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अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं। अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं।

17 hrs ago
user_Azad choudhari journlist
Azad choudhari journlist
Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं। अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील। बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए। उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं।

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    अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील।

बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें।

जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।

जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए।

उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं।
अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील।
बलरामपुर। जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए।
उन्होंने कहा कि गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों की टीमें किसानों की सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। किसान विभागीय टीमों से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तकनीकी सहयोग प्राप्त करें और समय रहते फसल बचाव के उपाय अपनाएं।
    user_Azad choudhari journlist
    Azad choudhari journlist
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बलरामपुर में बारिश-आंधी का कहर, धान का फसल पूरा बर्बाद आंधी-बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी! खेत में खड़ी फसल बर्बाद, जमीन पर बिछी महीनों की मेहनत
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    बलरामपुर में बारिश-आंधी का कहर, धान का फसल पूरा बर्बाद
आंधी-बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी! खेत में खड़ी फसल बर्बाद, जमीन पर बिछी महीनों की मेहनत
    user_Hansraj Sharma Journalist
    Hansraj Sharma Journalist
    बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • #बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा #बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
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    #बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
#बलरामपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन,मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा का कांग्रेस ने उठाया मुद्दा
    user_Rahul Ratna
    Rahul Ratna
    रिपोर्टर बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ *वाराणसी की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फांसी लगाकर दे दी जान !* सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। निधि के FB पर 9 लाख और इंस्टा पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। वह ज्यादातर डांस की वीडियो बनाती थीं। वह मूल रूप से यूपी के वाराणसी की रहने वाली थीं, सुसाइड करने की वजह स्पष्ट नहीं है। खबर वायरल
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    ब्रेकिंग न्यूज़ देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
*वाराणसी की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फांसी लगाकर दे दी जान !*
सिंगरौली (मध्यप्रदेश)। निधि के FB पर 9 लाख और इंस्टा पर 7 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। वह ज्यादातर डांस की वीडियो बनाती थीं। वह मूल रूप से यूपी के वाराणसी की रहने वाली थीं, सुसाइड करने की वजह स्पष्ट नहीं है।
खबर वायरल
    user_मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    Voice of people बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • विद्यालय परिसर में जलजमाव से भड़के छात्र, एनएच-28 जाम कर किया प्रदर्शन, प्रशासन की सूझबूझ से जाम हुआ खत्म सिद्धार्थनगर जिले के सनई स्थित जय किसान इंटर कॉलेज परिसर में जलजमाव की समस्या को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। विद्यालय परिसर में पानी भरे होने से पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों ने सड़क पर उतरकर एनएच-28 बस्ती-सिद्धार्थनगर मार्ग को जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। सड़क पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के पहुंचने से कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना था कि लगातार जलजमाव के कारण विद्यालय परिसर में आने-जाने में परेशानी हो रही है। पानी जमा होने से पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग करते हुए जिलाधिकारी से विद्यालय का निरीक्षण कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई। एनएच-28 पर जाम की सूचना मिलते ही सदर उप जिलाधिकारी सदर निखिल चक्रवर्ती और सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्र-छात्राओं ने सड़क से हटकर मार्ग को आवागमन के लिए बहाल कर दिया। विद्यार्थियों ने कहा कि विद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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    विद्यालय परिसर में जलजमाव से भड़के छात्र, एनएच-28 जाम कर किया प्रदर्शन, प्रशासन की सूझबूझ से जाम हुआ खत्म

