"घर बचाओ आंदोलन, आमरण अनशन"। फरवरी की सर्द रातों से लेकर मार्च की तपिश तक, ये ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनकी मांग स्पष्ट है: उनके पुरखों की ज़मीन और उनके आशियानों को किसी भी तरह की विकास परियोजनाओं या अतिक्रमण की कार्रवाई के नाम पर उजाड़ा न जाए। "जिन हाथों में शक्ति भरी है, राज मुकुट पहनाने की, उन हाथों में ताकत भी है, सर से ताज हटाने की।" — आंदोलन स्थल पर गूंजते नारे। निष्कर्ष शालीमार गांव का यह आंदोलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। 'भारत माता की जय' के नारों और एकता की इस गूँज ने यह साबित कर दिया है कि जब समुदाय एकजुट होता है, तो वह किसी भी मुश्किल का सामना कर सकता है। 2026 का यह 'घर बचाओ आंदोलन' दिल्ली के नागरिक अधिकारों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।1
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- दोस्त ऑर्गेनाइजेशन, पटियाला (पंजाब) द्वारा जरूरतमंद लोगों के लिए राशन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य में संस्था की ओर से कई लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाते हुए जानवी मिश्रा जी ने अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया और जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्था का यह प्रयास समाज सेवा और मानवता की मिसाल है, जिससे जरूरतमंद लोगों को सहायता मिली और समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा मिला। Reported by Ajay Chadha Asian Media News Delhi Mob. 87002502961
- शराब के नशे में पत्नी ने पति को डंडे से पीट-पीट कर मार डाला तमाश बीन सिर्फ वीडियो बनाते रहें मानवता हुई शर्मशार वीडियो बनाने के वजाय बचाव या गुहार लगाया होता तो बच सकती थी पति की जान मामला #उत्तरप्रदेश के जनपद #अंबेडकरनगर अंतर्गत कोतवाली #अकबरपुर का है #pmo #PMOIndia #UttarPradesh #AmbedkarNagar #akbarpur #YogiAdityanath #MYogiAdityanath #police #UPPolice MYogiAdityanath DM Ambedkarnagar UP Police अम्बेडकरनगर पुलिस Narendra Modi Ambedkarnagar Police #india #viral #video #reels1
- *अनूपशहर कोतवाली में कपड़े उतारकर नाचते दिखे पुलिसकर्मी, होली पर डीजे पर बजा 'नशा शराब में होता' गाना झूम उठे दरोगा-सिपाही* अनूपशहर कोतवाली परिसर में धुलेड़ी के अगले दिन पुलिसकर्मियों ने होली का पर्व मनाया। इस दौरान पुलिसकर्मी डीजे पर बजते गानों पर अर्धनग्न होकर नाचते दिखे और एक-दूसरे पर पानी की बौछारें डालते रहे। वीडियो में दिख रहा है कि कोतवाली परिसर में डीजे का इंतजाम किया गया था। जैसे ही डीजे पर मशहूर गाना "नशा शराब में होता तो नाचती बोतल" बजा वहां मौजूद रिक्रूट आरक्षी, सिपाही और दरोगा खुश होकर नाचने लगे उत्सव के उत्साह में डूबे कई पुलिसकर्मी अर्धनग्न अवस्था में थिरकते नजर आए। कोतवाली के भीतर किसी सार्वजनिक जगह की तरह हुडदंग का माहौल था, जहां पुलिसकर्मी एक-दूसरे पर पानी के पाइप से बौछारें डाल रहे थे। इस दौरान परिसर में मौजद लोगों ने इस होली का वीडियो भी बनाया। पुलिस विभाग में आमतौर पर त्योहार के अगले दिन होली खेलने की परंपरा है। त्योहार के दिन पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए सड़को पर तैनात रहते हैं, और अगले दिन वे मनोरंजन के माहौल में अपना तनाव कम करते हैं। इस बार अनूपशहर कोतवाली परिसर में गुलाल रंगों के साथ-साथ पानी का भी भरपूर उपयोग किया गया। होली का यह उत्सव दोपहर करीब 12 बजे शूरू हुआ और देर दोपहर तक चला। *दीपक अग्रवाल*1
- उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कबीर नगर इलाके में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। नमाज़ पढ़कर लौट रहे एक बच्चे को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। बोतल, चाकू और तलवार जैसे धारदार हथियारों से हमले का आरोप है, जिसमें 5 लोग घायल हो उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कबीर नगर इलाके में एक मामूली विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। पीड़ित परिवार के अनुसार नमाज़ पढ़कर घर लौट रहे एक बच्चे को लेकर दो पक्षों में कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पेप्सी की दुकान पर बैठे नौशाद नाम के युवक पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि हमलावरों ने बोतलें फेंकी और चाकू व तलवार जैसे धारदार हथियारों से हमला किया। इस घटना में करीब पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और वैधानिक कार्रवाई कर रही है।1
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