बेशर्मी की हद: विक्रमजोत स्वास्थ्य केंद्र में बिना 'चढ़ावे' के नहीं कटती फाइल, बाबू का 10% कमीशन वाला वीडियो वायरल बस्ती (विक्रमजोत)। सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा नमूना विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला है। यहाँ तैनात एक भ्रष्ट बाबू ने मानवता और न्यायालय के आदेश, दोनों को ताक पर रख दिया है। मामला एक बेसहारा एएनएम के एरियर भुगतान का है, जिसके बदले बाबू प्रदीप श्रीवास्तव पर लाखों की घूस मांगने का गंभीर आरोप लगा है। कोर्ट का आदेश भी बाबू के सामने बौना पीड़ित एएनएम ने बताया कि माननीय न्यायालय ने 4 महीने के भीतर एरियर भुगतान करने का स्पष्ट आदेश दिया था। विभाग में अन्य सभी कर्मचारियों का भुगतान हो गया, लेकिन इस महिला कर्मचारी को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि उसके 'आगे-पीछे' कोई पैरवी करने वाला नहीं है। आरोप है कि बाबू प्रदीप श्रीवास्तव मूल रकम का 10% कमीशन मांग रहे हैं। किस्तों में वसूली: 45 हजार लेकर भी नहीं भरा पेट पीड़ित महिला के अनुसार, वह अब तक दो बार में 45 हजार रुपये (एक बार 20 हजार और दूसरी बार 25 हजार) बाबू को दे चुकी है। इसके बावजूद भ्रष्ट बाबू की भूख शांत नहीं हुई है और वह कुल 1 लाख रुपये की डिमांड पर अड़ा है। एएनएम का कहना है कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि अब उसने अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप बाबू द्वारा पैसा लेते समय बनाया गया एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी दफ्तरों में अब कर्मचारियों को उनका हक पाने के लिए भी अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इन 'सफेदपोश लुटेरों' को देना होगा? साहब! अब तो कार्रवाई कीजिये भ्रष्टाचार का यह खुला खेल अब सार्वजनिक है। पीड़ित महिला ने न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि जिले के आला अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इस 'वीडियो साक्ष्य' के बाद भ्रष्ट बाबू पर नकेल कसते हैं या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) डिजिटल डेस्क / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
बेशर्मी की हद: विक्रमजोत स्वास्थ्य केंद्र में बिना 'चढ़ावे' के नहीं कटती फाइल, बाबू का 10% कमीशन वाला वीडियो वायरल बस्ती (विक्रमजोत)। सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा नमूना विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला है। यहाँ तैनात एक भ्रष्ट बाबू ने मानवता और न्यायालय के आदेश, दोनों को ताक पर रख दिया है। मामला एक बेसहारा एएनएम के एरियर भुगतान का है, जिसके बदले बाबू प्रदीप श्रीवास्तव पर लाखों की घूस मांगने का गंभीर आरोप लगा है। कोर्ट का आदेश भी बाबू के सामने बौना पीड़ित एएनएम ने बताया कि माननीय न्यायालय ने 4 महीने के भीतर एरियर भुगतान करने का स्पष्ट आदेश दिया था। विभाग में अन्य सभी कर्मचारियों का भुगतान हो गया, लेकिन इस महिला कर्मचारी को सिर्फ इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है क्योंकि उसके 'आगे-पीछे' कोई पैरवी करने वाला नहीं है। आरोप है कि बाबू प्रदीप श्रीवास्तव मूल रकम का 10% कमीशन मांग रहे हैं। किस्तों में वसूली: 45 हजार लेकर भी नहीं भरा पेट पीड़ित महिला के अनुसार, वह अब तक दो बार में 45 हजार रुपये (एक बार 20 हजार और दूसरी बार 25 हजार) बाबू को दे चुकी है। इसके बावजूद भ्रष्ट बाबू की भूख शांत नहीं हुई है और वह कुल 1 लाख रुपये की डिमांड पर अड़ा है। एएनएम का कहना है कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि अब उसने अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप बाबू द्वारा पैसा लेते समय बनाया गया एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी दफ्तरों में अब कर्मचारियों को उनका हक पाने के लिए भी अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इन 'सफेदपोश लुटेरों' को देना होगा? साहब! अब तो कार्रवाई कीजिये भ्रष्टाचार का यह खुला खेल अब सार्वजनिक है। पीड़ित महिला ने न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि जिले के आला अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इस 'वीडियो साक्ष्य' के बाद भ्रष्ट बाबू पर नकेल कसते हैं या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) डिजिटल डेस्क / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
