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बृहस्पति कुंड हादसा: 4 घंटे चले रेस्क्यू के बाद भी युवक का सुराग नहीं, अंधेरा होने से सर्च ऑपरेशन थमा बृहस्पति कुंड हादसा: 4 घंटे चले रेस्क्यू के बाद भी युवक का सुराग नहीं, अंधेरा होने से सर्च ऑपरेशन थमा
Rupesh Jain
बृहस्पति कुंड हादसा: 4 घंटे चले रेस्क्यू के बाद भी युवक का सुराग नहीं, अंधेरा होने से सर्च ऑपरेशन थमा बृहस्पति कुंड हादसा: 4 घंटे चले रेस्क्यू के बाद भी युवक का सुराग नहीं, अंधेरा होने से सर्च ऑपरेशन थमा
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- गुनौर में किसान महापंचायत, सैकड़ों ट्रैक्टरों ने निकाली रैली कांग्रेस किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सेवा लाल पटेल के द्वारा गुनौर एवं विशाल ट्रेक्टर रैली एवं मंडी परिसर में किसान महापंचायत मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में विशेष रूप से किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान एवं संगठन प्रभारी राजभान सिंह जिला अध्यक्ष अनीश खान उपस्थिति में सैकड़ों ट्रेक्टरो के साथ ककरहटी तिराहे से सैकड़ों ट्रेक्टरो में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं और अनेकों किसानों की उपस्थिति में ट्रेक्टर रैली का आगाज किया गया ट्रेक्टर रैली तिराहे से गुजरते हुए मंडी परिसर में ट्रेक्टर रैली मंचीय कार्यक्रम किसान महापंचायत में शामिल होकर किसानों के विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा1
- बांदा की महिलाओं ने बदली अपनी पहचान | स्वयं सहायता समूहों से बढ़ रही आमदनी | Banda Breaking News | Bundelkhand Update बांदा जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अचार, पापड़, मसाले, सिलाई और अन्य घरेलू उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजारों में बेच रही हैं। ऐसे समूह ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।1
- छतरपुर जिला अस्पताल में गर्मी से बेहाल मरीज, घर से पंखे लाने को मजबूर परिजन। छतरपुर जिला अस्पताल में भीषण गर्मी के बीच मरीजों और उनके परिजनों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के महिला और जनरल वार्डों में लगाए गए कूलर पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे हैं। हालात यह हैं कि कई मरीजों के तीमारदार घर से टेबल फैन लाकर वार्ड में मरीजों को हवा करते नजर आ रहे हैं।वार्डों में लगे बिजली बोर्ड पर निजी पंखों के तार लटके दिखाई दे रहे हैं। मरीजों के परिजनों का कहना है।कि गर्मी में अस्पताल की व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में घर से पंखे लाने पड़ रहे हैं। वहीं, आईसीयू में एसी और अन्य वार्डों में कूलर लगाए जाने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है।अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि जिला अस्पताल का निरीक्षण करते हैं। इसके बावजूद वार्डों में मरीजों को गर्मी से राहत देने की व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आ रही है।मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन एवं प्रशासन से मांग की है कि वार्डों में पर्याप्त कूलर-पंखों की व्यवस्था कराकर गर्मी से राहत दिलाई जाए। साथ ही खराब पड़ी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि इलाज कराने आने वाले मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।वही इसका वीडियो आज 02 अगस्त शाम करीब 7:00 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।1
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- राजनगर विधानसभा राजनगर में विक्रम सिंह 'नाती राजा' की वापसी तय comment me apni Rai den1