सिद्धार्थनगर जिले के  सनई स्थित जय किसान इंटर कॉलेज परिसर में जलजमाव की समस्या को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। विद्यालय परिसर में पानी भरे होने से पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए विद्यार्थियों ने सड़क पर उतरकर एनएच-28 बस्ती-सिद्धार्थनगर मार्ग को जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। सड़क पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के पहुंचने से कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा।प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना था कि लगातार जलजमाव के कारण विद्यालय परिसर में आने-जाने में परेशानी हो रही है। पानी जमा होने से पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग करते हुए जिलाधिकारी से विद्यालय का निरीक्षण कर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई। एनएच-28 पर जाम की सूचना मिलते ही सदर उप जिलाधिकारी सदर निखिल चक्रवर्ती और सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्र-छात्राओं ने सड़क से हटकर मार्ग को आवागमन के लिए बहाल कर दिया। विद्यार्थियों ने कहा कि विद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 min ago
  • लखनऊ कृष्णानगर में पुलिस मुठभेड़, 25 हजार का इनामी बदमाश घायल महिला की हत्या में वांछित था आरोपी भोला राजपूत पुलिस की जवाबी फायरिंग में दाहिने पैर में लगी गोली आरोपी को इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल में कराया गया भर्ती आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा बरामद एक खोखा और एक जिंदा कारतूस भी मिला हत्या में प्रयुक्त स्कूटी भी पुलिस ने की बरामद 150-170 CCTV फुटेज खंगालने के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस कृष्णानगर के डूडा कॉलोनी, आशाराम बापू मार्ग पर हुई मुठभेड़
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    लखनऊ कृष्णानगर में पुलिस मुठभेड़, 25 हजार का इनामी बदमाश घायल
महिला की हत्या में वांछित था आरोपी भोला राजपूत
पुलिस की जवाबी फायरिंग में दाहिने पैर में लगी गोली
आरोपी को इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल में कराया गया भर्ती
आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा बरामद
एक खोखा और एक जिंदा कारतूस भी मिला
हत्या में प्रयुक्त स्कूटी भी पुलिस ने की बरामद
150-170 CCTV फुटेज खंगालने के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस
कृष्णानगर के डूडा कॉलोनी, आशाराम बापू मार्ग पर हुई मुठभेड़
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है। शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया #Ujjain उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है। शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया #Ujjain
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    उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है।
शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया
#Ujjain
उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को मस्जिद कमेटी द्वारा हटाया जा रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें पांच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताए जा रहे हैं। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा हटाया जाना था।मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने के दौरान आसपास विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने मौके से खदेड़ दिया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने की पूरी कार्रवाई वीडियो में देखी जा सकती है।
शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने के दौरान सोमवार को तनाव बढ़ गया। प्रशासन से सहमति के बाद मस्जिद कमेटी/मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा खुद हटाना शुरू किया था, लेकिन इसी दौरान मौके पर मौजूद दूसरे लोगों ने विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया
#Ujjain
    user_Gulshad khan journalist
    Gulshad khan journalist
    Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *चुनाव में अखिलेश करेंगे बड़ा धमाका:* राजभर चचा ने यादवों को बांट दिया; क्राइम के कप्तान क्रिमिनल्स को गिफ्ट करेंगे ड्रग्स *चुनाव में अखिलेश करेंगे बड़ा धमाका:* राजभर चचा ने यादवों को बांट दिया; क्राइम के कप्तान क्रिमिनल्स को गिफ्ट करेंगे ड्रग्स
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    *चुनाव में अखिलेश करेंगे बड़ा धमाका:* राजभर चचा ने यादवों को बांट दिया; क्राइम के कप्तान क्रिमिनल्स को गिफ्ट करेंगे ड्रग्स 

*चुनाव में अखिलेश करेंगे बड़ा धमाका:* राजभर चचा ने यादवों को बांट दिया; क्राइम के कप्तान क्रिमिनल्स को गिफ्ट करेंगे ड्रग्स
    user_Mulayam Yadav UP55
    Mulayam Yadav UP55
    Newspaper publisher शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • एसडीआरएफ ने जलभराव मे फंसे 14 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला कंट्रोल रूम मे मिली सूचना के आधार पर भेजी गयी दो टीमें श्रावस्ती /जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देशानुसार जनपद में संभावित बाढ़ के दृष्टिगत सभी तहसीलों एवं विकास खण्डों में राहत बचाव कार्य किया जा रहा है। पूर्वान्ह 11ः00 बजे कलेक्ट्रेट स्थित आपदा कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि तहसील इकौना अन्तर्गत मझौवा सुमाल मे एक किसान हनुमान मौर्य खेत की रखवाली करने गये थे जो जलभराव के बीच मे फंस गये हैं साथ ही मध्यनगर मे दो परिवार के 13 लोग जलभराव के बीच फंस गये हैं। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने अपदा विशेषज्ञ अरूण मिश्रा को निर्देशित किया कि तत्काल एसडीआरएफ की दो टीमें घटनास्थल की ओर रवाना करते हुए सबको सुरक्षित निकाला जाए। टीमों ने सफलतापूर्वक ग्रामीणों और उनके साथ पशुओं को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सुरक्षित बचाये गये नागरिकों ने जिला प्रशासन और एसडीआरएफ के जवानों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उपजिलाधिकारी इकौना रावेन्द्र कुमार, तहसीलदार इकौना एवं रेस्क्यू के लिए मौके पर उपस्थित रहकर सभी लोगो सुरक्षित स्थान पर पहुचाया गया।
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    एसडीआरएफ  ने जलभराव मे फंसे 14 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला
कंट्रोल रूम मे मिली सूचना के आधार पर भेजी गयी दो टीमें
श्रावस्ती /जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देशानुसार जनपद में संभावित बाढ़ के दृष्टिगत सभी तहसीलों एवं विकास खण्डों में राहत बचाव कार्य किया जा रहा है। पूर्वान्ह 11ः00 बजे कलेक्ट्रेट स्थित आपदा कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि तहसील इकौना अन्तर्गत मझौवा सुमाल मे एक किसान हनुमान मौर्य खेत की रखवाली करने गये थे जो जलभराव के बीच मे फंस गये हैं साथ ही मध्यनगर मे दो परिवार के 13 लोग जलभराव के बीच फंस गये हैं। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने अपदा विशेषज्ञ अरूण मिश्रा को निर्देशित किया कि तत्काल  एसडीआरएफ की दो टीमें घटनास्थल की ओर रवाना करते हुए सबको सुरक्षित निकाला जाए। टीमों ने सफलतापूर्वक ग्रामीणों और उनके साथ पशुओं को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सुरक्षित बचाये गये नागरिकों ने जिला प्रशासन और एसडीआरएफ के जवानों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। 
उपजिलाधिकारी इकौना रावेन्द्र कुमार, तहसीलदार इकौना एवं रेस्क्यू के लिए मौके पर उपस्थित रहकर सभी लोगो सुरक्षित स्थान पर पहुचाया गया।
    user_Hasmat Husain Khan
    Hasmat Husain Khan
    Lawyer इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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