देश की करंसी गिरने पर अब देश की गरिमा क्यों नहीं गिरती, जबाब दे भाजपा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह वही सरकार है जो देश के रुपये की कीमतों को देश की गरिमा के साथ जोड़ती थी, और जोड़ना भी चाहिए था, लेकिन, जैसे जैसे रुपये का अवमूल्यन होता था तो देश की गरिमा गिरती थी यह देश के प्रधानमंत्री साहब का बयान था जब वह प्रधानमंत्री नहीं थे और यूपीए या कांग्रेस की सरकारों को रुपये के अवमूल्यन पर घेरते थे, कोसते थे, लेकिन जब से मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने हैं तब से लगातार देश के रुपये का अवमूल्यन हो रहा है तो अब क्या देश की गरिमा नहीं गिर रही है यह सवाल बड़ा जायज है जिसका जबाब हर कोई अब देश की केंद्र सरकार से मांग रहा है। संदीप सांख्यान ने कहा साल 2014 से पहले रूपये की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 58 से 62 रुपये थी लेकिन पिछले 12 वर्षों में जब से केंद्र में भाजपा एनडीए की सरकार बनी है जब से रुपए के अंतराष्ट्रीय स्तर में लगातार गिरावट आ रही है और पिछले 12 वर्षों में रुपये की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 62 रुपये से लेकर 91 रुपये हो चुकी है। मज़े की बात है कि हमीरपुर संसदिय क्षेत्र के सांसद जो हर मसले पर प्रतिक्रिया देते हैं वह रुपये के अवमूल्यन पर मौनव्रत साधे हुए हैं। आज देश का आम नागरिक भी पूछ रहा है कि एक डॉलर के मुकाबले रुपए कीमत 91 रुपए हो चुकी है लेकिन क्या अब देश की गरिमा नहीं गिर रही है। संदीप सांख्यान ने सवाल देश के बुद्धिजीवी वर्ग के सामने भी खड़ा किया है कि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की बजाए देश भक्ति और राष्ट्र वाद के खोखले नारे देने के नाम पर वोट चोरी और वोट खरीदारी करके सरकारें बनाने और गिराने वाली भाजपा जैसे राजनीतिक पार्टी के बारे में इस वर्ग को भी सोचना होगा, देश के बुद्धिजीवी वर्ग को भी इस मसले पर मौनव्रत नहीं रखना चाहिए। संदीप सांख्यान ने कहा कि देश प्रधानमंत्री जब तक तो देश के प्रधानमंत्री नहीं थे तब उन्होंने कांग्रेस और यूपीए की सरकारों को बदनाम करने के लिए एक से एक शिगूफे छोड़ कर देश की जनता को भ्रमित किया है लेकिन अब जब वह सत्ता पर काबिज है तो लगातार देश के संस्थानों को ठेस पहुंचाई जा रही है और गरिमा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है लेकिन मज़े की बात यह है कि देश का जागरूक अवाम भी सब कुछ जानने के बाद खामोश बैठा है। संदीप सांख्यान ने देश मे गिरते हुए रुपये के स्तर को देखते हए चिंता जताई है कि इससे देश पर कर्ज और बेरोजगारी दोनों ही बढ़ रही है। संदीप सांख्यान ने कहा कि इस मसले पर भाजपा नेताओं के पास तो कोई जबाब होगा नहीं लेकिन उन्हें समझना चाहिए अगर सत्ता पर काबिज होना है तो जनता के प्रति उनकी जबाबदारी भी तय होती है।
देश की करंसी गिरने पर अब देश की गरिमा क्यों नहीं गिरती, जबाब दे भाजपा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह वही सरकार है जो देश के रुपये की कीमतों को देश की गरिमा के साथ जोड़ती थी, और जोड़ना भी चाहिए था, लेकिन, जैसे जैसे रुपये का अवमूल्यन होता था तो देश की गरिमा गिरती थी यह देश के प्रधानमंत्री साहब का बयान था जब वह प्रधानमंत्री नहीं थे और यूपीए या कांग्रेस की सरकारों को रुपये के अवमूल्यन पर घेरते थे, कोसते थे, लेकिन जब से मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने हैं तब से लगातार देश के रुपये का अवमूल्यन हो रहा है तो अब क्या देश की गरिमा नहीं गिर रही है यह सवाल बड़ा जायज है जिसका जबाब हर कोई अब देश की केंद्र सरकार से मांग रहा है। संदीप सांख्यान ने कहा साल 2014 से पहले रूपये की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 58 से 62 रुपये थी