उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भुता स्थित ग्राम पंचायत रियोना सलेमपुर में सरकारी सस्ती गल्ला विक्रेता के चयन को लेकर आयोजित खुली बैठक के बाद गहरा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष ने चयन प्रक्रिया में पक्षपात और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए फरीदपुर एसडीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला 2 जून को हुई खुली बैठक से जुड़ा है, जहाँ सस्ती गल्ला दुकान के लिए दो आवेदिकाएँ—उपासना देवी पत्नी प्रकाश सिंह और अंजना देवी पत्नी अनूप सिंह—उपस्थित थीं। अभिलेखों की जांच के दौरान अंजना देवी के आवेदन में चरित्र प्रमाण पत्र नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्हें यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए मात्र 10 से 15 मिनट का ही समय दिया गया, जिसे ग्रामीणों ने किसी भी अभ्यर्थी के लिए अपर्याप्त बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उचित समय मिलता तो आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते थे। आरोप है कि अधिकारियों ने जल्दबाजी में अंजना देवी के आवेदन को अयोग्य घोषित कर दिया और दूसरी आवेदिका के पक्ष में चयन प्रक्रिया पूरी कर दी। इस एकतरफा फैसले का बैठक में मौजूद ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष ने कड़ा विरोध किया और प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया। इस पूरे मामले से आक्रोशित अंजना देवी और उनके समर्थक न्याय की मांग को लेकर फरीदपुर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुँचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें निष्पक्ष जांच और चयन प्रक्रिया की समीक्षा की अपील की गई है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े चयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। गाँव में अब इस मामले को लेकर गहमागहमी का माहौल है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग कर रहे हैं। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, पर एसडीएम कार्यालय में शिकायत पहुँचने के बाद इस मामले के तूल पकड़ने की संभावना बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भुता स्थित ग्राम पंचायत रियोना सलेमपुर में सरकारी सस्ती गल्ला विक्रेता के चयन को लेकर आयोजित खुली बैठक के बाद गहरा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष ने चयन प्रक्रिया में पक्षपात और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए फरीदपुर एसडीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला 2 जून को हुई खुली बैठक से जुड़ा है, जहाँ सस्ती गल्ला दुकान के लिए दो आवेदिकाएँ—उपासना देवी पत्नी प्रकाश सिंह और अंजना देवी पत्नी अनूप सिंह—उपस्थित थीं। अभिलेखों की जांच के दौरान अंजना देवी के आवेदन में चरित्र प्रमाण पत्र नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्हें यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए मात्र 10 से 15 मिनट का ही समय दिया गया, जिसे ग्रामीणों ने किसी भी अभ्यर्थी के लिए अपर्याप्त बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उचित समय मिलता तो आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते थे। आरोप है कि अधिकारियों ने जल्दबाजी में अंजना देवी के आवेदन को अयोग्य घोषित कर
दिया और दूसरी आवेदिका के पक्ष में चयन प्रक्रिया पूरी कर दी। इस एकतरफा फैसले का बैठक में मौजूद ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष ने कड़ा विरोध किया और प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया। इस पूरे मामले से आक्रोशित अंजना देवी और उनके समर्थक न्याय की मांग को लेकर फरीदपुर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुँचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें निष्पक्ष जांच और चयन प्रक्रिया की समीक्षा की अपील की गई है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े चयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। गाँव में अब इस मामले को लेकर गहमागहमी का माहौल है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग कर रहे हैं। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, पर एसडीएम कार्यालय में शिकायत पहुँचने के बाद इस मामले के तूल पकड़ने की संभावना बढ़ गई है।
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भुता स्थित ग्राम पंचायत रियोना सलेमपुर में सरकारी सस्ती गल्ला विक्रेता के चयन को लेकर आयोजित खुली बैठक के बाद गहरा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष ने चयन प्रक्रिया में पक्षपात और नियमों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए फरीदपुर एसडीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह मामला 2 जून को हुई खुली बैठक से जुड़ा है, जहाँ सस्ती गल्ला दुकान के लिए दो आवेदिकाएँ—उपासना देवी पत्नी प्रकाश सिंह और अंजना देवी पत्नी अनूप सिंह—उपस्थित थीं। अभिलेखों की जांच के दौरान अंजना देवी के आवेदन में चरित्र प्रमाण पत्र नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि उन्हें यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए मात्र 10 से 15 मिनट का ही समय दिया गया, जिसे ग्रामीणों ने किसी भी अभ्यर्थी के लिए अपर्याप्त बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उचित समय मिलता तो आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते थे। आरोप है कि अधिकारियों ने जल्दबाजी में अंजना देवी के आवेदन को अयोग्य घोषित कर दिया और दूसरी आवेदिका के पक्ष में चयन प्रक्रिया पूरी कर दी। इस एकतरफा फैसले का बैठक में मौजूद ग्रामीणों और पीड़ित पक्ष ने कड़ा विरोध किया और प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना गया। इस पूरे मामले से आक्रोशित अंजना देवी और उनके समर्थक न्याय की मांग को लेकर फरीदपुर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुँचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें निष्पक्ष जांच और चयन प्रक्रिया की समीक्षा की अपील की गई है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े चयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। गाँव में अब इस मामले को लेकर गहमागहमी का माहौल है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग कर रहे हैं। हालाँकि, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, पर एसडीएम कार्यालय में शिकायत पहुँचने के बाद इस मामले के तूल पकड़ने की संभावना बढ़ गई है।2
