झांसी में पूर्व सांसद स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री की पुण्यतिथि के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय अग्निहोत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान, संदीप सरावगी ने स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री के सार्वजनिक जीवन में समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी सादगी, जनसेवा और विकास के प्रति समर्पण आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है, और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज की सेवा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। स्वर्गीय अग्निहोत्री के पुत्र डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने बताया कि यह उनके पूज्य पिता की 18वीं पुण्यतिथि है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और राष्ट्रहित के कार्यों को समर्पित रहा। डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि उनके आदर्श, विचार और कार्यशैली आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं, और परिवारजन व शुभचिंतक उनके दिखाए मार्ग पर चलने का निरंतर प्रयास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके उच्च संस्कार, सेवा भाव और जनसरोकारों के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धांजलि सभा के बाद, एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया। ऋषिराज उर्फ बॉबी ठाकुर ने भंडारे की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया। आयोजन स्थल पर पूरे समय श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डॉ. आशीष अग्निहोत्री, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, योजना शुक्ला (जिला कार्यवाहिका, आरएसएस), वरिष्ठ समाजसेवी संजय झा, भारत सेठ, मनमोहन गैंडा, गजराज प्रधान, राहुल कोष्टा, अभिषेक, ऋषिराज उर्फ बॉबी ठाकुर, संकल्प नायक, प्रशांत शर्मा, संदीप सरावगी, अभिषेक ठाकुर, संदीप नामदेव, अनुज ठाकुर सहित कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि सभा और भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने स्वर्गीय अग्निहोत्री के प्रति जनता के सम्मान और स्नेह को पुनः प्रदर्शित किया।
झांसी में पूर्व सांसद स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री की पुण्यतिथि के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय अग्निहोत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान, संदीप सरावगी ने स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री के सार्वजनिक जीवन में समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी सादगी, जनसेवा
और विकास के प्रति समर्पण आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है, और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज की सेवा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। स्वर्गीय अग्निहोत्री के पुत्र डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने बताया कि यह उनके पूज्य पिता की 18वीं पुण्यतिथि है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और राष्ट्रहित के कार्यों को समर्पित रहा। डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि उनके आदर्श, विचार और कार्यशैली आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं, और परिवारजन व शुभचिंतक उनके दिखाए मार्ग पर चलने का निरंतर
प्रयास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके उच्च संस्कार, सेवा भाव और जनसरोकारों के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रद्धांजलि सभा के बाद, एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण किया। ऋषिराज उर्फ बॉबी ठाकुर ने भंडारे की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया। आयोजन स्थल पर पूरे समय श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का वातावरण बना रहा। इस अवसर पर डॉ. आशीष अग्निहोत्री, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, योजना शुक्ला (जिला कार्यवाहिका, आरएसएस), वरिष्ठ समाजसेवी संजय झा, भारत सेठ, मनमोहन गैंडा,
गजराज प्रधान, राहुल कोष्टा, अभिषेक, ऋषिराज उर्फ बॉबी ठाकुर, संकल्प नायक, प्रशांत शर्मा, संदीप सरावगी, अभिषेक ठाकुर, संदीप नामदेव, अनुज ठाकुर सहित कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय राजेंद्र अग्निहोत्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि सभा और भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने स्वर्गीय अग्निहोत्री के प्रति जनता के सम्मान और स्नेह को पुनः प्रदर्शित किया।
- बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर सक्रिय भानू सहाय को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक ने एक गांव की चौपाल में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसी मंच या कुर्सी का उपयोग नहीं किया, बल्कि सीधे जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। मंत्री के इस सहज और सरल अंदाज से स्थानीय लोग खासे प्रभावित हुए, और कई लोगों ने कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा सांसद नहीं देखा जो इस तरह से जनता के बीच सहजता से जुड़े।1