लेकिन पिछले 12 वर्षों में जब से केंद्र में भाजपा एनडीए की सरकार बनी है जब से रुपए के अंतराष्ट्रीय स्तर में लगातार गिरावट आ रही है और पिछले 12 वर्षों में रुपये की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 62 रुपये से लेकर 91 रुपये हो चुकी है। मज़े की बात है कि हमीरपुर संसदिय क्षेत्र के सांसद जो हर मसले पर प्रतिक्रिया देते हैं वह रुपये के अवमूल्यन पर मौनव्रत साधे हुए हैं। आज देश का आम नागरिक भी पूछ रहा है कि एक डॉलर के मुकाबले रुपए कीमत 91 रुपए हो चुकी है लेकिन क्या अब देश की गरिमा नहीं गिर रही है। संदीप सांख्यान ने सवाल देश के बुद्धिजीवी वर्ग के सामने भी खड़ा किया है कि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की बजाए देश भक्ति और राष्ट्र वाद के खोखले नारे देने के नाम पर वोट चोरी और वोट खरीदारी करके सरकारें बनाने और गिराने वाली भाजपा जैसे राजनीतिक पार्टी के बारे में इस वर्ग को भी सोचना होगा, देश के बुद्धिजीवी वर्ग को भी इस मसले पर मौनव्रत नहीं रखना चाहिए। संदीप सांख्यान ने कहा कि देश प्रधानमंत्री जब तक तो देश के प्रधानमंत्री नहीं थे तब उन्होंने कांग्रेस और यूपीए की सरकारों को बदनाम करने के लिए एक से एक शिगूफे छोड़ कर देश की जनता को भ्रमित किया है लेकिन अब जब वह सत्ता पर काबिज है तो लगातार देश के संस्थानों को ठेस पहुंचाई जा रही है और गरिमा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है लेकिन मज़े की बात यह है कि देश का जागरूक अवाम भी सब कुछ जानने के बाद खामोश बैठा है। संदीप सांख्यान ने देश मे गिरते हुए रुपये के स्तर को देखते हए चिंता जताई है कि इससे देश पर कर्ज और बेरोजगारी दोनों ही बढ़ रही है। संदीप सांख्यान ने कहा कि इस मसले पर भाजपा नेताओं के पास तो कोई जबाब होगा नहीं लेकिन उन्हें समझना चाहिए अगर सत्ता पर काबिज होना है तो जनता के प्रति उनकी जबाबदारी भी तय होती है।
- समाज सुधारक, युगप्रवर्तक संत शिरोमणी गुरू रविदास जी महाराज के प्रकाश पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाने को लेकर रविवार को बैहना जट्टां पंचातय के डोल गांव में स्थित गुरू रविदास मंदिर परिसर में खंड स्तरीय बैठक का आयोजन कैप्टन ज्योति राम की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। बैठक में पारित प्रस्तावों की जानकारी देते हुए सभा के महासचिव परमेश्वर लाल ने बताया कि आगामी 30 जनवरी को संत गुरू रविदास जी के 649 वें प्रकाशपर्व पर विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस शोभायात्रा के माध्यम से गुरू रविदास महाराज द्वारा दिए गए समरसता और पाखंडवाद से दूर रहने के संदेश का प्रचार प्रसार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह शोभायात्रा संत गुरू रविदास मंदिर बैहना जट्टां के गांव डोल में स्थित गुरू रविदास मंदिर से शुरू होगी जो धराड़सानी दाड़ीबाड़ी, नखलेहड़ा, झंडूता, सेर, फटोह, सुन्हाणी बाजार, बरठीं बाजार होते हुए संत गुरू रविदास मंदिर घंडीर में पहंुचेगी जहां पर महापुरूषों एवं बुद्धिजीवी लोगों द्वारा प्रवचनों का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि घंडीर में भजन कीर्तन और गुरू महाराज की शिक्षाओं एवं संघर्ष पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद विशाल लंगर का आयोजन भी किया जाएगा। इस बैठक में कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न कमेटियांे का गठन किया गया तथा जिम्मेवारियां सौंपी गई।1
- Post by Dinesh Kumar1
- मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पवार का यों आसमयिक जाना देश और महाराष्ट्र दोनों के लिए क्षतिपूर्ण है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।1
