साय सरकार ने बदले बड़े नियम... अगर आप छत्तीसगढ़वासी है तो ये खबर आप के लिए है जी हाँ छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ अहम बदलाव किये है जी हाँ जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब एक साल से अधिक देरी होने पर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करना होगा। मजिस्ट्रेट की जांच और आदेश के बाद ही उप-पंजीयक प्रमाण पत्र जारी करेगा। पहले यह अधिकार कलेक्टर द्वारा अधिकृत अधिकारी के पास था। नए नियमों के तहत गोद लिए गए बच्चे, मृत जन्म (स्टिल बर्थ) और चलती गाड़ी में जन्म या मृत्यु का भी पंजीयन होगा। वाहन जहां पहली बार रुकेगा, वही जन्म या मृत्यु स्थान माना जाएगा। सरकार ने मां की शिक्षा, माता-पिता का व्यवसाय और गर्भावधि जैसी जानकारियां भी अनिवार्य की हैं। विलंब शुल्क 20 से 100 रुपये तक तय किया गया है। नए नियम छत्तीसगढ़ राज्य जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण 2026 के तहत लागू होंगे।
साय सरकार ने बदले बड़े नियम... अगर आप छत्तीसगढ़वासी है तो ये खबर आप के लिए है जी हाँ छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ अहम बदलाव किये है जी हाँ जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब एक साल से अधिक देरी होने पर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करना होगा। मजिस्ट्रेट की जांच और आदेश के बाद ही उप-पंजीयक प्रमाण पत्र जारी करेगा। पहले यह अधिकार कलेक्टर द्वारा अधिकृत अधिकारी के पास था। नए नियमों के तहत गोद लिए गए बच्चे, मृत जन्म (स्टिल बर्थ) और चलती गाड़ी में जन्म या मृत्यु का भी पंजीयन होगा। वाहन जहां पहली बार रुकेगा, वही जन्म या मृत्यु स्थान माना जाएगा। सरकार ने मां की शिक्षा, माता-पिता का व्यवसाय और गर्भावधि जैसी जानकारियां भी अनिवार्य की हैं। विलंब शुल्क 20 से 100 रुपये तक तय किया गया है। नए नियम छत्तीसगढ़ राज्य जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण 2026 के तहत लागू होंगे।
- User6035Rajpur, Balrampur💣39 min ago
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- गरीबों के घर पर राजनीति! PMAY-U 2.0 सर्वे का विरोध क्यों?वीरांगना अवंती बाई वार्ड नंबर 6 #raipur #chhattisgarh #raipurnews #raipurbloger#pmay1
- साय सरकार ने बदले बड़े नियम... अगर आप छत्तीसगढ़वासी है तो ये खबर आप के लिए है जी हाँ छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ अहम बदलाव किये है जी हाँ जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब एक साल से अधिक देरी होने पर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करना होगा। मजिस्ट्रेट की जांच और आदेश के बाद ही उप-पंजीयक प्रमाण पत्र जारी करेगा। पहले यह अधिकार कलेक्टर द्वारा अधिकृत अधिकारी के पास था। नए नियमों के तहत गोद लिए गए बच्चे, मृत जन्म (स्टिल बर्थ) और चलती गाड़ी में जन्म या मृत्यु का भी पंजीयन होगा। वाहन जहां पहली बार रुकेगा, वही जन्म या मृत्यु स्थान माना जाएगा। सरकार ने मां की शिक्षा, माता-पिता का व्यवसाय और गर्भावधि जैसी जानकारियां भी अनिवार्य की हैं। विलंब शुल्क 20 से 100 रुपये तक तय किया गया है। नए नियम छत्तीसगढ़ राज्य जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण 2026 के तहत लागू होंगे।1
- शंघाई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जंप रोप प्रतियोगिता में एक चीनी किशोर ने सिर्फ 10 सेकंड में 228 छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड बना दिया। यह उपलब्धि असाधारण रफ्तार, बेहतरीन तालमेल और लंबे समय की कड़ी ट्रेनिंग का नतीजा है। प्रतियोगिता के दौरान एक पल की चूक भी रिकॉर्ड को बिगाड़ सकती थी, लेकिन एथलीट ने पूरे फोकस और अनुशासन के साथ यह कारनामा कर दिखाया। यह रिकॉर्ड न सिर्फ आंकड़ों के कारण चौंकाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि गैर-पारंपरिक खेलों में भी इंसानी क्षमता की कोई सीमा नहीं होती। #WorldRecord #Human #athletelife #HardWorkPaysOff #nextlevel #inspiration #SportsReels #ViralSports1
- रायपुर जिला के तिल्दा-नेवरा का मामला सामने आया छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बीच एक बार फिर किसानों के साथ अन्याय का गंभीर मामला सामने आया है। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ताराशिव छतौद के अन्नदाता किसान ने धान खरीदी केंद्र में टोकन गड़बड़ी से परेशान होकर परिवार सहित धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसान का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र के ऑपरेटर एवं संबंधित अधिकारियों की लापरवाही/मनमानी के कारण उसका पूरा धान नहीं खरीदा गया। किसान को कुल 183 क्विंटल धान का टोकन कटना था, लेकिन पहले टोकन में 40 क्विंटल, दूसरे टोकन में केवल 80 क्विंटल धान खरीदा गया, जबकि शेष 63 क्विंटल धान आज भी खरीदी से वंचित है। बार-बार शिकायत और आवेदन के बावजूद तीसरा टोकन आज तक जारी नहीं किया गया, जिससे किसान मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से परेशान है। मजबूर होकर किसान ने धान खरीदी केंद्र के गेट पर धरना शुरू कर दिया। ज्ञापन सौंप न्याय की मांग पीड़ित किसान ने तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी एवं सहकारी समिति को लिखित ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। किसान ने साफ कहा कि जब तक उसका पूरा धान नहीं खरीदा जाएगा, धरना जारी रहेगा।1
- जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पहुंचे दुर्ग सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु, गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती आज सुबह दुर्ग रेलवे सारनाथ ट्रेन से दुर्ग पहुंचे। जैसे ही शंकराचार्य जी का आगमन हुआ, स्टेशन परिसर हर-हर महादेव और जय श्री जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में शिष्य परिवार, सनातन प्रेमी एवं श्रद्धालु उनके दर्शन हेतु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया इस दौरान धर्मसंघ पीठपरिषद आदित्यवाहिनी एवं आनंदवाहिनी छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे। दुर्ग में जगद्गुरु शंकराचार्य जी के आगमन को लेकर सनातन समाज में विशेष उल्लास का माहौल बना हुआ है। जहां हिंदू राष्ट्र के नारो से पूरा दुर्ग रेलवे गूंज स्टेशन उठा वही अयोध्या में जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तश्वरनंद को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि उनको स्नान से नहीं रोका गया बाकी जो तामझाम उनके द्वारा किया गया था उसको रोक गया1
- https://youtube.com/shorts/o2wfYTBi4EI?si=xDOi7x4ToL-5eFP_ ग्राम छतौद इन दिनों धान खरीदी को लेकर उबाल पर है। खेतों में पसीना बहाने वाले किसान आज खरीदी केंद्र के बाहर धरने पर बैठने को मजबूर1
- राजिम ब्रेकिंग....... मेला शुरू होने में अब केवल दो दिन शेष हैं। वही मंत्री ने अधिकारियों को समय से पहले सभी तैयारियां पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए और दो टूक कहा किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए1
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