- दतिया में राज एक्सप्रेस के तत्वावधान में काली माता आश्रम, ग्वालियर रोड परिसर में एक पर्यावरण संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दतिया कोतवाली के टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने मुख्य अतिथि के आसन से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के हित के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, क्योंकि “पेड़ है तो जीवन है”। उन्होंने धर्म शास्त्रों का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि “एक वृक्ष 100 पुत्रों के समान” होता है। इस समारोह की अध्यक्षता अनेक अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड विजेता डॉ. आलोक सोनी ने की, वहीं महामंडलेश्वर विपुल समाधि नाथ महाराज जी ने सभी उपस्थित लोगों को आशीर्वाद दिया। श्रमजीवी पत्रकार संघ के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रांतीय संयोजक मनोज गोस्वामी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जिन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को प्रतिदिन फल खाने के बाद उनके बीज सुरक्षित रखने चाहिए और सुबह जिस सड़क से गुजरें, उसके किनारे उन बीजों को बिखेर देना चाहिए, जो भविष्य में अच्छे पेड़ बनकर हमारी अगली पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात साबित होंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष और पर्यावरणविद् डॉ. आलोक सोनी ने पर्यावरण बचाने के लिए ओजोन परत को संरक्षित करने का आह्वान किया, जिसके लिए उन्होंने एसी और फ्रिज के उपयोग को कम करने तथा प्रतिदिन एक पेड़ लगाने का संकल्प लेने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार चेतन सुखानी ने किया, जबकि स्वागत भाषण राज एक्सप्रेस के पत्रकार चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने दिया। इस अवसर पर जिला अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राघवेंद्र समाधिया, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के सचिव सुनील सिंह कुशवाहा, पत्रकार रूपेश सेन, विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले जितेंद्र गुरु, पत्रकार दीपक श्रीवास्तव, पत्रकार राहुल शर्मा, पत्रकार मुरारी लाल कुशवाह, पत्रकार जेपी पटवा, रामलखन यादव, अंकित श्रीवास्तव, वासुदेव श्रीवास्तव, विनय त्रिपाठी और दीपक पाठक सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। समारोह के दौरान नीम, पीपल, आम और गूगल सहित कई किस्मों के विभिन्न पेड़ लगाए गए। अंत में, दीपक श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।1
- सिंध नदी के किनारे रतनगढ़ माता के पास पिछले कई वर्षों से लगातार अवैध रेत का उत्खनन जारी है, जिसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। इस अनियंत्रित खनन के कारण नदी के बहाव में परिवर्तन, जल स्तर में कमी, जल प्रदूषण और भूमि कटाव जैसी प्राकृतिक अवनति हो रही है। इतना ही नहीं, अवैध रेत के परिवहन के लिए जंगल के बीच रास्ते बनाए जा रहे हैं, जिससे वन संपदा को भी भारी क्षति पहुँच रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए, रतनगढ़ माता सिंध नदी के किनारे हो रहे इस अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है।1
- दतिया अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कवचे ने शुक्रवार को भांडेर पहुंचकर रामगढ़ रोड स्थित नवीन तहसील कार्यालय और राजस्व न्यायालय का दोपहर 12 बजे से 03 बजे तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की फाइलों का गहन अवलोकन करते हुए उनके निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। अपर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी राजस्व मामलों का निराकरण समय-सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करने से बचाना था। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। निरीक्षण के क्रम में, उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया और रिकॉर्ड संधारण के साथ-साथ न्यायालयीन कार्यवाही से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर भांडेर एसडीएम सोनाली राजपूत सहित तहसील कार्यालय का समस्त राजस्व अमला और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश पुलिस में चयनित हुए छात्रों ने हाल ही में हिन्दी वार्ता न्यूज़ पर अपने अनुभव साझा किए हैं। इन छात्रों ने अपनी चयन प्रक्रिया और संबंधित अनुभवों को विस्तार से बताया।1
- झांसी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पद पर डॉ. शिशिर पुरी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालते ही डॉ. पुरी ने अपनी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि मातृ एवं बाल स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।1
- दतिया जिले की गोंदन थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के तहत एक फरार वसूली वारंटी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के अंतर्गत की गई है। जानकारी के अनुसार, सिविल न्यायालय भाण्डेर ने भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में आरोपी दीपक वंशकार के खिलाफ वसूली और गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। दीपक वंशकार ग्राम सेमाह, थाना भाण्डेर का निवासी है। उस पर न्यायालय के आदेशानुसार ₹36 हजार की भरण-पोषण राशि का भुगतान न करने का आरोप था, और वह लगातार न्यायालय में भी उपस्थित नहीं हो रहा था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार शिवहरे के मार्गदर्शन और एसडीओपी पूनमचंद्र यादव के नेतृत्व में गोंदन थाना पुलिस ने आरोपी दीपक वंशकार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे माननीय न्यायालय भाण्डेर के समक्ष पेश किया गया, जहाँ मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।1
- दतिया जिले के ग्राम दुरसड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने नव निर्मित प्रसव केंद्र और पीएनसी (पोस्ट नेटल केयर) यूनिट का फीता काटकर औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान, कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र का गहन निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण के क्रम में, कलेक्टर ने स्वयं अपना ब्लड शुगर टेस्ट भी करवाकर स्वास्थ्य जांच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नव स्थापित प्रसव केंद्र और पीएनसी यूनिट के शुरू होने से अब क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को अधिक बेहतर एवं सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1