बरेली के सुभाष नगर स्थित रामलीला ग्राउंड में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित पीडीए महापंचायत में भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा नेता डॉ. अनीस बेग ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राम मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। डॉ. अनीस बेग ने आगे कहा कि भाजपा धार्मिक आस्था का राजनीतिक लाभ उठा रही है, जबकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज से एकजुट होकर भाजपा की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने की अपील भी की। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
बरेली के सुभाष नगर स्थित रामलीला ग्राउंड में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित पीडीए महापंचायत में भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा नेता डॉ. अनीस बेग ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राम मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। डॉ. अनीस बेग ने आगे कहा कि भाजपा धार्मिक आस्था का राजनीतिक लाभ उठा रही है, जबकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज से एकजुट होकर भाजपा की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने की अपील भी की। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
- समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता मयंक शुक्ला ने बरेली शहर के विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से जवाब तलब किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जनता आज भी टूटी सड़कों, यातायात जाम, अधूरी परियोजनाओं, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक लापरवाही जैसी समस्याओं से जूझ रही है। मयंक शुक्ला ने विशेष रूप से उन परियोजनाओं का उल्लेख किया जिनका उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, लेकिन वे वर्षों बाद भी जनता के लिए समर्पित नहीं हो सकी हैं। इनमें स्काईवॉक, संजय कम्युनिटी हॉल परिसर का अमृत सरोवर और रेलवे स्टेशन के पास नगर निगम द्वारा निर्मित कॉम्प्लेक्स शामिल हैं, जो अब तक उपयोग में नहीं आ पाए हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये की जवाबदेही तय करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने काष्ठकला केंद्र की निर्माणाधीन परियोजना पर भी सवाल उठाए, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसे पहले बनाया गया, फिर तोड़ा गया और अब दोबारा निर्माण किया जा रहा है, जिससे इसकी पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा होता है। उन्होंने इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। सीएम ग्रिड योजना के तहत दीनदयालपुरम क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति भी खराब बताई गई, जहाँ तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी सड़कें टूटी हैं, पार्किंग व्यवस्था बदहाल है और पूरा क्षेत्र अव्यवस्थित है। सपा नेता ने अन्य कई गंभीर मुद्दे भी उठाए, जैसे बरेली में लगातार बिगड़ता एयर क्वालिटी इंडेक्स, एम्स की स्थापना की दिशा में कोई ठोस पहल न होना, भूमि उपलब्ध न होने के कारण क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का लखनऊ स्थानांतरित होना, 300 बेड के अस्पताल का पूरी क्षमता से संचालित न होना, और 100 बेड के यूनानी अस्पताल का जनता को पूरी तरह समर्पित न होना। उन्होंने डेलापीर में गौवंश की दुर्दशा, खुले मेनहोल, सुभाषनगर पुलिया की उपेक्षा, स्मार्ट मीटरों और ट्रैफिक सिग्नलों की निष्प्रभाविता, आईटी पार्क के लंबित निर्माण, तथा महंगी कॉपी-किताबों और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों के आर्थिक शोषण जैसे मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, और किला ओवरब्रिज पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद उसकी स्थिति खराब हो चुकी है, जबकि स्काईवॉक अब तक नहीं खोला गया है। अंत में, मयंक शुक्ला ने स्पष्ट किया कि बरेली की जनता को केवल उद्घाटन और घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक विकास चाहिए। उन्होंने अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने, दोषियों की जवाबदेही तय करने और जनता के धन का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने राम मंदिर से करोड़ों रुपए की चोरी के मामले में सीबीआई जांच और मंदिर निर्माण में इस्तेमाल हुए ईंट, सरिया, सीमेंट की गुणवत्ता की जांच की भी मांग की।1
- बरेली के सुभाष नगर स्थित रामलीला ग्राउंड में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित पीडीए महापंचायत में भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा नेता डॉ. अनीस बेग ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राम मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। डॉ. अनीस बेग ने आगे कहा कि भाजपा धार्मिक आस्था का राजनीतिक लाभ उठा रही है, जबकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज से एकजुट होकर भाजपा की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने की अपील भी की। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।1