- क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभय नाथ मिश्र द्वारा थाना महुली का मासिक निरीक्षण* *थाने की साफ सफाई पर व्यक्त किया प्रसन्नता,अभिलेखों को अद्यतन रखने का निर्देश* पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में आज दिनांक 12.03.2026 को क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभय नाथ मिश्रा* द्वारा थाना महुली का मासिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय के अभिलेखों, विभिन्न रजिस्टरों एवं महिला हेल्प डेस्क का गहनता से अवलोकन किया गया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, थाने में हो रहे निर्माण कार्य को देख कर अवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान महिला हेल्प डेस्क रजिस्टर, काउंसलिंग रजिस्टर, एंटी रोमियो रजिस्टर, अपराध रजिस्टर, महिला बीट रजिस्टर, महिला बीट मासिक रजिस्टर, प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) रजिस्टर, निरोधात्मक रजिस्टर एवं फीडबैक रजिस्टर आदि का निरीक्षण कर अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। *निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए गए—* 1- थाने के सभी अभिलेखों एवं रजिस्टरों को अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए। 2- महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करने को कहा गया। 3- काउंसलिंग रजिस्टर में दर्ज मामलों का नियमित फॉलो-अप करने के निर्देश दिए गए। 4- एंटी रोमियो टीम को विद्यालय, बाजार एवं सार्वजनिक स्थानों पर नियमित चेकिंग करने को कहा गया। 5- एण्टी रोमियो स्वाड रजिस्टर में की गई कार्यवाही को समय से अंकित करने के निर्देश दिए गए। 6- महिला बीट प्रणाली को सक्रिय रखते हुए नियमित क्षेत्र भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। 7- महिला बीट मासिक रजिस्टर में मासिक गतिविधियों का स्पष्ट अंकन करने को कहा गया। 8- प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) रजिस्टर को सही एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। 9- निरोधात्मक कार्यवाही को प्रभावी ढंग से करने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने पर बल दिया गया। 10- फीडबैक रजिस्टर में दर्ज शिकायतों का समय से समाधान करने के निर्देश दिए गए। 11- लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने हेतु विवेचकों को निर्देशित किया गया। 12- वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया। 13- आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत क्षेत्र में सतर्कता एवं गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। 14- संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। 15- थाना परिसर की साफ-सफाई एवं अभिलेखों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। 16- बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाते हुए जनता से संवाद बढ़ाने पर बल दिया गया। 17- साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। 18- थाना परिसर में आने वाले फरियादियों के साथ शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार करने को कहा गया। 19- पुलिस कर्मियों को अनुशासन, समय पालन एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। 20- कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु सभी पुलिसकर्मियों को टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। *अन्त में पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेशों निर्देशों से सबको अवगत कराते हुए आगामी त्यौहार पर सजग दृष्टि रखने के दिशा निर्देश दिए गए, निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी *श्री दुर्गेश पाण्डेय* सहित थाना महुली के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।*1
- Post by रिपोर्टरआलापुर अंबेडकरनगर1
- Post by Dushyant Kumar Journalist1
- मामला है कटेहरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खेंवार का... जहां पर चुनाव से पहले जबरदस्त सियासी जंग देखने को मिल रहा है1