- यूजीसी बिल पर हमीरपुर में राजपूत महासभा और सवर्ण समाज ने जताया विरोध, राजपूत महासभा हमीरपुर के महासचिव जोगिंदर सिंह बोले अगर सरकार ने वापिस नहीं लिया बिल तो नेताओं को घुटने टेकने पर करेंगे मजबूर, राजपूत महासभा और सवर्ण समाज के नुमाइंदों ने कहा सरकार लोगों को जाति और धर्म के नाम बांट कर न मांगे बोट, सवर्ण समाज और राजपूत महासभा ने बिल वापिस लेने के लिये उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन हमीरपुर हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में राजपूत महासभा और स्वर्ण समाज द्वारा यूजीसी बिल का जमकर विरोध किया जा रहा है जिसके चलते राजपूत महासभा और सवर्ण समाज द्वारा हमीरपुर में रैली निकालकर रोष प्रदर्शन किया और केंद्रीय नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। राजपूत महासभा हमीरपुर और सवर्ण समाज के नुमाइंदों ने उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से बिल वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। राजपूत महासभा हमीरपुर ने आरोप लगाया है कि यूजीसी बिल की अधिसूचना को जारी करके केंद्र सरकार ने सवर्ण समाज के साथ विश्वासघात किया है । उन्होंने कहा कि 1990 में बीजेपी समर्थित वीपी सिंह सरकार ने मंडल रिपोर्ट को लागू करके और हजारों सामान्य वर्ग के नौजवानों के जीवन की आहुति ली थी। राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर सिंह ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो नेताओं को चुनाव के समय सवर्ण समाज घुटने टेकने के लिए मजबूर कर देगा। वही इस मौके पर हमीरपुर राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर सिंह ने कहा कि सरकार है लोगों को जाति के आधार पर बांटने का काम कर रही है उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो यूजीसी बिल लागू किया जा रहा है उसका वह कड़ा विरोध करते हैं उन्होंने कहा कि अगर समय रहते केंद्र सरकार ने बिल को वापस नहीं लिया तो सवर्ण समाज द्वारा चुनाव के समय नेताओं को घुटने टेकने पर मजबूर कर देगा। वहीं हमीरपुर व्यापार मंडल के प्रधान सुमित ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा परित यूजीसी बिल का वह विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सवर्ण समाज के साथ धोखा कर रही है। यूजीसी बिल का वह कड़ा विरोध करते हैं । उन्होंने कहा कि यूजीसी बिल के कारण समाज में जातिगत भेदभाव बढ़ेगा। आंदोलन की भी सुमित ठाकुर ने कहा कि अगर सरकार ने बिल वापस नहीं लिया तो एक बहुत बड़े आंदोलन की शुरुआत होगी।2
- इस्तीफा देने के बाद पत्नी को किया फोन, और फूट-फूटकर रो पड़े…' ये हैं अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह, जिन्होंने शंकराचार्य विवाद के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रशांत कुमार सिंह का कहना है कि शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी पर की गई टिप्पणी से वह गहराई से आहत हुए। उन्होंने इसे आस्था, सम्मान और कर्तव्य से जुड़ा विषय बताया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को फोन किया और भावुक होकर कहा— “मैंने इस्तीफा दे दिया है… क्योंकि जिसका नमक खाते हैं, उसका सम्मान करना हमारा धर्म है।” उनका यह कदम आज देशभर में निष्ठा, ईमानदारी और सिद्धांतों की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। #प्रशांतकुमारसिंह #GSTडिप्टीकमिश्नर #इस्तीफा #योगीआदित्यनाथ #शंकराचार्यविवाद #कर्तव्यनिष्ठा #सम्मान #नैतिकता #अयोध्या #ईमानदारी #देशभक्ति1
- उपमंडल बंगाणा के तहत बंगाणा शांतला भियांबी मार्ग की हालत बद से बदतर1