- बृहस्पति कुंड में फिर दर्दनाक हादसा: सेल्फी लेते समय 22 वर्षीय युवक गहरे पानी में समाया, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल कलेक्टर के आदेश का नही हो रहा पालन। पन्ना के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में सुरक्षा की पोल खोलती एक और दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सेल्फी का शौक एक युवा के लिए जानलेवा साबित हुआ। पन्ना जिले के विश्व प्रसिद्ध बृहस्पति कुंड के खतरनाक छोर पर बैठकर तीन दोस्त मोबाइल से सेल्फी ले रहे थे तभी 22 वर्षीय युवक अचानक पैर फिसलने से सीधे गहरे पानी में जा गिरा। दुर्घटना का शिकार हुआ युवक सुखेंद्र सिंह (छोटू), पिता बुद्ध सिंह (उम्र 22 वर्ष), ग्राम अमोनिया (पंचायत गहरा, जनपद पन्ना) का निवासी बताया जा रहा है। वही बाकी दोनो दोस्त किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। *केवल दो आरक्षकों के भरोसे इतना बड़ा कुंड* पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन और जिला कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बावजूद मौके पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। इतने विशाल और जोखिम भरे क्षेत्र में सुरक्षा के नाम पर केवल दो आरक्षकों की तैनाती की गई है, जो इस भीड़ और बड़े क्षेत्र को संभालने में पूरी तरह अपर्याप्त साबित हो रही है। सुरक्षाकर्मियों की नज़र हटते ही पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक चट्टानों पर पहुँच रहे हैं। *चेतावनियों के बावजूद बेपरवाह प्रशासन* पूर्व में भी बृहस्पति कुंड में कई हादसे हो चुके हैं, जिसके बाद यहाँ सेल्फी लेने पर प्रतिबंध और चेतावनी बोर्ड लगाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद धरातल पर कोई ठोस सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। हादसे से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से खतरनाक चट्टानों पर जाकर जान जोखिम में डालने और सेल्फी लेने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई हो। जब तक परिसर में मजबूत फेंसिंग, अतिरिक्त गार्ड और कड़ी निगरानी जैसी पुख्ता व्यवस्था न हो, तब तक पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। यह दुखद घटना एक बार फिर प्रशासनिक सुस्ती और पर्यटकों की जरा सी लापरवाही के घातक परिणामों को उजागर करती है। फिलहाल स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम को मामले की जानकारी दी दे दी गई है। बृहस्पति कुंड में फिर दर्दनाक हादसा: सेल्फी लेते समय 22 वर्षीय युवक गहरे पानी में समाया, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल कलेक्टर के आदेश का नही हो रहा पालन। पन्ना के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में सुरक्षा की पोल खोलती एक और दुखद घटना सामने आई है, जहाँ सेल्फी का शौक एक युवा के लिए जानलेवा साबित हुआ। पन्ना जिले के विश्व प्रसिद्ध बृहस्पति कुंड के खतरनाक छोर पर बैठकर तीन दोस्त मोबाइल से सेल्फी ले रहे थे तभी 22 वर्षीय युवक अचानक पैर फिसलने से सीधे गहरे पानी में जा गिरा। दुर्घटना का शिकार हुआ युवक सुखेंद्र सिंह (छोटू), पिता बुद्ध सिंह (उम्र 22 वर्ष), ग्राम अमोनिया (पंचायत गहरा, जनपद पन्ना) का निवासी बताया जा रहा है। वही बाकी दोनो दोस्त किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। *केवल दो आरक्षकों के भरोसे इतना बड़ा कुंड* पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन और जिला कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बावजूद मौके पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। इतने विशाल और जोखिम भरे क्षेत्र में सुरक्षा के नाम पर केवल दो आरक्षकों की तैनाती की गई है, जो इस भीड़ और बड़े क्षेत्र को संभालने में पूरी तरह अपर्याप्त साबित हो रही है। सुरक्षाकर्मियों की नज़र हटते ही पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक चट्टानों पर पहुँच रहे हैं। *चेतावनियों के बावजूद बेपरवाह प्रशासन* पूर्व में भी बृहस्पति कुंड में कई हादसे हो चुके हैं, जिसके बाद यहाँ सेल्फी लेने पर प्रतिबंध और चेतावनी बोर्ड लगाने की बात कही गई थी। इसके बावजूद धरातल पर कोई ठोस सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। हादसे से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से खतरनाक चट्टानों पर जाकर जान जोखिम में डालने और सेल्फी लेने वालों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई हो। जब तक परिसर में मजबूत फेंसिंग, अतिरिक्त गार्ड और कड़ी निगरानी जैसी पुख्ता व्यवस्था न हो, तब तक पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। यह दुखद घटना एक बार फिर प्रशासनिक सुस्ती और पर्यटकों की जरा सी लापरवाही के घातक परिणामों को उजागर करती है। फिलहाल स्थानीय लोगों के द्वारा पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम को मामले की जानकारी दी दे दी गई है।1