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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की बबेरू तहसील के मरका थाना क्षेत्र स्थित बाकल गाँव में पिछले कई दिनों से बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण गाँव में एक बिजली का खंभा टूट गया था। इस घटना को आज चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक टूटे हुए बिजली के खंभे का कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जिसके चलते पूरे गाँव में अंधेरा पसरा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनकी इस समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
Ranjeet Kumar
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की बबेरू तहसील के मरका थाना क्षेत्र स्थित बाकल गाँव में पिछले कई दिनों से बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण गाँव में एक बिजली का खंभा टूट गया था। इस घटना को आज चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक टूटे हुए बिजली के खंभे का कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जिसके चलते पूरे गाँव में अंधेरा पसरा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनकी इस समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की बबेरू तहसील के मरका थाना क्षेत्र स्थित बाकल गाँव में पिछले कई दिनों से बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि तेज आंधी और बारिश के कारण गाँव में एक बिजली का खंभा टूट गया था। इस घटना को आज चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक टूटे हुए बिजली के खंभे का कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जिसके चलते पूरे गाँव में अंधेरा पसरा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनकी इस समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।1
- ग्राम मरका में विकास कार्यों और साफ-सफाई व्यवस्था की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है, जहाँ ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सचिव और प्रधान की मिलीभगत के कारण कार्यों में भारी अनियमितताएँ और लापरवाही देखी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव की नालियाँ गंदगी से भरी पड़ी हैं और नियमित सफाई न होने से दुर्गंध तथा बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। गाँव के विकास के नाम पर योजनाएँ केवल कागजों में दिखाई जाती हैं, जबकि धरातल पर कार्य अधूरे या नाम मात्र के नजर आते हैं। इसके अलावा, ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कूड़ा प्रबंधन और स्वच्छता के लिए बनवाया गया RRC केंद्र (कचरा प्रबंधन केंद्र) प्रधान द्वारा तुड़वा दिया गया है, जिससे शासन की स्वच्छता योजनाओं और सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में आने वाले विकास बजट एवं योजनाओं का सही उपयोग नहीं हो रहा है, और उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती, जिससे साफ-सफाई जैसी मूलभूत व्यवस्था तक प्रभावित हो चुकी है और आम जनमानस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम मरका की जनता अब प्रशासन से मांग करती है कि ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, साफ-सफाई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुधारा जाए, पंचायत में हो रही लापरवाही एवं अनियमितताओं पर उचित कार्रवाई की जाए, और गाँव के विकास कार्यों को पारदर्शिता के साथ पूर्ण कराया जाए। जनता स्पष्ट करती है कि वे जागरूक हैं और अपने अधिकारों की आवाज उठाना जानती हैं, यह जोर देते हुए कि “गाँव का विकास और स्वच्छता केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए।”4
- जनपद बांदा के मटौंध थाना क्षेत्र में खैरार रेलवे जंक्शन से कानपुर के मध्य रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य प्रस्तावित है। यह कार्य 31 मई, 2026 को सुबह 8:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक किया जाना है, जिसके मद्देनजर बांदा-महोबा राष्ट्रीय राजमार्ग-35 पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन अवरुद्ध रहेगा। इस निर्माण कार्य के कारण यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। जनपद महोबा के कबरई से जनपद बांदा के भूरागढ़ तिराहा के मध्य भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जो भारी वाहन कबरई से बांदा की ओर आना चाहते हैं, उन्हें कबरई से हमीरपुर की ओर आकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बांदा पहुंचना होगा। इसी तरह, कबरई से आने वाले छोटे चार पहिया/दो पहिया वाहन और ई-रिक्शा भी मटौंध से सीधे बांदा की ओर नहीं आ पाएंगे। ऐसे सभी वाहनों को इचौली चौराहा से कपसा होते हुए भूरागढ़-बांदा की ओर भेजा जाएगा। बांदा से कबरई जाने वाले वाहनों के लिए भी मार्ग परिवर्तित किया गया है। ये वाहन भूरागढ़, कपसा मोड़ से कपसा होते हुए इचौली चौराहा पहुंचेंगे। जनसामान्य से अपील की गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और यातायात नियमों का पालन करते हुए यातायात व्यवस्था में सहयोग करें।1
- बांदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को क्षेत्राधिकारी राजवीर सिंह गौर का विदाई समारोह आयोजित किया गया। अधिवर्षता आयु पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हुए सीओ गौर ने पुलिस विभाग में 42 साल की लंबी और बेदाग सेवा प्रदान की थी, जिसे विभाग के लिए एक मिसाल बताया गया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस अवसर पर सीओ राजवीर सिंह गौर के कार्यकाल की प्रशंसा की। एसपी बंसल ने उनके सुखद, स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना करते हुए शुभकामनाएँ दीं। राजवीर सिंह गौर मूल रूप से कानपुर देहात के निवासी हैं और 1984 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। अपने 42 साल के सेवाकाल में, उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक के रूप में एंटी नारकोटिक्स फोर्स लखनऊ, मुख्यमंत्री सुरक्षा, जनपद फर्रुखाबाद और बांदा में अपनी सेवाएँ दीं। विदाई समारोह में समस्त क्षेत्राधिकारीगण, प्रतिसार निरीक्षक बांदा और पुलिस कार्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने सीओ गौर को फूल-मालाओं से सम्मानित कर भावभीनी विदाई दी।2
- बाँदा शहर के बाबा तालाब मोहल्ले निवासी जगदीश सिंह यादव ने अपने घर में हुई लाखों की चोरी की घटना के खुलासे और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग को लेकर अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 5 मई 2026 की रात को हुई थी, जब वह अपने परिवार के साथ शुकुल कुआं स्थित श्रीराम पैलेस में अपनी भतीजी के विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 11:29 बजे उनके छोटे पुत्र उदय और भतीजे संदीप ने घर लौटने पर देखा कि मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ था और अज्ञात चोरों ने कमरों व अलमारी के ताले तोड़कर चोरी को अंजाम दिया था। घटना की जानकारी मिलते ही जगदीश सिंह यादव ने तत्काल कोतवाली नगर पुलिस और पुलिस हेल्पलाइन को सूचित किया। सूचना के लगभग एक घंटे बाद मण्डी समिति पुलिस चौकी से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फिंगर प्रिंट सहित आवश्यक जांच-पड़ताल की गई। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी इस लाखों की चोरी का खुलासा नहीं हो सका है, जिससे पीड़ित निराश है। पीड़ित का आरोप है कि 25 मई 2026 को पुलिस द्वारा कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, और उनका मानना है कि इन गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों का चोरी की घटना से संबंध हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना से लगभग 15 दिन पहले कुछ लोग उनके घर में पुताई का काम कर रहे थे, जिनके पास घर के अंदर और बाहर की पूरी जानकारी थी। अपने प्रार्थना पत्र में, पीड़ित ने मांग की है कि घटना के समय उनके घर के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जाए, जिससे चोरी का खुलासा हो सके। जगदीश सिंह यादव ने अधिकारियों को एफआईआर और चोरी गए सामान की सूची भी उपलब्ध कराते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, चोरी गए सामान की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।3
- फतेहपुर जिले के खागा गदाई क्षेत्र में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है, जहाँ पिछले पाँच वर्षों से बिजली के तार लगातार एक दीवार से चिपके हुए हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि खागा के बिजली विभाग के अधिकारी इस खतरनाक स्थिति को लेकर मौन धारण किए हुए हैं। यदि इस लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना घटित होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की ही होगी, क्योंकि विभाग एक बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।1
- बांदा जिले के उमरी गांव के समीप एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में बाइक सवार घायल हो गया, जिसे आगे के उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।1