- ऊना।आर्मी इंटेलिजेंस से सेवानिवृत्त अधिकारी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज कौशल ने वन विभाग के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। बुधवार को ऊना विश्राम गृह में आयोजित पत्रकारवार्ता में मनोज कौशल ने दावा किया कि जिला ऊना वन विभाग से सेवानिवृत्त एक डीएफओ ने अपने कार्यकाल के दौरान आय से अधिक संपत्तियां अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि इस अधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर गलत तथ्यों के आधार पर बड़ी मात्रा में जमीनें खरीदी हैं, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और भी गहरी होती है। मनोज कौशल ने बताया कि उन्होंने इस मामले से जुड़े कई अहम दस्तावेज जुटाए हैं, जिनसे संपत्ति अर्जन में अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित अधिकारी द्वारा सरकारी पद पर रहते हुए किए गए जमीन लेन-देन की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही बताया कि इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल और विजिलेंस विभाग में भी शिकायत दर्ज करवाई जा चुकी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।1
- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने भाजपा की केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह वही सरकार है जो देश के रुपये की कीमतों को देश की गरिमा के साथ जोड़ती थी, और जोड़ना भी चाहिए था, लेकिन, जैसे जैसे रुपये का अवमूल्यन होता था तो देश की गरिमा गिरती थी यह देश के प्रधानमंत्री साहब का बयान था जब वह प्रधानमंत्री नहीं थे और यूपीए या कांग्रेस की सरकारों को रुपये के अवमूल्यन पर घेरते थे, कोसते थे, लेकिन जब से मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने हैं तब से लगातार देश के रुपये का अवमूल्यन हो रहा है तो अब क्या देश की गरिमा नहीं गिर रही है यह सवाल बड़ा जायज है जिसका जबाब हर कोई अब देश की केंद्र सरकार से मांग रहा है। संदीप सांख्यान ने कहा साल 2014 से पहले रूपये की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 58 से 62 रुपये थी लेकिन पिछले 12 वर्षों में जब से केंद्र में भाजपा एनडीए की सरकार बनी है जब से रुपए के अंतराष्ट्रीय स्तर में लगातार गिरावट आ रही है और पिछले 12 वर्षों में रुपये की कीमत एक डॉलर के मुकाबले 62 रुपये से लेकर 91 रुपये हो चुकी है। मज़े की बात है कि हमीरपुर संसदिय क्षेत्र के सांसद जो हर मसले पर प्रतिक्रिया देते हैं वह रुपये के अवमूल्यन पर मौनव्रत साधे हुए हैं। आज देश का आम नागरिक भी पूछ रहा है कि एक डॉलर के मुकाबले रुपए कीमत 91 रुपए हो चुकी है लेकिन क्या अब देश की गरिमा नहीं गिर रही है। संदीप सांख्यान ने सवाल देश के बुद्धिजीवी वर्ग के सामने भी खड़ा किया है कि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की बजाए देश भक्ति और राष्ट्र वाद के खोखले नारे देने के नाम पर वोट चोरी और वोट खरीदारी करके सरकारें बनाने और गिराने वाली भाजपा जैसे राजनीतिक पार्टी के बारे में इस वर्ग को भी सोचना होगा, देश के बुद्धिजीवी वर्ग को भी इस मसले पर मौनव्रत नहीं रखना चाहिए। संदीप सांख्यान ने कहा कि देश प्रधानमंत्री जब तक तो देश के प्रधानमंत्री नहीं थे तब उन्होंने कांग्रेस और यूपीए की सरकारों को बदनाम करने के लिए एक से एक शिगूफे छोड़ कर देश की जनता को भ्रमित किया है लेकिन अब जब वह सत्ता पर काबिज है तो लगातार देश के संस्थानों को ठेस पहुंचाई जा रही है और गरिमा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है लेकिन मज़े की बात यह है कि देश का जागरूक अवाम भी सब कुछ जानने के बाद खामोश बैठा है। संदीप सांख्यान ने देश मे गिरते हुए रुपये के स्तर को देखते हए चिंता जताई है कि इससे देश पर कर्ज और बेरोजगारी दोनों ही बढ़ रही है। संदीप सांख्यान ने कहा कि इस मसले पर भाजपा नेताओं के पास तो कोई जबाब होगा नहीं लेकिन उन्हें समझना चाहिए अगर सत्ता पर काबिज होना है तो जनता के प्रति उनकी जबाबदारी भी तय होती है।1