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किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ट्रैकर से पहुंचे, तो पदाधिकारी व कार्यकर्ताओ ने फूलों से उनका जोरदार स्वागत किया
Mohd Sultan Warsi
किसान महापंचायत में राकेश टिकैत ट्रैकर से पहुंचे, तो पदाधिकारी व कार्यकर्ताओ ने फूलों से उनका जोरदार स्वागत किया
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- Post by Mohd Sultan Warsi1
- बाराबंकी की तहसील फतेहपुर के दादन चौराहे पर भारती किसान यूनियन टिकैत मजदूर किसान महापंचायत का आयोजन राकेश टिकट द्वारा किया गया जिसमें हजारों की संख्या में किसानों ने अपने ट्रैक्टर लेकर पंचायत में शामिल हुए यूजीसी के बारे में बताया इस पर हर जाति धर्म के लोग सहमत हैं कि यह कानून लागू हो और भी बताया यदि अमेरिका और भारत की डील में भारत ने अमेरिका की बात मानी तो किसानों के लिए बहुत ही घातक होगा तथा कई प्रकार के मुद्दों पर बात की1
- रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर *8 वर्षीय बालक सड़क हादसे में गंभीर घायल फतेहपुर में अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मारी, जिला अस्पताल रेफर* सीतापुर जनपद के महमूदाबाद थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 8 वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया। मीरानगर गांव निवासी प्राशू पुत्र दिनेश कुमार मंगलवार को अपने बड़े भाई के साथ साइकिल से गांव जा रहा था, तभी यह घटना हुई। गांव के पास पहुंचते ही पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात मोटरसाइकिल सवार ने साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्राशू सड़क पर गिर पड़ा और उसे गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मोटरसाइकिल सवार मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने घायल बालक को तुरंत फतेहपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, प्राशू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, प्राशू को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। इस घटना से परिवार में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फरार मोटरसाइकिल सवार की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने सड़क पर गति नियंत्रण और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की जांच जारी है।1
- Post by शहनवाज असलम4
- बाराबंकी। शहर स्थित पल्हरी के निकट नेशनल हाईवे पर ट्रक में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान, भारी जाम रूट किया गया डायवर्जन जानकारी के अनुसार अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर पल्हरी बाईपास के पास एक चलते ट्रक में मंगलवार करीब 12:30 बजे भीषण आग लग गई। इस घटना से हाईवे पर लंबा जाम लग गया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 18 टायरों वाला यह डंपर अयोध्या से लखनऊ की ओर जा रहा था। अचानक उसके इंजन से धुआं निकलने लगा। चालक ने तुरंत ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और कूदकर अपनी जान बचाई।कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को डायवर्ट किया। आग लगने के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण जाम की स्थिति बन गई। फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्राथमिक आशंका शॉर्ट सर्किट या इंजन में तकनीकी खराबी की जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।2
- *गाजीपुर में यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियां पूरी* 🔹 1.37 लाख छात्र 196 केंद्रों पर देंगे परीक्षा, सुरक्षा के पुख्ता इयाम #Gazipur #UPBoardExams1
- बाराबंकी में हरियाली पर आरा कुल्हाड़ी: परमिट दो पेड़ों का, कटे सत्रह-वन विभाग और पुलिस पर मिलीभगत के आरोप बाराबंकी। मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम करसंडा के पास स्थित बसवाड़ी बाग में प्रतिबंधित 17 जामुन के पेड़ों की कटान ने एक बार फिर वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई चोरी-छिपे हुआ अपराध नहीं, बल्कि खुलेआम मिलीभगत से अंजाम दिया गया हरित संहार है, जिसकी शिकायत वन प्रभागीय निदेशक तक पहुंचाई जा चुकी है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण में केवल दो पेड़ों का परमिट जारी हुआ था, लेकिन उसी की आड़ में 17 पेड़ काट दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभागीय निगरानी सचमुच मौजूद होती तो इतनी बड़ी कटान दिनदहाड़े संभव ही नहीं थी। वन दरोगा श्याम लाल ने भी स्वीकार किया कि अनुमति सिर्फ दो पेड़ों की थी—ऐसे में बाकी पेड़ों की कटान किस संरक्षण में हुई, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। सरकार एक ओर हर साल हरियाली बढ़ाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, पौधरोपण के दावे किए जाते हैं, पर्यावरण बचाने के संदेश दिए जाते हैं-लेकिन दूसरी ओर वही विभागीय तंत्र आरा और कुल्हाड़ी को संरक्षण देता दिखे तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर धब्बा माना जाएगा। हैरानी की बात यह भी है कि इस अवैध कटान से जुड़े ठेकेदार ने खुले तौर पर कहा कि बिना पुलिस और वन विभाग की जानकारी कोई काम नहीं कराया जाता। यह बयान पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर सीधा आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि रामनगर रेंज का हाल और भी बदतर है, जहां विभागीय सह पर रोज पेड़ों का सीना चीरा जाता है और शिकायतें फाइलों में दफन होकर रह जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की फील्ड से दूरी और कर्मचारियों की मनमानी ने वन माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में केवल खानापूरी होगी या फिर वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई कर हरियाली के कातिलों को बेनकाब किया जाएगा। जब पेड़ ही सुरक्षित नहीं, तो पर्यावरण बचाने के सरकारी दावे कितने खोखले हैं-यह घटना उसी की कड़वी मिसाल बनकर सामने आई है।1
- Post by Mohd Sultan Warsi1