- गाजियाबाद में हुए हत्याकांड के मामले पर ठाकुर मुन्ना सिंह नवादा ने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना से संबंधित एनकाउंटर को 'न्याय संगत' बताया है।1
- संयुक्त जनादेश पार्टी की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक सोमवार को शाहजहांपुर जनपद के हिसमाह में संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय बबलू श्रीवास्तव जी ने की, जिसमें संगठन की मजबूती, सदस्यता अभियान, जनहित के मुद्दों तथा आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय बबलू श्रीवास्तव जी ने संयुक्त जनादेश पार्टी को आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठन को गाँव-गाँव तक मजबूत करना और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। राष्ट्रीय महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी वार्ड संख्या-54 राजेश कुमार (गुरुजी) ने कहा कि पार्टी लगातार जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठा रही है और संगठन का विस्तार तेज़ी से हो रहा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय बबलू श्रीवास्तव जी, राष्ट्रीय महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी वार्ड संख्या-54 राजेश कुमार (गुरुजी), उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष सलाहकार सनोज कुमार पंछी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेश कुमार गंगवार, प्रदेश संगठन मंत्री रामपाल नंदवंशी, प्रदेश महासचिव नितिन पाठक, मंडल महासचिव रामवीर, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष ठाकुर हिमांशु सिंह, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुशीला श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ बरेली आरती श्रीवास्तव, आदेश श्रीवास्तव तथा राम प्रताप श्रीवास्तव सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान को गति देने, जनसमस्याओं के समाधान तथा आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। सभी पदाधिकारियों ने पार्टी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने और जनसेवा के कार्यों को और अधिक गति देने का संकल्प लिया, जिसके उपरांत उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।1
- संयुक्त जनादेश पार्टी ने शाहजहांपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। पार्टी इस माह शाहजहांपुर में संपर्क अभियान पर जोर दे रही है।1
- पीलीभीत के बीसलपुर में भीषण गर्मी से बेहाल लोगों ने राहत पाने के लिए नहर का सहारा लिया। सोमवार को चुर्रासकतपुर गांव के पास शारदा नहर में बच्चे, बुजुर्ग और युवा डुबकी लगाते हुए दिखे। दोपहर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था और लू के थपेड़ों से बचने के लिए ग्रामीण बड़ी संख्या में नहर पहुंच गए। लोगों ने घंटों पानी में रहकर गर्मी से राहत महसूस की। गांव के बुजुर्ग रामसनेही ने बताया कि बिजली कटौती के कारण घरों में बैठना मुश्किल हो गया है, ऐसे में नहर ही एकमात्र सहारा बची है। बच्चों ने भी नहर के पानी में खूब मस्ती की।1
- बरेली शरीफ में गरीब बेटियों के विवाह के प्रयासों को समर्पित एक चैनल ने दर्शकों से उसे लाइक, सब्सक्राइब और शेयर करने की अपील की है। यह अनुरोध इन बेटियों के विवाह संबंधी कार्यों में सहयोग और समर्थन जुटाने के उद्देश्य से किया गया है।1
- सूर्य चौहान हत्याकांड के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत 'ऑपरेशन क्लीन' अभियान चलाया गया है, जिसके दौरान तीन अवैध मदरसों की पहचान की गई।1
- बरेली के क्योंलडिया थाना क्षेत्र के मरगाहपुर मरगइया गांव निवासी 22 वर्षीय विकास कुमार को उसकी पत्नी के जन्मदिन पर बुलाकर ससुरालियों ने लात-घूंसों और डंडों से जमकर पीटा, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। विकास कुमार ने इज्जत नगर थाना क्षेत्र के खजुरिया घाट निवासी अपने ससुर भानु प्रताप, सास सोमला देवी और साले आशीष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। घायल विकास कुमार ने बताया कि तीन साल पहले उसकी शादी भानु प्रताप की बेटी प्रियांशी से हुई थी। शादी के दो साल बाद से ही पति-पत्नी के बीच आए दिन झगड़ा होने लगा था, क्योंकि उसकी पत्नी मोहल्ले के लड़कों को घर में बैठाती थी, जिसका विकास विरोध करता था। पंद्रह दिन पहले भी घर में मोहल्ले के लड़के बैठे थे, जिस पर विकास के विरोध करने पर प्रियांशी से कहासुनी हो गई। इसके बाद प्रियांशी ने अपने माता-पिता को बुलाया और गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मायके चली गई। सोमवार, 1 मई को प्रियांशी का जन्मदिन था और विकास को ससुराल खजुरिया घाट बुलाया गया। शाम को जब विकास वहां पहुंचा, तो उसके ससुर भानु प्रताप उसे गाली देने लगे। जब विकास कुमार ने इसका विरोध किया और घर से जाने लगा, तो घर से निकलते ही ससुर भानु प्रताप, सास सोमला देवी और साले आशीष ने सड़क पर ही उसे डंडों, लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल विकास ने थाना इज्जत नगर में तीनों के खिलाफ तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।1