- सुभाष नगर के रामलीला ग्राउंड में एक पीडीए महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस महापंचायत के माध्यम से समाज को संगठित होने का आह्वान किया गया।1
- सोमवार, 29 जून को देश और राज्य के प्रमुख समाचारों, ब्रेकिंग न्यूज़ तथा विश्व भर के अपडेट्स की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। इसमें मौसम से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएँ भी शामिल की गई हैं। इस बुलेटिन में माय लखनऊ से संबंधित बड़ी खबरें और अपडेट्स भी साझा किए गए हैं, जिसके साथ 'जस्ट पूर्णिमा' के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी गई हैं।1
- आज बरेली के एक ऑडिटोरियम में पूर्ण सिंह लोधी के ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष बनने की खुशी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोगों ने पूर्ण सिंह लोधी का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में उमेश गौतम, छत्रपाल गंगवार, विधायक अरुण कुमार सक्सेना और धनंजय शर्मा सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने नव-नियुक्त अध्यक्ष का अभिनंदन किया।1
- बरेली के थाना बिशारतगंज से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने पुलिसकर्मियों के ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने इस मामले में न्याय और इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- बरेली के मोहल्ला जसोली और जखीरा में पिछले तीन दिनों से बिजली गुल होने के कारण हजारों लोग तीव्र गर्मी और पानी की किल्लत से बुरी तरह प्रभावित हैं। 25 अप्रैल, 2026 को इस समस्या से परेशान दर्जनों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी के चलते ट्रांसफार्मर और फीडर बार-बार ट्रिप कर रहे हैं, जिससे जसोली मोहल्ले में बिजली सिर्फ 10-15 मिनट के लिए आती है, जबकि जखीरा मोहल्ले में तीन दिन से बिल्कुल भी बिजली नहीं आई है। बिजली न होने से समरसेबल नहीं चल पा रहे, जिससे पीने के पानी के लिए भी लोग तरस रहे हैं। बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं, और रात में गर्मी व मच्छरों के कारण लोग छतों पर भी नहीं सो पा रहे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे बाल्टियां लेकर घंटों पानी के लिए भटक रही हैं, इनवर्टर की बैटरी भी जवाब दे चुकी है, फोन चार्ज नहीं हो पा रहे और बच्चों की पढ़ाई रुक गई है। उनका आरोप है कि बिजली विभाग के अफसर फोन नहीं उठाते और शिकायत करने पर लाइनमैन सिर्फ 'जल्दी ठीक हो जाएगी' कहकर टाल देते हैं। लोगों ने यह भी बताया कि ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड की वजह से बार-बार फ्यूज उड़ रहा है, लेकिन विभाग स्थायी समाधान नहीं कर रहा। जखीरा निवासी रमेश ने 45 डिग्री गर्मी में पंखा-कूलर बंद होने और बुजुर्गों की तबीयत खराब होने की बात कही, साथ ही पानी न मिलने से घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। वहीं, बिजली विभाग के जेई ने बताया कि जसोली फीडर पर फॉल्ट आ रहा है और जाटोली का ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक टीम लगी हुई है और आज रात तक सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जाएगी। मोहल्लेवासियों ने विभाग से तत्काल नया ट्रांसफार्मर लगाने और गर्मी के सीजन में रोस्टरिंग बंद करने की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में भीषण गर्मी के बीच मलूकपुर और उसके आसपास के इलाकों में पिछले पांच दिनों से गहराए बिजली संकट ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है। मलूकपुर, घेर शेख मिट्ठू, पटी गली और खन्नू मोहल्ला जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोग बूंद-बूंद पानी और राहत की सांस के लिए तरस रहे हैं। बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण घरों के इन्वर्टर पूरी तरह बैठ चुके हैं और क्षेत्रवासियों को महंगे दामों पर जनरेटर चलाकर काम चलाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अदीबा ने बताया कि लगातार बिजली गुल रहने का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ रहा है, जहां मोहल्ले के कई बच्चे बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि कई परिवार अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर कभी थोड़ी देर के लिए बिजली आती भी है, तो वोल्टेज में भारी उतार-चढ़ाव रहता है, जिसके कारण लोगों के घरों के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फुंक रहे हैं। फ्रिज बंद होने से खाने-पीने का सामान सड़ रहा है, और नलकूप व मोटर नहीं चल पाने के कारण पीने के पानी के साथ-साथ नहाने व कपड़े-बर्तन धोने का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बिजली विभाग की इस लापरवाही से तंग आकर आज मोहल्ले की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। अम्मो, शेरू, गुड्डू, रजिया, आसिया और पप्पू समेत भारी संख्या में क्षेत्रवासी किला बिजली घर पहुंचे और विभाग के खिलाफ आक्रोश जताते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, शिकायत के बाद भी अब तक बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी बनी हुई है।1