- *मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के तहत 136 जोड़े ले रहे फेरे,, सम्मनपुर थाने की पुलिस व महिला थाना ने संभाला मोर्चा* *अंबेडकर नगर* सम्मनपुर थाना क्षेत्र के बरियावन बाजार में पर स्थित पैराडाइज गार्डन में आज मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के अंतर्गत 136 जोड़े ले रहे सात फेरे। हमेशा की तरह अकबरपुर स्थित हवाई पट्टी पर सामूहिक विवाह न होकर इस बार छोटे से मैरिज हाल में रखा गया यह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का प्रोग्राम। छोटी सी जगह में शादी के जोड़ों में मौजूद 136 जोड़े व उनके साथ आए हुए परिजन, भारी संख्या में भीड़। इस मैरिज हॉल में मानक से अधिक भीड़ क्या बड़ी घटना को दावत नहीं ?? *ब्यूरो रिपोर्ट वैभव सिंह*✍️1
- शहर की औरतों का नाजुक कारनामा लाइव देखिए कैसे होता है नाटक की अंदाज में1
- विशेष रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती मंडल में निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य विभाग की रहस्यमयी चुप्पी मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला शहर के महिला अस्पताल के ठीक सामने स्थित 'आइडियल मल्टी स्पेशलिटी एवं मेटरनिटी हॉस्पिटल' का है, जहां शुक्रवार, 13 मार्च 2026 की रात इलाज के नाम पर एक महिला की मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर इलाज न मिलना ही मौत का कारण बना। आधी रात को मचा कोहराम, सवालों के घेरे में सिस्टम रात के करीब 2:00 बजे जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब आइडियल हॉस्पिटल में चीख-पुकार मची थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने मरीज को भरोसे के साथ भर्ती कराया था, लेकिन वहां डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने उनकी दुनिया उजाड़ दी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और प्रबंधन पल्ला झाड़ने में जुट गया। सवाल यह है कि आखिर कब तक बस्ती की जनता इन 'कसाईखानों' में अपनी जान गंवाती रहेगी? फाइलों में दब रही हैं कार्रवाई की गूंज बस्ती मंडल में यह कोई पहली घटना नहीं है। यह सिलसिला पुराना है और इसके पीछे एक ही पैटर्न नजर आता है— मौत, हंगामा, जांच का आश्वासन और फिर 'ठंडा बस्ता'। मरियम हॉस्पिटल: हाल ही में यहां भी एक महिला की मौत हुई, भारी हंगामा हुआ, लेकिन नतीजा सिफर रहा। सिद्धार्थनगर: कुछ दिन पहले ही एक निजी अस्पताल में लापरवाही ने जान ली। इटवा (डॉ. अकलीमा खातून): करीब 10 महीने पहले जच्चा-बच्चा की मौत हुई। आरोप लगा कि अस्पताल बिना वैध रजिस्ट्रेशन के चल रहा था, लेकिन सिस्टम की मेहरबानी देखिए, मामला रफा-दफा हो गया। "क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? या फिर इन अवैध संचालकों को मिलने वाला सफेदपोश संरक्षण इतना मजबूत है कि अफसरों की कलम वहां जाकर रुक जाती है?" डिग्री पर सवाल, कागजों का खेल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में दर्जनों ऐसे क्लीनिक और अस्पताल हैं जो केवल कागजी औपचारिकताओं के सहारे चल रहे हैं। डॉक्टरों की डिग्री से लेकर चिकित्सा मानकों तक, हर स्तर पर खेल हो रहा है। पैसे के दम पर एनओसी (NOC) ली जाती है और फिर शुरू होता है मौत का व्यापार। जो लोग इन अवैध कारोबारियों को संरक्षण देते हैं, उन्हें शायद यह एहसास तब होगा जब उनके अपने परिवार का कोई सदस्य इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ेगा। कमिश्नर साहब, अब तो जागिए! आम जनमानस ने अब सीधे बस्ती कमिश्नर और अपर स्वास्थ्य निदेशक (AD Health) से गुहार लगाई है। जनता पूछ रही है कि आखिर निगरानी समितियां क्या कर रही हैं? क्या स्वास्थ्य विभाग का काम सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाना है या धरातल पर उतरकर इन मौत के सौदागरों पर कार्रवाई करना भी? अगर समय रहते इन फर्जी और लापरवाह अस्पतालों पर ताला नहीं जड़ा गया, तो बस्ती की सड़कों पर ऐसे ही लाशें बिछती रहेंगी और जिम्मेदार अपनी फाइलों को धूल से बचाते रहेंगे। निष्कर्ष: सख्त कार्रवाई की दरकार सरकार को बदनाम करने और जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले इन तत्वों के खिलाफ 'बुलडोजर' वाली कार्रवाई की जरूरत है। क्या प्रशासन में इतना साहस है कि वह इन रसूखदारों के अस्पतालों की गहन जांच कर उन्हें सील कर सके?3
- शहजादपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी,शहजादपुर में अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी,1
- सिद्धार्थनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में गोली लगी है, जबकि उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना 12 और 13 मार्च की दरमियानी रात करीब 2:45 बजे सनई-शोहरतगढ़ मार्ग पर पतसिया के पास हुई। पुलिस ने इनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की एक इनोवा कार, एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय अपनी टीम के साथ कोतवाली नौगढ़ पुलिस के सहयोग से साडी तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार तेज गति से आती दिखाई दी। पुलिस ने उसे रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक गाड़ी रोकने के बजाय तेजी से भागने लगा। भागते समय वाहन डिवाइडर से टकरा गया और फिर शोहरतगढ़ की ओर बढ़ गया। संदिग्ध स्थिति को देखते हुए इसकी सूचना जिला नियंत्रण कक्ष और आसपास की पुलिस टीमों को दी गई। शेयर पुलिसिद्धार्थनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में गोली लगी है, जबकि उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना 12 और 13 मार्च की दरमियानी रात करीब 2:45 बजे सनई-शोहरतगढ़ मार्ग पर पतसिया के पास हुई। पुलिस ने इनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की एक इनोवा कार, एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय अपनी टीम के साथ कोतवाली नौगढ़ पुलिस के सहयोग से साडी तिराहा क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार तेज गति से आती दिखाई दी। पुलिस ने उसे रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक गाड़ी रोकने के बजाय तेजी से भागने लगा। भागते समय वाहन डिवाइडर से टकरा गया और फिर शोहरतगढ़ की ओर बढ़ गया। संदिग्ध स्थिति को देखते हुए इसकी सूचना जिला नियंत्रण कक्ष और आसपास की पुलिस टीमों को दी गई। शेयर पुलिस की कई टीमों ने घेराबंदी करके आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया। पुलिस की टीमें लगातार पीछा करती रहीं शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह अपनी टीम के साथ आगे से घेराबंदी करने लगे, जबकि जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके की ओर रवाना हुए। पीछे से मिथिलेश कुमार राय अपनी एसओजी टीम और कोतवाली नौगढ़ पुलिस के साथ बदमाशों का पीछा करते रहे। एसओजी टीम की गाड़ी में लगी गोली कुछ ही दूरी पर सनई-शोहरतगढ़ मार्ग स्थित पतसिया के पास पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया। घिरते देख बदमाश इनोवा से उतरकर भागने लगे और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। एक गोली एसओजी टीम की गाड़ी में लगी, हालांकि पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज घायल बदमाश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने उसके साथी को मौके से ही पकड़ लिया। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और लूटी गई इस कार को नंबर प्लेट हटाकर नेपाल में तस्करी के लिए ले जाने की तैयारी में थे बिहार के रहने वाले हैं आरोपी पकड़े गए बदमाशों की पहचान अंकित कुमार निवासी भरतपुर थाना महुआ जिला वैशाली (बिहार) और विजय सिंह निवासी आमी थाना अवतारनगर जिला छपरा (बिहार) के रूप में हुई। मुठभेड़ में घायल अंकित कुमार को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपियों ने फायरिंग की तो एसओजी की गाड़ी पर गोली लगी। चालक को नशीला पदार्थ पिलाया पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि 22 फरवरी 2026 को उन्होंने नौगढ़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र से इनोवा कार बुक कराई थी। रास्ते में बिहार के गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के पास उन्होंने वाहन चालक को नशीला पदार्थ पिला दिया और कार लेकर फरार हो गए। इस मामले में वाहन स्वामी नागेंद्र गुप्ता निवासी शिवपुरी कॉलोनी शास्त्री नगर थाना कोतवाली नौगढ़ की तहरीर पर 22 फरवरी को कोतवाली नौगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था। नंबर प्लेट हटाकर बेचने