उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद न्यायालय परिसर में 12.07.2026 को माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेशानुसार और जनपद न्यायाधीश श्री रामेश्वर के निर्देशन में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान का शुभारंभ स्वयं जनपद न्यायाधीश श्री रामेश्वर ने पौधा लगाकर किया। इस महायज्ञ में न्यायालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीकृष्ण यादव, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण श्री हरविन्दर सिंह, अपर जिला जज प्रथम श्री रत्नेश कुमार श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी श्रीमती जेबा मजीद, विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट श्री धनन्जय कुमार मिश्रा, अपर जिला जज एफटीसी-1 श्री अनुतोष कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री खांन जीशान मसूद और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी विधेय़ शामिल रहे। इन सभी अधिकारियों के साथ-साथ अन्य न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं ने भी न्यायालय परिसर में भारी संख्या में पौधारोपण किया।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद न्यायालय परिसर में 12.07.2026 को माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेशानुसार और जनपद न्यायाधीश श्री रामेश्वर के निर्देशन में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत 'वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान का शुभारंभ स्वयं जनपद न्यायाधीश श्री रामेश्वर ने पौधा लगाकर किया। इस महायज्ञ में न्यायालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीकृष्ण यादव, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण श्री हरविन्दर सिंह, अपर जिला जज प्रथम श्री रत्नेश कुमार श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी श्रीमती जेबा मजीद, विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट श्री धनन्जय कुमार मिश्रा, अपर जिला जज एफटीसी-1 श्री अनुतोष कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री खांन जीशान मसूद और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी विधेय़ शामिल रहे। इन सभी अधिकारियों के साथ-साथ अन्य न्यायिक अधिकारीगण, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं ने भी न्यायालय परिसर में भारी संख्या में पौधारोपण किया।
- कासगंज के थाना कासगंज क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के पति ने भी विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कासगंज थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी नगर आंचल चौहान ने जानकारी दी है कि मामले में सभी पहलुओं से गहनता से विवेचना की जा रही है। साक्ष्य संकलन के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक गेट के सामने बिजली का लट्ठा आ गया है। इस समस्या को लेकर डीएम साहब से ध्यान देने और कृपा करने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के पटियाली में शरारती खेत वाले बार-बार खेत की मेड काटकर अच्छे लोगों को परेशान कर रहे हैं। इन शरारती तत्वों द्वारा लगातार की जा रही इस हरकत से पीड़ित लोग काफी तंग आ चुके हैं, जहां खेतों की सीमाओं (मेड) को काटकर उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।1
- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- बदायूं में रिश्तों की आड़ में रची गई साजिश और खामोशी के पीछे छिपे खून के राज का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। प्यार, मोहब्बत और भरोसे के बाद बेवफाई का ऐसा खूनी अंजाम देखने को मिला है, जिसने सबको चौंका दिया है। आखिर इस वारदात को किसने, क्यों और कैसे अंजाम दिया, इस सनसनीखेज हत्याकांड का पूरा सच 'Aaj Ki Khabar' के स्पेशल क्राइम शो '#गुनाह' में दिखाया जाएगा। बदायूं की इस खौफनाक 'क्राइम स्टोरी' का पूरा सच जल्द ही सामने आने वाला है।1
- बदायूं के गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में प्रखर बाल संस्कारशाला के तत्वावधान में विराट गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस महायज्ञ में बाल संस्कारशाला के बच्चों ने लोकमंगल, वैश्विक शांति, मानवीय सद्भाव तथा संतुलित जनसंख्या व्यवस्था की कामना से गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित कीं। इस अनुष्ठान से संपूर्ण वातावरण वैदिक ऋचाओं, मंत्रोच्चार एवं यज्ञीय सुगंध से आध्यात्मिक चेतना से अनुप्राणित हो उठा। परिव्राजक सुमित कुकरेती ने विधि-विधानपूर्वक इस यज्ञ को संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का शाश्वत प्राणतत्त्व है, जो मानव के अंतःकरण का परिष्कार, पर्यावरण का परिमार्जन तथा सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। वहीं, वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि जनसंख्या तभी राष्ट्रीय संपदा सिद्ध होती है, जब वह शिक्षित, सुसंस्कृत, स्वावलंबी, अनुशासित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों में रूपांतरित हो। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरणीय संतुलन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार पर बहुआयामी दबाव उत्पन्न करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नारी सशक्तिकरण, संस्कार-संपन्न परिवार व्यवस्था और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के समन्वित प्रयासों से ही इस पर नियंत्रण संभव है। इस अवसर पर रिया, रौनक, नीतू, पायल, ऐनी, अनुष्का, राधिका, शिखा, दीपाली और शैलेश आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे और गायत्री महायज्ञ के माध्यम से जनसंख्या संतुलन एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आह्वान किया गया।1
- बदायूं के बिल्सी नगर में खुदाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में वहां काम कर रहे 5 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद राहत कार्य करते हुए मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है, जिनमें से एक मजदूर की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज में देरी के कारण एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में भारी हंगामा किया। बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल अपनी लगभग 18-20 वर्षीय बेटी तरन्नुम को सुबह इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुए और समय पर प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका, जिससे अस्पताल परिसर में ही युवती की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवती की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही एम्बुलेंस की कोई व्यवस्था की गई। लाचारी में मृतका के भाई ने अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाया और अस्पताल से बाहर निकाला, जिसके बाद वे एक ऑटो के माध्यम से शव को अपने गांव लेकर गए। इस घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस मामले में अभी अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।1