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बुंदेलखंड न्यूज लैंड परियोजना पिछले दस सालों से बंद पड़ी है, जिसे कुछ दबंग लोगों ने अपनी मनमानी से रोक रखा है। यह सरकारी योजना उस जमीन में लगी हुई है, जिस पर शिकायतकर्ता का अधिकार है। जानकारी के अनुसार, इन दबंगों ने परियोजना का सामान भी निकाल लिया है, जिसमें पाइप और तार जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं। यह पूरी परियोजना सिंचाई विभाग से संबंधित है।
Ankit Singh
बुंदेलखंड न्यूज लैंड परियोजना पिछले दस सालों से बंद पड़ी है, जिसे कुछ दबंग लोगों ने अपनी मनमानी से रोक रखा है। यह सरकारी योजना उस जमीन में लगी हुई है, जिस पर शिकायतकर्ता का अधिकार है। जानकारी के अनुसार, इन दबंगों ने परियोजना का सामान भी निकाल लिया है, जिसमें पाइप और तार जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं। यह पूरी परियोजना सिंचाई विभाग से संबंधित है।
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- चित्रकूट के रामघाट से रोहित गुप्ता ने अपने घर के पास सड़क की खराब हालत को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि सड़क में बहुत गहरे गड्ढे हैं, जिसके कारण वहां से गुजरने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। गुप्ता ने अधिकारियों से जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की अपील की है।1
- सतना के जिला अस्पताल के अंदर एक व्यक्ति अपनी बाइक लेकर पहली मंजिल तक पहुँच गया। बताया गया कि उसका एक गंभीर मरीज अस्पताल के पहली मंजिल पर भर्ती था, जिसे रीवा रेफर किया गया था। स्ट्रेचर समय पर न मिलने के कारण वह व्यक्ति पीछे के गेट से अस्पताल में घुस गया। वह रैंप के सहारे पहली मंजिल पर स्थित आइसोलेशन वार्ड तक पहुँच कर मरीज को बाइक पर ले जाने का प्रयास करने लगा। हालांकि, मरीज की गंभीर हालत के चलते उसे बाइक पर नहीं ले जाया जा सका। यह घटना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि यह जिला अस्पताल है या सैर-सपाटे की जगह। मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने तत्काल गंभीर मरीज को रीवा रेफर करवाया। इसके साथ ही उन्होंने उस व्यक्ति की बाइक जब्त करने का आदेश दिया और अस्पताल पुलिस चौकी को सूचित किया। इस लापरवाही के लिए गेट पर तैनात दो सुरक्षा कर्मियों को सेवा से पृथक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।1
- चित्रकूट जिले की कर्वी तहसील के अंतर्गत आने वाले कोलाउंहा गांव में भीषण गंदगी जमा हो गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव के निवासी गंदे नाले और नालियों की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामवासियों के अनुसार, इस स्थिति के लिए गांव के प्रधान, सचिव और उनके सफ़ाई कर्मचारी जिम्मेदार हैं, क्योंकि वे गांव सुधार के लिए किसी भी प्रकार से कार्यरत नहीं हैं। लोगों का कहना है कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गांव में साफ़-सफ़ाई की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। गांववालों ने कलेक्टर और उनकी टीम से इस गंभीर मुद्दे पर गौर करने और आवश्यक कार्रवाई करने की उम्मीद जताई है, ताकि कोलाउंहा गांव को गंदगी की समस्या से निजात मिल सके।1
- जनपद बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र में खैरार रेलवे जंक्शन से कानपुर के मध्य रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य 31 मई, 2026 को सुबह 8:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक किया जाना है, जिसके मद्देनजर बांदा-महोबा राष्ट्रीय राजमार्ग-35 पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन अवरुद्ध रहेगा। इस निर्माण कार्य के कारण यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जनपद महोबा के कबरई से जनपद बांदा के भूरागढ़ तिराहा के मध्य भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जो भारी वाहन कबरई से बांदा की ओर आना चाहते हैं, उन्हें कबरई से हमीरपुर की ओर आकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बांदा पहुंचना होगा। इसी तरह, कबरई से आने वाले छोटे चार पहिया/दो पहिया वाहन और ई-रिक्शा भी मटौंध से सीधे बांदा की ओर नहीं आ पाएंगे। ऐसे सभी वाहनों को इचौली चौराहा से कपसा होते हुए भूरागढ़-बांदा की ओर भेजा जाएगा। बांदा से कबरई जाने वाले वाहनों के लिए भी मार्ग परिवर्तित किया गया है। ये वाहन भूरागढ़, कपसा मोड़ से कपसा होते हुए इचौली चौराहा पहुंचेंगे। जनसामान्य से अपील की गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और यातायात नियमों का पालन करते हुए यातायात व्यवस्था में सहयोग करें।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की बबेरू तहसील के मरका थाना क्षेत्र स्थित बाकल गाँव में पिछले कई दिनों से बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण गाँव में एक बिजली का खंभा टूट गया था। इस घटना को आज चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक टूटे हुए बिजली के खंभे का कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जिसके चलते पूरे गाँव में अंधेरा पसरा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनकी इस समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) योजना के तहत, चित्रकूट सोनेपुर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। आरबीएसके प्रभारी डॉक्टर पवन सिंह ने शनिवार दोपहर 12:00 बजे मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संयुक्त जिला चिकित्सालय में यह केंद्र खुला हुआ है, जहाँ गंभीर रूप से कमजोर अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क है, जिसमें भर्ती बच्चे के साथ उसकी माँ और एक अटेंडेंट को भी निःशुल्क इलाज और भोजन प्रदान किया जाता है। डॉक्टर पवन सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक लगभग 45 बच्चों को केंद्र में भर्ती किया जा चुका है और यह संख्या धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है, खासकर गर्मियों के कारण इसमें और वृद्धि होती है। पोषण पुनर्वास केंद्र में 28 दिन से लेकर 5 वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है।3
- बांदा जिले के उमरी गांव के समीप एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में बाइक सवार घायल हो गया, जिसे आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।1