की योजना थी आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इनोवा कार की नंबर प्लेट हटाकर उसे नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार, 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। कार्रवाई में शामिल टीम इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय, शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह, जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह, उपनिरीक्षक विजयशंकर सिंह, उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव, उपनिरीक्षक संतोष सिंह, हेड कांस्टेबल राजीव शुक्ला, मनोज राय, दिलीप कुमार, आशुतोष दूबे, पुष्पेंद्र गौतम, कांस्टेबल वीरेंद्र तिवारी, सत्येंद्र यादव, छविराज यादव, कृष्णपाल और धर्मनाथ सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने इस मामले में जोगिया उदयपुर थाने में मुठभेड़ और अवैध हथियार से संबंधित धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।स की कई टीमों ने घेराबंदी करके आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया। पुलिस की टीमें लगातार पीछा करती रहीं शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह अपनी टीम के साथ आगे से घेराबंदी करने लगे, जबकि जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह भी अपनी टीम के साथ मौके की ओर रवाना हुए। पीछे से मिथिलेश कुमार राय अपनी एसओजी टीम और कोतवाली नौगढ़ पुलिस के साथ बदमाशों का पीछा करते रहे। एसओजी टीम की गाड़ी में लगी गोली कुछ ही दूरी पर सनई-शोहरतगढ़ मार्ग स्थित पतसिया के पास पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया। घिरते देख बदमाश इनोवा से उतरकर भागने लगे और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। एक गोली एसओजी टीम की गाड़ी में लगी, हालांकि पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज घायल बदमाश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने उसके साथी को मौके से ही पकड़ लिया। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले हैं और लूटी गई इस कार को नंबर प्लेट हटाकर नेपाल में तस्करी के लिए ले जाने की तैयारी में थे। शेयर आरोपियों के कब्जे से बरामद कार, जिसे वो बेचने जा रहे थे। बिहार के रहने वाले हैं आरोपी पकड़े गए बदमाशों की पहचान अंकित कुमार निवासी भरतपुर थाना महुआ जिला वैशाली (बिहार) और विजय सिंह निवासी आमी थाना अवतारनगर जिला छपरा (बिहार) के रूप में हुई। मुठभेड़ में घायल अंकित कुमार को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपियों ने फायरिंग की तो एसओजी की गाड़ी पर गोली लगी। चालक को नशीला पदार्थ पिलाया पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि 22 फरवरी 2026 को उन्होंने नौगढ़ रेलवे स्टेशन क्षेत्र से इनोवा कार बुक कराई थी। रास्ते में बिहार के गोपालगंज जिले के थावे थाना क्षेत्र के पास उन्होंने वाहन चालक को नशीला पदार्थ पिला दिया और कार लेकर फरार हो गए। इस मामले में वाहन स्वामी नागेंद्र गुप्ता निवासी शिवपुरी कॉलोनी शास्त्री नगर थाना कोतवाली नौगढ़ की तहरीर पर 22 फरवरी को कोतवाली नौगढ़ में मुकदमा दर्ज कराया गया था। नंबर प्लेट हटाकर बेचने की योजना थी आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे इनोवा कार की नंबर प्लेट हटाकर उसे नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से बिना नंबर प्लेट की इनोवा कार, 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। कार्रवाई में शामिल टीम इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी मिथिलेश कुमार राय, शोहरतगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह, जोगिया उदयपुर थानाध्यक्ष अभय सिंह, उपनिरीक्षक विजयशंकर सिंह, उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव, उपनिरीक्षक संतोष सिंह, हेड कांस्टेबल राजीव शुक्ला, मनोज राय, दिलीप कुमार, आशुतोष दूबे, पुष्पेंद्र गौतम, कांस्टेबल वीरेंद्र तिवारी, सत्येंद्र यादव, छविराज यादव, कृष्णपाल और धर्मनाथ सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने इस मामले में जोगिया उदयपुर थाने में मुठभेड़ और अवैध हथियार से संबंधित धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1