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बलरामपुर में बारिश-आंधी का कहर, धान का फसल पूरा बर्बाद आंधी-बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी! खेत में खड़ी फसल बर्बाद, जमीन पर बिछी महीनों की मेहनत
Hansraj Sharma Journalist
बलरामपुर में बारिश-आंधी का कहर, धान का फसल पूरा बर्बाद आंधी-बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी! खेत में खड़ी फसल बर्बाद, जमीन पर बिछी महीनों की मेहनत
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- #बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा #बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा1
- ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ *वाराणसी की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फांसी लगाकर दे दी जान !* सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। निधि के FB पर 9 लाख और इंस्टा पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। वह ज्यादातर डांस की वीडियो बनाती थीं। वह मूल रूप से यूपी के वाराणसी की रहने वाली थीं, सुसाइड करने की वजह स्पष्ट नहीं है। खबर वायरल1
- उज्जैन में शाही मस्जिद को तोड़े जाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर जमकर हंगामा हो गया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने छोड़े आंसूगैस के गोले,भीड़ को खदेड़ा उज्जैन में शाही मस्जिद को तोड़े जाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर जमकर हंगामा हो गया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने छोड़े आंसूगैस के गोले,भीड़ को खदेड़ा1
- अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं। अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं।1
- गिलौला सीएचसी बना तालाब, एक फीट पानी से होकर अस्पताल पहुंच रहे मरीज गिलौला। श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गिलौला का परिसर तालाब में तब्दील हो गया है। अस्पताल के चारों तरफ करीब एक फीट तक पानी जमा होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इलाज के लिए दूर-दराज से अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को इसी पानी से होकर अस्पताल के अंदर जाना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर है कि मरीजों के पैरों में लगा गंदा पानी अस्पताल के अंदर तक पहुंच रहा है। इससे अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि लंबे समय तक जलभराव रहने से गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी उन गर्भवती महिलाओं को हो रही है, जिन्हें प्रसव या जांच के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ता है। उन्हें भी पानी से होकर अस्पताल के अंदर जाना पड़ रहा है। बारिश के कारण अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गिलौला सीएचसी क्षेत्र का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में इस तरह का जलभराव मरीजों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। टूटी बाउंड्री वॉल से अस्पताल में घुसता है पानी सीएचसी अधीक्षक अवनीश कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया गया है। अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जैसे ही अस्पताल परिसर में जमा पानी कम होगा, वहां की टूटी हुई बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि भविष्य में बारिश का पानी अस्पताल परिसर में प्रवेश न कर सके। फिलहाल लगातार बारिश के बीच अस्पताल परिसर में जलभराव मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। अब लोगों की नजर प्रशासन की ओर है कि जलनिकासी और टूटी बाउंड्री वॉल की समस्या का समाधान कब तक कराया जाता है।1
- श्रावस्ती में बाल विवाह, बालश्रम और मानव तस्करी के विरुद्ध चला जागरूकता अभियान सोनबरसा बाजार और चिल्हरिया मोड़ पर चौपाल लगाकर लोगों को किया जागरूक, पंपलेट वितरित श्रावस्ती। जनपद में बाल विवाह, बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति एवं मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर पुलिस द्वारा विशेष जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के आदेश एवं अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह के निर्देशन में सोमवार को थाना एएचटी पुलिस टीम ने सिरसिया क्षेत्र के सोनबरसा बाजार और चिल्हरिया मोड़ सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान संचालित किया। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने चौपाल लगाकर आमजन को बाल विवाह, बालश्रम, बाल भिक्षावृत्ति एवं मानव तस्करी से जुड़े सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी। साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग कर बालश्रम की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने लोगों को जागरूक करने के लिए पंपलेट वितरित किए तथा किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं एंबुलेंस सेवा 108 की जानकारी दी। अभियान में थाना एएचटी के प्रभारी निरीक्षक लाल साहब सिंह, उपनिरीक्षक सतीश कुमार, महिला आरक्षी कंचन देवी, महिला आरक्षी अर्चना पांडेय एवं सरकारी वाहन चालक आरक्षी अमोल कुमार के साथ ग्रामीण बौद्ध सेवा संस्थान के समाजसेवी प्रेम बाबू गिरी मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार जागरूकता एवं चेकिंग अभियान के दौरान समस्त कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुई। श्रावस्ती से गिरधारी गुप्ता की रिपोर्ट।4
- उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है। शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया #Ujjain उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है। शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया #Ujjain1
- राहुल गांधी और इंडी गठबंधन बार-बार संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करते हैं: दद्दन मिश्रा श्रावस्ती में भाजपा की प्रेसवार्ता, कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति भ्रम फैलाने का लगाया आरोप श्रावस्ती। भारतीय जनता पार्टी द्वारा इंडी गठबंधन पर देश की संवैधानिक संस्थाओं का विरोध एवं अपमान करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को जिला पंचायत सभागार में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता को जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा एवं भाजपा जिलाध्यक्ष मिश्रीलाल वर्मा ने संबोधित किया। प्रेसवार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए बार-बार देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करने के बजाय कांग्रेस और उसके नेता जनादेश का अनादर कर रहे हैं। दद्दन मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जब भी चुनाव हारती है, तब चुनाव आयोग और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद विपक्ष के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर झूठ एवं भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र के मुद्दे पर कहा कि यह किसी नीतिगत विषय अथवा एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली तक सीमित आंतरिक मामला था। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार एवं दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित प्रमुख निर्णयों को सर्वसम्मति से लिया जाना स्पष्ट किया गया है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी आपत्ति जताई। भाजपा जिलाध्यक्ष मिश्रीलाल वर्मा ने कहा कि विपक्ष फॉर्म-6 को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत रैन बसेरों, मजदूरों एवं बेघर लोगों के लिए विशेष शिविर लगाने तथा छूटे हुए मतदाताओं के घर जाकर बीएलओ द्वारा फॉर्म एकत्रित करने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं। मिश्रीलाल वर्मा ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए ईवीएम, चुनाव आयोग, न्यायपालिका, राफेल सौदे, कैग रिपोर्ट, बालाकोट एयर स्ट्राइक एवं तवांग घटना से जुड़े उनके पूर्व के बयानों का उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस से अपने आरोपों के लिए जनता से माफी मांगने की मांग की। प्रेसवार्ता में पूर्व जिलाध्यक्ष संजय कैराती पटेल, उदय प्रकाश त्रिपाठी, पूर्व जिला महामंत्री रणबीर सिंह, सुनील चौधरी, अरुण पाण्डेय, जिला मीडिया प्रभारी संजू तिवारी, अंकित निषाद सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। श्रावस्ती से गिरधारी गुप्ता की रिपोर्ट।1
- कैसरगंज: वार्ड नं. 8 में जलभराव से हाहाकार, 3 बार SDM से गुहार के बाद भी नहीं पहुंचे अफ़सर! कैसरगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 8 (महिला अस्पताल और कंचन स्कूल के पीछे) में हालात बदतर हो चुके हैं। सड़क पूरी तरह जलमग्न है और गंदा पानी लोगों के घरों के दरवाज़ों तक भर गया है। हालात ऐसे हैं कि गलियों में खड़ी गाड़ियां पानी में डूबी हैं और बच्चे घरों में क़ैद होकर रह गए हैं। लंबे समय से जलभराव और गंदगी के कारण पूरे इलाके में डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे तहसील जाकर एसडीएम साहब से तीन बार मिल चुके हैं और लिखित प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ़ से सिर्फ़ 'हो जाएगा' का आश्वासन मिला, लेकिन मौके पर मुआयना करने तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। नागरिकों ने प्रशासन से तुरंत पंप लगाकर जल निकासी कराने, कीटनाशक छिड़काव और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।1